मुजफ्फरनगर में फर्जी हॉस्पिटल और क्लीनिक के खिलाफ हिंदू युवा वाहिनी का प्रदर्शन मुजफ्फरनगर। जनपद में तेजी से बढ़ रहे फर्जी हॉस्पिटल और गली-मोहल्लों में संचालित अवैध क्लीनिकों के खिलाफ बुधवार को हिंदू युवा वाहिनी ने जोरदार आवाज उठाई। संगठन के क्षेत्रीय संगठन मंत्री एवं सहारनपुर मंडल प्रभारी आदित्य प्रहलाद पाहुजा के नेतृत्व में जिला अध्यक्ष नवीन जांगिड़ सहित दर्जनों कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि मुजफ्फरनगर में 200 से अधिक फर्जी हॉस्पिटल और करीब 132 अवैध क्लीनिक संचालित हो रहे हैं, जिनके संचालकों के पास न तो मान्यता प्राप्त डिग्री है और न ही स्वास्थ्य विभाग से कोई वैध लाइसेंस। संगठन ने कहा कि इन अवैध संस्थानों में मरीजों से मोटी रकम वसूली जाती है और उनके जीवन के साथ गंभीर खिलवाड़ किया जा रहा है। हिंदू युवा वाहिनी ने यह भी दावा किया कि ऐसे फर्जी अस्पतालों में उपचार के नाम पर लापरवाही के चलते नवजात शिशुओं और प्रसव के दौरान महिलाओं की संदिग्ध मौतों के मामले सामने आ रहे हैं, जो बेहद चिंताजनक है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इस पूरे मामले की गहन जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। संगठन ने स्पष्ट रूप से कहा कि जिन अस्पतालों और क्लीनिकों के पास वैध दस्तावेज नहीं हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से सील किया जाए। साथ ही, बिना डिग्री के इलाज कर रहे तथाकथित डॉक्टरों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
मुजफ्फरनगर में फर्जी हॉस्पिटल और क्लीनिक के खिलाफ हिंदू युवा वाहिनी का प्रदर्शन मुजफ्फरनगर। जनपद में तेजी से बढ़ रहे फर्जी हॉस्पिटल और गली-मोहल्लों में संचालित अवैध क्लीनिकों के खिलाफ बुधवार को हिंदू युवा वाहिनी ने जोरदार आवाज उठाई। संगठन के क्षेत्रीय संगठन मंत्री एवं सहारनपुर मंडल प्रभारी आदित्य प्रहलाद पाहुजा के नेतृत्व में जिला अध्यक्ष नवीन जांगिड़ सहित दर्जनों कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि मुजफ्फरनगर में 200 से अधिक फर्जी हॉस्पिटल और करीब 132 अवैध क्लीनिक संचालित हो रहे हैं, जिनके संचालकों के पास न तो मान्यता प्राप्त डिग्री है और न ही स्वास्थ्य विभाग से कोई वैध लाइसेंस। संगठन ने कहा कि इन अवैध संस्थानों में मरीजों से मोटी रकम वसूली जाती है और उनके जीवन के साथ गंभीर खिलवाड़ किया जा रहा है। हिंदू युवा वाहिनी ने यह भी दावा किया कि ऐसे फर्जी अस्पतालों में उपचार के नाम पर लापरवाही के चलते नवजात शिशुओं और प्रसव के दौरान महिलाओं की संदिग्ध मौतों के मामले सामने आ रहे हैं, जो बेहद चिंताजनक है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इस पूरे मामले की गहन जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। संगठन ने स्पष्ट रूप से कहा कि जिन अस्पतालों और क्लीनिकों के पास वैध दस्तावेज नहीं हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से सील किया जाए। साथ ही, बिना डिग्री के इलाज कर रहे तथाकथित डॉक्टरों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
- कांग्रेस पार्टी भाड़ में जाए। मैं वंदे मातरम नहीं बोलूंगी। मैं जाकर एआईएमआईएम में शामिल हो जाऊंगी।" रुबीना इकबाल (कांग्रेस पार्षद)1
- ग्राम वहलना में अंबेडकर मूर्ति आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होने की सूचना थाना खालापार पुलिस को प्राप्त हुई। थाना खालापार पुलिस द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर मूर्ति को रिपेयर कराया गया तथा सीसीटीवी कैमरों एवं स्थाई पिकेट डयूटी लगायी गयी है। वर्तमान में कानून एवं शांति व्यवस्थी की स्थिति सामान्य है। इस सम्बन्ध में सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर श्री सिद्धार्थ मिश्रा की बाइट1
