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मुंगेर के मधु मर्डर केस में बड़ा खुलासा हुआ है, जहां सुसाइड की बनाई गई कहानी पूरी तरह झूठी साबित हुई है। इस मामले में असलियत सामने आई है कि मधु की मौत आत्महत्या से नहीं हुई, बल्कि उसके दारोगा पति ने ही उसे गोली मारी थी।
Kumar Mithun
मुंगेर के मधु मर्डर केस में बड़ा खुलासा हुआ है, जहां सुसाइड की बनाई गई कहानी पूरी तरह झूठी साबित हुई है। इस मामले में असलियत सामने आई है कि मधु की मौत आत्महत्या से नहीं हुई, बल्कि उसके दारोगा पति ने ही उसे गोली मारी थी।
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- बिहार के मुंगेर में मधु हत्याकांड का बड़ा खुलासा हुआ है, जहां आत्महत्या की रची गई कहानी बिल्कुल झूठी निकली है। इस मामले में यह साफ हो गया है कि मधु के दारोगा पति ने ही अपनी सर्विस पिस्टल से गोली मारकर उसकी हत्या की थी।1
- बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को खगड़िया में स्वीकृत मेडिकल कॉलेज के निर्माण का मुद्दा एक बार फिर गूंजा। सदर विधायक बबलू कुमार मंडल ने विधानसभा में इस महत्वपूर्ण विषय को उठाते हुए मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू कराने की मांग की। उन्होंने सदन का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज के लिए संसारपुर में जमीन चिह्नित कर संबंधित विभाग को भेजी जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। निर्माण में हो रही इस देरी का सीधा असर जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है। विधायक ने खगड़िया की विशिष्ट भौगोलिक स्थिति का हवाला देते हुए बताया कि यह जिला सात नदियों से घिरा हुआ है। सुदूर ग्रामीण और दियारा क्षेत्रों के मरीजों को जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल पहुंचने में ही काफी कठिनाई होती है। ऐसे में गंभीर स्थिति या दुर्घटना के शिकार मरीजों को पटना, भागलपुर या अन्य बड़े शहरों में रेफर करना पड़ता है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों की परेशानी कई गुना बढ़ जाती है। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बाहर जाकर इलाज कराना बेहद मुश्किल हो जाता है और समय पर चिकित्सा न मिलने से संकट खड़ा हो जाता है। उन्होंने आगे कहा कि सड़क और रेल मार्ग से बेहतर कनेक्टिविटी होने के कारण खगड़िया का यह मेडिकल कॉलेज सहरसा, मधेपुरा, दरभंगा, बेगूसराय, भागलपुर और मुंगेर जैसे पड़ोसी जिलों के मरीजों के लिए भी बेहद लाभकारी साबित होगा। इसके निर्माण से जहां अन्य सरकारी अस्पतालों पर मरीजों का दबाव कम होगा, वहीं फरकिया क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में नई क्रांति आएगी। इससे स्थानीय युवाओं को शिक्षा और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। विधायक ने सरकार और संबंधित विभाग से आग्रह किया कि इस वर्षों पुरानी मांग को पूरा करने के लिए संसारपुर में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के निर्माण की प्रक्रिया को तेज कर जल्द काम शुरू कराया जाए।1
- खगड़िया के गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल में मंगलवार को मातृत्व सुरक्षा योजना के तहत एएनसी जांच शिविर का आयोजन किया गया। सुबह 10:00 बजे से शाम 3:00 बजे तक चले इस शिविर में कुल 103 गर्भवती महिलाओं की विस्तृत स्वास्थ्य जांच की गई। यह पूरा आयोजन प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर चंद्र प्रकाश के नेतृत्व और डॉक्टर चंद्रभानु कुमार चौधरी एवं महिला डॉक्टर शोभा रानी की देखरेख में संपन्न हुआ। शिविर के दौरान महिलाओं का ब्लड प्रेशर, ब्लड