गुमला /बसिया : एकलव्य विद्यालय बसिया के 8 छात्रों का 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के लिए चयन, क्षेत्र में खुशी की लहर *एकलव्य विद्यालय बसिया के 8 छात्रों का 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के लिए चयन, क्षेत्र में खुशी की लहर* बसिया (गुमला): राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति, जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, बसिया के छात्रों ने एक बार फिर अपनी मेधा का लोहा मनवाया है। विद्यालय के कक्षा 10 के आठ छात्रों का चयन देश भर में स्थापित 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' में इंजीनियरिंग की निःशुल्क कोचिंग के लिए हुआ है। इस सफलता पर विद्यालय परिवार और पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। *इन छात्रों का हुआ चयन* सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए चयनित मेधावी छात्रों में उमेश उराँव, आकाश उराँव, अमित उराँव, आनंद उराँव, गंगा उराँव, पॉल जैक्सन केरकेट्टा, रुस्तम उराँव तथा संदीप उराँव शामिल हैं। ये छात्र अब आवासीय व्यवस्था के तहत रहकर इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करेंगे। *लगातार दूसरे वर्ष विद्यालय का शानदार प्रदर्शन* विद्यालय की इस उपलब्धि का सिलसिला पिछले वर्ष से ही जारी है। ज्ञात हो कि गत वर्ष भी विद्यालय के दो छात्रों, अलोक उराँव तथा दिनेश उराँव का चयन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए हुआ था। ये दोनों छात्र वर्तमान में चनकापुर (महाराष्ट्र) स्थित सेंटर में रहकर इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे हैं। *शिक्षाको ने दी बधाई* आठ छात्रों की इस बड़ी सफलता पर विद्यालय के प्राचार्य संजय कुमार सिंह, निरीक्षक अखिलेश कुमार एवं ओम प्रकाश सिन्हा तथा विद्या विकास समिति के प्रदेश सचिव नकुल कुमार शर्मा ने सभी सफल छात्रों को हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने छात्रों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि अन्य छात्रों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी। गौरतलब है कि जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार की यह पहल जनजातीय बच्चों के सपनों को उड़ान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, जिससे ग्रामीण अंचल के बच्चे भी अब इंजीनियरिंग और मेडिकल जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में अपना भविष्य संवार रहे हैं।
गुमला /बसिया : एकलव्य विद्यालय बसिया के 8 छात्रों का 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के लिए चयन, क्षेत्र में खुशी की लहर *एकलव्य विद्यालय बसिया के 8 छात्रों का 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के लिए चयन, क्षेत्र में खुशी की लहर* बसिया (गुमला): राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति, जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, बसिया के छात्रों ने एक बार फिर अपनी मेधा का लोहा मनवाया है। विद्यालय के कक्षा 10 के आठ छात्रों का चयन देश भर में स्थापित 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' में इंजीनियरिंग की निःशुल्क कोचिंग के लिए हुआ है। इस सफलता पर विद्यालय परिवार और पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। *इन छात्रों का हुआ चयन* सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए चयनित मेधावी छात्रों में उमेश उराँव, आकाश उराँव, अमित उराँव, आनंद उराँव, गंगा उराँव, पॉल जैक्सन केरकेट्टा, रुस्तम उराँव तथा संदीप उराँव शामिल हैं। ये छात्र अब आवासीय व्यवस्था के तहत रहकर इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करेंगे। *लगातार दूसरे वर्ष विद्यालय का शानदार प्रदर्शन* विद्यालय की इस उपलब्धि का सिलसिला पिछले वर्ष से ही जारी है। ज्ञात हो कि गत वर्ष भी विद्यालय के दो छात्रों, अलोक उराँव तथा दिनेश उराँव का चयन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए हुआ था। ये दोनों छात्र वर्तमान में चनकापुर (महाराष्ट्र) स्थित सेंटर में रहकर इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे हैं। *शिक्षाको ने दी बधाई* आठ छात्रों की इस बड़ी सफलता पर विद्यालय के प्राचार्य संजय कुमार सिंह, निरीक्षक अखिलेश कुमार एवं ओम प्रकाश सिन्हा तथा विद्या विकास समिति के प्रदेश सचिव नकुल कुमार शर्मा ने सभी सफल छात्रों को हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने छात्रों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि अन्य छात्रों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी। गौरतलब है कि जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार की यह पहल जनजातीय बच्चों के सपनों को उड़ान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, जिससे ग्रामीण अंचल के बच्चे भी अब इंजीनियरिंग और मेडिकल जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में अपना भविष्य संवार रहे हैं।
