सिरहा नारायणी नदी तट किनारे स्थित आदिशक्ति मंदिर परिसर में शिक्षक अमरेंद्र कुमार कुशवाहा और सुमन देवी द्वारा आयोजित भागवत कथा कार्यक्रम का आज चौथा दिन रहा। इस अवसर पर संत सुदर्शनाचार्य जी महाराज ने उपस्थित भक्तों को सताए जाने के पाप के विषय में विस्तार से समझाया और श्रीमद् भागवत कथा के दसवें भाग का श्रवण कराया। शिक्षिका शर्मिला सिन्हा ने पंचायत के पुरुष वर्ग से भागवत कथा में सक्रिय रूप से भाग लेने और महिलाओं से अपने पति परमेश्वर के साथ कथा सुनकर जीवन का उद्धार करने का अनुरोध किया। संत सुदर्शनाचार्य जी महाराज ने अपने प्रवचन में बताया कि जिस घर में नारी का अपमान किया जाता है, उसे सताया जाता है, जिस पुरुष द्वारा अपनी अर्धांगिनी को बिना वजह मारा-पीटा जाता है, या जिस व्यक्ति द्वारा अपनी बहू की हत्या की जाती है, और जिन सास-ससुर द्वारा बहू को अमुक सामान न लाने के लिए प्रताड़ित किया जाता है, ऐसे लोगों को परमेश्वर द्वारा बहुत कठोर दंड दिया जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी विचारधारा वाले पुरुषों, सास-ससुर और ननदों को भगवान द्वारा मानव तन से निकलने वाले मैले की नदी में डाल दिया जाता है, जिसके बाद उन्हें कई जन्मों तक नरक भोगने के लिए छोड़ दिया जाता है। इसलिए, बिना वजह नारी को सताना या प्रताड़ित करना नहीं चाहिए। आज सुदर्शनाचार्य जी महाराज ने भागवत कथा के दसवें अध्याय से भगवान श्री कृष्ण के जन्म का वृतांत श्रोताओं को सुनाया। उन्होंने बताया कि जब देवकी और वासुदेव का विवाह हो रहा था, तो राजा कंस ने अपनी बहन की डोली को कंधे पर रखकर विदा करने की बात कही। तभी अचानक आकाशवाणी हुई कि जिस बहन की डोली को वह विदा कर रहा है, उसकी आठवीं संतान ही कंस का वध करेगी। यह सुनकर कंस ने देवकी और वासुदेव को कारागार में डाल दिया। देवकी और वासुदेव ने एक-एक करके सात संतानों को जन्म दिया, जिन्हें कंस ने मौत के घाट उतार दिया। जब आठवीं संतान के रूप में स्वयं भगवान के आने का समय आया, तो कारागार के सभी पहरेदार सो गए। भगवान प्रकट हुए और उन्होंने अपने माता-पिता को रहस्य बताते हुए कहा कि माता यशोदा के गर्भ से एक कन्या का जन्म हुआ है, उन्हें वहाँ पहुँचा दिया जाए और उस कन्या को यहाँ ले आया जाए। भगवान के निर्देशानुसार, वासुदेव ने कृष्ण को एक टोकरी में रखकर चलना शुरू किया तो कारागार के सभी द्वार अपने आप खुलते चले गए। वे यशोदा मैया के घर पहुँचे, जहाँ यशोदा सोई हुई थीं। उन्होंने कृष्ण को वहाँ रख दिया और वहाँ की बालिका को लेकर वापस कारागार आ गए। सभी द्वार अपने आप बंद हो गए, और फिर पहरेदारों की नींद खुली। बच्ची के रोने की आवाज सुनकर पहरेदारों ने राजा कंस को सूचना दी। कंस आया, अपनी बहन देवकी के हाथों से बच्ची को छीनकर जैसे ही पत्थर पर पटककर उसकी हत्या करनी चाही, वह बच्ची उसके हाथ से छूट गई और आकाश मार्ग में जाते हुए बोली, “हे कंस! तुम्हारी मृत्यु निश्चित है। तुम्हें मृत्युदंड देने वाले धरती पर पैदा हो चुके हैं।” यह कहकर वह बालिका अंतर्ध्यान हो गई। श्रोताओं ने बड़े ही श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ भागवत कथा का श्रवण किया। आज के कार्यक्रम में सिरहा पंचायत के पूर्व मुखिया श्रीमती शकुंतला देवी उर्फ जगदंबा के पति श्री विनोद प्रसाद कुशवाहा, श्री सत्यनारायण प्रसाद कुशवाहा, श्री श्याम नारायण प्रसाद कुशवाहा, श्री खेदूराउत, गोवर्धन प्रसाद कुशवाहा, दशरथ प्रसाद कुशवाहा, शिक्षक श्री जय किशोर शाह, श्री गजाधर पासवान, तथा भागवत कथा के आयोजक शिक्षक श्री अमरेंद्र कुमार कुशवाहा, उनकी अर्धांगिनी श्रीमती सुमन देवी और उनकी पुत्री ने सहर्ष भाग लिया। वहीं, श्री जगन्नाथ राउत की पत्नी ने दैनिक सिरहा टाइम्स को वीडियो क्लिप में बताया कि उनके पंचायत में पुरुष वर्ग की संख्या बहुत कम दिखाई दे रही है, जबकि महिलाओं की संख्या अधिक है। उन्होंने पुरुष वर्ग से अनुरोध किया कि वे भागवत कथा का श्रवण करने अवश्य आएं, जिससे उनके जीवन का उद्धार होगा। यह कार्यक्रम सिरहाकोठी में 29 मई 2026 को आयोजित किया गया।
