सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर बघेलान में एसी सुधार के नाम पर कथित "खेल" का खुलासा हुआ है, जिसमें RTI से प्राप्त जानकारी ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। RTI के तहत मिली नोटशीट क्रमांक-12 (दिनांक 04/06/2025) और संबंधित बिलों से पता चला है कि BPM यूनिट ऑफिस, कक्ष और NRC वार्ड के AC खराब होने तथा कूलिंग न होने की शिकायत के बाद ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर ने मांगपत्र लगाया था। इसके बाद AC सुधार और सर्विसिंग का कार्य सीधे "साथिया रेफ्रिजरेशन एंड सर्विस" नामक फर्म को आदेशित कर दिया गया। इस प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या AC सुधार जैसे कार्यों के लिए नियमानुसार अन्य वेंडरों से कोटेशन नहीं बुलाए जाने चाहिए थे, और क्या विभाग ने तुलनात्मक दरें प्राप्त कर सरकारी धन बचाने का प्रयास नहीं किया। RTI से प्राप्त बिलों में भुगतान को लेकर भी कई विसंगतियां सामने आई हैं। एक बिल में कंप्रेसर गैस + RCB के लिए ₹14,000, PCB + गैस के लिए ₹7,500, PCB रिपेयरिंग/गैस के लिए ₹9,500, फ्रिज रिपेयरिंग के लिए ₹3,500, और AC सर्विस एवं रिपेयरिंग के लिए ₹4,000 आदि का भुगतान दर्शाया गया है। वहीं, एक अन्य बिल (दिनांक 15/04/2025) में गैस फिलिंग के लिए ₹6,000 और सर्विस चार्ज के लिए ₹700, कुल ₹6,700 का भुगतान दिखाया गया है। सबसे बड़ा सवाल फर्म के पते को लेकर उठाया गया है, क्योंकि एक बिल में फर्म का पता स्पष्ट नहीं है, जबकि दूसरे में अलग पता दर्ज है। कहीं पता लिखा ही नहीं है, तो कहीं "नियर सचिन पैलेस सतना" लिखा दिखाई देता है। जनता के पैसे से सरकारी अस्पतालों में भुगतान होने पर पारदर्शिता की कमी और बिना प्रतिस्पर्धी दरों के सीधे आदेश देने पर तीव्र रोष व्यक्त किया गया है। यह मांग की जा रही है कि क्या इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी, क्योंकि जनता जानना चाहती है कि क्या AC ठंडे हुए या सिस्टम के सवाल और गर्म हो गए हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर बघेलान में एसी सुधार के नाम पर कथित "खेल" का खुलासा हुआ है, जिसमें RTI से प्राप्त जानकारी ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। RTI के तहत मिली नोटशीट क्रमांक-12 (दिनांक 04/06/2025) और संबंधित बिलों से पता चला है कि BPM यूनिट ऑफिस, कक्ष और NRC वार्ड के AC खराब होने तथा कूलिंग न होने की शिकायत के बाद ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर ने मांगपत्र लगाया था। इसके बाद AC सुधार और सर्विसिंग का कार्य सीधे "साथिया रेफ्रिजरेशन एंड सर्विस" नामक फर्म को आदेशित कर दिया गया। इस प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या AC सुधार जैसे कार्यों के लिए नियमानुसार अन्य वेंडरों से कोटेशन नहीं बुलाए जाने चाहिए थे, और क्या विभाग ने तुलनात्मक दरें प्राप्त कर सरकारी धन बचाने का प्रयास नहीं किया। RTI से प्राप्त बिलों में भुगतान को लेकर भी कई विसंगतियां सामने आई हैं। एक बिल में कंप्रेसर गैस + RCB के लिए ₹14,000, PCB + गैस के लिए ₹7,500, PCB रिपेयरिंग/गैस के लिए ₹9,500, फ्रिज रिपेयरिंग के लिए ₹3,500, और AC सर्विस एवं रिपेयरिंग के लिए ₹4,000 आदि का भुगतान दर्शाया गया है। वहीं, एक अन्य बिल (दिनांक 15/04/2025) में गैस फिलिंग के लिए ₹6,000 और सर्विस चार्ज के लिए ₹700, कुल ₹6,700 का भुगतान दिखाया गया है। सबसे बड़ा सवाल फर्म के पते को लेकर उठाया गया है, क्योंकि एक बिल में फर्म का पता स्पष्ट नहीं है, जबकि दूसरे में अलग पता दर्ज है। कहीं पता लिखा ही नहीं है, तो कहीं "नियर सचिन पैलेस सतना" लिखा दिखाई देता है। जनता के पैसे से सरकारी अस्पतालों में भुगतान होने पर पारदर्शिता की कमी और बिना प्रतिस्पर्धी दरों के सीधे आदेश देने पर तीव्र रोष व्यक्त किया गया है। यह मांग की जा रही है कि क्या इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी, क्योंकि जनता जानना चाहती है कि क्या AC ठंडे हुए या सिस्टम के सवाल और गर्म हो गए हैं।
