थाना जैंत क्षेत्र के छटीकरा निवासी एक किसान रोहन सिंह की ट्रैक्टर-ट्रॉली चोरी का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। घटना को करीब 4 महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक पुलिस चोरी हुए वाहन का कोई ठोस सुराग नहीं लगा पाई है। पीड़ित किसान का आरोप है कि कुछ समय पहले पुलिस ने उसे सूचना दी कि उसका ट्रैक्टर मिल गया है। पुलिस के पास सेफ है जैसे ही चोर छूटेगा तुम्हारा ट्रैक्टर ट्राली तुम्हें दे दिया जाएगा कुछ दिन बीतने के बाद पुलिस 24 March 2026 को रात 10:00 बजे किसान को फोन करके जैंत थाने बुलाया जाता है वह थाने पहुंचा तो उसे एक पुराना और अलग ट्रैक्टर दिखाकर कहा गया कि “इसे ले जाओ”, जबकि वह उसका नहीं था। किसान ने मना किया कि मुझे मेरा ही ट्रैक्टर चाहिए मुझे यह नहीं चाहिए क्योंकि यह भी तो चोरी का है कल को मेरे ऊपर भी चोरी का मुकदमा हो सकता है मुझे मेरा ट्रैक्टर दे दो इस पर पुलिस ने यह कहा कि लेना हो तो इसी को ले लो नहीं तो कहीं भी जाओ तुम्हारा ट्रैक्टर नहीं मिलेगा इस घटनाक्रम के बाद किसान और उसके परिजनों में भारी नाराजगी है। किसान का कहना है कि पुलिस की इस कार्यप्रणाली से उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद कम होती जा रही है। वहीं, क्षेत्र में भी इस मामले को लेकर लोगों में आक्रोश बढ़ता दिख रहा है। 👉 अब सवाल यह उठता है कि आखिर 4 महीने बाद भी पुलिस चोरी हुए ट्रैक्टर तक क्यों नहीं पहुंच पाई? 👉 क्या जांच में लापरवाही हो रही है या मामला कहीं और अटका हुआ है? ब्यूरो चीफ ओमप्रकाश लवानिया
थाना जैंत क्षेत्र के छटीकरा निवासी एक किसान रोहन सिंह की ट्रैक्टर-ट्रॉली चोरी का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। घटना को करीब 4 महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक पुलिस चोरी हुए वाहन का कोई ठोस सुराग नहीं लगा पाई है। पीड़ित किसान का आरोप है कि कुछ समय पहले पुलिस ने उसे सूचना दी कि उसका ट्रैक्टर मिल गया है। पुलिस के पास सेफ है जैसे ही चोर छूटेगा तुम्हारा ट्रैक्टर ट्राली तुम्हें दे दिया जाएगा कुछ दिन बीतने के बाद पुलिस 24 March 2026 को रात 10:00 बजे किसान को फोन करके जैंत थाने बुलाया जाता है वह थाने पहुंचा तो उसे एक पुराना और अलग ट्रैक्टर दिखाकर कहा गया कि “इसे ले जाओ”, जबकि वह उसका नहीं था। किसान ने मना किया कि मुझे मेरा ही ट्रैक्टर चाहिए मुझे यह नहीं चाहिए क्योंकि यह भी तो चोरी का है कल को मेरे ऊपर भी चोरी का मुकदमा हो सकता है मुझे मेरा ट्रैक्टर दे दो इस पर पुलिस ने यह कहा कि लेना हो तो इसी को ले लो नहीं तो कहीं भी जाओ तुम्हारा ट्रैक्टर नहीं मिलेगा इस घटनाक्रम के बाद किसान और उसके परिजनों में भारी नाराजगी है। किसान का कहना है कि पुलिस की इस कार्यप्रणाली से उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद कम होती जा रही है। वहीं, क्षेत्र में भी इस मामले को लेकर लोगों में आक्रोश बढ़ता दिख रहा है। 👉 अब सवाल यह उठता है कि आखिर 4 महीने बाद भी पुलिस चोरी हुए ट्रैक्टर तक क्यों नहीं पहुंच पाई? 👉 क्या जांच में लापरवाही हो रही है या मामला कहीं और अटका हुआ है? ब्यूरो चीफ ओमप्रकाश लवानिया
- पुलिस ने 24 साइबर ठगो को किया गिरफ्तार अमर दीप सेन डीग पुलिस अधीक्षक डीग श्री शरण गोपीनाथ के. द्वारा जिले में साइबर ठगों के विरूद्ध चलाये जा रहे विशेष अभियान,,ऑपरेशन एण्टीवायरस,,के तहत डीग पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुए 24 साईबर ठग को गिरफ्तार कर 05 विधि से संघर्शरत बाल अपचारी को किया निरूद्ध, साईबर ठगो के कब्जे से कुल 31 एन्ड्रायड मोबाइल , 21 फर्जी सिम, 01 लाख 11 हजार 400 रूपये की नकदी को किया जप्त।1
- Post by Rajesh Kumar1
