अमूल बनास डेयरी प्लांट में मजदूरों का ‘चक्का जाम’, वेतन कटौती और शोषण के विरोध में ठप हुआ उत्पादन 📍 वाराणसी से बड़ी खबर वाराणसी जनपद के करखियांव स्थित अमूल बनास डेयरी प्लांट में शनिवार को मजदूरों का गुस्सा फूट पड़ा। वेतन कटौती और ठेकेदारों द्वारा कथित शोषण के विरोध में सैकड़ों महिला-पुरुष श्रमिकों ने प्लांट के मुख्य द्वार पर चक्का जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। सुबह 8 बजे शुरू हुए इस आंदोलन में दोपहर की शिफ्ट के कर्मचारी भी शामिल हो गए, जिससे पूरे प्लांट का संचालन पूरी तरह ठप हो गया। इस हड़ताल से कंपनी को करीब 10 लाख रुपये से अधिक के आर्थिक नुकसान की आशंका जताई जा रही है। 🚛 दूध की सप्लाई बाधित, टैंकर घंटों फंसे प्रदर्शन कर रहे मजदूरों ने प्लांट के गेट पर धरना देते हुए दूध से भरे टैंकरों को अंदर जाने से रोक दिया। नतीजतन, दर्जनों टैंकर सड़क पर घंटों खड़े रहे और दूध आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन मजदूरों की नाराजगी के चलते स्थिति नियंत्रित नहीं हो सकी। बाद में फूलपुर और बड़ागांव थानों के इंस्पेक्टर भी मौके पर पहुंचे, लेकिन बातचीत बेनतीजा रही। 👮 एडीसीपी के हस्तक्षेप के बाद आंशिक राहत हालात बिगड़ते देख एडीसीपी नृपेन्द्र मौके पर पहुंचे और मजदूरों को भरोसा दिलाया कि उनके साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने श्रम विभाग के साथ मिलकर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद मजदूरों ने दूध के टैंकरों को अंदर जाने दिया, लेकिन खुद काम पर लौटने से इनकार करते हुए गेट पर ही धरने पर बैठे रहे। 📄 मजदूरों की प्रमुख मांगें मजदूरों ने एक पत्र जारी कर अपनी मांगें स्पष्ट कीं, जिनमें शामिल हैं: ठेका प्रथा के तहत हो रहे शोषण पर रोक 8 घंटे की ड्यूटी के लिए न्यूनतम ₹15,000 वेतन हर महीने 4 छुट्टियां पीएफ और ईएसआई की सुविधा जॉइनिंग लेटर और सैलरी स्लिप महिला कर्मचारियों के लिए मासिक अवकाश 🏢 प्रबंधन का पक्ष कंपनी के अधिकारी आलोकमणि त्रिपाठी का कहना है कि श्रमिकों की नियुक्ति ठेकेदारों के माध्यम से होती है, इसलिए वेतन और सुविधाओं से जुड़े विवाद की जिम्मेदारी ठेकेदारों की है। ⚠️ स्थिति अब भी तनावपूर्ण शाम तक मजदूर अपनी मांगों पर अड़े रहे और प्लांट में उत्पादन कार्य पूरी तरह प्रभावित रहा। प्रशासन, प्रबंधन और मजदूरों के बीच बातचीत जारी है, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।
अमूल बनास डेयरी प्लांट में मजदूरों का ‘चक्का जाम’, वेतन कटौती और शोषण के विरोध में ठप हुआ उत्पादन 📍 वाराणसी से बड़ी खबर वाराणसी जनपद के करखियांव स्थित अमूल बनास डेयरी प्लांट में शनिवार को मजदूरों का गुस्सा फूट पड़ा। वेतन कटौती और ठेकेदारों द्वारा कथित शोषण के विरोध में सैकड़ों महिला-पुरुष श्रमिकों ने प्लांट के मुख्य द्वार पर चक्का जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। सुबह 8 बजे शुरू हुए इस आंदोलन में दोपहर की शिफ्ट के कर्मचारी भी शामिल हो गए, जिससे पूरे प्लांट का संचालन पूरी तरह ठप हो गया। इस हड़ताल से कंपनी को करीब 10 लाख रुपये से अधिक के आर्थिक नुकसान की आशंका जताई जा रही है। 🚛 दूध की सप्लाई बाधित, टैंकर घंटों फंसे प्रदर्शन कर रहे मजदूरों ने प्लांट के गेट पर धरना देते हुए दूध से भरे टैंकरों को अंदर जाने से रोक दिया। नतीजतन, दर्जनों टैंकर सड़क पर घंटों खड़े रहे और दूध आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन मजदूरों की नाराजगी के चलते स्थिति नियंत्रित नहीं हो सकी। बाद में फूलपुर और बड़ागांव थानों के इंस्पेक्टर भी मौके पर पहुंचे, लेकिन बातचीत
