रक्षाबंधन पर अनोखी पहल: छात्रों ने पौधों को बांधा रक्षा सूत्र, हरियाली बचाने का लिया संकल्प मगरोड़ा। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर संकुल केंद्र मगरोड़ा के अंतर्गत आने वाली शालाओं में इस बार भाई-बहन के प्रेम के साथ प्रकृति संरक्षण का संदेश भी देखने को मिला। विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने स्वयं राखियां तैयार कीं और विद्यालय परिसर में लगाए गए पौधों को रक्षा सूत्र बांधकर उनकी सुरक्षा एवं संरक्षण का संकल्प लिया। यह अनूठा आयोजन शासकीय हाई स्कूल मगरोड़ा, शासकीय एकीकृत माध्यमिक विद्यालय मामला, शासकीय माध्यमिक विद्यालय भिंडरा, शासकीय प्राथमिक विद्यालय सिंगापुर, शासकीय प्राथमिक विद्यालय आनंदपुरा और शासकीय प्राथमिक विद्यालय भाऊपुरा सहित संकुल केंद्र के अंतर्गत आने वाले सभी विद्यालयों में आयोजित किया गया। छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक राखियां बनाईं और पौधों को अपना भाई मानते हुए उनकी कलाई के प्रतीक स्वरूप तनों पर रक्षा सूत्र बांधा। विद्यार्थियों ने पौधों को नुकसान न पहुंचाने, उनकी नियमित देखभाल करने और अधिक से अधिक पौधे लगाने का संकल्प लिया। इस आयोजन का उद्देश्य रक्षाबंधन के पारंपरिक पर्व को पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी से जोड़ना रहा। विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों में प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की। पौधों को रक्षा सूत्र बांधकर बच्चों ने संदेश दिया—रिश्ते सिर्फ इंसानों से नहीं, प्रकृति से भी निभाए जाते हैं। यह पहल विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी विकसित करने की दिशा में एक सार्थक कदम के रूप में सामने आई।
रक्षाबंधन पर अनोखी पहल: छात्रों ने पौधों को बांधा रक्षा सूत्र, हरियाली बचाने का लिया संकल्प मगरोड़ा। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर संकुल केंद्र मगरोड़ा के अंतर्गत आने वाली शालाओं में इस बार भाई-बहन के प्रेम के साथ प्रकृति संरक्षण का संदेश भी देखने को मिला। विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने स्वयं राखियां तैयार कीं और विद्यालय परिसर में लगाए गए पौधों को रक्षा सूत्र बांधकर उनकी सुरक्षा एवं संरक्षण का संकल्प लिया। यह अनूठा आयोजन शासकीय हाई स्कूल मगरोड़ा, शासकीय एकीकृत माध्यमिक विद्यालय मामला, शासकीय माध्यमिक विद्यालय भिंडरा, शासकीय प्राथमिक विद्यालय सिंगापुर, शासकीय प्राथमिक विद्यालय आनंदपुरा और शासकीय प्राथमिक विद्यालय भाऊपुरा सहित संकुल केंद्र के अंतर्गत आने वाले सभी विद्यालयों में आयोजित किया गया। छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक राखियां बनाईं और पौधों को अपना भाई मानते हुए उनकी कलाई के प्रतीक स्वरूप तनों पर रक्षा सूत्र बांधा। विद्यार्थियों ने पौधों को नुकसान न पहुंचाने, उनकी नियमित देखभाल करने और अधिक से अधिक पौधे लगाने का संकल्प लिया। इस आयोजन का उद्देश्य रक्षाबंधन के पारंपरिक पर्व को पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी से जोड़ना रहा। विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों में प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की। पौधों को रक्षा सूत्र बांधकर बच्चों ने संदेश दिया—रिश्ते सिर्फ इंसानों से नहीं, प्रकृति से भी निभाए जाते हैं। यह पहल विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी विकसित करने की दिशा में एक सार्थक कदम के रूप में सामने आई।
- गुना अंडरपास की जर्जर हालत पर उठी आवाज, DRM भोपाल से तत्काल जीर्णोद्धार की मांग गुना रेलवे स्टेशन एवं EN कार्यालय के समीप स्थित अंडरपास की जर्जर हालत को लेकर यात्री सेवा संगठन मध्य प्रदेश के अध्यक्ष एवं पूर्व पश्चिम मध्य रेलवे रेल उपभोक्ता परामर्शदात्री समिति (XZRUCC) सदस्य सुनील आचार्य ने मंडल रेल प्रबंधक (DRM) भोपाल सहित संबंधित DEN एवं EN अधिकारियों को पत्र भेजकर तत्काल निरीक्षण एवं जीर्णोद्धार की मांग की है। आचार्य ने पत्र में बताया कि यह अंडरपास गुना रेलवे स्टेशन एवं EN कार्यालय से लगभग 200 मीटर की दूरी पर स्थित है। अंडरपास के दूसरी ओर श्रीराम कॉलोनी सहित दर्जनों कॉलोनियां हैं, जिनमें रहने वाले हजारों छात्र-छात्राओं एवं आम राहगीरों के लिए यह प्रमुख आवागमन मार्ग है। कॉलोनियों को जोड़ने वाला यह मार्ग कम दूरी का होने के कारण दिन-रात लोगों के आवागमन में उपयोग होता है। उन्होंने बताया कि अंडरपास के ऊपर से कोटा-बीना एवं इंदौर रेल लाइन गुजरती हैं और लगातार रेल यातायात संचालित होता रहता है।1
