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देश में "गाय बचाओ" के नारों की गूंज के बीच, गायों की वास्तविक स्थिति पर एक तीखा सवाल उठाया गया है। यह विडंबना है कि जिस जानवर का उल्लेख राजनीतिक भाषणों में सबसे अधिक होता है, वही सड़कों पर भूखा, अकेला और प्लास्टिक खाता हुआ पाया जाता है। करोड़ों लोगों की यह आस्था कि "गाय माँ है", सम्मान के योग्य है, लेकिन यह सवाल भी उठता है कि यदि गाय माँ है, तो उसे सड़कों पर लावारिस छोड़ना कैसी श्रद्धा है? यह विरोधाभास स्पष्ट है कि जहाँ गौशालाओं के लिए बजट की फाइलें अटकी रहती हैं, वहीं गाय के नाम पर निकलने वाली रैलियों में भारी भीड़ जुटती है। यह स्थिति केवल संयोग नहीं, बल्कि हमारी प्राथमिकताओं का एक स्पष्ट आईना है। विश्लेषण बताता है कि जब तक गाय सुरक्षित नहीं होगी, "गाय बचाओ" का नारा ज़िंदा रहेगा, और जब तक यह नारा ज़िंदा रहेगा, राजनीतिक लाभ के लिए वोट भी आते रहेंगे। इस संदर्भ में कहा गया है कि जब गाय की तकलीफ़ समाधान से ज़्यादा भाषणों में जगह पाने लगे, तो सवाल आस्था से नहीं, बल्कि राजनीति से पूछे जाने चाहिए। गाय को केवल नारों की नहीं, बल्कि चारा, उचित इलाज, आश्रय और ज़िम्मेदार इंसानों की ज़रूरत है। आवाज़ उठाने से ज़्यादा, असली परीक्षा व्यवस्था और सेवा की है। जो लोग वास्तव में गायों की सेवा करते हैं, वे खामोशी से गौशालाओं, मंदिरों और गाँवों में, अक्सर कैमरों की नज़रों से दूर रहकर अपना काम करते हैं, और उनका नाम किसी रैली में शायद ही कभी आता है। श्रद्धा केवल शब्दों से नहीं, बल्कि ज़िम्मेदारी से साबित होती है। यह कड़वा सच है कि जिस दिन गाय वोट हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि सेवा की वास्तविक ज़िम्मेदारी बन जाएगी, उस दिन शायद गाय और इंसान दोनों का भला होगा।

2 hrs ago
user_तीसरी आंख 👁️
तीसरी आंख 👁️
Voice of people बस्तर, बस्तर, छत्तीसगढ़•
2 hrs ago
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देश में "गाय बचाओ" के नारों की गूंज के बीच, गायों की वास्तविक स्थिति पर एक तीखा सवाल उठाया गया है। यह विडंबना है कि जिस जानवर का उल्लेख राजनीतिक भाषणों में सबसे अधिक होता है, वही सड़कों पर भूखा, अकेला और प्लास्टिक खाता हुआ पाया जाता है। करोड़ों लोगों की यह आस्था कि "गाय माँ है", सम्मान के योग्य है, लेकिन यह सवाल भी उठता है कि यदि गाय माँ है, तो उसे सड़कों पर लावारिस छोड़ना कैसी श्रद्धा है? यह विरोधाभास स्पष्ट है कि जहाँ गौशालाओं के लिए बजट की फाइलें अटकी रहती हैं, वहीं गाय के नाम पर निकलने वाली रैलियों में भारी भीड़ जुटती है। यह स्थिति केवल संयोग नहीं, बल्कि हमारी प्राथमिकताओं का एक स्पष्ट आईना है। विश्लेषण बताता है कि जब तक गाय सुरक्षित नहीं होगी, "गाय बचाओ" का नारा ज़िंदा रहेगा, और जब तक यह नारा ज़िंदा रहेगा, राजनीतिक लाभ के लिए वोट भी आते रहेंगे। इस संदर्भ में कहा गया है कि जब गाय की तकलीफ़ समाधान से ज़्यादा भाषणों में जगह पाने लगे, तो सवाल आस्था से नहीं, बल्कि राजनीति से पूछे जाने चाहिए। गाय को केवल नारों की नहीं, बल्कि चारा, उचित इलाज, आश्रय और ज़िम्मेदार इंसानों की ज़रूरत है। आवाज़ उठाने से ज़्यादा, असली परीक्षा व्यवस्था और सेवा की है। जो लोग वास्तव में गायों की सेवा करते हैं, वे खामोशी से गौशालाओं, मंदिरों और गाँवों में, अक्सर कैमरों की नज़रों से दूर रहकर अपना काम करते हैं, और उनका नाम किसी रैली में शायद ही कभी आता है। श्रद्धा केवल शब्दों से नहीं, बल्कि ज़िम्मेदारी से साबित होती है। यह कड़वा सच है कि जिस दिन गाय वोट हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि सेवा की वास्तविक ज़िम्मेदारी बन जाएगी, उस दिन शायद गाय और इंसान दोनों का भला होगा।

