सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) डॉ.अरविंद राजभर राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव आज जनपद सुल्तानपुर आगमन पर सुभासपा जिला अध्यक्ष अमेठी सतीश मिश्रा ने अंगवस्त्र भेट कर हार्दिक व सुनहरी ढेर सारी शुभकामनाएं दी। इस दौरान डॉ.अरविंद राजभर ने कहा कि आप लोगो का स्नेह पाकर मन अत्यन्त प्रसन्नता से झूम उठा है और मिश्रा जी आप की जितनी प्रशंसा किया जाए उतनी ही कम है और जनपद के सर्वांगीण विकास पर व्यापक चर्चा हुई। सुभासपा जिला अध्यक्ष ने बताया कि इस बार चुनाव में शतप्रतिशत रिजल्ट देने का काम करूंगा और इस अवसर पर सैकड़ों कार्यकर्ता जनता जनार्दन उपस्थिति रहे। इस अवसर पर सुभासपा जिलाध्यक्ष अमेठी सतीश मिश्रा,आईटी सेल जिलाध्यक्ष दुर्गेश कुमार पाण्डेय,युवा जिलाध्यक्ष ऋषभ सिंह, पवन,शिवम्,अंकुर, जितेंद्र, राजेंद्र,अफाक, विनोद,आदर्श त्रिपाठी,ऋषभ,प्रवीण, अफजल, अमीर,प्रमोद,आनंद शुक्ला एवं सैकड़ों की तादात में कार्यकर्ता समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) डॉ.अरविंद राजभर राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव आज जनपद सुल्तानपुर आगमन पर सुभासपा जिला अध्यक्ष अमेठी सतीश मिश्रा ने अंगवस्त्र भेट कर हार्दिक व सुनहरी ढेर सारी शुभकामनाएं दी। इस दौरान डॉ.अरविंद राजभर ने कहा कि आप लोगो का स्नेह पाकर मन अत्यन्त प्रसन्नता से झूम उठा है और मिश्रा जी आप की जितनी प्रशंसा किया जाए उतनी ही कम है और जनपद के
सर्वांगीण विकास पर व्यापक चर्चा हुई। सुभासपा जिला अध्यक्ष ने बताया कि इस बार चुनाव में शतप्रतिशत रिजल्ट देने का काम करूंगा और इस अवसर पर सैकड़ों कार्यकर्ता जनता जनार्दन उपस्थिति रहे। इस अवसर पर सुभासपा जिलाध्यक्ष अमेठी सतीश मिश्रा,आईटी सेल जिलाध्यक्ष दुर्गेश कुमार पाण्डेय,युवा जिलाध्यक्ष ऋषभ सिंह, पवन,शिवम्,अंकुर, जितेंद्र, राजेंद्र,अफाक, विनोद,आदर्श त्रिपाठी,ऋषभ,प्रवीण, अफजल, अमीर,प्रमोद,आनंद शुक्ला एवं सैकड़ों की तादात में कार्यकर्ता समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
- जीते पदाधिकारियों के बधाई का सिलसिला दिन भर चला1
- अब हार्ट अटैक का इलाज महंगा नहीं रहा। यूपी की योगी सरकार दे रही है 40,000 वाला इंजेक्शन बिल्कुल FREE! यह वही लाइफसेविंग इंजेक्शन है जिसकी मार्केट कीमत 40,000 से 50,000 तक होती है !1
- जम्मू कश्मीर मे श्री माता वैष्णों देवी कॉलेज की मान्यता रद्द होने के बाद भड़के शिवसेना के नेता , शिवसेना का कहना हम चाहते थे कि " हमारी बच्चे डॉक्टर बने और देश का नाम रोशन करे लेकिन केंद्र सरकार ने मेडिकल कॉलेज की मान्यता रद्द करके हमारे बच्चों का भविष्य बर्बाद किया है ", प्रधानमंत्री जिस मेडिकल कॉलेज को तोहफा बता रहे थे आज उस तोहफ़े को हमसे छीन लिया ,1
- मनोरामा के किनारे कुमारी सम्मय माई के प्राचीनतम स्थान के पास शिवराजपुर गौशाला निर्माण4
- Post by Raj Rathor1
- Pramod Kumar Goswami. 09/01/20261
- आप अपनी sir फार्म यदि जमा किया है तो जाकर निर्वाचन आयोग के साइड पर चेक करें1
- समर्थक बृजेन्द्र कुमार #SherlynChopra #PanchayatChunav2026 #ग्रामप्रधान2026 #mauaima__प्रयागराज #अफजल #पूरेलीला #brijendrapatil #brijendrapatel #UPPanchayatElection #mauaima #brijendrakumar #DhruvRathee #Chamatkar #parati #pardhan #2026pardan #PhotoEditingChallenge #pardhanichunav #PardhanJi1
- झोलाछाप डाक्टर की लापरवाही के कारण हुई युवक की मौत, बिना पंजीयन चल रहा चंद्रापाली क्लीनिक सील। संवाददाता पंकज कुमार आलापुर अम्बेडकर नगर। अम्बेडकर नगर जिले के राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र में राजेसुल्तानपुर बाजार में झोलाछाप चिकित्सक की घोर लापरवाही के चलते एक और व्यक्ति को अपनी जान गंवानी पड़ी। बिना पंजीयन संचालित हो रहे चंद्रा पाली क्लीनिक में गलत इलाज के कारण ट्रक चालक की मौत हो गई।बीती गुरुवार की रात इटावा जनपद के भरथना तहसील क्षेत्र निवासी ट्रक चालक राम राकेश यादव (55 वर्ष) पुत्र रामस्वरूप की तबीयत अचानक खराब हो गई। वह अपना वाहन खड़ा कर इलाज के लिए राजेसुल्तानपुर बाजार स्थित चंद्रा पाली क्लीनिक पहुंचा। आरोप है कि क्लीनिक संचालक झोलाछाप चिकित्सक ने मरीज को गलत इंजेक्शन लगा दिया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही राजेसुल्तानपुर पुलिस मौके पर पहुंची और मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए शव विच्छेदन गृह भेज दिया। मामले की शिकायतों के बाद जहांगीरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. उदयचंद यादव स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पुलिस की मौजूदगी में बिना पंजीयन चल रहे अस्पताल को सील कर दिया।बताया जा रहा है कि ट्रक चालक की मौत के बाद क्लीनिक संचालक रात में ही फरार हो गया। पुलिस अब तक तहरीर मिलने का इंतजार कर रही है, जबकि आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही भी ऐसी घटनाओं के लिए कम जिम्मेदार नहीं है। जनपद में झोलाछाप चिकित्सकों पर कार्रवाई कभी-कभार ही होती है और वह भी सिर्फ अस्पताल सील करने तक सीमित रह जाती है। मुकदमा दर्ज कराने में महीनों लग जाते हैं, जिससे आरोपी दूसरे स्थान पर दोबारा अपना अवैध संचालन शुरू कर देते हैं। जांच और कार्रवाई का सिलसिला सील के बाद भी अधर में लटका रहता है, जिससे ऐसी मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।3