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लोगों को सावधान किया जा रहा है कि कुछ लोग उन्हें लूटने आ रहे हैं। संदेश में सभी से आग्रह किया गया है कि वे इस बात पर विशेष ध्यान दें और सतर्क रहें।
Vishnu Bhil
लोगों को सावधान किया जा रहा है कि कुछ लोग उन्हें लूटने आ रहे हैं। संदेश में सभी से आग्रह किया गया है कि वे इस बात पर विशेष ध्यान दें और सतर्क रहें।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि किसानों की समृद्धि सुनिश्चित करने हेतु आधुनिक विज्ञान के साथ-साथ हमारी पारंपरिक कृषि संस्कृति का सम्मान भी उतना ही अनिवार्य है। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि एल-नीनो के कारण उत्पन्न होने वाली संभावित सूखे की चुनौती से निपटने के लिए सरकार ने पहले से तैयारी कर रखी है। इस दिशा में, प्रदेशभर में जल संरक्षण और पुरानी जल संरचनाओं के पुनर्जीवन का कार्य तेजी से चलाया जा रहा है। डॉ. यादव के अनुसार, विज्ञान और परंपरा के बीच एक संतुलित समन्वय ही कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ बनाएगा और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक होगा।1
- स्कूलों के फिर से शुरू होने के साथ ही, सभी बच्चों और अभिभावकों से विशेष ध्यान देने की अपील की गई है। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि जब बच्चे स्कूल से घर लौटें, तो वे स्वयं स्टॉप पर उपस्थित रहें। इस पर जोर दिया गया है कि नादान बच्चे अनजाने में कुछ भी कर सकते हैं, और ऐसी स्थिति में किसी घटना के लिए बाइक चलाने वाले की भी गलती नहीं मानी जा सकती।1
- पंचायत समिति खानपुर के तत्वावधान में गुरुवार को ग्राम पंचायत सूमर में राज्य सरकार की वीबी-जीरामजी योजना का ब्लॉक स्तरीय शुभारंभ समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व संसदीय सचिव नरेंद्र नागर ने मेगा हाईवे से दुर्जनपुरा तक प्रस्तावित पौधारोपण एवं मिट्टी-ग्रेवल सड़क निर्माण कार्य का भूमि पूजन कर योजना का आधिकारिक तौर पर शुभारंभ किया। समारोह की अध्यक्षता ग्राम पंचायत प्रशासक विष्णु नागर ने की। इस अवसर पर पूर्व संसदीय सचिव नरेंद्र नागर ने कहा कि वीबी-जीरामजी योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाना और आधारभूत विकास कार्यों को गति देना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस योजना के तहत सड़क निर्माण, जल संरक्षण, पौधारोपण सहित अन्य जनहित के कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे स्थानीय श्रमिकों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध होगा और ग्रामीण अधोसंरचना सुदृढ़ होगी। खण्ड विकास अधिकारी रविंद्र शर्मा ने ग्रामीणों एवं मनरेगा श्रमिकों को योजना की कार्यप्रणाली, उद्देश्य और लाभों की विस्तृत जानकारी देते हुए इसे ग्रामीण विकास कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। इस समारोह के दौरान जिला परिषद सदस्य ओम पुष्पक, भाजपा मंडल अध्यक्ष ओम सुमन, पूर्व प्रधान प्रतिनिधि टोनी शर्मा, सहायक अभियंता नरेंद्र नागर, सहायक विकास अधिकारी रामहेतार, कनिष्ठ दूरसंचार अधिकारी राकेश बैरवा, ग्राम विकास अधिकारी गोविंद मीणा सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी, मनरेगा श्रमिक और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने उपस्थित अतिथियों का माल्यार्पण कर उनका स्वागत एवं सम्मान किया। अंत में, ग्राम पंचायत प्रशासक विष्णु नागर ने सभी अतिथियों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया।4
- गुरुवार को सूमर ग्राम पंचायत में 'विकसित भारत–जी राम जी' (VB-G RAM G) योजना के अंतर्गत 125 दिवसीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अभियान का भूमि पूजन के साथ भव्य शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर एक विशेष ग्राम सभा का भी आयोजन हुआ, जहाँ ग्रामीणों और मनरेगा श्रमिकों को योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। साथ ही, विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा भी की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व संसदीय सचिव एवं पूर्व विधायक नरेंद्र नागर रहे, जिन्होंने अभियान का शुभारंभ करते हुए 'विकसित ग्राम और समृद्ध भारत' के सपने को जनभागीदारी से साकार करने पर जोर दिया। उन्होंने ग्रामीणों को रोजगार गारंटी अभियान के उद्देश्यों, उपलब्ध रोजगार के अवसरों और योजना से मिलने वाले लाभों