उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में ईद के त्योहार पर खोड़ा थाना क्षेत्र की नवनीत विहार कॉलोनी में 11वीं कक्षा के छात्र सूर्या की चाकू मारकर हत्या कर दी गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में भारी तनाव का माहौल है। आरोप है कि सूर्या के दोस्त असद और उसके साथियों ने उसे बुलाया और पेट में चाकू घोंपकर मौत के घाट उतार दिया। बृहस्पतिवार को हुई इस वारदात के बाद शुक्रवार को उपचार के दौरान सूर्या की मृत्यु हो गई। मृतक के भाई यश चौहान द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, बृहस्पतिवार को सूर्या अपने दो दोस्तों विक्की और आयुष के साथ घर के पास घूम रहा था। तभी असद ने सूर्या को फोन कर बकरीद पर मिलने के लिए गली नंबर दो में बुलाया। सूर्या अपने दोस्तों के साथ असद के घर की ओर चला गया। शिकायत में बताया गया है कि असद अपने साथियों के साथ केले के गोदाम के पास खड़ा था और उसने सूर्या से पूछा, "कभी बकरा हलाल होते देखा है?" सूर्या के मना करने पर असद ने कहा, "आओ आज तुम्हें दिखाते हैं।" सूर्या के इनकार कर लौटने की कोशिश करने पर असद ने गाली-गलौज शुरू कर दी और चाकू निकालकर उसके पेट में घोंप दिया। चाकू पेट में ही फंसा रह गया और सूर्या करीब 200 मीटर तक जान बचाने के लिए भागा, जिसके बाद वह गिर पड़ा। आरोप है कि पीछा करते हुए आए असद और उसके साथियों ने सूर्या के पेट से चाकू निकालकर उस पर पांच-छह बार फिर हमला किया, जिससे वह बेसुध हो गया और आरोपी मौके से फरार हो गए। परिजनों ने सूर्या को पहले पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया, फिर हालत गंभीर होने पर नोएडा के एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया, जहाँ शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे उसने दम तोड़ दिया। आठ महीने पहले भी सूर्या और असद के बीच विवाद हुआ था, जो बाद में निपट गया था। एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि भाई यश की तहरीर पर बृहस्पतिवार रात असद समेत अन्य के खिलाफ जानलेवा हमले का मामला दर्ज किया गया था, जिसे सूर्या की मृत्यु के बाद हत्या में तरमीम कर दिया गया है। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, लेकिन मुख्य आरोपी असद अभी गिरफ्त से बाहर है। मृतक सूर्या की मां सरोज ठाकुर ने कहा कि उन्हें न्याय चाहिए और आरोप लगाया कि उनके बच्चे पर चाकू से हमला किया गया। घटना के बाद हिंदू संगठनों के पदाधिकारी खोड़ा थाने पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। बसपा प्रमुख और यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने इस घटना को "अति दुखद व चिंताजनक" बताया और एक्स पर लिखा कि इसकी रोकथाम के लिए शासन व प्रशासन को सही कदम उठाने और अपराधियों को कानूनी सजा दिलाने की जरूरत है। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी कहा कि "हत्यारा कोई भी हो उसे छोड़ा नहीं जाएगा" और हत्या करने वालों के खिलाफ फांसी पर चढ़ाने के लिए कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सूर्या का शव पोस्टमार्टम के बाद शनिवार दोपहर करीब 1:30 बजे घर पहुंचा, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग इलाके में एकत्र हो गए। पीड़ित परिवार, जिसमें सूर्या की मां सरोज ठाकुर भी शामिल हैं, और मौके पर मौजूद हिंदू संगठनों व राजनीतिक लोगों ने आरोपियों के "एनकाउंटर" की मांग की है। मां सरोज ठाकुर ने चेतावनी दी कि जब तक पुलिस यह कार्रवाई नहीं करती, वे शव को घर के सामने से नहीं उठने देंगे। क्षेत्र में भारी तनाव को देखते हुए शुक्रवार से ही पुलिस बल तैनात किया गया है और शनिवार को भी पुलिस ने नवनीत विहार की तरफ आने वाली गली में बेरिकेडिंग कर कई थानों की फोर्स को पूरे इलाके में तैनात कर रखा है। मौके पर डीसीपी ट्रांस हिंडन धवल जायसवाल, एसीपी साहिबाबाद अमित सक्सेना और एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव समेत अन्य अधिकारी मौजूद हैं।
