डिंडौरी के जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत चटुवा में निर्माणाधीन सामुदायिक भवन की छत ढलाई के दौरान हुई दुर्घटना के मामले में कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए हैं। यह नोटिस सहायक यंत्री (आरईएस) श्री बीर सिंह तिलगाम, उपयंत्री (संविदा) श्री फिरोज खान, ग्राम रोजगार सहायक श्री अशोक चंदेल और ग्राम पंचायत चटुवा के सरपंच श्री रामनरेश धुरैया को भेजे गए हैं। घटना 9 जुलाई 2026 की है, जब वित्तीय वर्ष 2024-25 के तहत निर्माणाधीन भवन की छत ढलाई के समय उसका एक हिस्सा गिर गया। इस हादसे में कार्य में लगा एक श्रमिक मलबे में दबकर घायल हो गया, जिसे अन्य श्रमिकों ने अस्पताल पहुंचाया। कलेक्टर ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य के दौरान तकनीकी निरीक्षण, सेंटरिंग और सामग्री की गुणवत्ता का उचित परीक्षण नहीं किया गया। इसे कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही मानते हुए कलेक्टर ने इसे मानव जीवन के साथ खिलवाड़ और शासन को हुई आर्थिक क्षति का मामला बताया है। संबंधितों को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत निर्धारित समय-सीमा में लिखित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है। समय पर संतोषजनक जवाब न मिलने की स्थिति में अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
डिंडौरी के जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत चटुवा में निर्माणाधीन सामुदायिक भवन की छत ढलाई के दौरान हुई दुर्घटना के मामले में कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए हैं। यह नोटिस सहायक यंत्री (आरईएस) श्री बीर सिंह तिलगाम, उपयंत्री (संविदा) श्री फिरोज खान, ग्राम रोजगार सहायक श्री अशोक चंदेल और ग्राम पंचायत चटुवा के सरपंच श्री रामनरेश धुरैया को भेजे गए हैं। घटना 9 जुलाई 2026 की है, जब वित्तीय वर्ष 2024-25 के तहत निर्माणाधीन भवन की छत ढलाई के समय उसका एक हिस्सा गिर गया। इस हादसे में कार्य में लगा
एक श्रमिक मलबे में दबकर घायल हो गया, जिसे अन्य श्रमिकों ने अस्पताल पहुंचाया। कलेक्टर ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य के दौरान तकनीकी निरीक्षण, सेंटरिंग और सामग्री की गुणवत्ता का उचित परीक्षण नहीं किया गया। इसे कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही मानते हुए कलेक्टर ने इसे मानव जीवन के साथ खिलवाड़ और शासन को हुई आर्थिक क्षति का मामला बताया है। संबंधितों को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत निर्धारित समय-सीमा में लिखित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है। समय पर संतोषजनक जवाब न मिलने की स्थिति में अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
- शहडोल जिले के सोहागपुर में सरपंच संघ ने जिला पंचायत सीईओ पर अभद्रता करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस व्यवहार से नाराज सरपंच संघ ने अब सख्त रुख अपनाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। संघ का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया और स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो वे अपनी नाराजगी जाहिर करने के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।1
- मंडला के जिला योजना भवन में आज 'प्रोजेक्ट संकल्प' का शुभारंभ किया गया है। छात्र-छात्राओं के करियर को नई दिशा देने वाली इस सार्थक पहल की शुरुआत लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उईके और सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते की गरिमामयी उपस्थिति में हुई। इस कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन के अधिकारी भी उपस्थित रहे। प्रोजेक्ट संकल्प के इस शुभारंभ से छात्र-छात्राओं का भविष्य उज्ज्वल होगा।1
- अनूपपुर जिला मुख्यालय से 7 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत बरबसपुर के भोलगढ़ जंगल में तीन हाथियों का समूह पिछले आठ दिनों से डेरा डाले हुए है। शनिवार (11/07/2026) को शाम 7:30 बजे ये हाथी मुख्य मार्ग के पास विचरण करते देखे गए। इससे पहले दोपहर में, समूह के एक बड़े नर हाथी ने जंगल के तालाब में पानी पिया और फिर वापस अपने दल में शामिल हो गया। वर्तमान में यह हाथियों का समूह शहडोल-कोतमा-मनेंद्रगढ़ मुख्य मार्ग पर भोलगढ़ गांव के बस स्टैंड और वाटर शेड तालाब के बीच सड़क किनारे जंगल में घूम रहा है। आज रात इन हाथियों के भोलगढ़ और बरबसपुर के विभिन्न टोले-मोहल्लों में पहुंचने की आशंका बनी हुई है। हाथियों के मुख्य मार्ग के बिल्कुल करीब आने पर वन विभाग के गश्ती दल, कोतवाली पुलिस और अनूपपुर यातायात पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से कुछ देर के लिए वाहनों का आवागमन रोक दिया था। हाथियों के सड़क किनारे से दोबारा जंगल की ओर लौट जाने के बाद यातायात को फिर से सुचारू रूप से चालू कर दिया गया। फिलहाल पुलिस और वन विभाग की टीम हाथियों की हर गतिविधि पर लगातार नजर बनाए हुए है।1
- मंडला जिले के कोंडिया ग्राम में जर्जर स्कूल भवन के कारण बच्चों की जान को भारी खतरा बना हुआ था। इस जर्जर भवन में बच्चों के लिए जान का जोखिम देखते हुए स्थानीय ग्रामीणों ने खुद ही कदम उठाया और उस जर्जर इमारत के ठीक सामने ही घास-फूस से एक स्कूल बना डाला।1
