💡 वो 'तमाचा' जो आज भी गूँजता है! इसी सादगी से जुड़ी एक रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी सुनिए पूरे अमेरिका और यूरोप को अपने कदमों में झुकाने वाले, शिकागो की धरती को हिला देने वाले उस संन्यासी शख्स की जब मौत हुई तो उनकी 'दौलत' देखने के लिए जब लोग अंदर कुटिया में घुसे, तो उनकी आँखें फटी की फटी रह गईं। क्या मिला उस कमरे में? कोई सोने का सिक्का नहीं, कोई जमीनी दस्तावेज नहीं। वहां बस ये चीजें मिलीं एक धुली हुई पुरानी धोती और एक गेरुआ चोला। एक कमंडल और एक लकड़ी की खड़ाऊँ। कुछ फटी हुई पुरानी किताबें और डायरी। बस! यही थी उस शख्स की कुल 'पूंजी' जिसने पूरी दुनिया को भारत का मुरीद बना दिया था। 💡 वो 'तमाचा' जो आज भी गूँजता है! इसी सादगी से जुड़ी एक रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी सुनिए। जब स्वामी जी विदेश में थे, तो एक रईस विदेशी महिला उनके 'फकीराना' कपड़ों को देखकर मुस्कुराई और तंज कसते हुए बोली— "मिस्टर विवेकानंद! क्या आपके देश में अच्छे कपड़े नहीं मिलते? आप जेंटलमैन (Gentleman) की तरह क्यों नहीं रहते? स्वामी विवेकानंद धीमे से मुस्कुराए और जो जवाब दिया, उसने उस महिला का सिर शर्म से झुका दिया। उन्होंने कहा: मैडम! आपके देश में एक 'दर्जी' (Tailor) इंसान को जेंटलमैन बनाता है, लेकिन मेरे देश में इंसान का 'चरित्र' (Character) उसे महान बनाता है। यह सिर्फ एक जवाब नहीं था, बल्कि उन लोगों के चेहरे पर तमाचा था जो इंसान की कीमत उसकी घड़ी, कार या जूतों से आंकते हैं। हैरानी की बात जानते हैं क्या है? जब विवेकानंद विदेश जाते थे, तो वहां के अमीर लोग उनके चरणों में अपना साम्राज्य तक रखने को तैयार थे। लेकिन इस सन्यासी ने न्यूयॉर्क की सड़कों पर घास पर सोकर रातें बिताईं, पर भारत की गरीबी का सौदा नहीं किया। जिस इंसान के एक शब्द पर दुनिया के रईस अपनी तिजोरियां खोल देते थे, उसके पास अपनी माँ के लिए एक पक्का मकान तक बनाने के पैसे नहीं थे। मरते दम तक उन्होंने अपने परिवार के लिए एक धेला तक नहीं जोड़ा। यहां तक कि कफ़न तक के पैसे नहीं थे। आज हम ब्रांडेड घड़ियाँ और आईफोन (iPhone) दिखाकर खुद को 'रईस' समझते हैं। लेकिन उस फकीर ने बिना किसी ब्रांड के पूरी दुनिया को अपनी बुद्धि का गुलाम बना लिया। विवेकानंद ने मरते-मरते भी हम जैसे दिखावे के शौकीनों को एक सीख दी है कि "तुम शरीर नहीं हो जिसे कपड़ों से सजाया जाए, तुम वो आत्मा हो जिसे ज्ञान से जगाया जाए। आज अगर आप अपनी छोटी सी कामयाबी पर अहंकार कर रहे हैं, तो जरा उस 39 साल के सन्यासी की ओर देखिए, जिसके पास दुनिया का सबसे बड़ा ज्ञान था, पर खुद की जेब में फूटी कौड़ी नहीं थी। क्या आज के दौर में ऐसा 'त्याग' सोच पाना भी मुमकिन है? 🙏 स्वामी विवेकानंद अमर रहें!
