रूपनगर से आ रहे राजा भट्ट और भारत भट्ट के तीन ट्रैक्टर चलते सफर में पंक्चर हो गए, जिसके बाद श्योपुर (मध्य प्रदेश) के बल्लू टी स्टॉल फेमस ने इस मुश्किल समय में तुरंत सहायता प्रदान की। पोस्ट में इस सहायता को सबसे बड़ी मानव सेवा बताया गया है और कहा गया है कि बल्लू टी स्टॉल फेमस मदद के लिए हमेशा तत्पर रहता है। संदेश में इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि किसान देश की रीढ़ हैं और उनके सफर में आने वाली परेशानियों को दूर करना सभी का कर्तव्य है। श्योपुर जिले को उसकी मेहनतकश और सहयोगी संस्कृति के लिए सराहा गया है, जहाँ के लोग एक-दूसरे की मदद के लिए हमेशा आगे रहते हैं। बल्लू टी स्टॉल फेमस, श्योपुर (मध्य प्रदेश) ने सभी किसान भाइयों और यात्रियों को सुरक्षित यात्रा तथा उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी हैं, अपनी सेवा भावना को 'सेवा ही हमारा धर्म है' के आदर्श वाक्य के साथ दोहराते हुए।
रूपनगर से आ रहे राजा भट्ट और भारत भट्ट के तीन ट्रैक्टर चलते सफर में पंक्चर हो गए, जिसके बाद श्योपुर (मध्य प्रदेश) के बल्लू टी स्टॉल फेमस ने इस मुश्किल समय में तुरंत सहायता प्रदान की। पोस्ट में इस सहायता को सबसे बड़ी मानव सेवा बताया गया है और कहा गया है कि बल्लू टी स्टॉल फेमस मदद के लिए हमेशा तत्पर रहता है। संदेश में इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि किसान देश की रीढ़ हैं और उनके सफर में आने वाली परेशानियों को दूर करना सभी का कर्तव्य है। श्योपुर जिले को उसकी मेहनतकश और सहयोगी संस्कृति के लिए सराहा गया है, जहाँ के लोग एक-दूसरे की मदद के लिए हमेशा आगे रहते हैं। बल्लू टी स्टॉल फेमस, श्योपुर (मध्य प्रदेश) ने सभी किसान भाइयों और यात्रियों को सुरक्षित यात्रा तथा उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी हैं, अपनी सेवा भावना को 'सेवा ही हमारा धर्म है' के आदर्श वाक्य के साथ दोहराते हुए।
- झारखंड के पलामू जिले से 1400 किलोमीटर का सफर तय कर परिजन राजस्थान के धौलपुर स्थित अपना घर आश्रम बाड़ी पहुँचे, जहाँ 22 साल पहले परिवार से बिछड़े शंभूराम का अपनी पत्नी कलन्ती से भावुक मिलन हुआ। पति को पहचानते ही कलन्ती की आँखों से खुशी के आँसू छलक उठे। अपना घर आश्रम के अध्यक्ष सुनील गर्ग कंपनी परिवार ने बताया कि 8 जनवरी 2026 को अपना घर के विशेष रेस्क्यू अभियान के तहत शंभूराम को ग्वालियर रोड, मुरैना से असहाय, लावारिस और मानसिक रूप से अस्वस्थ स्थिति में रेस्क्यू किया गया था। आश्रम के एवं काउंसलिंग प्रभारी राजकुमार गर्ग ने जानकारी दी कि चिकित्सकों के इलाज, सेवा और उपचार के बाद उनके स्वास्थ्य में धीरे-धीरे सुधार हुआ। निरंतर छह माह की काउंसलिंग के बाद, शंभूराम ने अपना पता बिहार का जिला पलामू बताया। हालाँकि, गहन खोजबीन में पता चला कि पलामू जिला झारखंड में है। झारखंड के पलामू जिले के जिला पुलिस कंट्रोल रूम के माध्यम से उनके थाना हुसैनबाद के थाना प्रभारी ने परिवारजनों से संपर्क कर उन्हें सूचना दी कि शंभूराम राजस्थान के अपना घर आश्रम बाड़ी, जिला धौलपुर में हैं। इसके बाद आज उनकी पत्नी कलन्ती, दामाद वीरेंद्र कुमार और भतीजे जीतू कुमार उन्हें लेने के लिए झारखंड के पलामू जिले से पहुँचे। कलन्ती ने बताया कि शंभूराम लगभग 22 वर्ष पहले मानसिक स्थिति खराब होने के कारण बिना