- “इस वक्त की बड़ी खबर—देश की राजनीति में फिर मचा घमासान! #rprnewstv #latestnews #news #rprnews “मल्लिकार्जुन खड़गे को लेकर दिए गए बयान पर बवाल इतना बढ़ गया है कि कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं!” “#हिमंत_बिस्व_सरमा के बयान के विरोध में जिले में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन देखने को मिला…” “जिला #कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश धनगर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर पर जोरदार हंगामा किया…” “इतना ही नहीं—मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा का पुतला भी फूंका गया और जमकर नारेबाजी की गई!” “प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि इस तरह की बयानबाजी राजनीतिक मर्यादाओं के खिलाफ है और लोकतंत्र का अपमान है!” “कांग्रेस ने दो टूक कहा है—अपने शीर्ष नेतृत्व के सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा!” “स्थिति को संभालने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा… लेकिन कार्यकर्ताओं का गुस्सा कम होता नहीं दिख रहा…” “कांग्रेस की मांग—हिमंत बिस्व सरमा तुरंत अपने बयान पर सार्वजनिक माफी मांगें!” “और चेतावनी भी दी गई है—अगर माफी नहीं मिली, तो आंदोलन और तेज होगा!” “अब बड़ा सवाल—क्या हिमंत बिस्व सरमा माफी मांगेंगे? या फिर यह सियासी टकराव और बढ़ेगा “हर अपडेट के लिए हमारे चैनल RPRNEWSTV DIGITAL को *Subscribe* करना न भूलें!”1
- मथुरा धर्म नगरी वृंदावन में दर्शन करने आए पर्यटकों को क्या पता था की दर्शन कर नौका विहार करना उनके लिए मौत का कारण बन जाएगा शुक्रवार की दोपहर यमुना नदी में नौका विहार कर रहे पर्यटकों का स्टीमर अचानक पलट गया जिसमें स्टीमर सवार 14 लोगों को स्थानीय लोगों और नाभिकों ने बचा लिया और अब तक 10 पर्यटकों के सब निकल जा चुके हैं जबकि प्रशासन के अनुसार छह लोग लापता है जिनके राहत और बचाव कार्य जारी है4
- मथुरा के सुरीर की एक दुकान पर उस समय मजेदार माहौल बन गया, जब चाचा जी के हाथ में अंडा देखकर भतीजों को शक हो गया। भतीजों ने तुरंत चाचा को “अंडा चोर” घोषित कर दिया और मजाक-मजाक में पूछताछ शुरू कर दी। चाचा जी ने भी जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया, जिससे आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और माहौल और भी मजेदार बन गया। बात इतनी बढ़ी कि पुलिस बुलाने की चर्चा तक हो गई। हालांकि बाद में सब हंसी-मजाक निकला, लेकिन इस “अंडा कांड” की चर्चा पूरे इलाके में हो रही है।1
- Post by Satyawati Chaudhary1
- सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ चलाया नगर परिषद ने कडा अभियान बाजार में अफरा तफरी अमर दीप सैन डीग नगर परिषद ने शुक्रवार शाम सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ सख्त अभियान चलाया। आयुक्त कुलदीप सिंह के नेतृत्व में शहर के विभिन्न इलाकों में छापेमार कार्रवाई की गई। इस दौरान तीन अलग-अलग प्रतिष्ठानों से भारी मात्रा में प्रतिबंधित पॉलीथिन थैलियां बरामद की गईं, जिससे दुकानदारों में हड़कंप मच गया। टीम ने सबसे पहले मेला मैदान स्थित सब्जी मंडी क्षेत्र में कार्रवाई की। यहां पातरिया की दुकान से लगभग 263 किलोग्राम सिंगल यूज प्लास्टिक जब्त किया गया। इसके बाद, धीरज किराना स्टोर पर छापा मारा गया, जहां से 45 किलोग्राम पॉलीथिन बरामद हुई। कामां गेट क्षेत्र में खोह वालों की दुकान से भी 16 किलोग्राम प्रतिबंधित प्लास्टिक बैग जब्त किए गए। आयुक्त कुलदीप सिंह ने बताया कि सरकार ने सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया हुआ है। इसके बावजूद कुछ व्यापारी नियमों की अनदेखी कर इसका उपयोग और