टीकमगढ़ पुलिस की साप्ताहिक जनसुनवाई में नागरिकों की समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश *टीकमगढ़ पुलिस की साप्ताहिक जनसुनवाई में नागरिकों की समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश* *टीकमगढ़ | दिनांक 25 अगस्त 2026* टीकमगढ़ पुलिस द्वारा पुलिस एवं आमजन के मध्य बेहतर संवाद, पारदर्शिता तथा आपसी विश्वास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रत्येक मंगलवार नियमित जनसुनवाई आयोजित की जा रही है। *पुलिस अधीक्षक श्री सुधीर अग्रवाल* के निर्देशन में संचालित यह पहल नागरिकों को अपनी शिकायत एवं समस्याएं सीधे पुलिस अधिकारियों तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन रही है। इसी क्रम में आज *मंगलवार, 25 अगस्त 2026* को पुलिस अधीक्षक कार्यालय के साथ-साथ जिले के सभी थाना एवं चौकी स्तर पर जनसुनवाई आयोजित की गई। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी शिकायतें, पारिवारिक एवं सामाजिक समस्याएं तथा अन्य पुलिस संबंधी विषय अधिकारियों के समक्ष रखे। *आवेदनों को गंभीरता से सुनकर दिए समयबद्ध निराकरण के निर्देश* *पुलिस अधीक्षक श्री सुधीर अग्रवाल* ने जनसुनवाई में उपस्थित नागरिकों से सीधे संवाद करते हुए उनकी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक आवेदन का तथ्यों के आधार पर परीक्षण कर *निष्पक्ष जांच, नियमानुसार कार्रवाई एवं निर्धारित समय-सीमा में निराकरण* सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि शिकायतकर्ताओं के साथ संवेदनशील एवं सम्मानजनक व्यवहार रखा जाए तथा प्रत्येक प्रकरण में उपलब्ध तथ्यों और कानून के अनुरूप उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। * महिला, बुजुर्ग एवं कमजोर वर्गों के प्रकरणों पर विशेष ध्यान* जनसुनवाई के दौरान *महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों एवं अन्य जरूरतमंद वर्गों* से संबंधित शिकायतों को प्राथमिकता से सुना गया। संबंधित अधिकारियों को ऐसे मामलों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने तथा प्रकरणों का संवेदनशीलता के साथ निराकरण करने के निर्देश दिए गए। *थाना एवं चौकी स्तर पर नागरिकों को मिल रही सुविधा* टीकमगढ़ पुलिस द्वारा जनसुनवाई की प्रक्रिया को पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक सीमित न रखते हुए *थाना एवं चौकी स्तर तक विस्तार* दिया गया है। इसका प्रमुख उद्देश्य यह है कि आम नागरिकों को अपनी समस्या लेकर जिला मुख्यालय तक आने की आवश्यकता कम हो और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही पुलिस अधिकारियों से संपर्क कर सहायता प्राप्त हो सके। इस व्यवस्था के माध्यम से नागरिकों के लिए पुलिस तक पहुंच अधिक सरल हुई है तथा स्थानीय स्तर पर शिकायतों की सुनवाई और उनके निराकरण की प्रक्रिया को भी प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। *संवाद और विश्वास की दिशा में निरंतर पहल* नियमित जनसुनवाई पुलिस एवं जनता के बीच सीधे संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। इसके माध्यम से नागरिक बिना किसी संकोच के अपनी समस्याएं एवं सुझाव पुलिस अधिकारियों के सामने रख पा रहे हैं। वहीं पुलिस द्वारा भी प्राप्त शिकायतों की गंभीरता से समीक्षा कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। *टीकमगढ़ पुलिस का उद्देश्य है कि प्रत्येक नागरिक को पुलिस सेवा सरल, सुलभ, संवेदनशील एवं जवाबदेह तरीके से उपलब्ध हो।* नियमित जनसुनवाई इसी उद्देश्य की दिशा में निरंतर जारी एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत करते हुए पुलिस और आमजन के बीच विश्वास एवं सहयोग की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है।
