बड़सर क्षेत्र की ग्राम पंचायत कुल्हेड़ा में मंगलवार रात उपप्रधान चुनाव के नतीजों के दौरान गहरा सियासी ड्रामा देखने को मिला, जिसने पूरे इलाके की राजनीति में हलचल पैदा कर दी। परिणाम घोषित होने के बाद भी स्थल पर माहौल बेहद गरमाया रहा, इसी बीच रात करीब 12 बजे विधायक इंद्र दत्त लाखनपाल की एंट्री हुई। विधायक के पहुंचते ही जनता के बीच कानाफूसी शुरू हो गई और देखते ही देखते मौके पर "गो बैक" के नारे गूंजने लगे, जिससे चुनाव परिणाम स्थल कुछ समय के लिए राजनीतिक रणभूमि में तब्दील हो गया। इस दौरान कांग्रेस नेता डैनी जसवाल ने विधायक लाखनपाल को सीधे निशाने पर लिया। डैनी ने तीखे शब्दों में कहा कि जब विधायक कांग्रेस में थे, तब उन्होंने बीडीसी प्रधान तक के चुनाव लड़े, लेकिन विधायक कभी उनके समर्थन में नहीं पहुंचे। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी क्या नौबत आ गई कि विधायक को मंगलवार रात 12 बजे खुद चुनाव परिणाम स्थल पर आना पड़ा। डैनी जसवाल ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने वर्षों तक विधायक के लिए "खून-पसीना एक" किया, लेकिन विधायक पहले कभी पंचायत चुनावों में इस तरह सक्रिय नजर नहीं आए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अब पंचायत चुनावों को भी पार्टीबाजी का रंग दिया जा रहा है। उधर, उपप्रधान चुनाव का परिणाम पहले ही घोषित हो चुका था, जिसमें विजय ने एक बेहद रोमांचक मुकाबले में इंद्र को मात्र 1 वोट से हराकर जीत हासिल की थी। परिणाम सामने आने के बाद एक तरफ जश्न का माहौल था, तो दूसरी तरफ राजनीतिक चर्चाएं और आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए। बताया जा रहा है कि इंद्र लंबे समय तक विधायक लाखनपाल के साथ कांग्रेस में रहे थे और विधायक के भाजपा में शामिल होने के बाद इंद्र भी भाजपा में आ गए थे। यही पुरानी राजनीतिक नजदीकियां विधायक के चुनाव परिणाम स्थल तक पहुंचने की एक बड़ी वजह मानी जा रही हैं, जिसकी चर्चा पूरे क्षेत्र में गरम है।
बड़सर क्षेत्र की ग्राम पंचायत कुल्हेड़ा में मंगलवार रात उपप्रधान चुनाव के नतीजों के दौरान गहरा सियासी ड्रामा देखने को मिला, जिसने पूरे इलाके की राजनीति में हलचल पैदा कर दी। परिणाम घोषित होने के बाद भी स्थल पर माहौल बेहद गरमाया रहा, इसी बीच रात करीब 12 बजे विधायक इंद्र दत्त लाखनपाल की एंट्री हुई। विधायक के पहुंचते ही जनता के बीच कानाफूसी शुरू हो गई और देखते ही देखते मौके पर "गो बैक" के नारे गूंजने लगे, जिससे चुनाव परिणाम स्थल कुछ समय के लिए राजनीतिक रणभूमि में तब्दील हो गया। इस दौरान कांग्रेस नेता डैनी जसवाल ने विधायक लाखनपाल को सीधे निशाने पर लिया। डैनी ने तीखे शब्दों में कहा कि जब विधायक कांग्रेस में थे, तब उन्होंने बीडीसी प्रधान तक के चुनाव लड़े, लेकिन विधायक कभी उनके समर्थन में नहीं पहुंचे। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी क्या नौबत आ गई कि विधायक को मंगलवार रात 12 बजे खुद चुनाव परिणाम स्थल पर आना पड़ा। डैनी जसवाल ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने वर्षों तक विधायक के लिए "खून-पसीना एक" किया, लेकिन विधायक पहले कभी पंचायत चुनावों में इस तरह सक्रिय नजर नहीं आए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अब पंचायत चुनावों को भी पार्टीबाजी का रंग दिया जा रहा है। उधर, उपप्रधान चुनाव का परिणाम पहले ही घोषित हो चुका था, जिसमें विजय ने एक बेहद रोमांचक मुकाबले में इंद्र को मात्र 1 वोट से हराकर जीत हासिल की थी। परिणाम सामने आने के बाद एक तरफ जश्न का माहौल था, तो दूसरी तरफ राजनीतिक चर्चाएं और आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए। बताया जा रहा है कि इंद्र लंबे समय तक विधायक लाखनपाल के साथ कांग्रेस में रहे थे और विधायक के भाजपा में शामिल होने के बाद इंद्र भी भाजपा में आ गए थे। यही पुरानी राजनीतिक नजदीकियां विधायक के चुनाव परिणाम स्थल तक पहुंचने की एक बड़ी वजह मानी जा रही हैं, जिसकी चर्चा पूरे क्षेत्र में गरम है।
- हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर के विधानसभा क्षेत्र सुजानपुर की ग्राम पंचायत री के अंतर्गत आने वाले कंगरी गांव में पंचायत चुनाव के दौरान बड़ा विरोध दर्ज किया गया। गांव के लोगों ने मतदान का बहिष्कार करते हुए पोलिंग बूथ पर वोट डालने नहीं पहुंचे। कंगरी स्कूल में मतदान केंद्र तो बनाया गया, लेकिन पूरे दिन कोई भी ग्रामीण मतदान करने नहीं आया, जिसके कारण पोलिंग बूथ पर सन्नाटा पसरा रहा। ग्रामीणों का कहना है कि उनका वार्ड ग्राम पंचायत री में आता है, जबकि पंचायत घर उनके गांव से लगभग 10 से 15 किलोमीटर दूर पड़ता है। लोगों ने आरोप लगाया कि प्रशासन और दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं से कई बार आग्रह किया गया कि उनके वार्ड को नजदीकी ख्याह पंचायत के साथ जोड़ा जाए, ताकि उन्हें आवश्यक सुविधाएं मिल सकें, लेकिन उनकी इन मांगों को लगातार नजरअंदाज किया गया। ग्रामीणों में सड़क, मूलभूत सुविधाओं और पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की