आंगनबाड़ी खाधान्न घोटाले की आशंका शाहजहांपुर में आंगनवाड़ी खाद्यान्न घोटाले की आशंका! स्वयं सहायता समूह को हटाकर सीधी सप्लाई, फर्जी वितरण का बड़ा आरोप खुदागंज शाहजहांपुर विकास खण्ड खुदागंज के अंतर्गत ग्राम पंचायत सिमौरा में आंगनवाड़ी खाद्यान्न वितरण को लेकर बड़ा और गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। मामले ने तूल पकड़ लिया है और शिकायत सीधे उत्तर प्रदेश सरकार तक पहुंच चुकी है। ग्रामीणों ने उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की आवाज बुलंद की है। 5 माह से नियमों को दरकिनार कर बदली गई व्यवस्था ग्राम पंचायत सिमौरा में आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए खाद्यान्न उठान का कार्य पूर्व में राधा रानी स्वयं सहायता समूह द्वारा नियमानुसार किया जाता था। समूह गोदाम से खाद्यान्न उठाकर उसे आंगनवाड़ी सहायिका को विधिवत सुपुर्द करता था। लेकिन आरोप है कि अक्टूबर 2025 से फरवरी 2026 तक बिना किसी लिखित आदेश के इस व्यवस्था को एकतरफा बदल दिया गया। बाल विकास परियोजना अधिकारी, विकास खण्ड कटरा द्वारा समूह को पूरी तरह हटाकर सीधे आंगनवाड़ी सहायिका श्रीमती नन्ही देवी को खाद्यान्न उठान की अनुमति दे दी गई। ग्रामीणों का कहना है कि यह निर्णय पूरी तरह नियमविरुद्ध, अपारदर्शी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की अनदेखी करते हुए लिया गया। केंद्र सिमौरा में, वितरण जिगनिया के मजरा सिमौरी में मामले को और गंभीर बनाता है यह तथ्य कि ग्राम पंचायत सिमौरा में आंगनवाड़ी केंद्र होने के बावजूद खाद्यान्न वितरण ग्राम पंचायत जिगनियां के मजरा सिमौरी में किया गया, जो संबंधित सहायिका का निवास स्थान बताया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इससे वास्तविक लाभार्थियों को वंचित किया गया और वितरण प्रक्रिया को संदिग्ध बना दिया गया। 30% परिवार पलायन पर, फिर भी 100% वितरण दर्शाया गया शिकायत के अनुसार, ग्राम पंचायत के लगभग 30 प्रतिशत लाभार्थी परिवार सितंबर 2025 से राजस्थान में ईंट भट्टों पर कार्य करने के लिए पलायन कर चुके हैं। इसके बावजूद रिकॉर्ड में शत-प्रतिशत खाद्यान्न वितरण दर्शाया गया है। ग्रामीणों ने इसे फर्जीवाड़े की पराकाष्ठा बताते हुए आरोप लगाया है कि कागजों में पूर्ण वितरण दिखाकर खाद्यान्न का बंदरबांट किया गया है। यदि जांच में यह सत्य पाया जाता है, तो यह गरीबों के हक पर सीधा प्रहार और सरकारी योजनाओं के साथ खुला खिलवाड़ माना जाएगा। प्रधान सत्यवीर और सरदवीर के समर्थन में ग्रामीण ग्राम प्रधान सत्यवीर और सरदवीर के पक्ष में बड़ी संख्या में ग्रामीण खुलकर सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रधान द्वारा जनहित में आवाज उठाई जा रही है और अनियमितताओं को उजागर करने का प्रयास किया गया है। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि यदि प्रधान और जागरूक नागरिक आवाज न उठाते तो यह मामला दबा दिया जाता। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि शिकायतकर्ताओं को किसी भी प्रकार की प्रताड़ना से बचाया जाए और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री से कड़ी कार्रवाई की मांग मामले की गंभीरता को देखते हुए माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार, लखनऊ को प्रेषित शिकायत में पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो यह मामला सरकारी योजनाओं की साख पर गहरा आघात करेगा और भ्रष्टाचार को खुली छूट देगा। अब सबकी नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है। क्या जांच की आंच में सच सामने आएगा क्या दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी सिमौरा से उठी यह आवाज अब पूरे ब्लॉक में चर्चा का विषय बन चुकी है। वही सीडीपीओ प्रभारी हेमेंद्र पाल सिंह ने बताया है। कि प्रधानलिपिक महेश रावत और मधुलता सुपरवाइजर ने वितरित किया । और जांच चल रही है। वही महेश रावत से इस संबंध में दूरभाष से संपर्क किया तो टाल मटोल कर फोन को होल्ड कर रख दिया।
आंगनबाड़ी खाधान्न घोटाले की आशंका शाहजहांपुर में आंगनवाड़ी खाद्यान्न घोटाले की आशंका! स्वयं सहायता समूह को हटाकर सीधी सप्लाई, फर्जी वितरण का बड़ा आरोप खुदागंज शाहजहांपुर विकास खण्ड खुदागंज के अंतर्गत ग्राम पंचायत सिमौरा में आंगनवाड़ी खाद्यान्न वितरण को लेकर बड़ा और गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। मामले ने तूल पकड़ लिया है और शिकायत सीधे उत्तर प्रदेश सरकार तक पहुंच चुकी है। ग्रामीणों ने उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की आवाज बुलंद की है। 5 माह से नियमों को दरकिनार कर बदली गई व्यवस्था ग्राम पंचायत सिमौरा में आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए खाद्यान्न उठान का कार्य पूर्व में राधा रानी स्वयं सहायता समूह द्वारा नियमानुसार किया जाता था। समूह गोदाम से खाद्यान्न उठाकर उसे आंगनवाड़ी सहायिका को विधिवत सुपुर्द करता था। लेकिन आरोप है कि अक्टूबर 2025 से फरवरी 2026 तक बिना किसी लिखित आदेश के इस व्यवस्था को एकतरफा बदल दिया गया। बाल विकास परियोजना अधिकारी, विकास खण्ड कटरा द्वारा समूह को पूरी तरह हटाकर सीधे आंगनवाड़ी सहायिका श्रीमती नन्ही देवी को खाद्यान्न उठान की अनुमति दे दी गई। ग्रामीणों का कहना है कि यह निर्णय पूरी तरह नियमविरुद्ध, अपारदर्शी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की अनदेखी करते हुए लिया गया। केंद्र सिमौरा में, वितरण जिगनिया के मजरा सिमौरी में मामले को और गंभीर बनाता है यह तथ्य कि ग्राम पंचायत सिमौरा में आंगनवाड़ी केंद्र होने के बावजूद खाद्यान्न वितरण ग्राम पंचायत जिगनियां के मजरा सिमौरी में किया गया, जो संबंधित सहायिका का निवास स्थान बताया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इससे वास्तविक लाभार्थियों को वंचित किया गया और वितरण प्रक्रिया को संदिग्ध बना दिया गया। 30% परिवार पलायन पर, फिर भी 100% वितरण दर्शाया गया शिकायत के अनुसार, ग्राम पंचायत के लगभग 30 प्रतिशत लाभार्थी परिवार सितंबर 2025 से राजस्थान में ईंट भट्टों पर कार्य करने के लिए पलायन कर चुके हैं। इसके बावजूद रिकॉर्ड में शत-प्रतिशत खाद्यान्न वितरण दर्शाया गया है। ग्रामीणों ने इसे फर्जीवाड़े की पराकाष्ठा बताते हुए आरोप लगाया है कि कागजों में पूर्ण वितरण दिखाकर खाद्यान्न का बंदरबांट किया गया है। यदि जांच में यह सत्य पाया जाता है, तो यह गरीबों के हक पर सीधा प्रहार और सरकारी योजनाओं के साथ खुला खिलवाड़ माना जाएगा। प्रधान सत्यवीर और सरदवीर के समर्थन में ग्रामीण ग्राम प्रधान सत्यवीर और सरदवीर के पक्ष में बड़ी संख्या में ग्रामीण खुलकर सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रधान द्वारा जनहित में आवाज उठाई जा रही है और अनियमितताओं को उजागर करने का प्रयास किया गया है। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि यदि प्रधान और जागरूक नागरिक आवाज न उठाते तो यह मामला दबा दिया जाता। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि शिकायतकर्ताओं को किसी भी प्रकार की प्रताड़ना से बचाया जाए और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री से कड़ी कार्रवाई की मांग मामले की गंभीरता को देखते हुए माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार, लखनऊ को प्रेषित शिकायत में पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो यह मामला सरकारी योजनाओं की साख पर गहरा आघात करेगा और भ्रष्टाचार को खुली छूट देगा। अब सबकी नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है। क्या जांच की आंच में सच सामने आएगा क्या दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी सिमौरा से उठी यह आवाज अब पूरे ब्लॉक में चर्चा का विषय बन चुकी है। वही सीडीपीओ प्रभारी हेमेंद्र पाल सिंह ने बताया है। कि प्रधानलिपिक महेश रावत और मधुलता सुपरवाइजर ने वितरित किया । और जांच चल रही है। वही महेश रावत से इस संबंध में दूरभाष से संपर्क किया तो टाल मटोल कर फोन को होल्ड कर रख दिया।
- Post by Syed AzharUsman1
- शाहजहांपुर,18 फरवरी। थाना सदर बाजार क्षेत्र के चिनौर गांव में बीते 12 फरवरी को एक शिक्षका द्वारा खुदकुशी कर लेने के मामले में पुलिस ने उसके प्रेमी, मां और मामा सहित पांच लोगों के विरुद्ध आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है । शिक्षका की मां ने प्राथिमिकी दर्ज कराई है। आरोप है कि शहर के रहने वाले प्रखर नामक युवक ने शादी करने का वादा करते हुए उनकी बेटी को अपने प्रेमजाल में फंसाया ।जब शादी की बात चीत शुरू हुई तो प्रखर,उसकी माँ सुनीता,मामा आदि ने पांच लाख रुपये, लग्जरी कार और सोने के आभूषणों की मांग शुरू कर दी। यह भी आरोप है प्रखर ने उनकी बेटी के अश्लील वीडियो बना लिए थे और वो उनकी बेटी पर चिनौर स्थित मकान को अपने नाम करने का दबाव बना रहा था । जिससे आहत होकर उनकी बेटी ने 12 फरवरी को फंदे से लटक कर खुदकुशी कर ली। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।1
- शाहजहांपुर।प्रधानमंत्री के टीबीमुक्त भारत के लक्ष्य एवं प्रदेश सरकार के दिशा निर्देश पर जनपद में टीबी क्लीनिक द्वारा निरंतर क्षय रोग नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को सीएमओ आफिस सभागार में टीबी मुक्त पंचायत को लेकर एडीओ पंचायत व एमआईसी के साथ एक बैठक आयोजित की गई। सीएमओ डा.विवेक कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में बैठक में टीबी मुक्त पंचायत के विजन पर कार्य करने के लिए मंथन किया गया। सीएमओ ने कहा कि टीबी जैसी बीमारी से निपटने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। टीबी मरीजों के लिए जांच, इलाज और अन्य सुविधाओं का दायरा बढ़ाया गया है। टीबी-मुक्त ग्राम पंचायत” मुख्य रूप से जन भागीदारी को बढ़ाने की दिशा में पहल है। इस कार्यक्रम से ग्रामीण समुदाय को टीबी की पहचान, उपचार और रोकथाम के लिए जागरूक किया जा रहा है। जिससे बीमारी को खत्म करने की दिशा में सामूहिक प्रयास हो रहे हैं। इस दौरान डीटीओ ओमेन्द्र राठौर, सिध्दार्थ, आरती सिंह आदि मौजूद रहे। वही टीबी मुक्त कार्यक्रम के अंतर्गत विहास डेवलपमेंट सोसायटी की ओर से 10 क्षय रोगियों को पोषण पोटली का वितरण सीएमओ द्वारा किया गया।1