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में ईद के त्योहार पर खोड़ा थाना क्षेत्र की नवनीत विहार कॉलोनी में 11वीं कक्षा के छात्र सूर्या की चाकू मारकर हत्या कर दी गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में भारी तनाव का माहौल है। आरोप है कि सूर्या के दोस्त असद और उसके साथियों ने उसे बुलाया और पेट में चाकू घोंपकर मौत के घाट उतार दिया। बृहस्पतिवार को हुई इस वारदात के बाद शुक्रवार को उपचार के दौरान सूर्या की मृत्यु हो गई। मृतक के भाई यश चौहान द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, बृहस्पतिवार को सूर्या अपने दो दोस्तों विक्की और आयुष के साथ घर के पास घूम रहा था। तभी असद ने सूर्या को फोन कर बकरीद पर मिलने के लिए गली नंबर दो में बुलाया। सूर्या अपने दोस्तों के साथ असद के घर की ओर चला गया। शिकायत में बताया गया है कि असद अपने साथियों के साथ केले के गोदाम के पास खड़ा था और उसने सूर्या से पूछा, "कभी बकरा हलाल होते देखा है?" सूर्या के मना करने पर असद ने कहा, "आओ आज तुम्हें दिखाते हैं।" सूर्या के इनकार कर लौटने की कोशिश करने पर असद ने गाली-गलौज शुरू कर दी और चाकू निकालकर उसके पेट में घोंप दिया। चाकू पेट में ही फंसा रह गया और सूर्या करीब 200 मीटर तक जान बचाने के लिए भागा, जिसके बाद वह गिर पड़ा। आरोप है कि पीछा करते हुए आए असद और उसके साथियों ने सूर्या के पेट से चाकू निकालकर उस पर पांच-छह बार फिर हमला किया, जिससे वह बेसुध हो गया और आरोपी मौके से फरार हो गए। परिजनों ने सूर्या को पहले पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया, फिर हालत गंभीर होने पर नोएडा के एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया, जहाँ शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे उसने दम तोड़ दिया। आठ महीने पहले भी सूर्या और असद के बीच विवाद हुआ था, जो बाद में निपट गया था। एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि भाई यश की तहरीर पर बृहस्पतिवार रात असद समेत अन्य के खिलाफ जानलेवा हमले का मामला दर्ज किया गया था, जिसे सूर्या की मृत्यु के बाद हत्या में तरमीम कर दिया गया है। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, लेकिन मुख्य आरोपी असद अभी गिरफ्त से बाहर है। मृतक सूर्या की मां सरोज ठाकुर ने कहा कि उन्हें न्याय चाहिए और आरोप लगाया कि उनके बच्चे पर चाकू से हमला किया गया। घटना के बाद हिंदू संगठनों के पदाधिकारी खोड़ा थाने पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। बसपा प्रमुख और यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने इस घटना को "अति दुखद व चिंताजनक" बताया और एक्स पर लिखा कि इसकी रोकथाम के लिए शासन व प्रशासन को सही कदम उठाने और अपराधियों को कानूनी सजा दिलाने की जरूरत है। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी कहा कि "हत्यारा कोई भी हो उसे छोड़ा नहीं जाएगा" और हत्या करने वालों के खिलाफ फांसी पर चढ़ाने के लिए कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सूर्या का शव पोस्टमार्टम के बाद शनिवार दोपहर करीब 1:30 बजे घर पहुंचा, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग इलाके में एकत्र हो गए। पीड़ित परिवार, जिसमें सूर्या की मां सरोज ठाकुर भी शामिल हैं, और मौके पर मौजूद हिंदू संगठनों व राजनीतिक लोगों ने आरोपियों के "एनकाउंटर" की मांग की है। मां सरोज ठाकुर ने चेतावनी दी कि जब तक पुलिस यह कार्रवाई नहीं करती, वे शव को घर के सामने से नहीं उठने देंगे। क्षेत्र में भारी तनाव को देखते हुए शुक्रवार से ही पुलिस बल तैनात किया गया है और शनिवार को भी पुलिस ने नवनीत विहार की तरफ आने वाली गली में बेरिकेडिंग कर कई थानों की फोर्स को पूरे इलाके में तैनात कर रखा है। मौके पर डीसीपी ट्रांस हिंडन धवल जायसवाल, एसीपी साहिबाबाद अमित सक्सेना और एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव समेत अन्य अधिकारी मौजूद हैं।
- जो व्यक्ति गर्दन या कमर में किसी समस्या अथवा दर्द का अनुभव कर रहे हैं, उन्हें संबंधित सहायता प्राप्त करने के लिए संपर्क करने का सुझाव दिया गया है।1