सिरहा नारायणी नदी तट किनारे स्थित आदिशक्ति मंदिर परिसर में शिक्षक अमरेंद्र कुमार कुशवाहा और सुमन देवी द्वारा आयोजित भागवत कथा कार्यक्रम का आज चौथा दिन रहा। इस अवसर पर संत सुदर्शनाचार्य जी महाराज ने उपस्थित भक्तों को सताए जाने के पाप के विषय में विस्तार से समझाया और श्रीमद् भागवत कथा के दसवें भाग का श्रवण कराया। शिक्षिका शर्मिला सिन्हा ने पंचायत के पुरुष वर्ग से भागवत कथा में सक्रिय रूप से भाग लेने और महिलाओं से अपने पति परमेश्वर के साथ कथा सुनकर जीवन का उद्धार करने का अनुरोध किया। संत सुदर्शनाचार्य जी महाराज ने अपने प्रवचन में बताया कि जिस घर में नारी का अपमान किया जाता है, उसे सताया जाता है, जिस पुरुष द्वारा अपनी अर्धांगिनी को बिना वजह मारा-पीटा जाता है, या जिस व्यक्ति द्वारा अपनी बहू की हत्या की जाती है, और जिन सास-ससुर द्वारा बहू को अमुक सामान न लाने के लिए प्रताड़ित किया जाता है, ऐसे लोगों को परमेश्वर द्वारा बहुत कठोर दंड दिया जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी विचारधारा वाले पुरुषों, सास-ससुर और ननदों को भगवान द्वारा मानव तन से निकलने वाले मैले की नदी में डाल दिया जाता है, जिसके बाद उन्हें कई जन्मों तक नरक भोगने के लिए छोड़ दिया जाता है। इसलिए, बिना वजह नारी को सताना या प्रताड़ित करना नहीं चाहिए। आज सुदर्शनाचार्य जी महाराज ने भागवत कथा के दसवें अध्याय से भगवान श्री कृष्ण के जन्म का वृतांत श्रोताओं को सुनाया। उन्होंने बताया कि जब देवकी और वासुदेव का विवाह हो रहा था, तो राजा कंस ने अपनी बहन की डोली को कंधे पर रखकर विदा करने की बात कही। तभी अचानक आकाशवाणी हुई कि जिस बहन की डोली को वह विदा कर रहा है, उसकी आठवीं संतान ही कंस का वध करेगी। यह सुनकर कंस ने देवकी और वासुदेव को कारागार में डाल दिया। देवकी और वासुदेव ने एक-एक करके सात संतानों को जन्म दिया, जिन्हें कंस ने मौत के घाट उतार दिया। जब आठवीं संतान के रूप में स्वयं भगवान के आने का समय आया, तो कारागार के सभी पहरेदार सो गए। भगवान प्रकट हुए और उन्होंने अपने माता-पिता को रहस्य बताते हुए कहा कि माता यशोदा के गर्भ से एक कन्या का जन्म हुआ है, उन्हें वहाँ पहुँचा दिया जाए और उस कन्या को यहाँ ले आया जाए। भगवान के निर्देशानुसार, वासुदेव ने कृष्ण को एक टोकरी में रखकर चलना शुरू किया तो कारागार के सभी द्वार अपने आप खुलते चले गए। वे यशोदा मैया के घर पहुँचे, जहाँ यशोदा सोई हुई थीं। उन्होंने कृष्ण को वहाँ रख दिया और वहाँ की बालिका को लेकर वापस कारागार आ गए। सभी द्वार अपने आप बंद हो गए, और फिर पहरेदारों की नींद खुली। बच्ची के रोने की आवाज सुनकर पहरेदारों ने राजा कंस को सूचना दी। कंस आया, अपनी बहन देवकी के हाथों से बच्ची को छीनकर जैसे ही पत्थर पर पटककर उसकी हत्या करनी चाही, वह बच्ची उसके हाथ से छूट गई और आकाश मार्ग में जाते हुए बोली, “हे कंस! तुम्हारी मृत्यु निश्चित है। तुम्हें मृत्युदंड देने वाले धरती पर पैदा हो चुके हैं।” यह कहकर वह बालिका अंतर्ध्यान हो गई। श्रोताओं ने बड़े ही श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ भागवत कथा का श्रवण किया। आज के कार्यक्रम में सिरहा पंचायत के पूर्व मुखिया श्रीमती शकुंतला देवी उर्फ जगदंबा के पति श्री विनोद प्रसाद कुशवाहा, श्री सत्यनारायण प्रसाद कुशवाहा, श्री श्याम नारायण प्रसाद कुशवाहा, श्री खेदूराउत, गोवर्धन प्रसाद कुशवाहा, दशरथ प्रसाद कुशवाहा, शिक्षक श्री जय किशोर शाह, श्री गजाधर पासवान, तथा भागवत कथा के आयोजक शिक्षक श्री अमरेंद्र कुमार कुशवाहा, उनकी अर्धांगिनी श्रीमती सुमन देवी और उनकी पुत्री ने सहर्ष भाग लिया। वहीं, श्री जगन्नाथ राउत की पत्नी ने दैनिक सिरहा टाइम्स को वीडियो क्लिप में बताया कि उनके पंचायत में पुरुष वर्ग की संख्या बहुत कम दिखाई दे रही है, जबकि महिलाओं की संख्या अधिक है। उन्होंने पुरुष वर्ग से अनुरोध किया कि वे भागवत कथा का श्रवण करने अवश्य आएं, जिससे उनके जीवन का उद्धार होगा। यह कार्यक्रम सिरहाकोठी में 29 मई 2026 को आयोजित किया गया।