टीकमगढ़ पुलिस की साप्ताहिक जनसुनवाई में नागरिकों की समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश *टीकमगढ़ पुलिस की साप्ताहिक जनसुनवाई में नागरिकों की समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश* *टीकमगढ़ | दिनांक 25 अगस्त 2026* टीकमगढ़ पुलिस द्वारा पुलिस एवं आमजन के मध्य बेहतर संवाद, पारदर्शिता तथा आपसी विश्वास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रत्येक मंगलवार नियमित जनसुनवाई आयोजित की जा रही है। *पुलिस अधीक्षक श्री सुधीर अग्रवाल* के निर्देशन में संचालित यह पहल नागरिकों को अपनी शिकायत एवं समस्याएं सीधे पुलिस अधिकारियों तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन रही है। इसी क्रम में आज *मंगलवार, 25 अगस्त 2026* को पुलिस अधीक्षक कार्यालय के साथ-साथ जिले के सभी थाना एवं चौकी स्तर पर जनसुनवाई आयोजित की गई। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी शिकायतें, पारिवारिक एवं सामाजिक समस्याएं तथा अन्य पुलिस संबंधी विषय अधिकारियों के समक्ष रखे। *आवेदनों को गंभीरता से सुनकर दिए समयबद्ध निराकरण के निर्देश* *पुलिस अधीक्षक श्री सुधीर अग्रवाल* ने जनसुनवाई में उपस्थित नागरिकों से सीधे संवाद करते हुए उनकी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक आवेदन का तथ्यों के आधार पर परीक्षण कर *निष्पक्ष जांच, नियमानुसार कार्रवाई एवं निर्धारित समय-सीमा में निराकरण* सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि शिकायतकर्ताओं के साथ संवेदनशील एवं सम्मानजनक व्यवहार रखा जाए तथा प्रत्येक प्रकरण में उपलब्ध तथ्यों और कानून के अनुरूप उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। * महिला, बुजुर्ग एवं कमजोर वर्गों के प्रकरणों पर विशेष ध्यान* जनसुनवाई के दौरान *महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों एवं अन्य जरूरतमंद वर्गों* से संबंधित शिकायतों को प्राथमिकता से सुना गया। संबंधित अधिकारियों को ऐसे मामलों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने तथा प्रकरणों का संवेदनशीलता के साथ निराकरण करने के निर्देश दिए गए। *थाना एवं चौकी स्तर पर नागरिकों को मिल रही सुविधा* टीकमगढ़ पुलिस द्वारा जनसुनवाई की प्रक्रिया को पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक सीमित न रखते हुए *थाना एवं चौकी स्तर तक विस्तार* दिया गया है। इसका प्रमुख उद्देश्य यह है कि आम नागरिकों को अपनी समस्या लेकर जिला मुख्यालय तक आने की आवश्यकता कम हो और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही पुलिस अधिकारियों से संपर्क कर सहायता प्राप्त हो सके। इस व्यवस्था के माध्यम से नागरिकों के लिए पुलिस तक पहुंच अधिक सरल हुई है तथा स्थानीय स्तर पर शिकायतों की सुनवाई और उनके निराकरण की प्रक्रिया को भी प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। *संवाद और विश्वास की दिशा में निरंतर पहल* नियमित जनसुनवाई पुलिस एवं जनता के बीच सीधे संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। इसके माध्यम से नागरिक बिना किसी संकोच के अपनी समस्याएं एवं सुझाव पुलिस अधिकारियों के सामने रख पा रहे हैं। वहीं पुलिस द्वारा भी प्राप्त शिकायतों की गंभीरता से समीक्षा कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। *टीकमगढ़ पुलिस का उद्देश्य है कि प्रत्येक नागरिक को पुलिस सेवा सरल, सुलभ, संवेदनशील एवं जवाबदेह तरीके से उपलब्ध हो।* नियमित जनसुनवाई इसी उद्देश्य की दिशा में निरंतर जारी एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत करते हुए पुलिस और आमजन के बीच विश्वास एवं सहयोग की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है।