- राजधानी पटना के 'विनिता स्पीच एंड हियरिंग ऑटिज्म सेंटर' के निदेशक DR SUJEET के साथ एक खास बातचीत की गई।1
- केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को दिव्यांग व्यक्तियों के लिए विशेष रूप से निर्मित एक सोलर गाड़ी चलाते हुए देखा गया। इस दौरान उन्होंने खुद गाड़ी चलाकर इसका संचालन करके दिखाया।1
- अल्फा फर्टिलिटी एंड सर्जिकल सेंटर से जुड़ीं डॉक्टर पल्लवी निखार पाल का एक विशेष साक्षात्कार संपन्न हुआ। यह साक्षात्कार प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ के तौर पर आयोजित किया गया था।1
- Post by Kaushal kumar1
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- पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद के भावी उम्मीदवार डॉ. दिव्य ज्योति ने बिहटा के अमहारा स्थित डॉ. अशोक गगन कॉलेज कैंपस में ग्लोबल शिक्षक आईकॉन अवॉर्ड कार्यक्रम का आयोजन किया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य निजी और सरकारी शिक्षकों के लिए समान अवसर, महिला शिक्षकों के लिए सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्य वातावरण, वित्त रहित शिक्षकों के अधिकार, और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता एवं जवाबदेही जैसे मुद्दों को मजबूती से विधान परिषद तक पहुँचाना था। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, डॉ. दिव्य ज्योति ने स्पष्ट किया कि एमएलसी फंड किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं है, बल्कि शिक्षक समाज और शिक्षा व्यवस्था के विकास का एक महत्वपूर्ण संसाधन है, जिसका उपयोग पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ किया जाना चाहिए। वहीं, डॉ. अशोक गगन ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक समाज को अब एक ऐसे संघर्षशील, ईमानदार और जवाबदेह नेतृत्व की आवश्यकता है, जो शिक्षकों की आवाज को प्रभावी ढंग से विधान परिषद तक पहुँचा सके। यह शिक्षण संवाद कार्यक्रम देखते ही देखते एक भव्य रूप ले लिया, जहाँ सभी शिक्षकों, विशेषकर महिला शिक्षिकाओं ने 'डॉ. दिव्य ज्योति जिंदाबाद' के नारों से हुंकार भरी। पूरे कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों और अतिथियों में विशेष उत्साह देखने को मिला, और सभी ने प्रतिज्ञा ली कि इस बार पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में परिवर्तन लाना है और शिक्षकों की आवाज बुलंद करते हुए डॉ. दिव्य ज्योति के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना है। कई वक्ताओं ने इस आयोजन को शिक्षा जगत के लिए प्रेरणादायी और सकारात्मक पहल बताया। उपस्थित लोगों ने आग्रह किया कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित होते रहें, ताकि शिक्षा एवं शिक्षक हित से जुड़े मुद्दों पर व्यापक स्तर पर संवाद एवं समाधान का मार्ग प्रशस्त हो सके। कार्यक्रम के दौरान, विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों से आए शिक्षकों और प्राचार्यों को शिक्षा एवं राष्ट्र निर्माण में उनके विशेष योगदान के लिए प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। प्रसिद्ध साहित्यकार हेमंत कुमार ने मंच समन्वयक के रूप में कार्यक्रम का सफल संचालन किया। इस आयोजन में दिलीप शर्मा, चंदन सिंह, चिंटू पटेल, पीयूष प्रसाद, रणजीत प्रसाद, रवि पासवान, जावेद अंसारी, नितेश कुमार, रितेश कुमार, अजित शर्मा, सुधीर कुमार, संजय कुमार, श्रवण कुमार, ई. आशीष सिन्हा, पंकज रजक सहित सैकड़ों शिक्षक, शिक्षाविद एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। अंत में डॉ. दिव्य ज्योति ने डॉ. अशोक गगन कॉलेज कैंपस, अमहारा, बिहटा, पटना की प्रबंधन समिति के प्रति आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से यह शिक्षक सम्मान एवं संवाद कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।1
- यदि आपको कमर में दर्द की समस्या है या बैठने-उठने में किसी प्रकार की कठिनाई महसूस हो रही है, तो संपर्क करने का सुझाव दिया गया है।1