प्रयागराज: ज़ीरो पॉवर्टी कैंपेन प्रयागराज में 28,974 परिवारों के लिए एक लाइफलाइन बनकर आया है, जो सबको साथ लेकर चलने वाले विकास की तरफ एक और कदम है। प्रयागराज: ज़ीरो पॉवर्टी कैंपेन प्रयागराज में 28,974 परिवारों के लिए एक लाइफलाइन बनकर आया है, जो सबको साथ लेकर चलने वाले विकास की तरफ एक और कदम है। चीफ डेवलपमेंट ऑफिसर (प्रयागराज) हर्षिका सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे यह पक्का करें कि जिले में पहचाने गए 28,974 परिवारों को सभी सरकारी स्कीमों का फायदा मिले। पहचाने गए परिवारों को आजीविका ग्रुप से जोड़ने का लगभग 84% टारगेट पूरा हो गया है। इसके अलावा, 2,715 ‘सबसे ज़्यादा गरीब परिवारों’ को पक्के घर मिले हैं, और स्किल डेवलपमेंट मिशन के तहत ट्रेनिंग और खुद के रोज़गार के मौके मिले हैं। जिले में हाउसिंग स्कीमों – खासकर प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) और मुख्यमंत्री आवास योजना – का फायदा उन 12,532 परिवारों तक पहुंचाने के लिए ज़रूरी कदम उठाए जा रहे हैं जो ऐसी हाउसिंग मदद से वंचित थे। इसके अलावा, जिले में पहचाने गए 7,293 परिवारों को टॉयलेट की सुविधा दी गई है। 2 अक्टूबर, 2024 को शुरू हुए ‘ज़ीरो पॉवर्टी कैंपेन’ का मकसद हर ग्राम पंचायत (गांव परिषद) में सबसे गरीब परिवारों की पहचान करना और उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए अलग-अलग सरकारी योजनाओं में उन्हें शामिल करने को प्राथमिकता देना है। प्रयागराज में लाइवलीहुड ग्रुप के मिशन मैनेजर शरद कुमार सिंह बताते हैं कि इस कैंपेन के तहत, जिले ने लाइवलीहुड मिशन के तहत 20,018 परिवारों को कवर करने का लक्ष्य रखा है, जिसमें से 84% परिवार अब इस पहल के तहत कवर हो चुके हैं।
प्रयागराज: ज़ीरो पॉवर्टी कैंपेन प्रयागराज में 28,974 परिवारों के लिए एक लाइफलाइन बनकर आया है, जो सबको साथ लेकर चलने वाले विकास की तरफ एक और कदम है। प्रयागराज: ज़ीरो पॉवर्टी कैंपेन प्रयागराज में 28,974 परिवारों के लिए एक लाइफलाइन बनकर आया है, जो सबको साथ लेकर चलने वाले विकास की तरफ एक और कदम है। चीफ डेवलपमेंट ऑफिसर (प्रयागराज) हर्षिका सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे यह पक्का करें कि जिले में पहचाने गए 28,974 परिवारों को सभी सरकारी स्कीमों का फायदा मिले। पहचाने गए परिवारों को आजीविका ग्रुप से जोड़ने का लगभग 84% टारगेट पूरा हो गया है। इसके अलावा, 2,715 ‘सबसे ज़्यादा गरीब परिवारों’ को पक्के घर मिले हैं, और स्किल डेवलपमेंट मिशन के तहत ट्रेनिंग और खुद के रोज़गार के मौके मिले हैं। जिले में हाउसिंग स्कीमों – खासकर प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) और मुख्यमंत्री आवास योजना – का फायदा उन 12,532 परिवारों तक पहुंचाने के लिए ज़रूरी कदम उठाए जा रहे हैं जो ऐसी हाउसिंग मदद से वंचित थे। इसके अलावा, जिले में पहचाने गए 7,293 परिवारों को टॉयलेट की सुविधा दी गई है। 2 अक्टूबर, 2024 को शुरू हुए ‘ज़ीरो पॉवर्टी कैंपेन’ का मकसद हर ग्राम पंचायत (गांव परिषद) में सबसे गरीब परिवारों की पहचान करना और उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए अलग-अलग सरकारी योजनाओं में उन्हें शामिल करने को प्राथमिकता देना है। प्रयागराज में लाइवलीहुड ग्रुप के मिशन मैनेजर शरद कुमार सिंह बताते हैं कि इस कैंपेन के तहत, जिले ने लाइवलीहुड मिशन के तहत 20,018 परिवारों को कवर करने का लक्ष्य रखा है, जिसमें से 84% परिवार अब इस पहल के तहत कवर हो चुके हैं।
- Post by Shiva Pasi1
- प्रयागराज के नैनी में एक महिला से 4 लाख रुपए की ठगी करने पर आरोपी युवक की महिला के द्वारा चप्पलों से पिटाई का एक वीडीओ सामने आया है जो कि सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है बता दें कि वीडियो में महिला द्वारा युवक के ऊपर चप्पलों की बरसात की जा रही है वहीं आसपास के लोगों द्वारा युवक को पुलिस को सौंपने की बात भी कही जा रही है, वहीं अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि वह युवक महिला से किन कारणों से पैसे लिया था जबकि कुछ लोगों का कहना है कि वह महिला की नौकरी लगवाने के नाम पर महिला से 4 लाख रूपए लिए थे और वहीं समय बीत जाने के बाद न तो नौकरी मिली और न ही पैसे जिससे नाराज़ महिला ने युवक को देखते ही आग बबूला हो गई और भरे बाज़ार में युवक की चप्पलों से पिटाई करना शुरू कर दिया। वही इस पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- प्रयागराज, कोरॉव। किसान की फसल जलकर हुई राख, खेत में अज्ञात कारणों से लगी आग।1