- गुना जिले के बीनागंज में भक्तों का उमडा जन सैलाब नगर में गूंजा जय घोष गुना जिले के बीनागंज में भक्तों का उमडा जन सैलाब नगर में गूंजा जय घोष1
- ग्रामीणों की समस्या को लेकर विधानसभा में याचिका प्रस्तुत करेंगे विधायक इंजीनियर हरि बाबू राय, ग्रामीणों की समस्या को लेकर विधानसभा में याचिका प्रस्तुत करेंगे विधायक इंजी. हरिबाबू राय अशोकनगर। विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कुन्दौली में भ्रमण के दौरान विधायक इंजी. हरिबाबू राय ने ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान ग्रामीणों ने दूसरे गांव को जोड़ने वाली कच्ची सड़क पर बनी पुलिया के बरसात में क्षतिग्रस्त होकर बह जाने की समस्या से अवगत कराया। ग्रामीणों ने बताया कि पुलिया क्षतिग्रस्त होने के कारण आवागमन बाधित हो गया है और उन्हें दूसरी ओर जाने के लिए करीब 10 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। इससे ग्रामीणों, विद्यार्थियों, किसानों एवं अन्य लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विधायक इंजी. हरिबाबू राय ने मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त पुलिया एवं मार्ग की स्थिति का जायजा लिया तथा ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्या के स्थायी समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। विधायक ने बताया कि ग्रामीणों की इस महत्वपूर्ण समस्या को याचिका के माध्यम से विधानसभा के समक्ष रखा जाएगा, ताकि संबंधित विभाग का ध्यान आकर्षित कर पुलिया के शीघ्र निर्माण एवं आवागमन की व्यवस्था सुचारू कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। विधायक ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क और आवागमन से जुड़ी समस्याओं का समाधान उनकी प्राथमिकता है और क्षेत्रवासियों की समस्याओं को उचित मंच पर मजबूती से उठाया जाएगा।1
- वीडियो शेयर करें देखें से पहले वीडियो पहचान करें और मैं बताना चाहूंगा हमन भी पब्लिक के बीच में जाने का मौका दें1
- नेपाल में मानसूनी बाढ़ का कहर, सीमावर्ती राज्यों में अलर्ट नेपाल में मानसूनी बाढ़ का कहर, सीमावर्ती राज्यों में अलर्ट नेपाल के पहाड़ी और तराई क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण नदियां उफान पर आ गई हैं, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई इलाकों में भूस्खलन की घटनाओं के बाद भारत के सीमावर्ती राज्यों जैसे बिहार और उत्तर प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया है।1
- 🏆मुंगावली नगर की एक और बेटी कु. शैली अग्रवाल ने भोपाल से सी.एस. एक्जीक्यूटिव परीक्षा में प्रथम इस्थान को प्राप्त कर नगर और परिवार का नाम एक बार फिर से रोशन किया है। सफलता की खबर से नगर में जिस खुशी का माहौल दिखाई दिया, इस वि शैली इस बात को किस तरह देखती है, सुनिये शैली अग्रवाल की ही जुबानी... 🏆🏆🏆🏆🏆1
- गंगा में पलटी 22 मजदूरों से भरी नाव, तेज धार में बहते दिखे मजदूर हादसे का VIDEO वायरल बिहार के भागलपुर में बड़ा हादसा: नवगछिया पुलिस जिले के राघोपुर इलाके में बुधवार, 26 अगस्त 2026 को गंगा नदी में कटावरोधी एवं तटबंध मरम्मत कार्य में लगे मजदूरों से भरी नाव अचानक पलट गई। नाव पर करीब 22 मजदूर सवार बताए गए। हादसे के बाद मजदूर तेज बहाव वाली गंगा में जा गिरे और जान बचाने के लिए पानी में जूझते नजर आए। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। रेत की बोरियों के बीच बिगड़ा नाव का संतुलन रिपोर्टों के मुताबिक मजदूर बाढ़ और नदी के कटाव से बचाव के लिए तटबंध को मजबूत करने का काम कर रहे थे। नाव में रेत की बोरियां भी रखी गई थीं। इसी दौरान नाव का संतुलन बिगड़ा और तेज धारा के बीच वह पलट गई। नाव पलटते ही सभी मजदूर नदी में गिर पड़े। SDRF ने संभाला मोर्चा हादसे की सूचना मिलते ही SDRF की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में बचाए गए मजदूरों की संख्या 18 से 21 और लापता मजदूरों की संख्या 1 से 2 बताई गई है। इसलिए आधिकारिक रूप से संख्या स्पष्ट होने तक अंतिम आंकड़े की पुष्टि जरूरी है। वायरल VIDEO में दिखा हादसे का खौफनाक मंजर घटना से जुड़े वीडियो में नाव पर मजदूरों के काम करने और अचानक नाव के पलटने के बाद पानी में अफरा-तफरी का दृश्य दिखाई दे रहा है। तेज बहाव के बीच मजदूर अपनी जान बचाने के लिए पानी में संघर्ष करते नजर आते हैं।1
