हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के चेयरमैन मीरवाइज उमर फारूक ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस को उनके चुनावी वादे की याद दिलाई है। मीरवाइज ने जोर देकर कहा कि लोगों ने अनुच्छेद 370 और 35A की पूर्ण बहाली की उम्मीद के साथ नेशनल कॉन्फ्रेंस को वोट दिया था। एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जनता का जनादेश केवल शासन के लिए नहीं, बल्कि राज्य की राजनीतिक पहचान और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए भी था। उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेतृत्व से आग्रह किया कि वे विधानसभा चुनावों के दौरान किए गए वादों पर अडिग रहें और संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक माध्यमों से अनुच्छेद 370 और 35A की बहाली की मांग जारी रखें। मीरवाइज ने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि लोगों ने पूर्ण बहाली के लिए वोट दिया है और चुनावी वादों को भुलाया नहीं जाना चाहिए। गौरतलब है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने अपने 2024 के चुनावी घोषणापत्र में जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे की बहाली के लिए काम करने और पूर्ण राज्य का दर्जा वापस पाने का संकल्प लिया था। यह बयान उस राजनीतिक बहस के बीच आया है जो अगस्त 2019 में हुए संवैधानिक बदलावों के बाद से जारी है, जब अनुच्छेद 370 और 35A को हटाकर पूर्व राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में पुनर्गठित कर दिया गया था।
हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के चेयरमैन मीरवाइज उमर फारूक ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस को उनके चुनावी वादे की याद दिलाई है। मीरवाइज ने जोर देकर कहा कि लोगों ने अनुच्छेद 370 और 35A की पूर्ण बहाली की उम्मीद के साथ नेशनल कॉन्फ्रेंस को वोट दिया था। एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जनता का जनादेश केवल शासन के लिए नहीं, बल्कि राज्य की राजनीतिक पहचान और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए भी था। उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेतृत्व से आग्रह किया कि वे विधानसभा चुनावों के दौरान किए गए वादों पर अडिग रहें और संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक माध्यमों से अनुच्छेद 370 और 35A की बहाली की मांग जारी रखें। मीरवाइज ने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि लोगों ने पूर्ण बहाली के लिए वोट दिया है और चुनावी वादों को भुलाया नहीं जाना चाहिए। गौरतलब है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने अपने 2024 के चुनावी घोषणापत्र में जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे की बहाली के लिए काम करने और पूर्ण राज्य का दर्जा वापस पाने का संकल्प लिया था। यह बयान उस राजनीतिक बहस के बीच आया है जो अगस्त 2019 में हुए संवैधानिक बदलावों के बाद से जारी है, जब अनुच्छेद 370 और 35A को हटाकर पूर्व राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में पुनर्गठित कर दिया गया था।
- जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और स्वास्थ्य एवं शिक्षा मंत्री सकीना इतू ने श्रीनगर के एसकेआईसीसी में आयोजित एक कार्यक्रम में न्यू ड्रीम लैंड एजुकेशनल इंस्टीट्यूट की छात्रा लोन जैनब-उल-निसा को सम्मानित किया है। लोन जैनब-उल-निसा गांदरबल के बीहामा स्थित न्यू ड्रीम लैंड एजुकेशनल इंस्टीट्यूट की छात्रा हैं। इस सम्मान समारोह के दौरान मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य एवं शिक्षा मंत्री के साथ कई अन्य गणमान्य लोग भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।1
- ईश्वर का भय मनुष्य को सीधे और सही रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित करता है। यह श्रद्धा ही इंसान को सदाचार और नेक राह पर कायम रखती है।1
- Post by NEELAMSINGH1
- जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ से बड़ी खबर है कि आगामी 15 जुलाई से श्री मचैल माता धाम के कपाट बंद होने जा रहे हैं। इसके बाद, भक्तों के लिए आस्था का महापर्व कही जाने वाली 'श्री मचैल माता यात्रा' का शुभारंभ 25 जुलाई 2026 से होगा। भक्ति, विश्वास और जयकारों के बीच एक बार फिर "जय माता दी!" का जयघोष गूंजेगा। इस पावन यात्रा की तैयारी कर रहे सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएँ दी गई हैं।1
- हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के चौराहा उपमंडल में भालुओं का भारी आतंक फैला हुआ है। सलोनी और सलोनी के ऊपर स्थित माला अपना गांव में भालुओं की बढ़ती आवाजाही और सक्रियता ने स्थानीय निवासियों के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया है।1
- कांगड़ा जिले के नूरपुर में आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सुदर्शन शर्मा ने दावा किया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की कार्यशैली से प्रदेश की जनता संतुष्ट है। इसी सकारात्मक माहौल के दम पर वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सरकार दोबारा सत्ता में वापसी करेगी। प्रेसवार्ता में सुदर्शन शर्मा ने संगठन और स्थानीय नेतृत्व पर गंभीर सवाल भी उठाए। उन्होंने कहा कि नूरपुर ब्लॉक कांग्रेस की कार्यकारिणी का अभी तक विस्तार नहीं हो पाया है, जिससे कार्यकर्ताओं में उत्सुकता के साथ-साथ चिंता का माहौल है। उन्होंने संगठन को और अधिक मजबूत करने तथा कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके अलावा, उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह की पुण्यतिथि का जिक्र करते हुए कहा कि पूरे प्रदेश के 67 विधानसभा क्षेत्रों में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई, लेकिन नूरपुर एकमात्र ऐसा विधानसभा क्षेत्र रहा जहां के स्थानीय नेतृत्व ने उन्हें श्रद्धांजलि देना उचित नहीं समझा, जो कि बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। नूरपुर के विकास कार्यों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू पूरे प्रदेश को समान दृष्टि से देखते हैं और वे नूरपुर के विकास के प्रति गंभीर हैं। लेकिन असली चिंता की बात यह है कि स्थानीय नेतृत्व नूरपुर की समस्याओं और आवश्यकताओं को सरकार के समक्ष कितनी प्रभावी ढंग से रख पा रहा है। वहीं, नूरपुर के राजनीतिक भविष्य को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने इसे अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर का विषय बताते हुए कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि इस संबंध में प्रदेश कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व ही बेहतर जवाब दे सकता है।1
- जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर के सांसद आगा रुहुल्लाह ने नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के नेतृत्व पर भाजपा के नैरेटिव पर चलने का गंभीर आरोप लगाया है। इसके साथ ही उन्होंने राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर होने वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया है। इस प्रदर्शन में शामिल न होने के बारे में सांसद ने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें न तो आमंत्रित किया गया था और न ही उनकी वहां कोई आवश्यकता थी। श्रीनगर के सांसद आगा रुहुल्लाह ने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट करते हुए कहा है कि उनका पूरा ध्यान राज्य के दर्जे के अभियान के बजाय अनुच्छेद 370 (Article 370) पर केंद्रित बना हुआ है।1
- स्टिंग क्लासिक किक (STING Classic Kick) का केवल एक घूंट लेते ही पल भर में शरीर में जोश छा जाता है। इसके साथ ही यह सवाल भी पूछा गया है कि क्या आपने भी आज अपनी क्लासिक किक ली है। ऊर्जा से भरपूर यह एनर्जी बूस्ट इस समय लगातार ट्रेंडिंग में बना हुआ है।1
- हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में स्थित हरोली कॉलेज के 14 करोड़ रुपये की लागत से बने नए भवन का लोकार्पण कर दिया गया है। इस नए भवन के लोकार्पण के साथ ही कॉलेज में अगले सत्र से एमएससी और लॉ की पढ़ाई शुरू कर दी जाएगी।1