BAGHPAT DESK:- बागपत जनपद के सांकरोद और मविकला गांव के किसानों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। किसानों ने आरोप लगाया कि उनकी भूमि पर रीजनल पार्क बनाने की योजना तैयार की जा रही है, जिसके लिए वे अपनी जमीन नहीं देना चाहते। किसानों का कहना है कि रीजनल पार्क के लिए उनकी जमीन का अधिग्रहण होने पर उन्हें कम मुआवजा मिलेगा, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी भी कीमत पर अपनी जमीन नहीं देंगे। प्रदर्शन कर किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी जमीन का जबरन अधिग्रहण किया गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे और इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) नेता विनोद चौधरी ने बताया कि रीजनल पार्क में जमीन जाने पर किसानों को मौजूदा बाजार दर से बहुत कम मुआवजा मिलेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जमीन की दरें काफी अधिक हैं, जिससे किसानों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है। चौधरी ने यह भी बताया कि रीजनल पार्क की योजना सामने आने के बाद से निजी बिल्डर लगातार गांवों में पहुंच रहे हैं और किसानों को लुभाकर उनकी जमीन हड़पने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसान अपनी जमीनों के बचाव के लिए लगातार विरोध कर रहे हैं और यदि जबरन अधिग्रहण हुआ तो वे गांव-गांव जाकर रणनीति तैयार कर एक बड़ा आंदोलन करेंगे। इस दौरान कलेक्ट्रेट पर दर्जनों किसान मौजूद रहे।
BAGHPAT DESK:- बागपत जनपद के सांकरोद और मविकला गांव के किसानों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। किसानों ने आरोप लगाया कि उनकी भूमि पर रीजनल पार्क बनाने की योजना तैयार की जा रही है, जिसके लिए वे अपनी जमीन नहीं देना चाहते। किसानों का कहना है कि रीजनल पार्क के लिए उनकी जमीन का अधिग्रहण होने पर उन्हें कम मुआवजा मिलेगा, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी भी कीमत पर अपनी जमीन नहीं देंगे। प्रदर्शन कर किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी जमीन का जबरन अधिग्रहण किया गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे और इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) नेता विनोद चौधरी ने बताया कि रीजनल पार्क में जमीन जाने पर किसानों को मौजूदा बाजार दर से बहुत कम मुआवजा मिलेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जमीन की दरें काफी अधिक हैं, जिससे किसानों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है। चौधरी ने यह भी बताया कि रीजनल पार्क की योजना सामने आने के बाद से निजी बिल्डर लगातार गांवों में पहुंच रहे हैं और किसानों को लुभाकर उनकी जमीन हड़पने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसान अपनी जमीनों के बचाव के लिए लगातार विरोध कर रहे हैं और यदि जबरन अधिग्रहण हुआ तो वे गांव-गांव जाकर रणनीति तैयार कर एक बड़ा आंदोलन करेंगे। इस दौरान कलेक्ट्रेट पर दर्जनों किसान मौजूद रहे।
- BAGHPAT DESK:- बागपत की रमाला थाना पुलिस और सर्विलांस टीम ने 25 हजार रुपये के इनामी गौकश को गिरफ्तार किया है। आरोपी अरशद को दिल्ली से पकड़ा गया। उस पर गौवध अधिनियम के तहत मामला दर्ज था और वह फरार चल रहा था पुलिस अधीक्षक, बागपत ने अरशद की गिरफ्तारी पर इनाम घोषित किया था। इसके बाद रमाला पुलिस और सर्विलांस टीम ने उसकी तलाश तेज की। मुखबिर की सूचना पर टीम ने दिल्ली के सीलमपुर इलाके से उसे धर दबोचा। गिरफ्तार अभियुक्त अरशद दिल्ली का निवासी है। उस पर बागपत के दोघट थाना में गौवध अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था। इसी मामले में वह वांछित था और उस पर इनाम घोषित किया गया था। थाना प्रभारी बच्चू सिंह ने बताया कि इनामी गौकश के खिलाफ अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।1
