बिलासपुर के निजी विद्यालय संचालक संघ ने छत्तीसगढ़ राज्य पाठ्यपुस्तक निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा है। संघ ने आरोप लगाया है कि पाठ्यपुस्तकों के वितरण में लगातार हो रही देरी, अधिकारियों-कर्मचारियों की लापरवाही और अव्यवस्थित व्यवस्था के कारण राज्य के लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। संघ ने दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग के साथ-साथ अशासकीय विद्यालयों को भी संकुल स्तर पर समय पर पुस्तकें उपलब्ध कराने की मांग की है। संघ के अध्यक्ष विष्णु प्रसाद कौशिक और सचिव गोपाल प्रसाद साहू द्वारा जारी ज्ञापन में बताया गया है कि जहाँ वर्षों से शासकीय विद्यालयों को संकुल स्तर पर और अशासकीय विद्यालयों को जिला स्तर पर नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें समय पर मिलती रही हैं, वहीं पिछले सत्र 2025-26 में निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की असंवेदनशीलता, लापरवाही तथा अव्यवस्थित रवैये के चलते विद्यालयों को पुस्तकें बहुत देर से मिलीं; कई स्कूलों को सितंबर 2025 तक ही पुस्तकें प्राप्त हुईं, जबकि कुछ विषयों की किताबें सत्र समाप्त होने तक भी नहीं पहुँच सकीं। संघ ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले वर्ष अशासकीय विद्यालयों को पुस्तकों का वितरण निगम द्वारा निर्धारित डिपो के माध्यम से आधी-अधूरी व्यवस्था में कराया गया, जिससे स्कूल संचालकों को भारी परेशानी हुई। पुस्तकों पर बारकोड और स्कैनिंग की नई व्यवस्था लागू करने से वितरण प्रक्रिया और धीमी पड़ गई, जिससे स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हुई। ज्ञापन में कहा गया है कि नए सत्र 2026-27 से व्यवस्था सुधारने और अशासकीय विद्यालयों को भी संकुल स्तर पर पुस्तकें उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन वर्तमान सत्र में भी स्थिति वैसी ही बनी हुई है। संघ के अनुसार, नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत 16 जून 2026 से हो चुकी है और शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार इस वर्ष बोर्ड परीक्षाएं फरवरी माह से आयोजित होनी हैं, इसके बावजूद बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को अब तक पुस्तकें नहीं मिल पाई हैं और 31 जुलाई तक भी सभी बच्चों को पुस्तकें मिलने की संभावना नहीं दिख रही है। निजी विद्यालय संचालक संघ ने इसे विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए पाठ्यपुस्तक निगम के इस रवैये को असहनीय और निंदनीय कहा है, जो जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई का आधार बनता है। संघ ने मुख्यमंत्री से पाठ्यपुस्तक वितरण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई और अशासकीय विद्यालयों को संकुल स्तर पर समयबद्ध ढंग से पुस्तकें उपलब्ध कराने की मांग की है। इस ज्ञापन की प्रतिलिपि स्कूल शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव, पाठ्यपुस्तक निगम अध्यक्ष, बिलासपुर व तखतपुर के विधायकों, बिलासपुर कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी को भी भेजी गई है।
बिलासपुर के निजी विद्यालय संचालक संघ ने छत्तीसगढ़ राज्य पाठ्यपुस्तक निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा है। संघ ने आरोप लगाया है कि पाठ्यपुस्तकों के वितरण में लगातार हो रही देरी, अधिकारियों-कर्मचारियों की लापरवाही और अव्यवस्थित व्यवस्था के कारण राज्य के लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। संघ ने दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग के साथ-साथ अशासकीय विद्यालयों को भी संकुल स्तर पर समय पर पुस्तकें उपलब्ध कराने की मांग की है। संघ के अध्यक्ष विष्णु प्रसाद कौशिक और सचिव गोपाल प्रसाद साहू द्वारा जारी ज्ञापन में बताया गया है कि जहाँ वर्षों से शासकीय विद्यालयों को
