कांगड़ा स्थित धर्मशाला के जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मिहूल शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा मध्यस्थता और सुलह परियोजना समिति के मार्गदर्शन में "मध्यस्थता राष्ट्र के लिए 2.0 अभियान" का आयोजन किया जा रहा है। यह अभियान जिला कांगड़ा के समस्त तालुका न्यायालयों तथा जिला न्यायालयों में चलाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य लंबे समय से लंबित मामलों का सुलह एवं मध्यस्थता के माध्यम से शीघ्र, सरल और प्रभावी निपटारा सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत विवाह एवं पारिवारिक विवाद, मोटर वाहन दुर्घटना दावे, घरेलू हिंसा से संबंधित मामले, चैक बाउंस मामले, वाणिज्यिक विवाद, सेवा मामले, समझौता योग्य आपराधिक मामले, उपभोक्ता विवाद, ऋण वसूली, विभाजन, बेदखली, भूमि अधिग्रहण से संबंधित तमाम मामले तथा अन्य उपयुक्त नागरिक मामलों का निपटारा आपसी सहमति से किया जा रहा है। मध्यस्थता एक वैकल्पिक विवाद समाधान प्रक्रिया है, जिसमें प्रशिक्षित मध्यस्थ की सहायता से पक्षकार आपसी सहमति एवं बातचीत के माध्यम से अपने विवादों का समाधान करते हैं। यह प्रक्रिया पूर्णतः गोपनीय, सरल, कम खर्चीली और समय-बचत करने वाली होती है, जिससे पक्षकारों के बीच संबंध भी बने रहते हैं और न्यायालयों में लंबित मामलों का भार भी कम होता है। उन्होंने जिला कांगड़ा के समस्त नागरिकों से अपील की है कि वे इस अभियान का अधिकतम लाभ उठाएं और अपने लंबित मामलों के शांतिपूर्ण, त्वरित और संतोषजनक समाधान के लिए मध्यस्थता प्रक्रिया को अपनाएं। यह अभियान जनता को सुलभ, सस्ता और प्रभावी न्याय उपलब्ध करवाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
कांगड़ा स्थित धर्मशाला के जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मिहूल शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा मध्यस्थता और सुलह परियोजना समिति के मार्गदर्शन में "मध्यस्थता राष्ट्र के लिए 2.0 अभियान" का आयोजन किया जा रहा है। यह अभियान जिला कांगड़ा के समस्त तालुका न्यायालयों तथा जिला न्यायालयों में चलाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य लंबे समय से लंबित मामलों का सुलह एवं मध्यस्थता के माध्यम से शीघ्र, सरल और प्रभावी निपटारा सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत विवाह एवं पारिवारिक विवाद, मोटर वाहन दुर्घटना दावे, घरेलू हिंसा से संबंधित मामले, चैक बाउंस मामले, वाणिज्यिक विवाद, सेवा मामले, समझौता योग्य आपराधिक मामले, उपभोक्ता विवाद, ऋण वसूली, विभाजन, बेदखली, भूमि अधिग्रहण से संबंधित तमाम मामले तथा अन्य उपयुक्त नागरिक मामलों का निपटारा आपसी सहमति से किया जा रहा है। मध्यस्थता एक वैकल्पिक विवाद समाधान प्रक्रिया है, जिसमें प्रशिक्षित मध्यस्थ की सहायता से पक्षकार आपसी सहमति एवं बातचीत के माध्यम से अपने विवादों का समाधान करते हैं। यह प्रक्रिया पूर्णतः गोपनीय, सरल, कम खर्चीली और समय-बचत करने वाली होती है, जिससे पक्षकारों के बीच संबंध भी बने रहते हैं और न्यायालयों में लंबित मामलों का भार भी कम होता है। उन्होंने जिला कांगड़ा के समस्त नागरिकों से अपील की है कि वे इस अभियान का अधिकतम लाभ उठाएं और अपने लंबित मामलों के शांतिपूर्ण, त्वरित और संतोषजनक समाधान के लिए मध्यस्थता प्रक्रिया को अपनाएं। यह अभियान जनता को सुलभ, सस्ता और प्रभावी न्याय उपलब्ध करवाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
- हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में आवारा पशुओं के आतंक से स्थानीय लोग बुरी तरह परेशान हैं। इन आवारा पशुओं के कारण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। इस गंभीर समस्या के बावजूद, स्थानीय नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि लोगों को यह समझ नहीं आ रहा कि आखिर नगर निगम इस पूरे मामले में क्यों सोया हुआ है।1
- पूर्व विधायक दविंद्र कुमार भुट्टो ने बंगाणा के SDM को एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन पंचायत चुनावों में हुई कथित गड़बड़ियों के संबंध में है। इसमें विशेष रूप से पंचायती राज चुनावों के दौरान एक माह तक सार्वजनिक गतिविधियों से दूरी बनाए रखने से जुड़े मुद्दों पर ध्यान आकर्षित किया गया है।1
- शनिवार को ऊना के क्षेत्रीय अस्पताल सभागार में विश्व तंबाकू निषेध दिवस के उपलक्ष्य में एक जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जन शिक्षा एवं सूचना अधिकारी गोपाल कृष्ण ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को तंबाकू के इस्तेमाल से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी खतरों के बारे में जागरूक करना और इसके नकारात्मक स्वास्थ्य प्रभावों की ओर ध्यान आकर्षित करना था। इस अवसर पर कोटपा एक्ट 2003 के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। बताया गया कि इस एक्ट के अंतर्गत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करना, नाबालिग बच्चों को तंबाकू उत्पाद बेचना, शिक्षण संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू युक्त उत्पाद बेचना और इनसे संबंधित विज्ञापन देना दंडनीय अपराध हैं। कार्यक्रम में उपस्थित नंदा नर्सिंग संस्थान की नर्सिंग छात्राओं, अर्बन ऊना की आशा कार्यकर्ताओं और सभी प्रतिभागियों को तंबाकू उत्पादों के सेवन से दूर रहने तथा एक नशामुक्त समाज के निर्माण में योगदान देने के लिए शपथ भी दिलाई गई।1
- ऊना सदर के विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने लोकतंत्र के महापर्व में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए जलग्रांटबा में अपने पूरे परिवार के साथ मतदान किया।1
- जम्मू-कश्मीर के प्रवेश द्वार लखनपुर में स्थित जयमां भद्रकाली किलेवाली माता मंदिर से आज भक्तों के लिए सीधा आरती दर्शन उपलब्ध कराया गया। इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं ने माता भद्रकाली के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।1
- ग्राम पंचायत जिया के वार्ड नंबर 4 से अंकित शर्मा ने वार्ड पंच का चुनाव 6 वोटों के अंतर से जीत लिया है। इस जीत के बाद उनका जोरदार स्वागत किया गया।1
- ग्राम पंचायत तनोह से प्रधान पद के प्रत्याशी तरसेम के एक बयान के बाद पंचायती चुनावों में कथित गड़बड़ी को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। तरसेम ने पंचायती राज चुनावों के दौरान एक महीने तक सार्वजनिक गतिविधियों से दूरी बनाए रखने के संबंध में बात की है, जिससे यह जिज्ञासा बढ़ गई है कि आखिर इन चुनावों में कहां और किस तरह की गड़बड़ हुई।1
- हिमाचल प्रदेश के सुजानपुर विधानसभा के जिला परिषद वार्ड ऊहल में स्थित पोलिंग बूथ बनालग में एक विवाद सामने आया है। सुजानपुर के विधायक द्वारा पोलिंग बूथ का निरीक्षण किए जाने पर भाजपा समर्थित उम्मीदवार मंगलेश ठाकुर के पति ने कड़ी आपत्ति जताई, जिसके परिणामस्वरूप दोनों पक्षों के बीच बहस बाजी शुरू हो गई।1