बीना में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा की गई विकास घोषणाओं के एक वर्ष बाद भी धरातल पर नहीं उतरने के विरोध में शुक्रवार को जनता ने अनोखा प्रदर्शन किया। किसान नेता इंदर सिंह ठाकुर के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों और शहरवासियों ने विकास कार्यों की प्रतीकात्मक 'शवयात्रा' निकालकर सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी दर्ज कराई। अंबेडकर तिराहे से शुरू हुई यह शवयात्रा सर्वोदय चौराहे तक निकाली गई, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने अर्थी को सड़क पर रखकर करीब डेढ़ घंटे तक जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान तहसीलदार अंबर पंथी को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें घोषित सभी कार्यों को शीघ्र शुरू करने और उनकी समयबद्ध निगरानी की मांग की गई है। इंदर सिंह ठाकुर ने 9 सितंबर 2025 को की गई उन प्रमुख घोषणाओं को याद दिलाया, जो अब तक अधूरी हैं। इनमें बीना नदी परियोजना, 5 करोड़ रुपये की लागत से नगरपालिका भवन, 1.27 करोड़ रुपये का जनपद पंचायत भवन, स्टेडियम, नगरपालिका सीमा विस्तार, 40 किलोमीटर लंबा बायपास, पॉलीटेक्निक कॉलेज, नई आईटीआई और 30 करोड़ की लागत से 100 बिस्तरों वाले अस्पताल का निर्माण शामिल है। इसके अलावा खिमलासा को तहसील और मंडीबामोरा को नगर पंचायत बनाने का वादा भी पूरा न होने का आरोप लगाया गया। इस विरोध प्रदर्शन में शहर कांग्रेस अध्यक्ष अनुराग ठाकुर सहित प्रमोद राय, अमित ठाकुर, रितिक ठाकुर, शिवकुमार चढ़ार, कल्लू ठाकुर, कल्याण सिंह और जगमोहन सिंह ठाकुर समेत भारी संख्या में लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने निर्माणाधीन ओवरब्रिज के कारण आम जनता को हो रही दिक्कतों और डायवर्जन मार्गों की बदहाल स्थिति पर भी सवाल खड़े किए। साथ ही, खिमलासा-कंजिया मार्ग निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि सड़क की खराब स्थिति और गहरे गड्ढों के कारण अब तक पांच लोगों की जान जा चुकी है, जिसकी जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
बीना में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा की गई विकास घोषणाओं के एक वर्ष बाद भी धरातल पर नहीं उतरने के विरोध में शुक्रवार को जनता ने अनोखा प्रदर्शन किया। किसान नेता इंदर सिंह ठाकुर के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों और शहरवासियों ने विकास कार्यों की प्रतीकात्मक 'शवयात्रा' निकालकर सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी दर्ज कराई। अंबेडकर तिराहे से शुरू हुई यह शवयात्रा सर्वोदय चौराहे तक निकाली गई, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने अर्थी को सड़क पर रखकर करीब डेढ़ घंटे तक जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान तहसीलदार अंबर पंथी को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें घोषित सभी
कार्यों को शीघ्र शुरू करने और उनकी समयबद्ध निगरानी की मांग की गई है। इंदर सिंह ठाकुर ने 9 सितंबर 2025 को की गई उन प्रमुख घोषणाओं को याद दिलाया, जो अब तक अधूरी हैं। इनमें बीना नदी परियोजना, 5 करोड़ रुपये की लागत से नगरपालिका भवन, 1.27 करोड़ रुपये का जनपद पंचायत भवन, स्टेडियम, नगरपालिका सीमा विस्तार, 40 किलोमीटर लंबा बायपास, पॉलीटेक्निक कॉलेज, नई आईटीआई और 30 करोड़ की लागत से 100 बिस्तरों वाले अस्पताल का निर्माण शामिल है। इसके अलावा खिमलासा को तहसील और मंडीबामोरा को नगर पंचायत बनाने का वादा भी पूरा न होने का आरोप
