सिरोही जिले के रोहिडा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के रोहिडा मंडल ने आपातकाल दिवस के अवसर पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया। मंडल अध्यक्ष कान्तिलाल चौधरी के नेतृत्व में हुए इस कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल को याद किया और लोकतंत्र की रक्षा के अपने संकल्प को दोहराया। इस अवसर पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने काले दुपट्टे पहनकर आपातकाल के विरोध का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संदेश दिया। संगोष्ठी के दौरान, वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि आपातकाल के समय लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हुआ था और अनेक लोगों ने लोकतंत्र की बहाली के लिए संघर्ष किया था। कार्यक्रम में आपातकाल के घटनाक्रम और लोकतंत्र के महत्व पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। इस आयोजन में मंडल अध्यक्ष कान्तिलाल चौधरी के साथ ओबीसी मोर्चा मंडल अध्यक्ष ईश्वर दास वैष्णव, पूर्व मंडल अध्यक्ष भेराराम माली, मंडल महामंत्री रतन लाल प्रजापत, मंडल मंत्री भानाराम थानाराम, पोपटलाल चौधरी, नारायण लाल, सुरेश कुमार, उकाराम, हितेश, हिम्मतभाई सुथार, कालूराम मिठाराम, मगनलाल मोहनलाल, वालाराम माधुराम, लादाराम और तुलसी भाई सहित कई भाजपा कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन लोकतंत्र को मजबूत करने और राष्ट्रहित में कार्य करने के दृढ़ संकल्प के साथ हुआ।
सिरोही जिले के रोहिडा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के रोहिडा मंडल ने आपातकाल दिवस के अवसर पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया। मंडल अध्यक्ष कान्तिलाल चौधरी के नेतृत्व में हुए इस कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल को याद किया और लोकतंत्र की रक्षा के अपने संकल्प को दोहराया। इस अवसर पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने काले दुपट्टे पहनकर आपातकाल के विरोध का
प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संदेश दिया। संगोष्ठी के दौरान, वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि आपातकाल के समय लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हुआ था और अनेक लोगों ने लोकतंत्र की बहाली के लिए संघर्ष किया था। कार्यक्रम में आपातकाल के घटनाक्रम और लोकतंत्र के महत्व पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। इस आयोजन में मंडल अध्यक्ष कान्तिलाल चौधरी के साथ ओबीसी मोर्चा मंडल
अध्यक्ष ईश्वर दास वैष्णव, पूर्व मंडल अध्यक्ष भेराराम माली, मंडल महामंत्री रतन लाल प्रजापत, मंडल मंत्री भानाराम थानाराम, पोपटलाल चौधरी, नारायण लाल, सुरेश कुमार, उकाराम, हितेश, हिम्मतभाई सुथार, कालूराम मिठाराम, मगनलाल मोहनलाल, वालाराम माधुराम, लादाराम और तुलसी भाई सहित कई भाजपा कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन लोकतंत्र को मजबूत करने और राष्ट्रहित में कार्य करने के दृढ़ संकल्प के साथ हुआ।
- सिरोही जिले के माउंट आबू में जिला प्रशासन ने एक बड़े अतिक्रमण हटाओ अभियान की शुरुआत की है। इस कार्रवाई की शुरुआत नक्की झील क्षेत्र से हुई, जहाँ जिला कलेक्टर के निर्देशों के तहत मुख्य सड़कों को अतिक्रमण मुक्त बनाने का कार्य किया जा रहा है। प्रशासन की टीम ने रघुनाथ मंदिर से बस स्टैंड तक के क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने पर ध्यान केंद्रित किया, जिसके तहत दुकानों के बाहर लगाए गए टीन शेड हटाए गए और साथ ही अवैध निर्माणों पर भी कार्रवाई की गई। यह महत्वपूर्ण अभियान एसडीएम डॉ. अंशु प्रिया के सीधे निर्देशन में चलाया गया। इस दौरान पालिका आयुक्त रामकिशोर मेहता समेत कई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। अभियान के सुचारु संचालन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया था। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि माउंट आबू के प्रमुख मार्गों को अतिक्रमण से पूरी तरह मुक्त करने के उद्देश्य से यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।1