के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम पंचायत प्रशासक विष्णु नागर ने की, जबकि विकास अधिकारी रविंद्र शर्मा, जिला परिषद सदस्य ओम पुष्पक, भाजपा मंडल अध्यक्ष ओम सुमन, पूर्व प्रधान प्रतिनिधि रामनारायण शर्मा, एईएन नरेंद्र नागर, सहायक विकास अधिकारी रामहेतर, जेटीओ राकेश बैरवा और ग्राम विकास अधिकारी गोविंद मीणा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशेष ग्राम सभा में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), मनरेगा, ग्रामीण विकास और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा, जिन पर संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। विकास अधिकारी रविंद्र शर्मा ने ग्रामीणों से सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में ग्रामवासियों ने अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया, और ग्राम पंचायत प्रशासक विष्णु नागर ने सभी अतिथियों, अधिकारियों व ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया।1
- विदिशा जिले की लटेरी तहसील के ग्राम भौरिया, सेमरी अहीर पंचायत के ग्रामीणों ने सरकार से अपने नल हेडपंप के आसपास फैली अत्यधिक गंदगी और कीटाणुओं की शिकायत की है। ग्रामीणों का कहना है कि हैंडपंप के चारों ओर बहुत गंदगी है, जिससे कीटाणु फैल रहे हैं। उन्होंने सरकार से इस हैंडपंप की तत्काल सफाई करवाने और इसके चारों ओर आरसीसी (Reinforced Cement Concrete) का निर्माण कराने का निवेदन किया है, ताकि स्वच्छता बनी रहे और स्वास्थ्य जोखिम कम हो।1
- जम्मू के यात्री निवास बेस कैंप से अमरनाथ यात्रा का पहला जत्था पहलगाम और बालटाल मार्ग के लिए रवाना हो गया है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इन यात्रियों को हरी झंडी दिखाकर विदा किया। इस यात्रा के लिए लगभग 70,000 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है, और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु आधुनिक ड्रोन तथा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम भी किए गए हैं। यह बाबा बर्फानी के भक्तों के लिए एक बड़ी खबर है, क्योंकि अमरनाथ यात्रा 2026 का पहला जत्था अब अपनी पवित्र यात्रा पर निकल चुका है।1
- मध्य प्रदेश के गुना जिले की राघौगढ़ तहसील में नाथू का पूरा से भूमलाखेड़ी तक बनी सड़क पर विकास के नाम पर भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगा है। ग्राम पंचायत भदोड़ी के अंतर्गत आने वाली यह सड़क, जिसका हाल ही में डामरीकरण किया गया था, कुछ ही दिनों में उखड़ने लगी है, जिससे इसके निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। सामने आई तस्वीरों से पता चलता है कि सड़क जगह-जगह से खराब हो गई है, जो निर्माण की घटिया गुणवत्ता की पोल खोलती है। इस स्थिति ने यह प्रश्न खड़ा कर दिया है कि क्या जनता के करदाताओं का पैसा केवल कागजों पर सड़कें बनाने में खर्च किया जा रहा है? पोस्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि यह गंभीर लापरवाही और गुणवत्ता से समझौते का परिणाम है, खासकर जब आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे विकास कार्यों की गुणवत्ता पर अक्सर सवाल उठते हैं। आज़ादी के 78 से अधिक वर्षों बाद भी, जब सरकारें 'आदिवासी विकास', 'अमृतकाल' और 'अंतिम व्यक्ति तक विकास' की बात करती हैं, तब भी आदिवासी गांवों में बनी सड़कें कुछ ही दिनों में अपनी बदहाली की कहानी कहने लगती हैं। इसी कड़ी में, जयस संभाग सचिव ग्वालियर संभाग, हेमराज सहरिया ने जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और संबंधित अधिकारियों से इस सड़क निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने निर्माण में प्रयुक्त सामग्री, डामरीकरण की मोटाई और पूरी भुगतान प्रक्रिया की जांच की बात कही है, साथ ही यह भी कहा है कि यदि किसी ठेकेदार, इंजीनियर या अधिकारी की लापरवाही या मिलीभगत पाई जाती है तो उन पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। यह जोर देकर कहा गया है कि आदिवासी क्षेत्र कोई प्रयोगशाला नहीं हैं जहाँ घटिया निर्माण कर जनता के अधिकारों से खिलवाड़ किया जाए। इस पूरे मामले को लेकर 'विकास के नाम पर भ्रष्टाचार बंद होना चाहिए' और दोषियों को जवाब देना होगा। पोस्ट में इस स्थिति को लेकर एक मार्मिक टिप्पणी भी की गई है: "सड़क नई बनी है, लेकिन सच्चाई पुरानी है — आदिवासी क्षेत्रों में आज भी विकास के नाम पर भ्रष्टाचार की कहानी दोहराई जा रही है।"4