लगाया गया। इस विरोध प्रदर्शन में शहर कांग्रेस अध्यक्ष अनुराग ठाकुर सहित प्रमोद राय, अमित ठाकुर, रितिक ठाकुर, शिवकुमार चढ़ार, कल्लू ठाकुर, कल्याण सिंह और जगमोहन सिंह ठाकुर समेत भारी संख्या में लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने निर्माणाधीन ओवरब्रिज के कारण आम जनता को हो रही दिक्कतों और डायवर्जन मार्गों की बदहाल स्थिति पर भी सवाल खड़े किए। साथ ही, खिमलासा-कंजिया मार्ग निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि सड़क की खराब स्थिति और गहरे गड्ढों के कारण अब तक पांच लोगों की जान जा चुकी है, जिसकी जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
- ललितपुर जिला मुख्यालय स्थित शिवधाम कालोनी के एक मकान से शुक्रवार शाम खुफिया तंत्र की सूचना पर बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 22 क्विंटल सरकारी मूंगफली का बीज बरामद किया गया है। कृषि विभाग को मौके से करीब 200 बोरियों में बिना किसी वैध दस्तावेज के छिपाकर रखा गया यह सरकारी बीज मिला। खरीफ सीजन में किसानों को बुवाई के लिए निःशुल्क वितरित किया जाने वाला यह बीज करीब डेढ़ लाख रुपये से अधिक कीमत का है, जिसे कालाबाजारी के उद्देश्य से अवैध रूप से बेचने की कोशिश की जा रही थी। इस पूरे मामले में बीज गोदाम प्रभारी और फार्मर प्रोड्यूसर आर्गर्नाइजेशन (एफपीओ) की मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, पॉज मशीन पर एफपीओ द्वारा चयनित काश्तकारों के अंगूठे के निशान लगवाकर गोदाम से बीज निकाला गया और फिर उसे अवैध रूप से बेचने के लिए छिपा दिया गया। कृषि विभाग ने बरामद किए गए पूरे बीज को जब्त कर अपने कब्जे में ले लिया है और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी है।3
- ललितपुर जनपद के मड़ावरा में विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर शनिवार को भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने नवीन गल्ला मंडी से खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) कार्यालय तक जुलूस निकाला और नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को पुरजोर तरीके से उठाया। बीडीओ कार्यालय पहुंचने के बाद कार्यकर्ताओं ने खंड विकास अधिकारी को संबोधित ज्ञापन सहायक विकास अधिकारी (आईएसबी) को सौंपा। इस ज्ञापन में क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं का शीघ्र समाधान कराने की मांग की गई है। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का समयबद्ध निराकरण नहीं हुआ तो संगठन आंदोलन को और तेज करेगा। इस दौरान बड़ी संख्या में भीम आर्मी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे, वहीं प्रशासन की ओर से ज्ञापन प्राप्त कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया है।2
- ललितपुर के मड़ावरा में विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर शनिवार को भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने नवीन गल्ला मंडी से लेकर खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) कार्यालय तक जुलूस निकाला और अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। बीडीओ कार्यालय पहुंचने के बाद कार्यकर्ताओं ने खंड विकास अधिकारी को संबोधित ज्ञापन सहायक विकास अधिकारी (आईएसबी) को सौंपा, जिसमें क्षेत्र की जनसमस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की गई। ज्ञापन सौंपने के दौरान बीडीओ कार्यालय में बड़ी संख्या में भीम आर्मी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जनसमस्याओं का समयबद्ध निराकरण नहीं किया गया तो संगठन अपने आंदोलन को और तेज करेगा। वहीं, प्रशासन की ओर से ज्ञापन प्राप्त कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया है।2