भंडारण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नगर परिषद लगातार निगरानी रख रही है और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अचानक हुई इस कार्रवाई से बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई दुकानदारों ने अपनी दुकानों से प्लास्टिक सामग्री हटाने का प्रयास किया। नगर परिषद की टीम ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाने के साथ-साथ अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। नगर परिषद ने शहरवासियों और व्यापारियों से सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग पूरी तरह बंद करने की अपील की है। उन्हें कपड़े या अन्य पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को अपनाने का सुझाव दिया गया है। परिषद का उद्देश्य शहर को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाना है, जिसके लिए जनसहभागिता को आवश्यक बताया गया है।इस मौके परछतर सिंह राजाराम गुर्जरसचिन शर्मा योगेश गुर्जरटीकम सैनी वीरू जमादार कार्रवाई के दौरान मौजूद रहे4
- मथुरा के वृंदावन में 30 पर्यटकों से भरा स्टीमर यमुना नदी में पलट गया। हादसे में 10 पर्यटकों की डूबने से मौत हो गई। इनमें 6 महिलाएं और 4 पुरुष हैं। स्टीमर में सवार सभी पर्यटक पंजाब से घूमने आए थे। डीएम चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया, हादसा दोपहर करीब 3 बजे केसी घाट पर हुआ, जो श्रीबांके बिहार मंदिर से ढाई किमी की दूरी पर है। राहत और बचाव कार्य के लिए सेना आ गई है। स्थानीय 50 गोताखोर भी सर्च ऑपरेशन में जुटे हैं। घायलों को रामकृष्ण मिशन अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका फ्री इलाज होगा। गाजियाबाद से NDRF की टीम भी वृंदावन आ गई है। डीआईजी शैलेश पांडेय ने बताया, पर्यटक 2 स्टीमर में सवार थे। एक पलट गया, जिस पर 25 से 27 लोग सवार थे। 10 लोगों की मौत हुई है। 12 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। 3 से 5 लोगों के अभी लापता होने की सूचना है। रेस्क्यू टीम लगातार सर्च कर रही हैं। पर्यटक मनोहर लाल ने बताया- हम सभी जगराओं (लुधियाना) से आए हैं। तेज हवा चल रही थी। यमुना नदी के बीच में स्टीमर अचानक तेज हवा से डगमगाने लगा। स्पीड भी बढ़ गई। तभी स्टीमर पीपा पुल से टकराकर पलट गया। डीआईजी शैलेश कुमार पांडेय का कहना है कि पंजाब के श्रद्धालुओं का एक ग्रुप आया था। दो नावों में करीब 33 लोग सवार थे। एक नाव में 25-27 लोग थे। वह नाव दुर्घटनाग्रस्त हो गई। 10 डेड बॉडी रिकवर की गई हैं। 12 लोग सकुशल हैं। मिसिंग 3 से 5 संख्या हो सकती हैं। उनकी तलाश में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। मिलान किया जा रहा है कि वो बाहर हैं या उनके फंसे होने की आशंका है।4
- वृंदावन में बड़ा हादसा सामने आया है। यमुना नदी में केशीघाट के पास श्रद्धालुओं से भरा स्टीमर अचानक पलट गया। बताया जा रहा है कि स्टीमर में 25–30 पर्यटक सवार थे, जो पंजाब से दर्शन करने आए थे। हादसे में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 6 महिलाएं और 4 पुरुष शामिल हैं। करीब 12 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि 3 से 5 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज हवा के कारण स्टीमर नदी के बीच असंतुलित हो गया और पीपा पुल से टकराकर पलट गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कई लोग अपनी जान बचाने के लिए तैरते नजर आए। राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी है। NDRF और सेना की टीम मौके पर पहुंच गई है, वहीं स्थानीय गोताखोर भी सर्च ऑपरेशन में जुटे हैं। घायलों का इलाज रामकृष्ण मिशन अस्पताल में किया जा रहा है। प्रशासन के अनुसार, सभी लापता लोगों की तलाश जारी है।1