- आने वाली 13 तारीख को माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी उत्तर प्रदेश सरकार के मुजफ्फरनगर आगमन पर भारतीय किसान मजदूर संयुक्त मोर्चा के दुवारा ज्ञापन सौंपा जाएगा1
- आगामी 13 अप्रैल को मुज़फ्फरनगर के नुमाइश ग्राउंड में आयोजित होने वाली उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी की विशाल जनसभा को सफल एवं ऐतिहासिक बनाने के उद्देश्य से जनपद में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास कपिल देव अग्रवाल ने आज मुज़फ्फरनगर कचहरी परिसर में पहुंचकर अधिवक्ता बंधुओं के बीच सघन डोर-टू-डोर जनसंपर्क किया। इस दौरान उन्होंने अधिवक्ताओं से व्यक्तिगत संवाद स्थापित करते हुए उन्हें 13 अप्रैल की जनसभा में अधिकाधिक संख्या में सहभागिता करने हेतु आमंत्रित किया। मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि यह जनसभा प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों, उपलब्धियों एवं विकास कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने अधिवक्ता समुदाय से आह्वान किया कि वे स्वयं भी कार्यक्रम में उपस्थित हों तथा अधिक से अधिक लोगों को भी प्रेरित करें, जिससे यह जनसभा ऐतिहासिक स्वरूप प्राप्त कर सके। जनसंपर्क के दौरान अधिवक्ता बंधुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला तथा सभी ने कार्यक्रम को सफल बनाने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख अधिवक्ता एवं पदाधिकारीगण सुरेन्द्र मलिक (महासचिव, जिला बार संघ), चन्द्रवीर सिंह निर्वाल (पूर्व महासचिव), प्रदीप मलिक (पूर्व महासचिव), अनिल जिंदल (पूर्व अध्यक्ष), डीजीसी राजीव शर्मा, मानवेन्द्र जैन, रामफल सिंह पुंडीर, नेपाल सिंह वर्मा, अतुल हसन, सुरेन्द्र त्यागी, राजेश शर्मा, गोपाल माहेश्वरी, ओमप्रकाश उपाध्याय, रविन्द्र पाल, अमित त्यागी, शिवकुमार कश्यप, प्रदीप वर्मा, सीताराम वर्मा, प्रवीण जावला, अमित मित्तल, राजेन्द्र शर्मा, नीरज गौतम, रामफल सिंह गुर्जर, अंकित त्यागी, विवेक त्यागी, अनुप सिंह सैनी, राजकुमार बंसली, अमित सिंगल, विनोद कौशिक, अनुज गुप्ता, सुनील गुप्ता, हर्षपाल सिंह सहित अन्य अधिवक्ता गण उपस्थित रहे। अंत में अधिवक्ता बंधुओं से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी के विचारों को सुनने एवं जनसभा में अधिकाधिक संख्या में सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया।1
- Post by Praveen Kumar1
- निर्माना गांव मे जांच से पहले गांव में तनाव, पुलिस सुरक्षा की मांग! मुजफ्फरनगर के ग्राम निगराना में माहौल उस वक्त गरमा गया जब हाईकोर्ट के आदेश पर होने वाली जांच को लेकर ग्रामीणों ने पुलिस सुरक्षा की मांग उठा दी। 10 अप्रैल 2026 को सुबह 11 बजे प्रस्तावित जांच से पहले ग्रामीणों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को लिखित पत्र सौंपकर साफ कहा है कि बिना पुलिस बल के निष्पक्ष जांच संभव नहीं। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ शिकायतों की जांच के दौरान मौके पर झगड़ा और विवाद होने की पूरी आशंका है। इसी को देखते हुए न सिर्फ पुलिस बल तैनात करने, बल्कि पूरी जांच की वीडियो ग्राफी कराने की भी मांग की गई है। पत्र में साफ तौर पर चेतावनी दी गई है कि अगर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हुए तो जांच प्रभावित हो सकती है और हालात बिगड़ सकते हैं। अब बड़ा सवाल क्या प्रशासन समय रहते सुरक्षा देगा या जांच के दिन गांव में बढ़ेगा तनाव? अपने आप मे बड़ा सवाल5
- लड़की का महीना शुरू हो जाये बस मान लो लड़की जवान हो जाये.... निकाह उससे कर सकें.. चाहे वो 10 साल की हो1
- Post by Khulasha news1
- Post by Aviraj Rathi1