- ललितपुर जनपद में कृषि विभाग ने सरकारी मूंगफली बीज की कालाबाजारी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सदर कोतवाली क्षेत्र की शिव धाम कॉलोनी में छापेमारी की है। इस कार्रवाई के दौरान विभाग ने एक मकान के बंद कमरे से लगभग 22 क्विंटल सरकारी बीज बरामद किया है, जो करीब 200 बोरियों में छिपाकर रखा गया था। प्रारंभिक जांच में कृषि विभाग को अंदेशा है कि बिना किसी वैध दस्तावेज के रखे गए इस बीज को अवैध रूप से बाजार में बेचने की तैयारी की जा रही थी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, यह बीज एफपीओ (फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन) के माध्यम से किसानों को बुवाई के लिए निःशुल्क वितरित किया जाना था। यदि इसे बाजार में बेचा जाता, तो इससे पात्र किसानों को मिलने वाला लाभ सीधे तौर पर प्रभावित होता। कृषि विभाग ने बरामद बीज को जब्त कर कब्जे में ले लिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया है, जिसे किसानों के हितों की रक्षा और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है।1
- मध्य प्रदेश के दतिया में टिकट कटने की घटना के बाद नरोत्तम मिश्रा का बयान सामने आया है। इस घटनाक्रम को लेकर वे अपनी प्रतिक्रिया देते हुए चर्चा में हैं।1
- ललितपुर के मड़ावरा तहसील अंतर्गत ग्राम पटना में रघुनाथ मंदिर की भूमि (आराजी संख्या 779 व 939) को लेकर विवाद बढ़ गया है। मंदिर के पुजारी का आरोप है कि सिविल कोर्ट महरौनी द्वारा स्थगन आदेश जारी किए जाने के बाद भी गांव के एक व्यक्ति ने दबंगई दिखाते हुए मंदिर की भूमि को जोतकर वहां बोनी कर दी है। पुजारी ने उपजिलाधिकारी मड़ावरा को पत्र लिखकर न्यायालय के आदेश की अनदेखी और भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत की है, जिसके बाद उपजिलाधिकारी ने थानाध्यक्ष नाराहट को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब पुजारी की बेटी ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर उपजिलाधिकारी मड़ावरा से भावुक अपील की है। वीडियो में उसने उपजिलाधिकारी को 'अंकल' कहकर संबोधित करते हुए मंदिर की भूमि से अवैध कब्जा हटवाने की गुहार लगाई है। साथ ही, उसने बरौदिया चौकी प्रभारी पर निष्पक्ष कार्रवाई न करने और विपक्षी पक्ष के साथ मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए हैं। पुजारी ने भी प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और मंदिर की जमीन को कब्जामुक्त कराने की मांग की है। फिलहाल, इन आरोपों पर पुलिस या दूसरे पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है और प्रशासनिक कार्रवाई की प्रतीक्षा है।2
- इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (इस्कॉन) ने विश्वभर में आयोजित रथ यात्रा उत्सवों को लेकर उठे सवालों के जवाब में एक आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है। इस्कॉन के विद्वानों ने श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के विद्वानों के साथ महाराज गजपति दिव्यसिंह देव जी की उपस्थिति में बैठक की है। इस संवाद के माध्यम से शास्त्रों और पुराणों के आधार पर यह स्पष्ट किया गया है कि इस्कॉन द्वारा आयोजित रथ यात्राएं पूरी तरह से शास्त्रों के अनुरूप और अनुमत हैं। इस्कॉन ने दोहराया है कि रथ यात्रा का मुख्य उद्देश्य भगवान जगन्नाथ का मंदिर से बाहर आकर बिना किसी भेदभाव के सभी पर कृपा बरसाना है। संस्था पिछले करीब 60 वर्षों से इसी सार्वभौमिक भावना का प्रसार कर रही है और अब यह परंपरा विश्व के 100 से अधिक देशों तक पहुँच चुकी है। इस्कॉन ने स्पष्ट किया है कि भारत में रथ यात्रा के समय को समायोजित करने के लिए उन्होंने काफी त्याग किया है, ताकि एसजेटीए के