ग्रुप, हीमोग्लोबिन, ब्लड शुगर, एचआईवी, अल्ट्रासाउंड और सीबीसी टेस्ट किया गया। इसके साथ ही उनकी लंबाई और वजन भी मापा गया। डॉक्टरों ने गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव दिए और गर्भावस्था के दौरान हीमोग्लोबिन का स्तर सामान्य बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। महिलाओं को फल और चुकंदर जैसे आहार के साथ-साथ पत्तेदार हरी सब्जियां, साग और ओआरएस के घोल का सेवन करने की सलाह दी गई। इस जांच अभियान में डॉक्टर विजय कुमार, महिला डॉक्टर शोभा रानी, टेक्नीशियन सुधीर पाठक, मोहम्मद साबिर और आशीष रंजन ने सहयोग दिया। इसके अतिरिक्त, शिविर में एएनएम संगीता कुमारी, रीता कुमारी, रजनी कुमारी, रंजू कुमारी, रिंकू कुमारी सहित कई आशा कार्यकर्ता और ममता भी उपस्थित रहीं।1
- बिहार के खगड़िया जिले में बहुत मेहनत करके मोम, चाय और बर्गर बनाने का काम करने वाले एक शख्स का काम-धंधा नहीं चल रहा है। दिन-रात कड़ा परिश्रम करने के बावजूद काम-धाम नहीं चलने की वजह से वह बेहद परेशान है और सच में हमेशा चिंता में डूबा रहता है।1
- जंतर मंतर पर छात्रों और युवाओं का जुटान हुआ, जिसके बाद वे संसद भवन के लिए निकल पड़े। इस दौरान वहां क्या हुआ और इस पर दीपक ने क्या कहा, इसकी जानकारी सामने आई है। यह रिपोर्ट जगदूत न्यूज एजेंसी द्वारा दी गई है।1
- खगड़िया जिले के बच्चा पंचायत वार्ड नंबर 6 में सड़क पर गड्ढे होने के कारण स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश होने पर इन गड्ढों में पानी जमा हो जाता है, जिससे पूरी सड़क पर कीचड़ ही कीचड़ फैल जाता है। इस बदहाल स्थिति को देखते हुए जिम्मेदार लोगों से पुरजोर निवेदन किया गया है कि इस रोड को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए और जल निकासी के लिए उचित साधन की व्यवस्था की जाए।4
- सदन में नल-जल योजना के संचालन और व्यवस्था को लेकर विपक्षी दल के नेता ने सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। विपक्षी नेता ने मांग की है कि इस योजना की पूरी जिम्मेदारी वार्ड सदस्यों को सौंपी जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि नल-जल योजना के नाम पर करीब ₹200 करोड़ पानी की तरह बहाए जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद जमीनी हकीकत यह है कि कई इलाकों में लोगों को नियमित रूप से शुद्ध पेयजल भी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। विपक्षी नेता ने सुझाव दिया कि यदि योजना के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी सीधे वार्ड सदस्यों को दी जाए और इसके लिए आवश्यक राशि उपलब्ध कराई जाए, तो स्थानीय स्तर पर पानी की व्यवस्था अधिक बेहतर तरीके से सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने तर्क दिया कि वार्ड सदस्य अपने क्षेत्र की समस्याओं से सीधे जुड़े होते हैं और उन्हें इस बात की सटीक जानकारी होती है कि किस मोहल्ले या टोले में पानी की सबसे अधिक आवश्यकता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि योजना की राशि के खर्च और जमीनी स्तर पर इसके लाभों की समीक्षा की जाए, तथा योजना में पारदर्शिता व जवाबदेही तय करते हुए वार्ड सदस्यों की भूमिका को बढ़ाया जाए। इस मुद्दे पर सदन में काफी देर तक चर्चा हुई और विपक्ष ने सरकार से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की।1
- मुंगेर की 9 पंचायतों में एक साथ सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। इस विशेष शिविर के दौरान डीसीएलआर (भूमि सुधार उप समाहर्ता) और बीडीओ (प्रखंड विकास पदाधिकारी) ने खुद मौजूद रहकर ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं को सुना।1