💡 वो 'तमाचा' जो आज भी गूँजता है! इसी सादगी से जुड़ी एक रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी सुनिए पूरे अमेरिका और यूरोप को अपने कदमों में झुकाने वाले, शिकागो की धरती को हिला देने वाले उस संन्यासी शख्स की जब मौत हुई तो उनकी 'दौलत' देखने के लिए जब लोग अंदर कुटिया में घुसे, तो उनकी आँखें फटी की फटी रह गईं। क्या मिला उस कमरे में? कोई सोने का सिक्का नहीं, कोई जमीनी दस्तावेज नहीं। वहां बस ये चीजें मिलीं एक धुली हुई पुरानी धोती और एक गेरुआ चोला। एक कमंडल और एक लकड़ी की खड़ाऊँ। कुछ फटी हुई पुरानी किताबें और डायरी। बस! यही थी उस शख्स की कुल 'पूंजी' जिसने पूरी दुनिया को भारत का मुरीद बना दिया था। 💡 वो 'तमाचा' जो आज भी गूँजता है! इसी सादगी से जुड़ी एक रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी सुनिए। जब स्वामी जी विदेश में थे, तो एक रईस विदेशी महिला उनके 'फकीराना' कपड़ों को देखकर मुस्कुराई और तंज कसते हुए बोली— "मिस्टर विवेकानंद! क्या आपके देश में अच्छे कपड़े नहीं मिलते? आप जेंटलमैन (Gentleman) की तरह क्यों नहीं रहते? स्वामी विवेकानंद धीमे से मुस्कुराए और जो जवाब दिया, उसने उस महिला का सिर शर्म से झुका दिया। उन्होंने कहा: मैडम! आपके देश में एक 'दर्जी' (Tailor) इंसान को जेंटलमैन बनाता है, लेकिन मेरे देश में इंसान का 'चरित्र' (Character) उसे महान बनाता है। यह सिर्फ एक जवाब नहीं था, बल्कि उन लोगों के चेहरे पर तमाचा था जो इंसान की कीमत उसकी घड़ी, कार या जूतों से आंकते हैं। हैरानी की बात जानते हैं क्या है? जब विवेकानंद विदेश जाते थे, तो वहां के अमीर लोग उनके चरणों में अपना साम्राज्य तक रखने को तैयार थे। लेकिन इस सन्यासी ने न्यूयॉर्क की सड़कों पर घास पर सोकर रातें बिताईं, पर भारत की गरीबी का सौदा नहीं किया। जिस इंसान के एक शब्द पर दुनिया के रईस अपनी तिजोरियां खोल देते थे, उसके पास अपनी माँ के लिए एक पक्का मकान तक बनाने के पैसे नहीं थे। मरते दम तक उन्होंने अपने परिवार के लिए एक धेला तक नहीं जोड़ा। यहां तक कि कफ़न तक के पैसे नहीं थे। आज हम ब्रांडेड घड़ियाँ और आईफोन (iPhone) दिखाकर खुद को 'रईस' समझते हैं। लेकिन उस फकीर ने बिना किसी ब्रांड के पूरी दुनिया को अपनी बुद्धि का गुलाम बना लिया। विवेकानंद ने मरते-मरते भी हम जैसे दिखावे के शौकीनों को एक सीख दी है कि "तुम शरीर नहीं हो जिसे कपड़ों से सजाया जाए, तुम वो आत्मा हो जिसे ज्ञान से जगाया जाए। आज अगर आप अपनी छोटी सी कामयाबी पर अहंकार कर रहे हैं, तो जरा उस 39 साल के सन्यासी की ओर देखिए, जिसके पास दुनिया का सबसे बड़ा ज्ञान था, पर खुद की जेब में फूटी कौड़ी नहीं थी। क्या आज के दौर में ऐसा 'त्याग' सोच पाना भी मुमकिन है? 🙏 स्वामी विवेकानंद अमर रहें!
- देवास शहर में भाजपा नेत्री नीतु जाधव बडती लोकप्रियता के चलते हुई सजिश और षंडयत्र का शिकार हुई।उन्होने बताया की वह धार्मिक और समाज सेविका है और बड चडकर हिस्सा लेती है सभी कार्यों में अग्रणी रहती हे राजु सोनी को भाई मानती हे जिन्होने मुझसे राखी बदवाई है वह मुझे बहन मानते हैं उनकी पत्नी चरित्रहिन है जिसका अफेयर राजेश सेन नामक व्यक्ति से है और उनके पुत्र द्वारा दर्पण सोनी को आपत्ति जनक स्थिति में देख लिया गया था उसके चलते दोनों पति पत्नी मे काफी समय से मन मुटाव चला रहा था और मरपीट भी होती थी मुझे तो पता भी नही था उनकी पत्नी दर्पण सोनी ने खुद मुझे बताया था की मुझे मेरे पति ने खुद मुझे किसी राजेश सेन नामक व्यक्ति के साथ आपत्ति जनक स्थिति में देख लिया हे जिसके कारण मेरे पति राजू सोनी मेरे हाथ का पानी भी नहीं पीते हे और हम दोनों अलग अलग रहते है।