प्रयागराज के पुरामुफ्ती थाना क्षेत्र में, एसीपी धूमनगंज आजेंद्र और प्रभारी निरीक्षक पुरामुफ्ती अविनाश सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल ने मरियाडीह, बमरौली और आसपास के इलाकों में सुरक्षा की दृष्टि से पैदल मार्च और गश्त की। इस दौरान हिस्ट्रीशीटरों की चेकिंग और अपराधियों का व्यापक सत्यापन अभियान चलाया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य आदतन अपराधियों की वर्तमान गतिविधियों पर कड़ी नज़र रखना और क्षेत्र में कानून व्यवस्था सुनिश्चित करना है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा शासन के निर्देशों के क्रम में अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है। इस अभियान के तहत, पुलिस अधिकारियों ने हिस्ट्रीशीटरों की विस्तृत जानकारी एकत्र की, जिसमें उनके वॉइस सैंपल, पहचान पत्र, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, वर्तमान व्यवसाय, परिवार के सदस्यों और आय के स्रोतों से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं। यह सभी जानकारी त्रिनेत्र ऐप में दर्ज की जा रही है, और साथ ही, थाने के अपराध रजिस्टर में उनके तथा उनके सह-अपराधियों का विवरण भी अपडेट किया जा रहा है। एसीपी आजेंद्र ने इस दौरान आम जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की, साथ ही अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी। पुरामुफ्ती पुलिस ने हिस्ट्रीशीटरों को स्पष्ट और कड़ी चेतावनी दी है कि वे किसी भी आपराधिक गतिविधि में शामिल न हों और कानून के अनुरूप जीवन यापन करें। इस अभियान में थानाध्यक्ष अविनाश सिंह, एसएसआई अर्जुन सिंह सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
प्रयागराज के पुरामुफ्ती थाना क्षेत्र में, एसीपी धूमनगंज आजेंद्र और प्रभारी निरीक्षक पुरामुफ्ती अविनाश सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल ने मरियाडीह, बमरौली और आसपास के इलाकों में सुरक्षा की दृष्टि से पैदल मार्च और गश्त की। इस दौरान हिस्ट्रीशीटरों की चेकिंग और अपराधियों का व्यापक सत्यापन अभियान चलाया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य आदतन अपराधियों की वर्तमान गतिविधियों पर कड़ी नज़र रखना और क्षेत्र में कानून व्यवस्था सुनिश्चित करना है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा शासन के निर्देशों के क्रम में अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है। इस अभियान के तहत, पुलिस अधिकारियों ने हिस्ट्रीशीटरों की विस्तृत जानकारी एकत्र की, जिसमें उनके वॉइस सैंपल, पहचान पत्र, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, वर्तमान व्यवसाय, परिवार के सदस्यों और आय के स्रोतों से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं। यह सभी जानकारी त्रिनेत्र ऐप में दर्ज की जा रही है, और साथ ही, थाने के अपराध रजिस्टर में उनके तथा उनके सह-अपराधियों का विवरण भी अपडेट किया जा रहा है। एसीपी आजेंद्र ने इस दौरान आम जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की, साथ ही अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी। पुरामुफ्ती पुलिस ने हिस्ट्रीशीटरों को स्पष्ट और कड़ी चेतावनी दी है कि वे किसी भी आपराधिक गतिविधि में शामिल न हों और कानून के अनुरूप जीवन यापन करें। इस अभियान में थानाध्यक्ष अविनाश सिंह, एसएसआई अर्जुन सिंह सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
- लखनऊ के इको गार्डन में एक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया, जहाँ एक युवक योगी के भेष में पहुंचा। यह प्रदर्शन मुख्य रूप से पेपर लीक की घटनाओं के खिलाफ 'हल्ला बोल' करने के लिए था, जिसमें विशेष रूप से #NEETPaperLeak का मुद्दा उठाया गया। प्रदर्शनकारियों ने #UGC_RollBack की भी मांग की, जिससे शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर गहरा असंतोष व्यक्त किया गया।1
- कौशांबी सायबर पुलिस ने ऑनलाइन धोखाधड़ी के शिकार हुए एक व्यक्ति की पूरी धनराशि, 79,050/- रुपये, सफलतापूर्वक वापस कराई है। यह कार्रवाई तब हुई जब कौशांबी जनपद के सैनी थाना क्षेत्र के अझुआ निवासी रिंकू सिंह पुत्र विजय करन सिंह ने 21 जनवरी 2026 को सूचना दी थी कि यूपीआई के माध्यम से उनके साथ कुल 79,050/- रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी हुई है। इस शिकायत के सम्बन्ध में सायबर क्राइम थाना पर एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत संख्या 23106250080690 दर्ज की गई थी। पुलिस अधीक्षक द्वारा इस घटना पर सायबर क्राइम थाना को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए। इन निर्देशों के क्रम में, सायबर अपराधों के विरुद्ध की जा रही प्रभावी कार्यवाही के परिणामस्वरूप, सायबर क्राइम थाना जनपद कौशांबी द्वारा जाँच/विवेचना के बाद, आवेदक रिंकू सिंह के खाते से कटी हुई पूरी धनराशि 79,050/- रुपये उनके खाते में वापस करवा दी गई। धनराशि प्राप्त होने पर आवेदक रिंकू सिंह ने कौशांबी पुलिस का आभार व्यक्त किया।1
- उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले की सिराथू तहसील में न्याय मांगने पहुंचे एक दलित फरियादी, रामभवन सरोज, को समाधान की जगह लेखपाल सुनील द्विवेदी द्वारा "20 जूता मारने" का चौंकाने वाला प्रस्ताव मिला है। लेखपाल सुनील द्विवेदी का यह धमकी भरा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। फरियादी रामभवन सरोज ने लेखपाल पर मारपीट और अभद्रता का गंभीर आरोप लगाया है, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से अभी तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसा प्रतीत होता है कि संबंधित अधिकारी इस वायरल वीडियो को सबूत के तौर पर देखने के बजाय केवल मनोरंजन का एक साधन मान रहे हैं, जिससे उनकी जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। घटना के दौरान पुलिसकर्मी भी मौके पर मौजूद थे, लेकिन ऐसा लगा मानो वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के बजाय पूरे घटनाक्रम को 'लाइव' देखने के लिए वहां उपस्थित थे। इस पूरी घटना के बाद यह सवाल खड़ा हो गया है कि तहसील में जनता की समस्याओं की सुनवाई होगी या जूतों की गिनती, और क्या इस मामले में वाकई कोई कार्रवाई होगी या वायरल वीडियो ही न्याय का इंतजार करता रहेगा।1
- कौशांबी के कड़ाधाम स्थित ऐतिहासिक राजा जयचंद्र किले में कथित तौर पर बिना अनुमति के आयोजित एक कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराने और इसमें शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। इसके साथ ही, स्थानीय समुदाय ने सभी से सामाजिक सौहार्द बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की भी अपील की है।1
- कौशाम्बी में प्राचीन ऐतिहासिक कौशाम्बेश्वर संकट मोचन आश्रम का वार्षिकोत्सव गुरुवार को एक भव्य कलश यात्रा के साथ शुरू हुआ। यह यात्रा विजया चौराहा से प्रारंभ हुई और गढ़वा बड़े हनुमान घाट तक पहुंची, जहाँ श्रद्धालुओं ने पवित्र जल भरकर आश्रम के लिए प्रस्थान किया। इस कलश यात्रा में 200 से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जिनके भगवान शिव के जयकारों से पूरा मार्ग भक्तिमय हो उठा। आश्रम पहुंचने पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शिव महापुराण माहात्म्य कथा और गणेश महायज्ञ का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए कौशाम्बी थाना पुलिस भी तैनात रही। आयोजक बाबा बुद्धन दास ने बताया कि इस वार्षिकोत्सव में दूर-दूर से आए श्रद्धालु धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होकर पुण्य लाभ प्राप्त करते हैं।1
- उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में एक दिव्यांग पिता रहस्यमयी तरीके से लापता हो गए हैं। बताया गया है कि वह 'मैं घर आ रहा हूं' कहकर निकले थे, लेकिन आठ दिन बीत जाने के बाद भी उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। इस घटना ने परिवार की चिंता बढ़ा दी है।1
- शुक्रवार को कौशाम्बी के पुलिस अधीक्षक कार्यालय स्थित दुर्गा भाभी सभागार में क्षेत्राधिकारी मंझनपुर शिवांक सिंह द्वारा आईजीआरएस के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों और प्रकरणों के समयबद्ध तथा गुणवत्तापूर्ण निस्तारण की समीक्षा हेतु एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी के दौरान जनपद के विभिन्न थानों और शाखाओं से संबंधित लंबित एवं निस्तारित आईजीआरएस प्रकरणों की गहन समीक्षा की गई। क्षेत्राधिकारी मंझनपुर ने शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि वे प्रत्येक शिकायत का गहन एवं निष्पक्ष परीक्षण करें तथा निर्धारित समयावधि के भीतर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें, जिससे प्रकरणों का तथ्यपरक एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हो सके। उन्होंने आईजीआरएस प्रकरणों के निस्तारण में गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष बल दिया और यह निर्देश भी दिए कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए तथा शासन द्वारा निर्धारित मानकों एवं समयसीमा का पूर्ण अनुपालन किया जाए।1
- कौशांबी के मंझनपुर थाना क्षेत्र के टेंवा गाँव में एक जमीनी विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। आरोप है कि जमीन के इस विवाद में दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई, जिसमें एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर तलवार से हमला कर दिया। इस हमले में विष्णु तिवारी बाल-बाल बच गए। इस घटना के बाद पीड़ित पक्ष के परिजनों ने मारपीट का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि जिन आरोपियों पर तलवार से हमला करने का आरोप है, उनके खिलाफ पहले से भी कई मुकदमे दर्ज हैं। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बना दिया है।1