बताए घर से निकल गए थे और बहुत प्रयासों के बाद भी उनका कोई सुराग नहीं मिला। उन्होंने कहा कि जब वह घर से निकले थे, तब उनके बेटे और बेटी की उम्र केवल तीन और चार वर्ष थी, और पिता के अभाव में बच्चों का पालन-पोषण बड़ी कठिनाइयों से किया गया। कलन्ती ने ईश्वर की असीम कृपा और अपना घर के अथक प्रयासों को इस चमत्कार के लिए सराहा और कहा कि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा कि शंभूराम इतने दिनों तक कैसे जीवित रहे। परिवार ने आज बरसों बाद बेटे-बेटी को बिछड़ा पिता, पत्नी को पति और विवाहित बेटी की बेटी को नाना मिलने पर बेहद खुशी जाहिर करते हुए अपना घर आश्रम की व्यवस्थाओं और सेवा कार्यों की सराहना की, और इसे वास्तव में मानवता की मिसाल बताया।1
- टोंक सवाई माधोपुर से पूर्व सांसद प्रत्याशी श्री रामसाही जी छावड़ी गोतोड ने #पांचना_बांध से संबंधित सच्चाई का खुलासा किया है।1
- आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में खेती के लिए पारंपरिक तरीकों का उपयोग किया जाता है। इसके तहत, बैलों और देशी हल की मदद से ज़मीन में बीज बोए जाते हैं।1
- शिवपुरी के कोलारस क्षेत्र में स्थित ग्राम आनंदपुर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद के बीच, प्रशासन ने शुक्रवार को कार्रवाई करते हुए प्रतिमा को सम्मानपूर्वक हटाकर अपने संरक्षण में ले लिया। इस दौरान उस शासकीय भूमि को भी कब्जा मुक्त करा दिया गया, जहाँ यह प्रतिमा रखी गई थी। प्रशासन के अनुसार, यह प्रतिमा 19 मई की रात और फिर 18 जून की रात को विवादित स्थान पर स्थापित की गई थी। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए, इस पूरी कार्रवाई के दौरान घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात रहा, जिसके बाद प्रशासनिक अमले ने मौके पर पहुँचकर कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए इस कार्रवाई को अंजाम दिया।1
- माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय के पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी खोलने के आदेश की पालना करवाने और किसानों को उनका हक दिलवाने के लिए ग्राम खण्डीप में चल रहा किसान महापंचायत का धरना आज 16वें दिन भी जारी रहा। कमाण्ड क्षेत्र के किसान लगातार उच्च न्यायालय के आदेशानुसार बांध से पानी छोड़े जाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक इस प्रकरण में कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है। इसी बीच, नयागांव स्थित नंगे बाबा की धूनी के महाराज 1008 श्री प्रमोदगिरी जी एवं अन्य साधु-संतों ने किसान महापंचायत में पहुंचकर किसानों को आशीर्वाद दिया। महाराज ने नंगे बाबा से प्रार्थना की कि सरकार तक किसानों की आवाज पहुंचे, क्षेत्र को पानी मिले और किसानों के खेत हरियाली से सजे रहें। वहीं, विधायक रामकेश मीना एवं पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति ने सभी किसानों, युवाओं, महिलाओं और आमजन से अपील की है कि वे आंदोलन में पूर्णतः शांतिपूर्ण एवं अनुशासित तरीके से भाग लें। समिति ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार से रेलवे ट्रैक, राष्ट्रीय राजमार्ग अथवा अन्य सरकारी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया जाए, ताकि आंदोलन की गरिमा बनी रहे और धरना सफलतापूर्वक संचालित होता