मेरे द्वारा दोनों को साथ में रहने की समझाइश भी दी गई थी लोकिन उस चला बाज अय्याश औरत ने मुझे अपने भाई राजु सोनी के साथ खडे करके फोटो खिचे और आज शोसल मडिया पर गलत तरीके से बताकर समाज मे मेरी छबी और राजनिति खराब करने के लिए षंडयत्र रचा गया है। कुछ मडिया कर्मी के लोग मेरा वर्जन लिए बिना गलत खबर मेरे विरोधी के द्वारा चलवाई जा रही है मे उसकी निंदा करती हु मेरे द्वारा दोनो को समझ भी गया था। जो भी अरोप लगाया जा रहे है वह सरासर गलत है मेरी परिवार मे और समाज मे छाबी खबर की जा रही है। राजु सोनी की पत्नी दर्पण सोनी खुद देवास थाने में समझौता लिखकर दे चुकी है गलती से देवास की नीतू जाधव का नाम लिख गया वास्तविक मे बागली की कोई जौदान है दिनांक 23/3/2026 को थाने मे समझौता लिखकर दिया गया है जिसकी फोटो कॉपी मेरे पास है लोकिन देवास शहर पत्रकारों द्वारा खंडन नही करते हुए आज फिर नीतू जाधव को बार बार टारगेट किसके ईशार पर किया जा रहा यह एक जॉच का विषय है जो लडाई का झगडे विडियों दोनो पति पत्नी का जो उनके घर के बाहर का है 15 दिन पुराना है जो अभी चला रहा है उसकी भी जॉच की जाए दोषी लोगों पर उचित करवाई की जाए। जिस दिन का ये वीडियो हे उस समय में अपनी सहेलियों के साथ बीसी की पार्टी कर रही थी। मेरी सभी सहेलियां भी बयान देने के लिए तैयार हे क्योंकि मेरा उस लड़ाई झगड़े से कोई वास्ता ही नहीं था। में आप सभी पत्रकार बंधुओं को बताना चाहूंगी की दर्पण सोनी ने कहा हे की मुझे डराया धमकाया गया जान से मारने की बात कही नीतू जाधव ने तो मुझे इसका प्रूफ चाहिए मैने इसे कब और कहा धमकी दी। क्योंकि में इस बात का भी खंडन करती हु इससे मेरी बात तक नहीं हुई। मेरा पत्रकार बंधुओं से एक और निवेदन हे कि एक वर्जन दर्पण सोनी के पति राजू सोनी का भी लिया जाए और उनसे भी पूछा जाए दर्पण सोनी के चरित्र के बारे में और राजेश सेन नामक व्यक्ति से दर्पण सोनी का क्या मामला था जिसके रहते आप दोनों पति पत्नी में मन मुटाव था और लड़ाइयां और मार पीट आप दोनों के बीच में होती थी। भवदीय नीतु जाधव देवास3
- दर्शनार्थी के साथ नीचता की सारी हदें पार कर मारपीट कर रहा अपनी व्यवस्था का नजारा ये कृत्य उस जगह पर डंके की चोट में होते है जहां आपका कार्यालय है तमाम कर्मचारी मौजूद रहते है जहां कर्मचारियों की ड्यूटी होती है आपके कर्मचारी कितने कर्तव्य निष्ट है नजारा देखिए।*1
- कौन कहता है आवाज सुनने वाला नहीं है आवाज तो लगाओ1
- इंदौर के द होटल हब के गोदाम में लगी भीषण आग फायर ने काबू पाया बीती रात को अचानक से धुआं उठा और देखते ही देखते आग की लपटे उठी आगजनी की घटना के समय आसपास के रहवासियों में अफरातफरी रहवासी क्षेत्र में गोदाम संचालित किया जा रहा था हजारों लीटर पानी छिड़कर आग पर काबू पाया गया विपिन छांछड़ का मकान बताया जा रहा है तीन मंजिला मकान में लगी थी आग लाखों का माल जला मौके पर फिलहाल कोई सुरक्षा उपकरण नहीं मिले इंदौर में आगजनी की घटनाएं लगातार बढ़ती नजर आ रही है रोजाना कही ना कही आग की घटनाएं नजर आ रही है और इसी के तहत मल्हारगंज थाना क्षेत्र में बीती रात को भीषण आग जाने की घटना घटित हुई जिसमें तीन मंजिला इमारत में रखा हुआ सामान जलकर खाक हो गया बताया जा रहा है कि होटल संचालक द्वारा यहां पर होटल में उपयोग होने वाला सामान रखा गया था। मौके पर फायर विभाग ने पहुंच कर आग पर काबू पाया। वियो एडिशनल डीसीपी सुमित करकेटा के मुताबिक मल्हारगंज के गली नंबर 3 में स्थित विपिन छांछड़ तो मकान बताया जा रहा है