प्रति सम्मान बना रहे, बावजूद इसके कि इससे उनके प्रचार कार्यक्रमों पर असर पड़ता है। साथ ही, विदेशों में इन उत्सवों के आयोजन में कठिन प्रशासनिक प्रक्रियाओं, मौसम और अन्य व्यवस्थागत चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। संस्था के अनुसार, इन उत्सवों का वास्तविक उद्देश्य लोगों को भगवान जगन्नाथ की भक्ति में संलग्न करना है, जिसे उन्होंने अमेरिका, रूस, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका जैसे क्षेत्रों में लाखों भक्तों को जोड़कर सिद्ध किया है। इस्कॉन का मानना है कि जो श्रद्धालु पुरी मंदिर जाकर दर्शन करने में असमर्थ हैं, उनके लिए ये वैश्विक उत्सव भगवान की कृपा पाने का माध्यम हैं। इन प्रयासों को भारतीय समुदाय का व्यापक समर्थन मिला है, और पूर्व में महाराज गजपति स्वयं जर्मनी के बर्लिन में इस्कॉन द्वारा आयोजित रथ यात्रा में सम्मिलित हो चुके हैं।1
- सागर जिले के बहेरिया थाना क्षेत्र में वरुण स्मृति उद्यान के पास हुई झपटमारी की वारदात का पुलिस ने खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने दो विधिविरुद्ध बालकों को अभिरक्षा में लिया है और उनके पास से लगभग ₹50,000 नगद, कंपनी का टैबलेट, एक बैग तथा घटना में प्रयुक्त नीले रंग की डिस्कवर मोटरसाइकिल बरामद की है। फिलहाल इस मामले में एक अन्य आरोपी वीरसिंह पटैल की तलाश की जा रही है। घटना 07 जुलाई 2026 की है, जब भारत फाइनेंशियल इन्क्लूजन लिमिटेड (इंडसइंड बैंक) में संगम मैनेजर के पद पर कार्यरत पूनम कहार (24 वर्ष) फील्ड से वसूली करके लौट रही थीं। फरियादिया के अनुसार, वरुण स्मृति उद्यान और वेयरहाउस के बीच सुनसान जगह पर नीले रंग की मोटरसाइकिल सवार तीन अज्ञात युवकों ने उन्हें स्कूटी का स्टैंड खुला होने का बहाना बनाकर रुकवाया। जैसे ही वह स्टैंड देखने के लिए मुड़ीं, बैग झपट लिया गया और स्कूटी में लात मारकर उन्हें गिरा दिया गया। घटना में कुल ₹1,31,368 मूल्य का सामान छीना गया था, जिसमें कलेक्शन की राशि, व्यक्तिगत पैसे और कंपनी का टैबलेट शामिल था। पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेन्द्र सोलंकी के मार्गदर्शन और नगर पुलिस अधीक्षक ललित कश्यप के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी शशिकांत गुर्जर की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना पर यह कार्रवाई की। पकड़े गए दोनों बालकों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत कर सुधार गृह भेज दिया गया है। इस कार्रवाई में थाना बहेरिया के पुलिस स्टाफ की सराहनीय भूमिका रही।1
- ललितपुर के राष्ट्रीय राजमार्ग-44 स्थित कैलागुवा ब्रिज पर शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब करीब एक दर्जन युवकों ने एक युवक के साथ कथित रूप से मारपीट कर दी। इस घटना के बाद मौके पर काफी देर तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा, जिससे राहगीरों की भीड़ जमा हो गई और कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद के दौरान युवक के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराते हुए स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और दोनों पक्षों से पूछताछ कर रही है। हालांकि, इस मारपीट की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि यदि किसी पक्ष की ओर से तहरीर दी जाती है, तो उसके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस घटना का एक वीडियो भी आसपास मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया था, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, हालांकि इस वायरल वीडियो की अभी तक स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।1