रहे। पूर्व मंत्री गोलमा देवी ने संबोधित करते हुए कहा कि किसान महासभा में माता-बहनों की संख्या प्रतिदिन हजारों में बढ़ रही है और उन्होंने राज्य सरकार से माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों की पालना करवाने तथा किसानों को उनका हक दिलवाने की मांग की। सवाई माधोपुर के पूर्व विधायक मोतीलाल मीना भी धरना स्थल पर पहुंचे और उन्होंने गंगापुर के विधायक रामकेश मीना की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने सड़क से लेकर कोर्ट तक किसानों के हक में लड़ाई लड़ी है, जिसके परिणामस्वरूप न्यायालय ने किसानों के पक्ष में फैसला दिया। पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति ने राज्य सरकार को नहरों में पानी खोलने के लिए 27 जून तक का समय दिया है। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि तब तक पानी नहीं खोला गया, तो 28 जून को किसान भाई एक बहुत बड़ा उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और प्रशासन की होगी। धरना स्थल पर भोजन, पेयजल, साफ-सफाई एवं अन्य व्यवस्थाओं का सुचारू संचालन किया जा रहा है, जिसकी गांववार जिम्मेदारियां पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति द्वारा निर्धारित की गई हैं। 20 से 21 जून तक दानालपुर, हिंगोट, अरनियां, बनवारीपुर एवं कुट्टीन का पुरा के ग्रामीणों ने समस्त व्यवस्थाओं का सफलतापूर्वक संचालन किया और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों व निजी वाहनों से, डीजे की धुन पर नाचते-गाते बड़ी संख्या में धरना स्थल पहुंचे। अब 21 से 22 जून तक ग्राम सेवा, जीवली और डोब के पंच-पटेल, महिला-पुरुष, युवा एवं सभी समाज के आमजन हजारों की संख्या में पहुंचकर आंदोलन को और अधिक मजबूती प्रदान करेंगे। ग्राम खण्डीप में चल रहे इस आंदोलन में किसानों एवं सर्वसमाज की एकता, संगठन और सामूहिक भागीदारी की मिसाल लगातार देखने को मिल रही है।1
- गंगापुर सिटी के खंडीप गांव में पांचना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी खोलने की मांग को लेकर किसानों का धरना आज 16वें दिन भी जारी रहा। माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करवाने और कमांड क्षेत्र के किसानों को उनका हक दिलाने के लिए यह किसान महापंचायत चल रही है, जिसे अब 'जल अधिकार आंदोलन' के रूप में नया बल मिला है। विभिन्न गांवों से किसान प्रतिदिन धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार की ओर से अभी तक इस मामले में कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है। नयागांव स्थित नंगे बाबा की धूनी के महाराज 1008 श्री प्रमोदगिरी जी और अन्य साधु-संतों ने आज महापंचायत में पहुंचकर कमांड क्षेत्र के किसानों को आशीर्वाद दिया। महाराज ने क्षेत्र को पानी मिलने और किसानों के खेतों में हरियाली छाने की कामना करते हुए 'नंगे बाबा' से प्रार्थना की। इस दौरान सवाई माधोपुर के पूर्व विधायक मोतीलाल मीना और गंगापुर के विधायक रामकेश मीना भी उपस्थित रहे। मोतीलाल मीना ने विधायक रामकेश मीना की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने सड़क से लेकर कोर्ट तक किसानों के हक की लड़ाई लड़ी है, जिसका परिणाम रहा कि न्यायालय ने किसानों के पक्ष में फैसला दिया है। पूर्व मंत्री गोलमा देवी ने भी राज्य सरकार से उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करवाने और कमांड क्षेत्र के किसानों को उनका हक दिलाने की मांग की, साथ ही आंदोलन में हजारों की संख्या में शामिल हो रही माता-बहनों का धन्यवाद किया। विधायक रामकेश मीना एवं पांचना कमांड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति ने सभी किसानों, युवाओं, महिलाओं एवं आमजन से अपील की है कि वे पूर्णतः शांतिपूर्ण एवं अनुशासित तरीके से आंदोलन में भाग लें, तथा किसी भी प्रकार से रेलवे ट्रैक, राष्ट्रीय राजमार्ग या अन्य सरकारी संपत्ति को नुकसान न पहुंचाया जाए। पांचना कमांड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति ने राज्य सरकार को नहरों में पानी खोलने के लिए 27 जून तक का समय दिया है। समिति ने स्पष्ट किया है कि यदि इस अवधि तक उनकी मांग पूरी नहीं होती है, तो 28 जून को किसान एक बहुत बड़ा उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और प्रशासन की होगी। इस दौरान धरना स्थल पर भोजन, पेयजल, साफ-सफाई सहित अन्य व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित की जा रही हैं, जिनकी जिम्मेदारियां गांववार निर्धारित की गई हैं। 20 से 21 जून तक दानालपुर, हिंगोट, अरनियां, बनवारीपुर और कुट्टीन का पुरा के ग्रामीणों ने सफलतापूर्वक व्यवस्थाएं संभालीं, और किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, निजी वाहनों से एवं डीजे की धुन पर नाचते-गाते बड़ी संख्या में धरना स्थल पहुंचे। अब 21 से 22 जून तक ग्राम सेवा, जीवली और डोब के पंच-पटेल, महिला-पुरुष और युवा सहित सभी समाज के आमजन हजारों की संख्या में पहुंचकर आंदोलन को और अधिक मजबूती प्रदान करेंगे, जो इस आंदोलन में किसानों और सर्वसमाज की एकता, संगठन और सामूहिक भागीदारी का एक उदाहरण बन रहा है।1
- मध्य प्रदेश के श्योपुर में स्थित बल्लू टी स्टॉल फेमस ने राजस्थान के जटवाड़ी से आए एक यात्री की मदद की, जिसकी मोटरसाइकिल रात करीब 8:30 बजे सफर के दौरान अचानक पंचर हो गई थी। इस घटना के कारण यात्री को रास्ते में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। बल्लू टी स्टॉल ने इस कठिन समय में जरूरतमंद की सहायता कर मानव सेवा का उदाहरण प्रस्तुत किया। बल्लू टी स्टॉल फेमस, श्योपुर (मध्य प्रदेश) हमेशा यात्रियों, राहगीरों और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए तत्पर रहता है, रात हो या दिन, सेवा और सहयोग की भावना ही उनकी पहचान है। प्रतिष्ठान का मानना है कि इंसानियत का रिश्ता सबसे बड़ा होता है और मुसाफिर की मदद करना समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी और मानवता का सच्चा उदाहरण है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि श्योपुर मध्य प्रदेश राजस्थान की सीमा से जुड़ा एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री आवागमन करते हैं। बल्लू टी स्टॉल सभी से निवेदन करता है कि यात्रा के दौरान अपने वाहन की नियमित जांच अवश्य करें और सुरक्षित सफर करें, क्योंकि उनका मूल मंत्र 'सेवा ही हमारा धर्म है'।1
- बरौली अस्पताल में सीबीसी मशीन का शुभारंभ किया गया है।1
- गंगापुर सिटी के खंडीप गांव में स्थित धरना स्थल पर, विधायक और उप नेता प्रतिपक्ष रामकेश जी मीणा ने उपस्थित सभी गांवों द्वारा प्रदान किए गए सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।1