- मंडला के ग्राम गौंझी और नर्मदा परिक्रमा पथ पर इंटेक मंडला द्वारा वृक्षारोपण किया गया है। इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों को उन्नत किस्म के फलदार पौधे भी बांटे गए हैं।1
- छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के भोरमदेव अभ्यारण्य में प्रकृति संरक्षण और इको-टूरिज्म को नई पहचान देते हुए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने जंगल सफारी में वन महोत्सव और इको ट्रेल का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, वन विभाग के कर्मचारियों और ग्रामीणों के साथ लगभग 6 किलोमीटर लंबी तेंदुआ दादर इको ट्रेल का भ्रमण कर जंगल की प्राकृतिक सुंदरता, जैव विविधता और रोमांचक वन यात्रा का अनुभव लिया। वन महोत्सव के तहत उप मुख्यमंत्री ने 51 काला आम के पौधों का रोपण किया और बैगा समुदाय के साथ जिले में 50 हजार सीड बॉल रोपण अभियान का शुभारंभ किया। इसके साथ ही उन्होंने ई-रिक्शा को हरी झंडी दिखाकर एक लाख पौधों के वितरण अभियान की भी शुरुआत की। चौपाल कार्यक्रम में उन्होंने बैगा समुदाय के 100 हितग्राहियों को सोलर लालटेन और जैकेट वितरित किए और पर्यावरण संरक्षण, जनभागीदारी व जनकल्याण का संदेश देते हुए अधिक से अधिक वृक्षारोपण एवं वन संरक्षण के लिए प्रेरित किया। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि भोरमदेव अभ्यारण्य में जंगल सफारी शुरू होने के बाद अब पर्यटक जंगल के भीतर जाकर प्रकृति को करीब से महसूस कर सकेंगे। इसके साथ ही आज शुरू हुई लगभग 6 किलोमीटर इको ट्रेल पर्यटकों को घने जंगलों, प्राकृतिक नजारों और वन्य जैव विविधता के बीच एक अलग ही अनुभव देगी।1
- उमरिया जिले के नौरोजाबाद क्षेत्र में एसईसीएल की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहाँ मुख्य मार्ग पर लगी सुरक्षा रेलिंग लंबे समय से टूटी हुई है। यह मार्ग स्थानीय ग्रामीणों, वाहन चालकों और खेर माता मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के आवागमन का मुख्य रास्ता है, जहाँ इस क्षतिग्रस्त रेलिंग के कारण किसी भी समय बड़ा हादसा होने का डर बना हुआ है। स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रेलिंग के टूटे होने से विशेषकर रात के समय वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में कई बार अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई निराकरण नहीं किया गया है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और एसईसीएल प्रबंधन से मांग की है कि किसी बड़ी दुर्घटना के होने से पहले जल्द से जल्द इसकी मरम्मत कराई जाए और सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए।2
- अनूपपुर के वेकटनगर और कदमसरा के बीच मुख्य मार्ग पर बना पुल अपनी बदहाली के कारण बेहद खतरनाक मार्ग में तब्दील हो चुका है। पुल की सतह पर गहरे और चौड़े गड्ढे खाई का रूप ले चुके हैं और जगह-जगह दरारें उभर आई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वेकटनगर और कदमसरा के बीच आवागमन की इस प्रमुख कड़ी से रोजाना हजारों दोपहिया, चारपहिया और भारी वाहन गुजरते हैं, लेकिन सालों से पुल की मरम्मत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। भारी वाहनों की आवाजाही और बारिश के पानी के कारण ये गड्ढे और भी गहरे हो गए हैं, जिससे यहां से गुजरने वाले लोगों की जान हर पल जोखिम में रहती है। मुख्य मार्ग होने की वजह से वाहनों की रफ्तार तेज रहती है और अचानक पुल पर गहरे गड्ढे सामने आने से लगातार हादसे हो रहे हैं। बीते साल राजेंद्रग्राम के दो युवक मोटरसाइकिल से पैजा जा रहे थे, तभी पुल के इसी गड्ढे में बाइक जंप करने से वे नीचे गिर गए और सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण दोनों की जान चली गई। वर्तमान में भी वाहन चालक अचानक ब्रेक लगाते हैं, जिससे पीछे आने वाले वाहनों का संतुलन बिगड़ जाता है और दुर्घटना का खतरा लगातार बना रहता है। ग्रामीणों के अनुसार, यह मार्ग केवल गांवों को ही नहीं जोड़ता, बल्कि स्कूल, अस्पताल, बाजार, आधिकारिक क्षेत्रों के साथ-साथ मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग भी है। स्थानीय व्यापारी लक्ष्मण दूबे और क्षेत्र के लोगों ने बताया कि इस वर्षों पुराने पुल की हालत बेहद जर्जर है और इसमें से लोहे के सरिये बाहर निकल आए हैं। विभागीय अधिकारियों और जिला प्रशासन से बार-बार पुल की मरम्मत कराने की मांग की गई है, लेकिन शासन और प्रशासन की अनदेखी के चलते आज तक इस स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। लोगों ने मांग की है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेकर जल्द से जल्द ब्रिज का मरम्मत कार्य शुरू करवाए ताकि रोजाना सफर करने वाले लोगों को राहत मिल सके।1
- मध्य प्रदेश के मंडला में स्थित कान्हा नेशनल पार्क में इस वर्ष पर्यटकों की रिकॉर्ड आमद दर्ज की गई है। पार्क में आने वाले पर्यटकों की इस भारी संख्या के चलते इस साल करोड़ों रुपये की शानदार आय हुई है। पर्यटकों की इस रिकॉर्ड आमद और भारी कमाई से कान्हा नेशनल पार्क के पिछले सभी पुराने रिकॉर्ड पूरी तरह से टूट चुके हैं।1