- Post by हिमांशु गुप्ता समाचार नेशन1
- प्रयागराज। जनपद में देर रात से ही झमाझम बारिश हो रही है। अचानक जनपद में मौसम ने अपना मिजाज बदला और आंधियो के साथ झमाझम बारिश हुई।1
- प्रयागराज पुलिस कमिश्नर के दिशा निर्देश में नारकोटिक्स टास्क फोर्स कमिश्नरेट प्रयागराजवा थाना धूमनगंज की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा तीन अभियुक्त गिरफ्तार कब्जे से 6 पैकेट स्मैक कुल वजन 727 ग्राम अनुमानित अंतरराष्ट्रीय कीमत एक करोड़ 45 लाख 4 मोबाइल फोन 4940 नगद बरामद एक अवैध तमंचा 315 बोर जिंदा कारतूस बरामदअभियुक्त दीपक कुमार गौतम आशीष कुमार मौर्य विवेक कुमार प्रेस कॉन्फ्रेंस में डी सी पी कुलदीप गुनावत ने किया खुलासा1
- Post by गुरु ज्ञान1
- प्रयागराज। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित पांच दिवसीय भरत नाट्य समारोह का भव्य समापन मंगलवार को केंद्र प्रेक्षागृह में हुआ। अंतिम दिन महाकवि भवभूति रचित प्राचीन संस्कृत नाटक महावीरचरितम् का डॉ. हिमांशु द्विवेदी के निर्देशन और संगीत परिकल्पना में मंचन दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर गया। इस नाटक ने रामायण की अमर कथा को नाटकीय बिंबों, फ्लैशबैक और आधुनिक दृष्टिकोण से प्रस्तुत कर सबको तालियों के पुल बांधने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम का आगाज मुख्य अतिथि प्रो. कीर्ति सिंह (इलाहाबाद विश्वविद्यालय), विशिष्ट अतिथि घनश्याम शाही (क्षेत्रीय संगठन मंत्री अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, पूर्वी उत्तर प्रदेश ), अभिलाष मिश्रा (काशी प्रांत संगठन मंत्री) एवं केंद्र निदेशक सुदेश शर्मा, उपनिदेशक (कार्यक्रम) डॉ. मुकेश उपाध्याय और उपनिदेशक (प्रशासन) डॉ. आदित्य कुमार श्रीवास्तव व कार्यक्रम सलाहकार कल्पना सहाय ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। मंच पर पारंपरिक संगीत और नृत्य ने वातावरण को पवित्र बना दिया। नाटक विश्वामित्र के यज्ञ महोत्सव से प्रारंभ होता है। जनक के छोटे भाई कुशध्वज उर्मिला व सीता संग पधारते हैं। राम-लक्ष्मण की उनसे भेंट में प्रेम का बीज अंकुरित होता है। तभी सर्वमाय नामक राक्षस माल्यवान के इशारे पर रावण का पत्र पढ़ता है, जिसमें सीता से विवाह का अहंकारी प्रस्ताव है। "यह अन्याय है!"—सर्वमाय क्रोधित होकर चीखता है। बीच में राम द्वारा अहल्या उद्धार, ताड़का-मारीच-सुबाहु वध के वृतांत रोमांचित करते हैं। विश्वामित्र राम को दिव्यास्त्र प्रदान करते हैं। शिवधनुष मंगवाकर राम उसे चूर-चूर कर देते हैं—रामायण की मूल कथा से हटकर यहां विवाह शर्त नहीं, विश्वामित्र की आज्ञा है। राम-सीता, लक्ष्मण-उर्मिला का विवाह धूमधाम से होता है। क्रोधित सर्वमाय माल्यवान को सूचना दे भागता है। षड्यंत्रों का नाटकीय मोड़ आता है। माल्यवान-सुरपनखा परशुराम को भड़काते हैं, लेकिन राम की सौम्यता से वे पिघल जाते हैं: "हे राम, यह धनुष लो, विजयी हो!" फ्लैशबैक में सुरपनखा मंथरा बनी कैकेयी को दो वर दिलवाती—राम का 14 वर्ष वनवास, भरत का राज्याभिषेक। राम प्रसन्नता से स्वीकारते हैं। जंगल में सीता हरण, जटायु वध, शबरी मिलन, बाली का राम-भक्त बनकर मृत्यु—सब चित्रित। रावण बाली भेजता है, लेकिन वह भक्त हो जाता है। मंदोदरी बार-बार समझाती है, "यह अधर्म है रावण!", पर वही अड़िग। युद्ध में राम विजयी, विभीषण को लंका सौंप अयोध्या लौटते हैं। कलाकारों ने अपने अभिनय से नाटक में जान डाल दी। अमिताभ आचार्य ने राम की भूमिका में गंभीरता दिखाई, वहीं अमन व्यास लक्ष्मण के रूप में जोश से भरे नजर आए। खुशी बघेल ने सीता के किरदार को बहुत ही सहजता से निभाया। शुभराज शुक्ला ने रावण और परशुराम दोनों किरदारों में दम दिखाया। सबसे ज्यादा ध्यान खींचा ऋतुराज चौहान ने, जिन्होंने मंथरा का किरदार निभाया। उनकी एक्टिंग इतनी प्रभावशाली रही कि दर्शक उनसे नजर नहीं हटा पाए। इस अवसर पर मुख्य अतिथि एवं नाट्य निर्देशक को केंद्र निदेशक द्वारा पौधा एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन सुधांशु शुक्ला ने किया।1