उत्तर प्रदेश ग्राम रोजगार सेवक संघ की ब्लॉक इकाई पुवारका के बैनर तले शनिवार को ग्राम रोजगार सेवकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सहारनपुर के खंड विकास कार्यालय परिसर में सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक चार सूत्रीय ज्ञापन खंड विकास अधिकारी को सौंपा गया। धरने को संबोधित करते हुए संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के कई ग्राम रोजगार सेवकों का 20 से 36 माह का मानदेय लंबित है, जिससे उन्हें गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार रोजगार सेवकों की समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं दिख रही है। ज्ञापन के माध्यम से रोजगार सेवकों ने तत्काल बकाया मानदेय का भुगतान करने, 4 अक्टूबर 2021 को मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं को लागू करने, 20 वर्ष के अनुभव के आधार पर ग्राम पंचायत अधिकारी भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण देने और जियो टैगिंग कार्य के लिए बेहतर एंड्रॉयड मोबाइल उपलब्ध कराने की मांग रखी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के 'समान कार्य-समान वेतन' सिद्धांत के अनुरूप 24 हजार रुपये मासिक मानदेय और इसके लिए अलग बजट व्यवस्था की भी मांग की। इस प्रदर्शन में ब्लॉक अध्यक्ष तनवीर अहमद सहित अनेक ग्राम रोजगार सेवक उपस्थित रहे।
उत्तर प्रदेश ग्राम रोजगार सेवक संघ की ब्लॉक इकाई पुवारका के बैनर तले शनिवार को ग्राम रोजगार सेवकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सहारनपुर के खंड विकास कार्यालय परिसर में सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक चार सूत्रीय ज्ञापन खंड विकास अधिकारी को सौंपा गया। धरने को संबोधित करते हुए संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के कई ग्राम रोजगार सेवकों का 20 से 36 माह का मानदेय लंबित है, जिससे उन्हें गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार रोजगार सेवकों की समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं दिख रही है। ज्ञापन के माध्यम से रोजगार सेवकों ने तत्काल बकाया मानदेय का भुगतान करने, 4 अक्टूबर 2021 को मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं को लागू करने, 20 वर्ष के अनुभव के आधार पर ग्राम पंचायत अधिकारी भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण देने और जियो टैगिंग कार्य के लिए बेहतर एंड्रॉयड मोबाइल उपलब्ध कराने की मांग रखी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के 'समान कार्य-समान वेतन' सिद्धांत के अनुरूप 24 हजार रुपये मासिक मानदेय और इसके लिए अलग बजट व्यवस्था की भी मांग की। इस प्रदर्शन में ब्लॉक अध्यक्ष तनवीर अहमद सहित अनेक ग्राम रोजगार सेवक उपस्थित रहे।
- सहारनपुर के थाना कुतुबशेर क्षेत्र की हाक्कम शाह कॉलोनी निवासी महबूब खान ने मारपीट के एक मामले में न्याय न मिलने पर मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बावजूद स्थानीय पुलिस ने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया है। महबूब खान के अनुसार, 7 मई को उनके घर के बाहर बच्चों को गालियां देने का विरोध करने पर पड़ोस के कुछ लोगों ने उनके घर में घुसकर परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की और घर में तोड़फोड़ भी की। इस हमले में उनकी गर्भवती पुत्रवधू भी घायल हो गईं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा। पीड़ित ने दावा किया है कि इस घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उन्हें और उनके पुत्र को शांति भंग की धाराओं में चालान कर दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जांच अधिकारी ने वरिष्ठ अधिकारियों को यह गलत जानकारी दी कि मामले में कार्रवाई की जा चुकी है। महबूब खान ने मुख्यमंत्री से इस मामले में निष्पक्ष जांच, आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने के कारण आरोपी लगातार उन पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं।1
- पोस्ट में गोदी मीडिया की कार्यप्रणाली पर तीखा तंज़ कसा गया है, जिसमें बताया गया है कि यह किस प्रकार तैयार किया जाता है। इसके साथ ही, यह भी स्पष्ट किया गया है कि अंधभक्तों की अपनी एक अलग ही दुनिया होती है, जो इन सब से परे है।1
- उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित देवबंद इलाके के हासिमपुरा गांव से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ गरीब पट्टेधारकों ने जिला प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके के कुछ दबंग और आपराधिक प्रवृत्ति के लोग उनकी जमीन हड़पने की धमकी दे रहे हैं और मामला रफा-दफा करने के एवज में 25 लाख रुपये की मोटी रंगदारी की माँग कर रहे हैं। पीड़ितों का दावा है कि आरोपियों ने इस वसूली में जिले के आला अधिकारियों, विशेष रूप से DM साहब, का नाम भी घसीट दिया है। सहारनपुर जनपद के थाना देवबंद क्षेत्र के ग्राम हासिमपुरा (देवबंद देहात) के इस मामले में, जिलाधिकारी को सौंपे गए शिकायती पत्र में बताया गया है कि गरीब परिवारों को सरकार द्वारा गुजर-बसर के लिए काश्त की भूमि पट्टे पर दी गई थी। अब गांव के ही उस्मान और साजिद नामक दो व्यक्ति इन पट्टों को निरस्त कराने की धमकी देकर पीड़ितों को परेशान कर रहे हैं। मुख्य आरोपी उस्मान को एक शातिर किस्म का अपराधी बताया गया है, जिस पर बलात्कार, पुलिस से मारपीट, गुंडा एक्ट और SC/ST एक्ट जैसे करीब 10 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं और वह जिला बदर भी रह चुका है। ग्रामीणों के अनुसार, जब उन्होंने विरोध किया तो आरोपी उस्मान ने साफ तौर पर कहा कि उन्हें 25 लाख रुपये दे दो, जिसमें से उन्हें DM साहब को भी पैसा देना है, और वे उनका मामला रफा-दफा करा देंगे। पीड़ितों का कहना है कि उनके पास इस पूरी बातचीत की मोबाइल रिकॉर्डिंग भी मौजूद है। हासिमपुरा के समस्त पट्टेधारकों ने जिलाधिकारी से इन दबंगों के खिलाफ तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई करने और उनकी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है। अब देखना यह होगा कि इस गंभीर शिकायत और प्रशासनिक अधिकारियों के नाम पर मांगी गई रंगदारी के इस मामले पर सहारनपुर प्रशासन क्या एक्शन लेता है।1
- कैपिटल सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल के चौथे स्थापना दिवस के अवसर पर क्षेत्र के पहले अत्याधुनिक PET-CT सेंटर का शिलान्यास किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में ABVMU लखनऊ के कुलपति डॉ. संजीव मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में और भाजपा यमुनानगर के जिला अध्यक्ष राजेश सपरा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इसी अवसर पर, पहले कैपिटल ऑन्कोलॉजी शिखर सम्मेलन का भी आयोजन किया गया, जिसमें देशभर के वरिष्ठ कैंसर विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। डॉ. कुलजिंदर सोढ़ी, डॉ. मनप्रीत कौर जस्सल और डॉ. शालिनी सिंह सहित अन्य विशेषज्ञों ने इस सम्मेलन के माध्यम से कैंसर उपचार और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में नई दिशा प्रदान की।1
- यमुनानगर जिले के जगाधरी स्थित सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल में 14 हरियाणा बटालियन एनसीसी का एक 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है। कमांडिंग ऑफिसर कर्नल पंकज पारीक की कमान में चल रहे इस शिविर में 600 एनसीसी कैडेट्स को बाल संरक्षण प्रहरी के रूप में तैयार किया जाएगा। इसी क्रम में, पॉक्सो एक्ट पर एक कार्यशाला का भी आयोजन किया गया है।1
- हरिद्वार जिले के रुड़की तहसील अंतर्गत आमखेड़ी गांव के निवासियों ने अपने आवागमन के रास्ते की बदहाली को लेकर शिकायत की है। ग्रामीणों का कहना है कि उनका यह रास्ता अत्यधिक गंदा है, जिसके कारण वहां से गुजरना मुश्किल हो जाता है, और विशेषकर बरसात के मौसम में स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि वहां से निकलना बेहद मुश्किल हो जाता है।1
- सहारनपुर के थाना कुतुबशेर क्षेत्र की हाक्कम शाह कॉलोनी निवासी महबूब खान ने पुलिस पर मारपीट के मामले में न्याय न दिलाने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बावजूद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की है। महबूब खान के मुताबिक, 7 मई को उनके घर के बाहर बच्चों को गालियां देने का विरोध करने पर पड़ोसियों ने उनके घर में घुसकर मारपीट की और तोड़फोड़ भी की। इस हमले में उनकी गर्भवती पुत्रवधू भी घायल हो गईं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा। पीड़ित महबूब खान का कहना है कि पुलिस ने आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें और उनके पुत्र को शांति भंग की धाराओं में चालान कर दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जांच अधिकारी ने वरिष्ठ अधिकारियों को गलत जानकारी दी कि कार्रवाई की जा चुकी है। अब, महबूब खान ने मुख्यमंत्री से इस मामले में निष्पक्ष जांच कराने, आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने जोर दिया कि पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न होने के कारण आरोपी लगातार उन पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं।1
- कुरुक्षेत्र में मुख्यमंत्री आवास के पास कांग्रेस पार्टी ने NEET पेपर लीक मामले के विरोध में अपना रोष प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान, सांसद दीपेंद्र हुड्डा पर पानी की बौछारें डाली गईं।1