- लोकेशन धार मध्य प्रदेश आज कुक्षी में आदिवासी युवा शक्ति के नेतृत्व में संस्कृति परंपरागत ढोल - मांदल लेकर भोंगर्या (भगोरिया) हाट में नाच गाकर हमारे लोगों द्वारा अन्य लोगों को यह संदेश दिया जाता है कि होली का बाजार है खुशियों के दिनों में रिश्तेदार, परिवार पलायन हेतू गए आदिवासी समुदाय गांव से दूर दराज शहरों राज्यों में नौकरी पेशेवर परिवार बाहर निवासरत अपने मूलत पैतृक गांव परिवार के सदस्य रिश्तेदारों एवं ग्रामीण अंचल के साथी होली के पूर्व भोंगर्या हाट में मिलकर सामान की खरीदी कर लाते हैं एवं उसके पश्चात सब मिलकर एक साथ होली का त्योहार मनाया जाता है,,, भोंगर्या होली पाषाण काल अर्थात आदि काल से निहित आदिवासियों का संस्कृति से जुड़ा अभिन्न हिस्सा भी है आदिवासी ढोल, मांदल की थाप के साथ परिवार रिश्तेदार स्माजजनो क्षेत्रवासियों के साथ नाच गाकर भोंगर्या हाट के माध्यम से होली के त्योहार का आगाज करते हैं भोंगर्या हाट यह कुछ दशक नहीं आदि काल से आदिवासी समाज की जो संस्कृति, परम्परा, रीति रिवाजों, वेशभूषा को संजोए हुए हैं उसकी निहित परंपरा चली आ रही हैं उसका हिस्सा हैं आदिवासी समाज प्रतिवर्ष पतझड के उपरांत होली का त्योहार जब पलाश के पेड़ पर रंग बिरंगी किशोड़ी आ जाती हैं यह भी होली के त्योहार और आदिवासी समुदाय जो पेड़ पौधों की पूजा करता आता है इनका गहरा संबंध रहा हैं ऐसे में पलाश के पेड़ के रंग बिरंगे किशोड़ी जो होली के रंग गुलाल का बेहतरीन संदेश लेकर भी आता है आदिवासी समुदाय एवं पेड़ - पौधों का गहरा संबंध होने के कारण आदिवासी पेड़ पौधों का संरक्षण निरंतर करते आ रहा है एवं होली दहन से एक माह पूर्व गांव के तड़वी, पटेल, चौकीदार गांवों में परम्परागत तिथि अनुसार पूर्णिमा को होली का डांडा गाढ़ते है फसलों के खेत खाली होने के दौरान होली दहन की जाती हैं होलिका दहन से पूर्व अर्थात होली का डांडा गाढ़ने के पश्चात आदिवासी समुदाय में कोई भी शुभ अर्थात मांगलिक उत्सव कार्यक्रम नहीं किए जाते हैं और जयस प्रदेश अध्यक्ष अंतिम मुजाल्दा, सहित कई आदिवासी समाज के लोग पहुंचे1
- Post by न्यूज़ आइकॉन 241
- Post by Ikram khalifa1
- Jahangir puriD block school ke pass Lagi Bhishad Aag1
- न्यूज़: बाहरी उत्तरी रेंज-II (NR-II) क्राइम ब्रांच की टीम ने Delhi Police को बड़ी सफलता दिलाते हुए एक कुख्यात फरार लुटेरे को गिरफ्तार किया है। आरोपी दो जघन्य लूट के मामलों में घोषित भगोड़ा था, जबकि एक अन्य मामले में उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) भी जारी था। पुलिस के मुताबिक आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। सटीक तकनीकी निगरानी और जमीनी खुफिया सूचना के आधार पर टीम ने उसे दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके से दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपी थाना भलस्वा डेयरी, जहांगीरपुरी और मुखर्जी नगर थाना क्षेत्रों में वांछित था। उस पर लूट और आर्म्स एक्ट सहित कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिससे वह एक आदतन अपराधी के रूप में चिन्हित किया गया था। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर उसके अन्य आपराधिक नेटवर्क और वारदातों के बारे में जानकारी जुटा रही है।1
- "नई दिल्ली के समयपुर बादली इलाके से बेहद दुखद खबर। आज यहां एक महिला और उसके तीन मासूम बच्चों की हत्या कर दी गई। पुलिस ने मौके पर जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश जारी है। स्थानीय लोग इस घटना से स्तब्ध हैं और इलाके में सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। जैसे ही पुलिस की ओर से नई जानकारी आएगी, हम आपको तुरंत अपडेट देंगे।1
- BAGHPAT DESK:- बागपत के दोघट कस्बे में रविवार देर रात चार संदिग्ध युवक हथियारों के साथ घूमते हुए सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए। इस घटना के तीन दिन बाद भी कोई कार्रवाई न होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। पुलिस ने मामले की जांच जारी होने और जल्द खुलासे की बात कही है। स्थानीय निवासियों ने डायल 112 पर इसकी सूचना दी। सूचना मिलने पर डायल 112 और थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक संदिग्ध युवक जंगल की ओर गांव से बाहर निकल चुके थे। कुछ ग्रामीणों ने इन युवकों को रोकने का प्रयास भी किया, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला, बल्कि युवकों ने 'शांत रहो' कहकर उन्हें चुप करा दिया। संदिग्ध युवकों के कस्बे में घूमने का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। दोघट थाना प्रभारी सूर्यदीप सिंह ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज निकलवाकर मामले की जांच-पड़ताल की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही इस घटना का खुलासा किया जाएगा।यह घटना रविवार रात करीब एक से डेढ़ बजे के बीच दोघट कस्बे की पट्टी शोरा में हुई। सीसीटीवी फुटेज में चारों युवक गली के नुक्कड़ और घरों में झांकते हुए दिखाई दे रहे हैं। इनमें से दो युवकों के हाथों में अवैध हथियार भी स्पष्ट दिख रहे हैं।1