बेनतीजा रही। 👮 एडीसीपी के हस्तक्षेप के बाद आंशिक राहत हालात बिगड़ते देख एडीसीपी नृपेन्द्र मौके पर पहुंचे और मजदूरों को भरोसा दिलाया कि उनके साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने श्रम विभाग के साथ मिलकर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद मजदूरों ने दूध के टैंकरों को अंदर जाने दिया, लेकिन खुद काम पर लौटने से इनकार करते हुए गेट पर ही धरने पर बैठे रहे। 📄 मजदूरों की प्रमुख मांगें मजदूरों ने एक पत्र जारी कर अपनी मांगें स्पष्ट कीं, जिनमें शामिल हैं: ठेका प्रथा के तहत हो रहे शोषण पर रोक 8 घंटे की ड्यूटी के लिए न्यूनतम ₹15,000 वेतन हर महीने 4 छुट्टियां पीएफ और ईएसआई की सुविधा जॉइनिंग लेटर और सैलरी स्लिप महिला कर्मचारियों के लिए मासिक अवकाश 🏢 प्रबंधन का पक्ष कंपनी के अधिकारी आलोकमणि त्रिपाठी का कहना है कि श्रमिकों की नियुक्ति ठेकेदारों के माध्यम से होती है, इसलिए वेतन और सुविधाओं से जुड़े विवाद की जिम्मेदारी ठेकेदारों की है। ⚠️ स्थिति अब भी तनावपूर्ण शाम तक मजदूर अपनी मांगों पर अड़े रहे और प्लांट में उत्पादन कार्य पूरी तरह प्रभावित रहा। प्रशासन, प्रबंधन और मजदूरों के बीच बातचीत जारी है, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।
- Post by Jitendra Maurya1
- गाजीपुर के मोहम्मदाबाद क्षेत्र में रविवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। भांवरकोल क्षेत्र के गोडउर से वाराणसी जा रही रोडवेज बस (नंबर UP 65 ET 9882) को हाटा गांव स्थित अम्बा हॉस्पिटल के पास सरिता मेडिकल स्टोर के सामने एक तेज रफ्तार डंफर ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस क्षतिग्रस्त हो गई, हालांकि बस में सवार सभी यात्री बाल-बाल बच गए। हादसे में बस चालक को गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें तत्काल इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर मारने के बाद डंफर चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस फरार डंफर और उसके चालक की तलाश में जुटी हुई है।1
- गाजीपुर गंगा नदी में वीर अब्दुल हमीद सेतु से गिरा हुआ ट्रेलर ड्राइवर 24 वर्षीय राजन यादव का श व 30 घंटे बाद बड़ी मशक्कत करके बरामद किया गया1
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- तौकीर अंसारी को प्रदेश सचिव बनाए जाने पर नादौली बॉर्डर पर भव्य स्वागत। #ballia_up60 #Rasara #बलिया #समाजवादीपार्टी #मानसिंहसेंगर #जनजनकामान #अखिलेशयादव1
- Post by Public Media news1
- चंदौली के धानापुर क्षेत्र के पगही-विझवल कुसुम्ही गांव के सिवान में खेतों में खड़ी गेहूं की फसल में अचानक भीषण आग लग गई। अज्ञात कारणों से लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। इस घटना में करीब 10 बीघा से अधिक गेहूं की खड़ी फसल जलकर राख हो गई, जिससे कई किसानों को भारी नुकसान हुआ। पीड़ित किसानों में रामलाल यादव समेत कई लोग शामिल हैं, जिनकी मेहनत की पूरी फसल नष्ट हो गई। आग हरदेव पीजी कॉलेज के पीछे स्थित खेतों में लगी थी। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। दमकल विभाग के पहुंचने से पहले ही आग बुझा ली गई। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं, प्रभावित किसानों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।1
- आयोजित महान सम्राट अशोक की 2370 वीं जयंती समारोह 20261