- शराब के नशे में धुत स्कूल पहुंचे शिक्षक पर कलेक्टर की गिरी कार्रवाई की जांच तत्काल निलंबित शराब के नशे में धुत्त स्कूल पहुंचे शिक्षक पर कलेक्टर की गिरीं कार्रवाई की गाज, तत्काल निलंबन टीकमगढ़। बच्चों को शिक्षा, संस्कार और अनुशासन का पाठ पढ़ाने वाले शिक्षक पर शराब के नशे में स्कूल पहुंचने और विद्यार्थियों व अभिभावकों से गाली-गलौज करने के आरोप जांच में सही पाए जाने के बाद कलेक्टर ने तत्काल निलंबन की कार्रवाई की है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से शुरू हुआ मामला अब शिक्षक के निलंबन तक पहुंच गया है। मामला शासकीय प्राथमिक शाला ढड़कना, संकुल केंद्र शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अहर का है। जिला शिक्षा अधिकारी टीकमगढ़ के प्रतिवेदन और विकासखंड शिक्षा अधिकारी बल्देवगढ़ की जांच के आधार पर शिक्षक देवेन्द्र श्रीवास्तव के विरुद्ध कार्रवाई की गई। जांच रिपोर्ट में ग्रामीणों के कथन एवं पंचनामा के आधार पर सामने आया कि शिक्षक शराब के नशे में विद्यालय पहुंचे और बच्चों के साथ गाली-गलौज की। आरोप है कि जब बच्चे अपने माता-पिता को लेकर स्कूल पहुंचे तो उनके साथ भी अभद्र व्यवहार एवं गाली-गलौज की गई। मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने जांच कराई। जांच में आरोप सही पाए जाने को शासकीय सेवक का अशोभनीय एवं नियमों के विपरीत कृत्य मानते हुए कलेक्टर ने सख्त कदम उठाया। आदेश में कहा गया कि शिक्षक का कृत्य मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम-1965 के नियम-3(1)(2)(3) के प्रतिकूल होकर गंभीर कदाचरण की श्रेणी में आता है। कलेक्टर के आदेश के अनुसार देवेन्द्र श्रीवास्तव को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम-1966 के नियम-9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय टीकमगढ़ निर्धारित किया गया है तथा नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। कलेक्टर का यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।1
- शराब के नशे में विद्यालय पहुंचा शिक्षक! शिक्षक हुआ निलंबित शराब के नशे में विद्यालय पहुंचा शिक्षक! बल्देवगढ़ अंतर्गत ग्राम ढड़कना (अहार)के मिडिल स्कूल में शिक्षक के कथित रूप से शराब के नशे में विद्यालय पहुंचने का वीडियो अभिभावकों ने बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया। मामले में शिक्षा विभाग से जांच और कार्रवाई की मांग उठ रही है।1
- 📍घुवारा क्षेत्र वासियों के लिए बड़ी खबर* रक्षाबंधन पर K P इलेक्ट्रिक स्कूटी शोरूम दे रहा है खास ऑफर *घुवारा | 26/08/2026* रक्षाबंधन के शुभ अवसर पर घुवारा क्षेत्र के लोगों के लिए खुशखबरी है। *K P इलेक्ट्रिक स्कूटी शोरूम, घुवारा-टीकमगढ़ रोड* पर अब इलेक्ट्रिक स्कूटी उचित और किफायती रेट पर उपलब्ध है। शोरूम संचालक *मित्र प्रशांत असाटी जी* ने बताया कि सावन और रक्षाबंधन के त्यौहार को देखते हुए ग्राहकों के लिए विशेष ऑफर लाए गए हैं। इस अवसर पर स्कूटी खरीदने वाले ग्राहक अपनी किस्मत भी आजमा सकते हैं। *ऑफर की खास बातें* 1. *उचित रेट* पर इलेक्ट्रिक स्कूटी उपलब्ध 2. *सावन-रक्षाबंधन स्पेशल ऑफर* स्कूटी के साथ 3. कम मेंटेनेंस और पेट्रोल की बचत *संपर्क*: मित्र प्रशांत असाटी जी *मोबाइल*: 6264171012 *पता*: K P इलेक्ट्रिक स्कूटी शोरूम, घुवारा-टीकमगढ़ रोड इस रक्षाबंधन अपनी बहन को उपहार में प्रदूषण मुक्त सवारी दें। ज्यादा जानकारी के लिए ऊपर दिए नंबर पर संपर्क करें। 