डीटीओ कार्यालय की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, रिश्वत कांड के बाद व्यवस्था पर नजर शेखपुरा। जिला परिवहन कार्यालय इन दिनों एक बार फिर चर्चा में है। कार्यालय की कार्यप्रणाली और आम लोगों को मिलने वाली सेवाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कुछ सप्ताह पहले पटना निगरानी विभाग की टीम ने परिवहन कार्यालय में कार्रवाई करते हुए एक सरकारी कर्मी को कथित तौर पर 15 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई के बाद कार्यालय में कामकाज के तौर-तरीकों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ड्राइविंग लाइसेंस, वाहनों के स्थानांतरण समेत परिवहन विभाग से जुड़ी विभिन्न सेवाओं के लिए उन्हें कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है। आरोप है कि कई कार्यों के लिए कर्मियों द्वारा अवैध राशि की मांग की जाती है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। वहीं मौक़े पर परिवन पदाधिकारी बेबी कुमारी ने बताया की कुछ टेक्निकल प्रॉब्लम है जिससे काम नहीं हो रहा है जल्द ही ठीक कर लिया जायेगा. अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को ख़ारिज करते हुये कहाँ की घुस बाली बात विल्कुल निराधार हैं. निगरानी विभाग की कार्रवाई के बाद अब लोगों की नजर जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है। लोगों का कहना है कि सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पूरे मामले की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। वहीं, यह भी देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन परिवहन कार्यालय की कार्यप्रणाली में सुधार और शिकायतों के निपटारे के लिए क्या कदम उठाता है।
डीटीओ कार्यालय की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, रिश्वत कांड के बाद व्यवस्था पर नजर शेखपुरा। जिला परिवहन कार्यालय इन दिनों एक बार फिर चर्चा में है। कार्यालय की कार्यप्रणाली और आम लोगों को मिलने वाली सेवाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कुछ सप्ताह पहले पटना निगरानी विभाग की टीम ने परिवहन कार्यालय में कार्रवाई करते हुए एक सरकारी कर्मी को कथित तौर पर 15 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई के बाद कार्यालय में कामकाज के तौर-तरीकों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ड्राइविंग लाइसेंस, वाहनों के स्थानांतरण समेत परिवहन विभाग से जुड़ी विभिन्न सेवाओं के लिए उन्हें कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है। आरोप है कि कई कार्यों के लिए कर्मियों द्वारा अवैध राशि की मांग की जाती है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। वहीं मौक़े पर परिवन पदाधिकारी बेबी कुमारी ने बताया की कुछ टेक्निकल प्रॉब्लम है जिससे काम नहीं हो रहा है जल्द ही ठीक कर लिया जायेगा. अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को ख़ारिज करते हुये कहाँ की घुस बाली बात विल्कुल निराधार हैं. निगरानी विभाग की कार्रवाई के बाद अब लोगों की नजर जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है। लोगों का कहना है कि सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पूरे मामले की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। वहीं, यह भी देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन परिवहन कार्यालय की कार्यप्रणाली में सुधार और शिकायतों के निपटारे के लिए क्या कदम उठाता है।
- नशे से दूर रहने का संदेश, छात्र-छात्राओं को दिलाया जागरूकता का संकल्प मोकामा। सेवा के 25 वर्ष, सुशासन, गरीब कल्याण और राष्ट्र निर्माण के तहत मोकामा के रामरतन सिंह कॉलेज में नशा मुक्ति जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं और विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना और समाज को नशामुक्त बनाने का संदेश देना रहा। कार्यक्रम का संयोजन जिला मंत्री संजीव कुमार मंगलम ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश भाजपा महामंत्री डॉ. प्रति शेखर मौजूद रहीं। कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ महिला मोर्चा के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करता, बल्कि इसका असर पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। खासकर युवाओं को नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल, रोजगार और राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया गया। विद्यार्थियों से नशे से दूरी बनाए रखने तथा अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने की अपील की गई। कार्यक्रम में नशे की लत से होने वाले सामाजिक और पारिवारिक नुकसान पर विशेष रूप से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। जागरूकता और सामूहिक प्रयास के माध्यम से नशे के खिलाफ अभियान को मजबूत किया जा सकता है। मंच का संचालन पूर्वी मंडल अध्यक्ष अविनाश कुमार एवं राहुल रंजन ने किया। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष शैलेन्द्र कुमार, पिंटू कुमार, पुष्कर कुमार, विनोद कुमार सहित भाजपा के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।1
- जमुई में एंबुलेंस से शराब तस्करी का बड़ा खुलासा | 460 केन बीयर बरामद, 2 तस्कर गिरफ्तार जमुई में शराब तस्करी के एक हैरान करने वाले मामले का उत्पाद विभाग ने पर्दाफाश किया है। गिद्धौर प्रखंड के बानाडीह के पास एक प्राइवेट एंबुलेंस से 460 केन बीयर यानी करीब 230 लीटर बीयर बरामद की गई। बताया गया है कि बीयर को एंबुलेंस के बेड के नीचे बने बॉक्स में छिपाकर ले जाया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान दो कथित तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। उत्पाद विभाग के मुताबिक, खेप झारखंड के जसीडीह से लखीसराय के पिपरिया ले जाई जा रही थी। पूरे मामले में उत्पाद विभाग ने जांच शुरू कर दी है और एंबुलेंस के मालिक की भी तलाश की जा रही है। ऐसी ही स्थानीय और बिहार की महत्वपूर्ण खबरों के लिए चैनल को Subscribe करें और वीडियो को Like एवं Share जरूर करें।1
- *पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से दिव्या ज्योति, सारण से आफाक अहमद, दरभंगा से एसपी राय, वहीं कोसी स्नातक से रजनीश रंजन, दरभंगा स्नातक से रवींद्र यादव के नामों की जन सुराज पार्टी ने की घोषणा*1
- *पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से दिव्या ज्योति, सारण से आफाक अहमद, दरभंगा से एसपी राय, वहीं कोसी स्नातक से रजनीश रंजन, दरभंगा स्नातक से रवींद्र यादव के नामों की जन सुराज पार्टी ने की घोषणा* *पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से दिव्या ज्योति, सारण से आफाक अहमद, दरभंगा से एसपी राय, वहीं कोसी स्नातक से रजनीश रंजन, दरभंगा स्नातक से रवींद्र यादव के नामों की जन सुराज पार्टी ने की घोषणा*1
- अभियान बसेरा के तहत बिंद में 26 भूमिहीनों को मिलेगी वासभूमि, 30 नवंबर तक पूरा होगा लक्ष्य बिंद। बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से भूमिहीन परिवारों को वासभूमि का अधिकार दिलाने के लिए ‘अभियान बसेरा’ चलाया जा रहा है। बिंद अंचल में अभियान के तहत 26 भूमिहीन पात्र व्यक्तियों को भूमि उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अंचलाधिकारी रामायण कुमार ने बताया कि 30 नवंबर तक निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है। राज्य सरकार ने पूरे बिहार में 30 हजार भूमिहीन परिवारों को वासभूमि उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है। अभियान के तहत सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र वासभूमिहीन परिवार वासभूमि के अधिकार से वंचित नहीं रहे। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग के पात्र भूमिहीन परिवारों से अपने संबंधित अंचल कार्यालय में आवेदन जमा करने की अपील की गई है। आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेज और निर्धारित जानकारी उपलब्ध कराने के बाद पात्रता के आधार पर लाभुकों का चयन किया जाएगा। विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि आवेदन अपने अंचल कार्यालय में ही जमा करना है और इसके लिए पटना स्थित राज्य मुख्यालय जाने की कोई जरूरत नहीं है। साथ ही, यदि किसी व्यक्ति या संस्था द्वारा लोगों को भ्रमित कर नियमित रूप से जिला मुख्यालय से पटना मुख्यालय ले जाने का प्रयास किया जाता है, तो ऐसे व्यक्ति या संस्था को चिह्नित कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने भूमिहीन पात्र परिवारों से दलालों अथवा किसी बिचौलिए के झांसे में नहीं आने की अपील की है। सीओ रामायण कुमार ने कहा कि पात्र भूमिहीन परिवार अभियान का लाभ लेने के लिए अपने अंचल कार्यालय में आवेदन करें। अभियान का उद्देश्य पात्र परिवारों को आवास बनाने के लिए वासभूमि का अधिकार उपलब्ध कराना है।1