संकुल स्तर पर और अशासकीय विद्यालयों को जिला स्तर पर नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें समय पर मिलती रही हैं, वहीं पिछले सत्र 2025-26 में निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की असंवेदनशीलता, लापरवाही तथा अव्यवस्थित रवैये के चलते विद्यालयों को पुस्तकें बहुत देर से मिलीं; कई स्कूलों को सितंबर 2025 तक ही पुस्तकें प्राप्त हुईं, जबकि कुछ विषयों की किताबें सत्र समाप्त होने तक भी नहीं पहुँच सकीं। संघ ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले वर्ष अशासकीय विद्यालयों को पुस्तकों का वितरण निगम द्वारा निर्धारित डिपो के माध्यम से आधी-अधूरी व्यवस्था में कराया गया, जिससे स्कूल संचालकों को भारी परेशानी हुई। पुस्तकों पर बारकोड और स्कैनिंग की नई
व्यवस्था लागू करने से वितरण प्रक्रिया और धीमी पड़ गई, जिससे स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हुई। ज्ञापन में कहा गया है कि नए सत्र 2026-27 से व्यवस्था सुधारने और अशासकीय विद्यालयों को भी संकुल स्तर पर पुस्तकें उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन वर्तमान सत्र में भी स्थिति वैसी ही बनी हुई है। संघ के अनुसार, नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत 16 जून 2026 से हो चुकी है और शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार इस वर्ष बोर्ड परीक्षाएं फरवरी माह से आयोजित होनी हैं, इसके बावजूद बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को अब तक पुस्तकें नहीं मिल पाई हैं और 31 जुलाई तक भी सभी बच्चों को
पुस्तकें मिलने की संभावना नहीं दिख रही है। निजी विद्यालय संचालक संघ ने इसे विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए पाठ्यपुस्तक निगम के इस रवैये को असहनीय और निंदनीय कहा है, जो जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई का आधार बनता है। संघ ने मुख्यमंत्री से पाठ्यपुस्तक वितरण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई और अशासकीय विद्यालयों को संकुल स्तर पर समयबद्ध ढंग से पुस्तकें उपलब्ध कराने की मांग की है। इस ज्ञापन की प्रतिलिपि स्कूल शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव, पाठ्यपुस्तक निगम अध्यक्ष, बिलासपुर व तखतपुर के विधायकों, बिलासपुर कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी को भी भेजी गई है।
- छत्तीसगढ़ में एक डाबे की आड़ में अवैध रूप से शराब बेची जा रही थी, जिस पर पुलिस ने कार्रवाई की है।1
- बिलासपुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक ही दिन में दो सरकारी कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है। इस कार्रवाई के तहत, रतनपुर के पटवारी भानू चंद्राकर को ज़मीन के नक्शा-बटांकन के लिए ₹40,000 की माँग करने के आरोप में ₹25,000 लेते हुए गिरफ्तार किया गया। वहीं, मस्तूरी में बिजली विभाग के क्लर्क सहदेव कुमार चंद्रा भी रिश्वत लेते हुए पकड़े गए। ACB के इस एकदिनी 'डबल अटैक' से दोनों विभागों में हड़कंप मच गया है।1
- रायगढ़ पुलिस ने अपने 'ऑपरेशन संवेदना' अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। लगभग छह महीने से लापता एक 15 वर्षीय नाबालिग बालिका को रायपुर से सकुशल बरामद कर लिया गया है, और इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस जांच में यह सामने आया कि दोनों आरोपियों ने अलग-अलग समय पर नाबालिग को अपने साथ रखकर उसका शारीरिक शोषण किया। परिजनों ने 17 दिसंबर 2025 को थाना पूंजीपथरा में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी 15 वर्षीय पुत्री 15 दिसंबर को स्कूल से लौटने के बाद अचानक लापता हो गई थी। जांच के दौरान घनश्याम उर्फ सोनू बैरागी पर संदेह गया, जिसके बाद उसके खिलाफ अपहरण का अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी एवं डीएसपी सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन में पुलिस टीम लगातार बालिका की तलाश में जुटी रही। पुलिस ने कई बार रायपुर में संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन शुरुआत में सफलता नहीं मिली। आखिरकार, मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर एक विशेष टीम ने रायपुर के उरला और सिलतरा क्षेत्र में सघन तलाश अभियान चलाया, जिसके परिणामस्वरूप नाबालिग बालिका को सकुशल बरामद कर लिया गया।1