📍घुवारा क्षेत्र वासियों के लिए बड़ी खबर* रक्षाबंधन पर K P इलेक्ट्रिक स्कूटी शोरूम दे रहा है खास ऑफर *घुवारा | 26/08/2026* रक्षाबंधन के शुभ अवसर पर घुवारा क्षेत्र के लोगों के लिए खुशखबरी है। *K P इलेक्ट्रिक स्कूटी शोरूम, घुवारा-टीकमगढ़ रोड* पर अब इलेक्ट्रिक स्कूटी उचित और किफायती रेट पर उपलब्ध है। शोरूम संचालक *मित्र प्रशांत असाटी जी* ने बताया कि सावन और रक्षाबंधन के त्यौहार को देखते हुए ग्राहकों के लिए विशेष ऑफर लाए गए हैं। इस अवसर पर स्कूटी खरीदने वाले ग्राहक अपनी किस्मत भी आजमा सकते हैं। *ऑफर की खास बातें* 1. *उचित रेट* पर इलेक्ट्रिक स्कूटी उपलब्ध 2. *सावन-रक्षाबंधन स्पेशल ऑफर* स्कूटी के साथ 3. कम मेंटेनेंस और पेट्रोल की बचत *संपर्क*: मित्र प्रशांत असाटी जी *मोबाइल*: 6264171012 *पता*: K P इलेक्ट्रिक स्कूटी शोरूम, घुवारा-टीकमगढ़ रोड इस रक्षाबंधन अपनी बहन को उपहार में प्रदूषण मुक्त सवारी दें। ज्यादा जानकारी के लिए ऊपर दिए नंबर पर संपर्क करें।1
- ग्राम पंचायत टोरिया में सड़क निर्माण न होने से ग्रामीणों की परेशानी.। ग्राम पंचायत टोरिया में सड़क निर्माण न होने से ग्रामीणों की परेशानी.। पलेरा जनपद की ग्राम पंचायत टोरिया में सड़क निर्माण न होने के कारण ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में सड़क पूरी तरह कीचड़ में बदल जाती है, जिससे महिलाओं को पानी भरने के लिए कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है। इससे आए दिन फिसलकर गिरने और दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि वे कई वर्षों से सड़क निर्माण की मांग प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सामने रख चुके हैं, लेकिन आज तक इस ओर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। सड़क न होने के कारण बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को भी आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ग्राम पंचायत टोरिया में शीघ्र सड़क निर्माण कराया जाए, ताकि बरसात के समय लोगों को कीचड़ और जलभराव की समस्या से राहत मिल सके तथा ग्रामीणों को सुरक्षित आवागमन क1
- दशकों पढ़ाया, अब फिर परीक्षा क्यों? TET के विरोध में शिक्षक कांग्रेस का हल्ला बोल 15 से 30 वर्षों से पढ़ा रहे शिक्षकों को टीईटी से छूट देने की मांग, जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल को भेजा ज्ञापन; संज्ञान में नहीं लिया तो आंदोलन की चेतावनी। टीकमगढ़। वर्षों से सरकारी स्कूलों में बच्चों को पढ़ा रहे प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों के सामने एक बार फिर परीक्षा की बाध्यता का मुद्दा खड़ा हो गया है। 15 से 30 वर्षों तक शासकीय सेवा दे चुके शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में शामिल होने के लिए बाध्य किए जाने के विरोध में मध्यप्रदेश शिक्षक कांग्रेस ने मंगलवार को आवाज बुलंद की। संगठन ने जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से आयुक्त, लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को टीईटी की बाध्यता से मुक्त करने की मांग की है। शिक्षक कांग्रेस का तर्क है कि कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने वाले अनेक प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों की नियुक्ति शासन द्वारा निर्धारित नियमों और चयन प्रक्रिया के तहत 15 से 30 वर्ष पहले हुई थी। इन शिक्षकों ने नियुक्ति के बाद लगातार सरकारी स्कूलों में अपनी सेवाएं दी हैं और वर्षों के अनुभव के आधार पर शिक्षण कार्य कर रहे हैं। ऐसे में अब उन्हें दोबारा पात्रता परीक्षा में शामिल होने के लिए बाध्य करना उचित नहीं है। संगठन के जिला अध्यक्ष धीरज मिश्रा ने कहा कि शिक्षक विभिन्न शासकीय नियमों और निर्धारित चयन प्रक्रियाओं के माध्यम से नियुक्त हुए हैं। बड़ी संख्या में शिक्षक ऐसे हैं, जिन्हें सेवा