- जिला बनने के बाद मऊगंज पुलिस को नई ताकत मिली है। इस बदलाव के तहत, 30 आरक्षकों को प्रधान आरक्षक के पद पर पदोन्नत किया गया है, जिससे पुलिस बल की क्षमता और मजबूत हुई है।1
- एक गंभीर आरोप लगाया गया है कि भारत सरकार 'समझौताग्रस्त' है, जिसका सीधा खामियाजा पूरा भारत देश भुगत रहा है। दावे के अनुसार, केवल भारतीय नाविकों पर ही हमले हो रहे हैं, लेकिन सरकार को इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। इस स्थिति पर भारत सरकार की तरफ से कोई भी कार्यवाही नहीं की जा रही है, जिससे मौजूदा समस्या और भी विकट प्रतीत होती है।1
- मां शारदा शक्तिपीठ मैहर में 15 जून 2026, सोमवार के दिन, काल भैरव के दिव्य और अलौकिक दर्शन एवं आरती का विशेष आयोजन किया जाएगा।1
- एक स्वास्थ्य शिविर में किए गए खर्च को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जिसका खुलासा एक आरटीआई (RTI) आवेदन से मिली जानकारी के बाद हुआ है। जिला स्तरीय चिकित्सा विशेषज्ञ, ब्लॉक स्तरीय चिकित्सा अधिकारी और पैरामेडिकल स्टाफ के लिए आयोजित इस शिविर में, सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक की व्यवस्थाओं, जिसमें चाय, नाश्ता, लंच पैकेट और पानी शामिल था, के नाम पर कुल 20,100 रुपये के भुगतान की जानकारी सामने आई है। प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, इस कार्य का सीधा आदेश श्रीराम स्वीट या एक संबंधित वेंडर को दिया गया था। बिल के विवरण में 155 चाय के लिए 1500 रुपये, 50 कॉफी के लिए 1000 रुपये, 3 बिस्कुट पैकेट के लिए 450 रुपये, 1 लीटर पानी की 25 बोतलों के लिए 500 रुपये, 250 एमएल पानी की 150 बोतलों के लिए 1500 रुपये, 160 समोसे के लिए 1600 रुपये और 90 लंच पैकेट के लिए 13500 रुपये का उल्लेख है, जिससे कुल व्यय 20,100 रुपये होता है। हालांकि, इस बिल में जीएसटी (GST) नंबर का उल्लेख नहीं है, और ऐसा प्रतीत होता है कि अन्य वेंडरों से कोटेशन लेने की निर्धारित प्रक्रिया का भी पालन नहीं किया गया। नियमों के अनुसार, सरकारी खरीद और व्यय में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए तय प्रक्रियाओं का पालन करना अनिवार्य है। ऐसे में, स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विभाग में सार्वजनिक धन के उपयोग को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। अब जिम्मेदार अधिकारियों से सीधे यह सवाल पूछा गया है कि क्या नियमानुसार कोटेशन लिए गए थे, क्या भुगतान प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुरूप हुई थी, और क्या इस व्यय की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जनता के पैसों से होने वाले प्रत्येक खर्च में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है, खासकर जब 'चाय-समोसा और लंच पैकेट' जैसे मदों पर इतनी बड़ी राशि पर सवाल उठ रहे हों, जिससे यह पूरा मामला एक 'खर्च के खेल' जैसा दिखने लगा है।1
- परसमनिया गढ़ी गोली कांड की घटना से जुड़ा एक और लाइव वीडियो सामने आया है। इस नए वीडियो में, सुनीता सिंह एक कमरे के अंदर से बाबा राजा की पत्नी योगिता सिंह को निशाना बनाते हुए गोलियां दागती हुई दिख रही हैं।1
- ग्राम पंचायत पचोखर में भाजपा नेताओं के द्वारा भ्रष्टाचार किया जा रहा है। इस संबंध में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि स्थानीय भाजपा नेताओं की गतिविधियों में भ्रष्टाचार व्याप्त है।1
- रामपुर बाघेलन बाईपास पर स्थित एक शराब दुकान पर हुई मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल फुटेज में दिख रहा है कि एक स्कॉर्पियो वाहन से आए कुछ लोग दुकान कर्मचारियों के साथ विवाद और हाथापाई कर रहे हैं। हालांकि, स्कॉर्पियो में सवार व्यक्तियों की पहचान की अभी तक आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। प्रशासन ने बताया है कि वीडियो की सत्यता और घटना के कारणों की जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।1