- ग्राम सेवार के हाई स्कूल और काली मंदिर परिसर में लगभग 30 लाख रुपये की लागत से बनने वाले प्रार्थना शेड के निर्माण कार्य का विधिवत भूमिपूजन शुक्रवार शाम 6 बजे संपन्न हुआ। यह जानकारी ग्राम सेवार से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति से मिली है। माननीय बिल्हा विधायक एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक की अनुशंसा पर हो रहे इस कार्य के तहत हाई स्कूल में लगभग 20 लाख रुपये और काली मंदिर में लगभग 10 लाख रुपये की लागत से शेड का निर्माण होगा। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने इस निर्माण कार्य को गांव के लिए एक महत्वपूर्ण सौगात बताया। हाई स्कूल में प्रार्थना शेड बनने से विद्यार्थियों को प्रार्थना सभा, सांस्कृतिक कार्यक्रम, राष्ट्रीय पर्व, खेलकूद, शैक्षणिक एवं अन्य गतिविधियों के लिए तेज धूप, बारिश और अन्य प्रतिकूल मौसम की परिस्थितियों में भी सुरक्षित व सुविधाजनक स्थान उपलब्ध होगा। वहीं, काली मंदिर परिसर में प्रार्थना शेड के निर्माण से श्रद्धालुओं को धार्मिक अनुष्ठानों, पूजा-पाठ, भजन-कीर्तन, सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन में बेहतर सुविधा मिलेगी, जिससे विशेष अवसरों पर बड़ी संख्या में आने वाले लोगों को धूप एवं वर्षा से राहत मिलेगी और मंदिर परिसर की व्यवस्थाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी। भूमिपूजन कार्यक्रम में गांव के प्रमुख वरिष्ठ नागरिक एवं गौंटिया हेमेंद्र कुमार दीक्षित, भैया राम घृतलहरे, सरपंच दिलहरण लाल रजक, ठाकुर राम वर्मा, धनीराम साहू, फिरतू राम मरावी, डॉ. परदेसी निर्मलकर, चंद्रभान रजक, शंकर लाल वर्मा, रामकुमार साहू, पंच देवकी रजक, पंच राजकुमार रजक, पंच रोहित वर्मा, पंच रवि धीरज, पंच किशन कुमार आगरे, पंच सुनिला बघेल, पंच सुमन संजय रजक, हरिश्चंद्र रजक, राधेलाल रजक, सचिव शैलेश कुमार, अर्जुन वैष्णो, पूर्व उपसरपंच रामस्वरूप वर्मा, पूर्व सरपंच आदित्य वर्मा, उदय वर्मा तथा राकेश कुमार रजक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने विधायक धरमलाल कौशिक के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से गांव में विकास कार्यों को लगातार गति मिल रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन निर्माण कार्यों के पूर्ण होने से शिक्षा, सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों को एक नया आयाम मिलेगा तथा गांव के नागरिकों और विद्यार्थियों को दीर्घकालीन लाभ प्राप्त होगा।1
- छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना के फॉर्म जल्द ही भरे जाने वाले हैं। इस योजना के लिए पोर्टल की भी जानकारी सामने आई है। इस पहल में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का भी उल्लेख किया गया है।1
- छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना और नेवता पार्टी के तत्वावधान में 25 जून 2026, गुरुवार को छत्तीसगढ़ महतारी मूर्ति सिरजन दिवस के अवसर पर एक भव्य महाआरती और प्रसादी वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम रायपुर के धरसींवा स्थित सांकरा (सिलतरा) के महतारी अंगना बाजार चौक में दोपहर 12 बजे से शुरू हुआ, जिसमें छत्तीसगढ़ के सर्व समाज के लोगों ने हर्षोल्लास के साथ भाग लिया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ महतारी जी की महाआरती की गई और प्रसादी वितरित की गई। साथ ही, छत्तीसगढ़ की संस्कृति, स्वाभिमान एवं परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन पर विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। आयोजकों ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़िया समाज को एकजुट करना, अपनी मातृभूमि और संस्कृति के प्रति सम्मान व्यक्त करना और आने वाली पीढ़ियों को अपनी गौरवशाली विरासत से जोड़ना है। कार्यक्रम में समाज प्रमुखों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के सभी पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। आयोजकों ने समस्त छत्तीसगढ़वासियों से बड़ी संख्या में उपस्थित होकर छत्तीसगढ़ महतारी की महाआरती में शामिल होने और अपनी संस्कृति एवं अस्मिता के संरक्षण के इस अभियान को सशक्त बनाने की अपील की थी।3
- छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन 28 जून को बिलासपुर में प्रदेश स्तरीय सराफा महासम्मेलन और तृतीय आमसभा का भव्य आयोजन करने जा रहा है। इस सम्मेलन में प्रदेशभर से करीब 5 हजार सराफा व्यापारी, प्रतिनिधि और पदाधिकारी शामिल होंगे, जहाँ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317 के सरलीकरण सहित कई अहम मुद्दों पर रणनीति बनाई जाएगी। संगठन ने अपने दो वर्ष के कार्यकाल में संगठन विस्तार, व्यापारियों की सुरक्षा, व्यापारिक हितों की रक्षा और सराफा उद्योग के विकास की दिशा में कई उपलब्धियाँ हासिल की हैं, जिससे पूरे प्रदेश में उसकी नई पहचान बनी है। प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने बताया कि जनवरी 2024 में संगठन की लगभग 60 सक्रिय इकाइयाँ थीं, जो अब बढ़कर 125 से अधिक हो चुकी हैं, और अगला लक्ष्य प्रदेशभर में 251 इकाइयों का गठन कर प्रत्येक सराफा व्यापारी को एक मजबूत मंच से जोड़ना है। प्रमुख उपलब्धियों में रायपुर में प्रस्तावित जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क को शासन स्तर पर मिली महत्वपूर्ण प्रगति भी शामिल है, जिससे छत्तीसगढ़ का सराफा उद्योग राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बनाएगा। बिलासपुर पुलिस द्वारा संचालित 'ऑपरेशन गोल्ड' को पुलिस-व्यापारी समन्वय की मिसाल माना गया, जिसने सरकंडा में हुई डकैती की घटना का 24 घंटे में खुलासा किया। इस उत्कृष्ट कार्य के लिए आईजी रामगोपाल गर्ग, एसएसपी रजनेश सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल, सीएसपी निमितेश सिंह सहित पूरी पुलिस टीम का संगठन ने सार्वजनिक सम्मान कर आभार व्यक्त किया। महासम्मेलन का मुख्य एजेंडा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317 का सरलीकरण रहेगा, क्योंकि संगठन का कहना है कि वर्तमान प्रावधानों से सराफा व्यापारियों को व्यावहारिक एवं कानूनी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, और वे शासन से सरल व व्यवहारिक नियम बनाने की मांग करेंगे। कमल सोनी ने विश्वास जताया कि संगठन का तीसरा वर्ष नई उपलब्धियों का वर्ष बनेगा, जिसमें 251 इकाइयों का गठन, जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क की स्थापना, व्यापारियों की सुरक्षा को और मजबूत करना, स्वर्णकला बोर्ड की स्थापना और BNS की धारा 317 का सरलीकरण सुनिश्चित करना प्रमुख लक्ष्य हैं। संगठन ने बीआईएस हॉलमार्क जागरूकता अभियान, ग्राहक विश्वास कार्यक्रम, प्रशिक्षण कार्यशालाओं और सराफा जनसंवाद अभियान के माध्यम से व्यापारियों एवं ग्राहकों के बीच विश्वास मजबूत करने के साथ ही सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी निभाकर समाजहित के अनेक कार्य किए हैं। यह महासम्मेलन बिलासपुर के रामदेव लॉन, 36 मॉल के समीप मंगला में आयोजित होगा, जिसकी तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी के नेतृत्व में प्रदेश एवं जिला स्तर के पदाधिकारी इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाने में जुटे हुए हैं। बिलासपुर सहित तखतपुर, सीपत, मरवाही, बेलतरा, चकरभाठा, करगी रोड-कोटा, बिल्हा-सरगांव, रतनपुर सहित प्रदेशभर की सराफा इकाइयाँ इस आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।4
- मुंगेली पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन बाज' अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला और एक पुरुष को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन दोनों आरोपियों के कब्जे से कुल 3 किलो 653 ग्राम गांजा बरामद किया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 54 हजार रुपये बताई गई है। इस मामले में पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई पूरी कर दोनों गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेज दिया है।1