- शाहजहांपुर: शाहजहाँपुर में मंगलवार को थाना रोजा पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर घनश्याम पुत्र राजाराम उम्र करीब 25 वर्ष निवासी ग्राम शाहगंज थाना रोजा जनपद शाहजहाँपुर को समय सांय 19.35 बजे परी नमकीन फैक्ट्री से बरनई जाने वाले रास्ते के पास बंजर भूमि से हिरासत पुलिस में लिया गया। जिसके कब्जे से एक अवैध तमन्चा 315 बोर व एक कारतूस बरामद हुआ । पुलिस ने युवक के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर जेल भेज दिया है1
- शाहजहांपुर 18 फरवरी। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में विधानसभा पुवायां एवं विधानसभा जलालाबाद के ERO,AERO, सुपरवाईजर्स एवं पंचायत सचिवों के साथ विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 में नो-मैपिंग वाले मतदाताओं की जारी नोटिसों की सुनवाई के संबंध में बैठक कलेक्ट्रेट स्थित बिस्मिल सभागार में आयोजित की गई। बैठक में नो मैपिंग कार्य की प्रगति कम होने पर विधानसभा पुवायां के सुपरवाइजर रणबीर सिंह बीएलओ अंजू सक्सेना के स्पष्टीकरण के निर्देश दिए। साथ ही एईआरओ रंजीत प्रताप के निलंबन बीएलओ ओमकार की सेवा समाप्ति, सुपरवाइजर सीताराम पटेल इंक्रीमेंट रोकने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने जलालाबाद विधानसभा के बीएलओ भूपेश, सीमा देवी निलंबन सुपरवाइजर संजीव अवस्थी राकेश कुमार एवं अजय मिश्रा का स्पष्टीकरण लेते हुए अग्रिम आदेशों तक वेतन आहरण पर रोक लगाने के निर्देश दिए तथा एईआरओ राजीव कुमार का अच्छा कार्य होने पर प्रशंसा पत्र देने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने नो-मैपिंग वाले मतदाताओं की जारी नोटिसों की सुनवाई का कार्य जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी का भी कार्य होता रहे। उन्होंने कहा कि लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी में बीएलओ के माध्यम से मतदाताओं के दस्तावेजों को ऐप पर अपलोड कराया जाए। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन रजनीश कुमार मिश्र सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।2
- शाहजहाँपुर: थाना रोजा पुलिस ने अवैध तमंचा सहित युवक को किया गिरफ्तार2
- रोजा पुलिस ने अवैध तमंचे के साथ युवक दबोचा शाहजहाँपुर। थाना रोजा पुलिस टीम ने अवैध असलहे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक अदद अवैध तमंचा 315 बोर व एक जिन्दा कारतूस बरामद किया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर, अपर पुलिस अधीक्षक नगर के निर्देशन व क्षेत्राधिकारी सदर के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक रोजा के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। मुखबिर की सूचना पर 17 फरवरी 2026 को शाम 7:35 बजे परी नमकीन फैक्ट्री से बरनई जाने वाले रास्ते के पास बंजर भूमि से घनश्याम पुत्र राजाराम (उम्र करीब 25 वर्ष), निवासी ग्राम शाहगंज थाना रोजा को हिरासत में लिया गया। बरामदगी के आधार पर थाना रोजा में मु0अ0सं0 75/2026 धारा 3/25 आयुध अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत कर आरोपी को न्यायालय में पेश किया जा रहा है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार, उपनिरीक्षक शिवम अग्रवाल, हेड कांस्टेबल दीपक कुमार व कांस्टेबल विपिन कुमार शामिल रहे।1
- Post by Syed AzharUsman1