- आम जनता पार्टी इंडिया राष्ट्रीय सचिव बहुजन आर्मी राष्ट्रीय महासचिव सम्राट रंजीत चौधरी ने भंडाफोड़ किया यूजीसी एक्ट लागू करो कॉलेजियम सिस्टम खत्म करो BTएक्ट1949 काला कानून रद्द करो बन नेशन वन एजुकेशन लागू करो 9204860331.62052581263
- भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा नालंदा की ओर से रविवार, 20 सितंबर को श्रम कल्याण केंद्र मैदान स्थित विस्तारित भवन में साप्ताहिक निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। आज दिनांक 20/09/2026 दिन रविवार को भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा नालंदा विस्तारित भवन श्रम कल्याण केंद्र मैदान में रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा साप्ताहिक स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस साप्ताहिक स्वास्थ्य जांच शिविर में विशेष स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करा के चिकित्सकों द्वारा चिकित्सा परामर्श दिया गया । इस शिविर का उद्देश्य निसहाय और जरूरतमंद लोगों को निशुल्क स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना है शिविर में जांच करवाने आए लाभार्थियों ने रेड क्रॉस सोसाइटी के इस प्रयास की सराहना की और कहा कि इस तरह के शिविर उनके लिए बहुत मददगार साबित हो रहे हैं यह स्वास्थ्य जांच शिविर आगे भी जारी रहेगा और हर रविवार को निशुल्क सेवा प्रदान की जाएगी इस शिविर में बिहार शरीफ प्रख्यात डॉक्टरों के द्वारा 220 लोगों जिसमें शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ श्याम बिहारी द्वारा 40 लोगो को,नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अभिनव कुमार सिंह द्वारा 67 लोगो को, डॉ शंभू कुमार हड्डी एवं नस रोग विशेषज्ञ के द्वारा 30 लोगों डॉ वीरेंद्र कुमार फिजिशियन एवं डॉक्टर इंद्रजीत कुमार फिजिशियन के द्वारा 60 लोगो , होम्योपैथिक चिकित्सा डॉक्टर अमृतम कुमार के द्वारा 20 लोगो डॉ रवि कुमार विशेषज्ञ के द्वारा 20 लोगों ,डॉक्टर शहजाद आलम फिजियोथैरेपिस्ट के द्वारा 20 लोगों डॉक्टर प्रदीप कुमार ऑडियोलॉजिस्ट 20 लोगो, तथा 35 लोगो मधुमेह की जांच की गई शिविर में उपस्थित विशेषज्ञ डॉक्टरों की सूची डॉ श्याम बिहारी- शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ शंभू कुमार- हड्डी एवं नस रोग विशेषज्ञ डॉ इंद्रजीत कुमार - फिजिशियन डॉ वीरेंद्र कुमार -फिजिशियन डॉ अभिनव कुमार सिंह- नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ अमृतम कुमार - होम्योपैथिक चिकित्सा डॉक्टर शहजाद आलम - फिजियोथैरेपिस्ट डॉ प्रदीप कुमार- ऑडियोलॉजिस्ट इन डॉक्टरों ने विभिन्न रोगियों की जांच कर उन्हें उचित चिकित्सा परामर्श दिया और उनके स्वास्थ्य किस्से संबंधित समस्याओं का समाधान किया शिविर में रेड क्रॉस सोसाइटी के कार्यकारिणी सदस्य एवं आजीवन सदस्यों भी पूरी सक्रियता के साथ उपस्थित रहे। रेड क्रॉस सोसाइटी के सचिव राजेश कुमार कोषाध्यक्ष अरविंद पंडित अंजना कुमारी पैटर्न मेंबर कार्यकारिणी सदस्यों में मनोज कुमार, मोहम्मद अखलाक अहमद, सुधांशु रंजन अजीवन सदस्यों मे चंद्रमणि कुमार, बृज बिहारी प्रसाद, राकेश कुमार पंकज, साधु शरण प्रसाद, रणधीर रंजन ,मुस्कान कुमारी ,नागेंद्र कुमार, अरविंद पंडित, कुणाल गौरव, दिनेश कुमार , रागिनी कुमारी, रविंद्र कुमार, प्रोफेसर स्वधर्म ,अधिवक्ता शंभू कश्यप, अरुण कुमार , संजय कुमार ने संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन सभी सदस्यों ने मरीजों का पंजीकरण, कतारों का प्रबंधन और आवश्यक व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने में सहायता की एवं लोगों ने उनका समर्पण सेवा भावना को इस शिविर की सफलता का आधार कहा।1
- अनिल पासवान राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ भीमराव अंबेडकर संघर्ष विचार मंच1
- बिहार के जमुई में नाबालिग छात्र-छात्रा से अभद्रता का वीडियो वायरल, तीन आरोपी गिरफ्तार, बाकी की तलाश जारी बिहार के जमुई में एक नाबालिग छात्रा और उसके मित्र के साथ छेड़खानी एवं अभद्र व्यवहार की घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है। आरोपियों द्वारा इस अमानवीय कृत्य का वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल करना बिहार के उस जंगलराज का उदाहरण है, जहां अपराधी बेखौफ हैं और कानून का कोई भय दिखाई नहीं देता। @officecmbihar आरोपियों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे कि भविष्य में कोई भी व्यक्ति ऐसी घटना को अंजाम देने के बारे में सोचने से पहले कानून के डर को महसूस करे। साथ ही, पीड़ित नाबालिगों की सुरक्षा, गरिमा और निजता सुनिश्चित की जाए।1