- नेपाल में कुदरत का कहर: ग्लेशियर ढहने के बाद आई तबाही वाली बाढ़, सैकड़ों की मौत और 1,000 से ज्यादा लापता काठमांडू। नेपाल में 26 अगस्त 2026 को आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड ने हिमालयी क्षेत्र में भारी तबाही मचा दी। नेपाल-चीन सीमा के पास अचानक आई बाढ़ और मलबे की तेज धारा ने घरों, सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को अपनी चपेट में ले लिया। बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के साथ पर्यटक, तीर्थयात्री और विदेशी नागरिक भी लापता बताए जा रहे हैं। ग्लेशियर के मलबे से पैदा हुई तबाही प्रारंभिक जानकारी में भूकंप को संभावित कारण माना गया था, लेकिन अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार जिस भूकंपीय गतिविधि को पहले भूकंप समझा गया, वह वास्तव में ग्लेशियर की बर्फ और चट्टानों के अचानक ढहने से पैदा हुई ऊर्जा थी। इसके बाद भारी मात्रा में पानी, चट्टान और मलबा नदी घाटियों में तेजी से नीचे आया और रास्ते में आने वाली बस्तियों व ढांचों को बहा ले गया। मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा 27 अगस्त की रिपोर्टों के अनुसार नेपाल और तिब्बत में संयुक्त रूप से सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लापता लोगों की संख्या 1,000 से अधिक पहुंच गई है। नेपाल में बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक और तीर्थयात्री भी संपर्क से बाहर हैं। भारत के नागरिक भी लापता लोगों में शामिल बताए गए हैं। राहत और बचाव अभियान के लिए नेपाल सेना और सुरक्षा बलों को लगाया गया है। हेलीकॉप्टरों और ड्रोन की मदद से दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों की तलाश की जा रही है। क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों के कारण कई प्रभावित इलाकों तक पहुंचना बेहद मुश्किल बना हुआ है। सड़कें-पुल बहे, बिजली व्यवस्था भी प्रभावित बाढ़ की तेज धार ने कई पुलों और सड़कों को बहा दिया। प्रभावित इलाकों में घर, वाहन, बिजली से जुड़े ढांचे और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं। कुछ क्षेत्रों में संचार व्यवस्था भी बाधित हुई है, जिससे परिवार अपने परिजनों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तबाही की तस्वीरें बाढ़ के वीडियो और तस्वीरों में पानी, मिट्टी और चट्टानों की तेज धारा को बस्तियों और सड़कों को अपने साथ बहाते देखा जा सकता है। इन दृश्यों ने आपदा की भयावहता को पूरी दुनिया के सामने ला दिया है। नेपाल के लिए सामने आईं संवेदनाओं की आवाजें इसी भयावह त्रासदी के बीच IAS अधिकारी सोनल गोयल ने सोशल मीडिया पर नेपाल के लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए प्रभावित परिवारों, मृतकों और अब भी लापता लोगों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना की। उन्होंने राहत और बचाव कार्य जल्द से जल्द जरूरतमंदों तक पहुंचने की कामना की। “प्रार्थना नेपाल के लिए… ॐ शांति।” 🙏🇳🇵 क्यों गंभीर है यह आपदा? हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियरों और जलवायु परिवर्तन से जुड़े जोखिम लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार ग्लेशियरों में अस्थिरता और अचानक आने वाली बाढ़ पर्वतीय समुदायों के लिए बड़ा खतरा बन सकती है। इस घटना ने एक बार फिर अर्ली वार्निंग सिस्टम, आपदा प्रबंधन और संवेदनशील हिमालयी क्षेत्रों में सुरक्षित निर्माण की जरूरत को सामने ला दिया है। घटना: 26 अगस्त 2026 स्थान: नेपाल-चीन सीमा का हिमालयी क्षेत्र, विशेषकर रसुवा और आसपास के इलाके स्थिति: बड़े पैमाने पर तबाही, सैकड़ों मौतें और 1,000 से अधिक लोग लापता बताए गए; बचाव अभियान जारी। नोट: मौत और लापता लोगों के आंकड़े राहत-बचाव अभियान के साथ लगातार अपडेट हो रहे हैं, इसलिए अलग-अलग समय की रिपोर्टों में संख्या अलग हो सकती है।2