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    मूल पाठ में 'मैं जैसी हूँ' का सीधा और स्पष्ट बयान प्रस्तुत किया गया है।
    user_Rani Kasyap
    Rani Kasyap
    Adventure Sports Center Lohandiguda, Bastar•
    8 hrs ago
  • एक गरीब और असहाय परिवार को संत रामपाल जी महाराज का सहारा मिला है। इस घटना से जुड़ी पूरी वीडियो देखने के लिए दर्शक 'AnnaPurna Muhim' नामक YouTube चैनल पर जा सकते हैं।
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    user_सतभक्ति संदेश
    सतभक्ति संदेश
    Fraternal organization केसकाल, कोंडागांव, छत्तीसगढ़•
    6 hrs ago
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    user_Ashish parihar Parihar
    Ashish parihar Parihar
    पत्रकार कांकेर, कांकेर, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
  • बस्तर सांसद महेश कश्यप ने झरनीगुडा स्थित अपने निवास पर कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री के 'मन की बात' कार्यक्रम की 134वीं कड़ी सुनी। प्रसारण के उपरांत, सांसद कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह संवाद देश को एक सूत्र में पिरोने का काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि 'मन की बात' के 134वें संस्करण में प्रधानमंत्री द्वारा जनभागीदारी की जिन घटनाओं का उल्लेख किया गया, वे समाज के लिए प्रेरणादायी हैं। सांसद ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री का हर संबोधन उन्हें सेवा और समर्पण की नई ऊर्जा प्रदान करता है। उन्होंने जोर दिया कि उनका दायित्व है कि वे 'मन की बात' के संदेशों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं।
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    बस्तर सांसद महेश कश्यप ने झरनीगुडा स्थित अपने निवास पर कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री के 'मन की बात' कार्यक्रम की 134वीं कड़ी सुनी। प्रसारण के उपरांत, सांसद कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह संवाद देश को एक सूत्र में पिरोने का काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि 'मन की बात' के 134वें संस्करण में प्रधानमंत्री द्वारा जनभागीदारी की जिन घटनाओं का उल्लेख किया गया, वे समाज के लिए प्रेरणादायी हैं। सांसद ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री का हर संबोधन उन्हें सेवा और समर्पण की नई ऊर्जा प्रदान करता है। उन्होंने जोर दिया कि उनका दायित्व है कि वे 'मन की बात' के संदेशों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं।
    user_Yogesh Sao
    Yogesh Sao
    Photographer जगदलपुर, बस्तर, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • बस्तर जिले में अवैध शराब तस्करों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में भानपुरी पुलिस ने मुखबिर से मिली सूचना पर बेडागुड़ा चौक पर घेराबंदी कर एक एक्टिवा (CG17-KX-1688) को रोका। तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी संजय कुमार गुप्ता उर्फ मोनू के कब्जे से कुल 30.425 लीटर अंग्रेजी शराब जब्त की। इसमें 40 बोतल किंगफिशर बीयर, 7 अद्धा रॉयल स्टैग और 10 पौवा रॉयल चैलेंज शामिल थी। जब्त की गई शराब की अनुमानित कीमत 12,940 रुपये आंकी गई है, जबकि एक्टिवा की कीमत 40,000 रुपये बताई गई है। पुलिस ने आरोपी संजय कुमार गुप्ता उर्फ मोनू के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया।
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    बस्तर जिले में अवैध शराब तस्करों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में भानपुरी पुलिस ने मुखबिर से मिली सूचना पर बेडागुड़ा चौक पर घेराबंदी कर एक एक्टिवा (CG17-KX-1688) को रोका। तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी संजय कुमार गुप्ता उर्फ मोनू के कब्जे से कुल 30.425 लीटर अंग्रेजी शराब जब्त की। इसमें 40 बोतल किंगफिशर बीयर, 7 अद्धा रॉयल स्टैग और 10 पौवा रॉयल चैलेंज शामिल थी। जब्त की गई शराब की अनुमानित कीमत 12,940 रुपये आंकी गई है, जबकि एक्टिवा की कीमत 40,000 रुपये बताई गई है।

पुलिस ने आरोपी संजय कुमार गुप्ता उर्फ मोनू के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया।
    user_Yogesh Sao
    Yogesh Sao
    Photographer जगदलपुर, बस्तर, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
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