- Post by AAM JANATA1
- चैनपुर थाना क्षेत्र के रामपुर के समीप सोमवार शाम लगभग 6:00 बजे हुए एक सड़क हादसे ने स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही को उजागर कर दिया है। इस हादसे में ऑटो चालक वाल्टर रंजीत एक्का (62) की दर्दनाक मौत हो गई। हैरानी की बात यह रही कि अस्पताल पहुंचने के बाद भी न तो उन्हें समय पर इलाज मिल सका और न ही उनकी मौत की पुष्टि के लिए कोई डॉक्टर मौजूद था।1
- सफी नदी पुल से नीचे गिरा ऑटो, चालक की मौके पर मौत तीन घायल, चैनपुर अस्पताल की व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल चैनपुर (गुमला) : चैनपुर मुख्यालय क्षेत्र स्थित सफी नदी पुल के समीप सोमवार को एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में ऑटो चालक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि ऑटो में सवार अन्य लोग घायल हो गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार सभी यात्री चैनपुर से अपने घर की ओर ऑटो से जा रहे थे। जैसे ही वाहन सफी नदी पर बने पुल के पास पहुंचा, अचानक ऑटो का संतुलन बिगड़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वाहन की गति अचानक तेज हो गई और चालक का नियंत्रण पूरी तरह छूट गया, जिससे ऑटो पुल से नीचे जा गिरा। दुर्घटना का दृश्य अत्यंत भयावह बताया जा रहा है। इस हादसे में ऑटो चालक रंजीत एक्का, पिता जवाकिम एक्का, उम्र लगभग पैंसठ वर्ष की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं ऑटो में सवार ज्योति उरांव, पति मिलयानुष उरांव, निवासी डोका पाठ गंभीर रूप से घायल हो गईं। इसके अलावा अनूप टोप्पो, पिता राजेश टोप्पो तथा अणिमा एक्का, पिता स्वर्गीय विजय एक्का भी घायल हुए हैं। घायल ज्योति उरांव ने बताया कि सभी लोग सामान्य रूप से घर लौट रहे थे, तभी पुल के ऊपर अचानक ऑटो का हैंडल मुड़ गया और वाहन सीधे नीचे जा गिरा। घटना की सूचना मिलते ही चैनपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों के सहयोग से मृतक एवं घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चैनपुर लाया गया, जहां घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया। घटना की जानकारी मिलते ही चैनपुर उप प्रमुख प्रमोद खलखो अस्पताल पहुंचे। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों की अनुपस्थिति देखकर उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी दुर्घटना होने के बावजूद अस्पताल में कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था, जो अत्यंत चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब चालक की घटनास्थल पर ही मौत हो चुकी थी, तो उसकी आधिकारिक पुष्टि करने के लिए डॉक्टर उपलब्ध क्यों नहीं थे और मरीजों को तुरंत गुमला रेफर करने की स्थिति क्यों बनती है। उप प्रमुख प्रमोद खलखो ने आरोप लगाया कि चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लगभग तीन प्रखंडों की जनता निर्भर है, लेकिन यहां आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था कमजोर बनी हुई है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में अधिकांश कार्य सीएचओ के भरोसे चल रहा है, जबकि गंभीर मामलों में चिकित्सकों की उपस्थिति अनिवार्य है। उन्होंने यह भी कहा कि केवल कागजी दावों और सोशल मीडिया प्रचार से स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत नहीं हो सकती, जमीनी स्तर पर सुधार आवश्यक है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई महीनों से अस्पताल की व्यवस्था को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस सुधार नहीं दिखा है। ग्रामीणों के अनुसार मरीज इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन पर्याप्त सुविधा नहीं मिलने के कारण उन्हें बाहर रेफर कर दिया जाता है, जिससे समय और जीवन दोनों पर खतरा बढ़ जाता है। इस संबंध में पूछे जाने पर चैनपुर चिकित्सा प्रभारी डॉ. दीपशिखा किंडो ने दूरभाष पर बताया कि उस दिन स्वास्थ्य विभाग का एक कार्यक्रम केरागनी क्षेत्र में संचालित हो रहा था, जिसके कारण स्वास्थ्य कर्मी वहां व्यस्त थे। हालांकि घटना के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और अस्पताल की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर चर्चा शुरू हो गई है।1
- Post by Altamas Rja1
- चैनपुर : चैनपुर थाना क्षेत्र के साफी नदी (रामपुर) के पास आज एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। अनियंत्रित होकर एक ऑटो नदी के पुल के डिवाइडर में जा फंसा। इस भीषण टक्कर में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।1
- झारखंड के निजी स्कूलों में वार्षिक शुल्क और री-एडमिशन के नाम पर अभिभावकों से मोटी राशि वसूली जा रही है।सरकार इस पर तत्काल रोक लगाए।1
- Post by AAM JANATA1
- गुमला समाहरणालय सभागार में आज जिला स्तरीय उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन हुआ #gumla #jharkhand1
- ग्रामीण बोले आंगनबाड़ी केंद्र जर्जर होने की वजह से आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहता है1