- सिरोही जिले के रोहिड़ा में मातमी धुनों के साथ ताजिया का जुलूस निकाला गया, जिसमें हज़रत इमाम हसन और हज़रत इमाम हुसैन की कुर्बानियों को याद किया गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए और उन्होंने इमाम हसन व इमाम हुसैन की कुर्बानियों को याद करते हुए उन्हें खिराज-ए-अकीदत पेश की। यह जुलूस निर्धारित मार्गों से होकर गुजरा, जहाँ लोगों ने ताजियों का इस्तकबाल किया। पूरे मार्ग पर मातमी धुनों और 'या हुसैन' की सदाओं के बीच गमगीन माहौल बना रहा। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि हज़रत इमाम हसन और हज़रत इमाम हुसैन का जीवन हक़, इंसाफ़, सब्र और इंसानियत की राह पर चलने की प्रेरणा देता है। जुलूस के दौरान स्थानीय प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। मोहर्रम का यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ, जिसके अंत में पारंपरिक धार्मिक रस्में अदा की गईं।1
- सुमेरपुर में 26 जून को शुक्रवार दोपहर भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को मौसम ने थोड़ी राहत दी। दोपहर बाद अचानक आसमान में घने बादल छा गए, जिसके बाद तेज हवाओं के साथ हल्की रिमझिम बारिश शुरू हुई। भले ही बारिश अधिक देर तक नहीं हुई, लेकिन इससे तापमान में कमी दर्ज की गई और लोगों ने चिलचिलाती गर्मी से सुकून महसूस किया। बाजारों और सड़कों पर भी मौसम का यह प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा गया, जहाँ लोगों के चेहरों पर राहत दिखाई दी। हालांकि, इस राहत के साथ-साथ सुमेरपुरवासियों को एक नई समस्या का भी सामना करना पड़ा। बारिश शुरू होते ही शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। घरों, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में लंबे समय तक बिजली न होने के कारण आम लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उमस भरे मौसम में बिजली गुल होने से लोगों में बिजली व्यवस्था को लेकर नाराजगी भी साफ देखने को मिली। फिलहाल, मौसम सुहावना बना हुआ है और क्षेत्रवासी उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होगी। इससे न केवल गर्मी और उमस से स्थायी राहत मिलेगी, बल्कि कृषि कार्यों को भी गति प्राप्त होगी।1
- सिरोही जिले के रेवदर उपखंड के सिरोड़ी गांव में कल एक ऐतिहासिक धार्मिक दृश्य देखने को मिलेगा, जहाँ 30 वर्षीय हर्षित जितेंद्र संघवी जैन मुनिराज के रूप में दीक्षा ग्रहण करेंगे। यह संयम और संस्कारों के लिए प्रसिद्ध सिरोड़ी गांव से होने वाली 52वीं दीक्षा है, जो इस आयोजन को और भी महत्वपूर्ण बनाती है। दीक्षा समारोह से पूर्व शुक्रवार को हर्षित संघवी की भव्य वर्षीदान शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस शोभायात्रा के दौरान दीक्षार्थी ने वर्षीदान कर समाज का अभिनंदन स्वीकार किया। हर्षित अपने 11 बहनों के इकलौते भाई हैं, और उनके परिवार के सात सदस्य पहले ही साधु-साध्वी जीवन अपना चुके हैं। दीक्षा समारोह आचार्य श्री रविरत्नसूरीजी महाराज की निश्रा में संपन्न होगा। इससे पहले, श्री गोडीजी पार्श्वनाथ मंदिर में सिद्धचक्र महापूजन का आयोजन किया गया था और हर्षित ने सांसारिक जीवन का अपना अंतिम भोजन, जिसे जैन परंपरा में अंतिम वायणा कहा जाता है, ग्रहण किया। दीक्षा ग्रहण करने के बाद, हर्षित संघवी संयम और त्याग के मार्ग पर अपना नया जीवन शुरू करेंगे।1