करते हुए दो दशक से अधिक समय बीत चुका है। इस दौरान उन्होंने लगातार अध्यापन कार्य किया और अपने विषय में अनुभव हासिल किया। शिक्षक कांग्रेस का कहना है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों की योग्यता और कार्य अनुभव को नजरअंदाज कर फिर से परीक्षा की अनिवार्यता लागू करने से शिक्षकों में असंतोष और मानसिक दबाव की स्थिति बन रही है। ज्ञापन में शिक्षक कांग्रेस ने टीईटी की बाध्यता को तत्काल समाप्त करने की मांग उठाई है। संगठन का कहना है कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के लिए अनुभव और पूर्व में निर्धारित चयन प्रक्रिया को भी महत्व दिया जाना चाहिए। शिक्षकों के हित में सरकार को इस विषय पर तत्काल निर्णय लेकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के बीच बना असमंजस और असंतोष दूर हो सके। शिक्षक कांग्रेस ने मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में आंदोलन की चेतावनी भी दी है। संगठन का कहना है कि यदि शासन स्तर पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो शिक्षक कांग्रेस चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी। ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री, मध्यप्रदेश शासन को भी भेजी गई है। ज्ञापन सौंपने के दौरान धीरज मिश्रा, नसीम खान, अमानत उल्ला, हिदायत उल्ला खान, अमर शर्मा, अनुपम दीक्षित, बृजेश मिश्रा, अशोक जैन क्रांतिकारी बल्देवगढ़,रईस खान, अशोक शर्मा, निखिल शर्मा, सदीक मोहम्मद, श्रीमती संगीता यादव,संतोष यादव, संजीव मिश्रा, बृजेश प्रजापति सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।4
- धामना गांव में लाखों की चोरी, सोने चांदी के जेवरात सहित नगदी ले गए चोर, दिगौड़ा पुलिस जांच में जुटी दिगौड़ा 25 अगस्त दिगौड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम धामना में बीती सोमवार की रात को अज्ञात चोरों ने रविराज यादव के मकान से लाखों रुपए की चोरी की घटना को अंजाम दिया है। इस घटना में सोने चांदी के जेवरात सहित एक लाख रुपए से अधिक की चोरी की गई। आज सुबह पीड़ित युवक अपने परिजनों व ग्रामवासियों के साथ पुलिस थाने में पहुंचा और चोरी की घटना की जानकारी दी। पीड़ित युवक की रिपोर्ट पर पुलिस ने मौके पर पहुंच कर जांच की गई है और परिजनों के साथ साथ आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है।1
- ब्रेकिंग न्यूज़ मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़ लाइव टीकमगढ़ टीकमगढ़ जिले में पहाड़ी तिलवारन मडूमर रोड़ पर बरसात के मौसम में एक ट्रक नियंत्रित रूप से फिसल कर पलट गया मौका पर तुरंत जेसीबी मशीन से सीधा कर ले जाया गया1
- आहार गांव में भगवान भरोसे चल रहे स्कूल जिम्मेदारों अधिकारीयों पर सवाल अहार गांव में भगवान भरोसे चल रहे स्कूल स्कूल सरकारें नियम बनाती हैं, दावे होते हैं, लेकिन अगर कुछ नहीं बदलता, तो वो है गांव के इन गरीब बच्चों की किस्मत। अहार गांव की यह हकीकत देखकर सच में दिल भर आता है और बहुत रंज होता है। जिन गुरुओं के हाथों में इन मासूमों का भविष्य संवारने की जिम्मेदारी थी, उन्होंने शिक्षा को महज एक 'डिजिटल जुगाड़' बनाकर रख दिया है। शिक्षक सुबह आते हैं, अपने मोबाइल पर हाजिरी लगाते हैं और बच्चों को उनके हाल पर लावारिस छोड़कर चले जाते हैं। दिन ढलने पर फिर फुरसत से लौटते हैं, शाम की हाजिरी लगाते हैं और इनकी ड्यूटी पूरी हो जाती है। क्लासरूम में खाली बैठे और खेलते इन बच्चों की आँखों में झांककर देखिए, बहुत तकलीफ होती है यह सोचकर कि क्या इनके हिस्से में सिर्फ यही धोखा लिखा है? आज बेहद भारी मन से हमने अहार गांव के एक शिक्षक महोदय की इस करतूत को अपने कैमरे में कैद किया है।1