जो की तीन मंजिला है तीसरी मंजिल पर टीन शेड लगा हुआ है। और नीचे डी होटल हब का बोर्ड लगा हुआ था जिसको लेकर बताया जाए की होटल का सामान जिसमें बर्तन और होटल में उपयोग होने वाले सामग्री रखी हुई थी उसमें अचानक से लगने के कारण आसपास रहने वाले लोग अपने घरों से बाहर आ गए सूचना मिलते ही फायर विभाग द्वारा मौके पर कई लीटर पानी छिड़क कर आग पर काबू पाया गया साथी बिजली विभाग द्वारा बिजली बंद कर दिए जो कि कई घंटे तक रहिवासी क्षेत्र में बिजली गुल रही सवाल यह खड़ा होता है कि गोदाम में किसी तरह का कोई फायर सेफ्टी उपलब्ध नहीं पाई गई साथ ही रहिवासी क्षेत्र में गोडाउन संचालित हो रहा था फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले में जांच पड़ताल की जाएगी यदि कोई लापरवाही पाई जाती है तो उचित कार्रवाई भी की जाएगी। बाइट सुमित करकेटा, एडिशनल डीसीपी इंदौर1
- श्वेताम्बर जैन महासंघ न्यास के तत्वाधान में आयोजित इस आयोजन को लेकर पूरे शहर में उत्साह का माहौल है मंगल जुलूस मंगलवार सुबह राजवाड़ा से प्रारंभ होगा और नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों खजूरी बाजार, बड़ा गणपति होते हुए दलाल बाग तक पहुंचेगा, जहां यह एक विशाल धर्मसभा में परिवर्तित हो जाएगा कार्यक्रम में इंदौर में विराजित संतों के सान्निध्य में प्रवचन आयोजित होंगे इस वर्ष की विशेषता यह है कि विश्व में चल रहे युद्ध जैसे हालातों के बीच भगवान महावीर के “जियो और जीने दो” के संदेश को केंद्र में रखते हुए झांकियां प्रस्तुत की जाएंगी समाज जनों द्वारा अपनी रचनात्मक प्रस्तुतियां दी जाएगी जो समाज में शांति और सह-अस्तित्व का संदेश फैलाने का कार्य करेंगी। आयोजकों के अनुसार इस भव्य जुलूस में 15 से 20 हजार श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है विशेष बात यह है कि पूरे आयोजन में स्वच्छता और यातायात व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया है। मार्ग अवरुद्ध न हो इसके लिए सीमित मंच और केवल पेयजल की व्यवस्था की गई है। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि इंदौर की गौरवशाली परंपरा और अनुशासन का भी परिचायक बनेगा1
- कुदरत का करिश्मा या माँ की दुआ का असर? इंदौर का एक घर, जो कुछ दिन पहले तक दर्द और खामोशी से भरा था… आज वहीं खुशियों की किलकारियाँ गूँज रही हैं। राजा रघुवंशी के जाने से टूटा यह परिवार अब एक नई उम्मीद के सहारे फिर से खड़ा हो रहा है। राजा के बड़े भाई सचिन रघुवंशी के घर बेटे का जन्म हुआ है—और पूरा परिवार उसे अपने “राजा” का ही रूप मान रहा है। संयोग भी ऐसा कि रोंगटे खड़े कर दे—जिस ग्यारस के दिन राजा ने आखिरी सांस ली थी, उसी ग्यारस के दिन नन्हा मेहमान इस घर आया। और समय? सिर्फ दो मिनट का फर्क। 2:40 पर एक माँ की गोद सूनी हुई… और 2:42 पर उसी घर में फिर से जीवन की पहली पुकार सुनाई दी। माँ उमा रघुवंशी की आँखों में आँसू हैं—लेकिन इस बार उन आँसुओं में दर्द नहीं, एक भरोसा है… कि उनका राजा कहीं गया नहीं, बस नए रूप में लौट आया है। एक तरफ इंसाफ की लड़ाई जारी है, और दूसरी तरफ ये छोटी सी मुस्कान पूरे परिवार के टूटे दिलों को फिर से जोड़ रही है। कभी-कभी कुदरत चुप रहकर भी सबसे बड़ी बातें कह जाती है… और शायद माँ की दुआ सच में कभी खाली नहीं जाती।1
- Post by Aarti Raikwar1
- समाज की महिला पुरुष बच्चे बुजुर्ग कार्यक्रम की शोभा बढ़ा रहे थे बख्शी राम जी जैन पवन जैन ने बताया कि भगवान महावीर स्वामी अहिंसा के पुजारी थे और जैन समाज होने के पद चिन्ह पर चल रहा है इंडिया न्यूज़ 7 से पत्रकार राजेंद्र मालवीय1