- सिरोही जिले के आबूरोड स्थित माधव यूनिवर्सिटी में नेशनल कैडेट कोर (NCC) के कैडेट्स के लिए आपदा प्रबंधन विषय पर एक विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र के दौरान, अग्निशमन विभाग के मुख्य फायर अधिकारी झालम सिंह ने कैडेट्स को आग लगने जैसी आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के साथ-साथ नागरिक सुरक्षा के व्यावहारिक उपायों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। फायर अधिकारी झालम सिंह के नेतृत्व में उनकी टीम ने यूनिवर्सिटी परिसर में एक लाइव डेमो भी प्रस्तुत किया। इस प्रदर्शन में रसोई गैस सिलेंडर, शॉर्ट सर्किट और अन्य कारणों से लगने वाली आग पर त्वरित नियंत्रण पाने के तरीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। कैडेट्स को अग्निशमन उपकरणों के सुरक्षित उपयोग की भी जानकारी दी गई और उनसे इन उपकरणों का अभ्यास भी करवाया गया। प्रशिक्षण में शामिल कैडेट्स ने स्वयं अग्निशमन उपकरणों का उपयोग कर आग बुझाने का सीधा अनुभव प्राप्त किया। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बताया कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम कैडेट्स को आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी सहायता प्रदान करने के लिए तैयार करते हैं, जिससे उनमें सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना भी मजबूत होती है।4
- पाली जिले के बाली कस्बे में शुक्रवार को मोहर्रम के अवसर पर पारंपरिक ताजिया जुलूस मातमी धुनों और धार्मिक श्रद्धा के साथ शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। इस दौरान कस्बे में सर्वधर्म सद्भाव, भाईचारे और आस्था का एक अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसे प्रशासन और पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सकुशल संपन्न कराया गया। यह ताजिया जुलूस इमामबाड़ा से शुरू होकर प्रताप चौक पहुंचा, फिर मुख्य बाजार से होते हुए गांधी चौक पहुंचा। गांधी चौक पर विभिन्न समुदायों के लोगों ने अपनी मन्नतें और दुआएं मांगीं। युवाओं ने मातमी धुनों पर पारंपरिक प्रदर्शन कर हजरत इमाम हुसैन और शहीद-ए-कर्बला को श्रद्धांजलि अर्पित की। मोहर्रम कमेटी के सदस्यों ने जुलूस के दौरान सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं में सहयोग देने वाले अधिकारियों तथा कर्मचारियों का साफा एवं मालाएं पहनाकर स्वागत किया। इनमें बाली थाना के एएसआई गणेश सिंह, नायब तहसीलदार मनमोहन सिंह और विद्युत विभाग के कर्मचारी रमेश कुमार मीणा, दिनेश कुमार एवं आशीष कुमार शामिल थे। साथ ही, ताजिया जुलूस के लाइसेंस होल्डर अलमुक्तम खान और इलियास नायक के अलावा मोहर्रम कमेटी के सदस्य सैयद इम्तियाज अली, सैयद मकबूल अली, कासम खान तथा वक्फ कमेटी के सदर अजमत खान शेरानी को भी सम्मानित किया गया। कर्बला की याद में मौला अली कमेटी द्वारा अकीदतमंदों के लिए छबील और शरबत की व्यवस्था की गई, जबकि पूर्व सदर अकरम शम्मा के कार्यालय के बाहर बाहरी क्षेत्रों से आए जायरीनों के लिए 24 घंटे शरबत और पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई गई। गांधी चौक से आगे बढ़कर यह ताजिया जुलूस जामा मस्जिद और छीपों के मोहल्ले से होते हुए पुराने पुलिस थाने के समीप शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हुआ। पूरे आयोजन के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था का मोर्चा संभाले रखा, जिससे यह जुलूस सौहार्दपूर्ण और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सका। मोहर्रम के इस अवसर पर बाली नगर में आपसी भाईचारे, धार्मिक सौहार्द और एकता की एक उत्कृष्ट मिसाल देखने को मिली।3
- सिरोही जिले में रोहिड़ा-वाटेरा मार्ग पर अवैध खनन का तांडव धड़ल्ले से जारी है, जहाँ माफिया जेसीबी और ट्रैक्टरों का इस्तेमाल कर पहाड़ों को लगातार छलनी कर रहे हैं। इस अनियंत्रित खनन गतिविधि से पर्यावरण का भारी विनाश हो रहा है। प्रशासन की इस पूरे मामले पर चुप्पी को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं, और आशंका व्यक्त की गई है कि स्थानीय पुलिस तथा खनन विभाग की कथित मिलीभगत से यह अवैध कार्य चल रहा है। इस पोस्ट में पर्यावरण के इस विनाशकारी कार्य को तुरंत बंद करने की पुरज़ोर माँग की गई है, और कार्रवाई के लिए सिरोही जिला कलेक्टर तथा सिरोही पुलिस को टैग किया गया है।1
- सिरोही के सरूपगंज में ट्रक चालकों के बीच एक हिंसक भिड़ंत हो गई। इस मारपीट में एक चालक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है, और इस पूरे प्रकरण में सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है।1