- अमन कुमार ने अपनी पत्नी गुंजन को शिक्षा दिलाने के लिए दिन-रात अथक परिश्रम किया। उन्होंने मजदूरी की और अपनी जमीन तक लगा दी ताकि गुंजन पढ़ाई कर सके। लेकिन, जैसे ही गुंजन BPSC टीचर बनी, वह अमन के प्रति बेवफा हो गई।1
- किसानों ने अपनी मांग रखी है।1
- पूर्वी चंपारण जिले के सुगौली में जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस दौरान करीब डेढ़ दर्जन मामलों की सुनवाई की गई।1
- शिवहर जिले के श्यामपुर भटहा थाना क्षेत्र में बीते दिनों हुई एक दिल दहला देने वाली घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी थी। 28 मई 2026 को मिली सूचना के अनुसार, पहाड़पुर निवासी विशाल कुमार को अज्ञात लोगों द्वारा चाकू मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और मामले की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की। स्थानीय निवासियों और पुलिस की मदद से जख्मी विशाल कुमार को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, लेकिन दुर्भाग्यवश रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद मृतक के भाई रंजय कुमार के बयान पर श्यामपुर भटहा थाना में हत्या का मामला दर्ज किया गया, जिसमें पुलिस ने धारा 126(2), 118(1) और 103(1) बीएनएस 2023 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू की। इस जघन्य अपराध के जल्द खुलासे और दोषियों को सजा दिलाने के उद्देश्य से शिवहर पुलिस अधीक्षक ने एक विशेष अनुसंधान दल (SIT) का गठन किया। इस टीम में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, श्यामपुर भटहा थानाध्यक्ष, डीआईयू और अन्य सहयोगी पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया था। SIT ने मानवीय और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गहन छानबीन की, जिसके परिणामस्वरूप पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या में संलिप्त एक अभियुक्त, पहाड़पुर निवासी प्रिंस कुमार (पिता नंदन पासवान) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के पास से घटना में इस्तेमाल किया गया धारदार चाकू भी बरामद किया है। शिवहर पुलिस द्वारा की गई इस त्वरित कार्रवाई की स्थानीय लोग सराहना कर रहे हैं। पुलिस ने यह स्पष्ट किया है कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ उनका अभियान आगे भी जारी रहेगा। फिलहाल, पुलिस इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है ताकि हत्या के पीछे की असली मंशा का पता लगाया जा सके। जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात है और जनता से भी सहयोग की अपील की गई है।1
- एक वीडियो के वायरल होने की आशंका जताई जा रही है, जिसमें एक बलात्कारी 'मोदी' को अपना भाई बता रहा है। इस व्यक्ति पर कई बलात्कार और हत्याओं को अंजाम देने का गंभीर आरोप है। वीडियो के वायरल होने पर इस बात पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया है कि बलात्कारी द्वारा 'मोदी' को अपना भाई बताए जाने और इतने जघन्य अपराधों में उसकी संलिप्तता के बावजूद 'मोदी' को 'जय' कैसे मिल सकती है।1
- मोतिहारी में जन कल्याण विभाग ने वृद्धाश्रम को बंद कर दिया है। इस बंद के बाद सीधे तौर पर यह सवाल उठाया जा रहा है कि स्थानीय सांसद, विधायक और उद्योगपति कहाँ हैं, और उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया क्यों नहीं आ रही है। साथ ही, यह भी पूछा गया है कि सम्राट चौधरी इस मामले में कब कार्रवाई करेंगे।1
- शिवहर जिले में हुए एक विशाल ह*त्या कां*ड के मामले में शिवहर पुलिस ने एक बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने अपनी तत्परता दिखाते हुए, घटना के महज 12 घंटे के भीतर ही इस ह*त्या के आरोपी को चा*कू समेत गिरफ्तार कर लिया है।1