कमी को लेकर भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि चुनावों के समय ही नेता वोट मांगने आते हैं, लेकिन उसके बाद गांव की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं देता। गांववासियों ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक उनके क्षेत्र की समस्याओं का समाधान नहीं होगा और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाएगा, तब तक वे चुनावों का विरोध जारी रखेंगे। उनका स्पष्ट संदेश है कि उनके वार्ड का कोई भी वोटर मतदान नहीं करेगा, और यही वजह है कि 'विकास नहीं तो वोट नहीं' के नारे के साथ मतदान का बहिष्कार किया गया। स्थानीय लोगों के इस बहिष्कार की चर्चा पूरे क्षेत्र में बनी रही है और यह मामला प्रशासन व जनप्रतिनिधियों के लिए चिंता का विषय बन गया है।2
- कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के ककराना गांव में एक दर्दनाक अग्निकांड में एक दुकान में रखा लाखों रुपये का सामान और नकद राशि जलकर राख हो गई, जिससे पीड़ित परिवार को लगभग तीन लाख रुपये का नुकसान हुआ है। मंगलवार को जंगली आग ने अचानक विकराल रूप ले लिया और उसकी चपेट में दुकान आ गई। स्थानीय लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तेज लपटों के कारण अधिक नुकसान हो गया। घटना के बाद बुधवार सुबह कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा स्वयं मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और आर्थिक सहायता भी प्रदान की। विधायक ने उन्हें भविष्य में भी हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया और संबंधित अधिकारियों से प्रभावित परिवार को उचित राहत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशासन से आग से हुए नुकसान का आकलन कर मुआवजा प्रक्रिया जल्द पूरी करने का भी आग्रह किया। विधायक विवेक शर्मा ने इस घटना को बेहद दुखद बताया और कहा कि इस कठिन समय में पूरा समाज और प्रशासन परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने अपने संकल्प 'मेरा कुटलैहड़, मेरा परिवार' को दोहराते हुए कहा कि क्षेत्र की जनता उनके परिवार की तरह है और उनके दुख-सुख में साथ खड़ा रहना उनका कर्तव्य है। उन्होंने आश्वस्त किया कि आपदा की इस घड़ी में पीड़ित परिवार को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। पीड़ित परिवार ने विधायक विवेक शर्मा का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके घर पहुंचना और सहायता देना उनके लिए बड़ी राहत और हिम्मत देने वाला कदम है। इस दौरान स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि, भाजपा कार्यकर्ता और ग्रामीण भी मौजूद रहे, जिन्होंने विधायक के इस मानवीय कदम की सराहना करते हुए कहा कि वे हमेशा जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को सुनते हैं और संकट में सहायता के लिए आगे आते हैं। विधायक ने लोगों से जंगलों में आग लगने की घटनाओं को लेकर सतर्क रहने और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग देने की अपील भी की, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।1
- हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में एक युवक से मारपीट, एक युवती से छेड़छाड़ और जातिसूचक शब्द कहने के आरोपों को लेकर दोनों पक्ष सोशल मीडिया पर आमने-सामने आ गए हैं। युवती ने एक वीडियो जारी कर युवक और उसकी मां पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इसके जवाब में, युवक की मां ने भी सोशल मीडिया पर एक बयान जारी किया है, जिससे यह मामला ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर गरमा गया है।1
- जिला ऊना में वीरवार सुबह से द्वितीय चरण के पंचायती राज चुनाव को लेकर मतदाताओं में जबरदस्त उत्साह देखा गया। विभिन्न मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की लंबी कतारें लगी रहीं और लोगों ने अपने मताधिकार का बढ़-चढ़कर प्रयोग किया। इसी बीच, अति संवेदनशील ग्राम पंचायत बसोली में मतदान केंद्र के बाहर उम्मीदवारों के समर्थकों के बीच किसी बात को लेकर बहस-बाजी शुरू हो गई, जिससे कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को बिगड़ता देख, मौके पर तैनात पुलिस कर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर मतदान केंद्र से बाहर किया, जिसके बाद उनकी सूझबूझ और तत्परता से मामला जल्द ही शांत हो गया और मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्वक जारी रही। प्रशासन ने चुनाव निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए संवेदनशील मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हुए हैं।1
- श्री अनुराग ठाकुर की एक संवेदनशील पहल ने जरूरतमंद लोगों के लिए बड़ी राहत का काम किया है। उनकी इस पहल को लोगों के लिए अत्यंत सहायक माना जा रहा है।1
- सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है जिसके तहत अब रेस्टोरेंट, बार और दुकानें 24 घंटे तक खुले रह सकती हैं। यह निर्णय इन प्रतिष्ठानों को दिनभर संचालित होने की अनुमति देगा।1
- हाल ही में संपन्न हुए चुनावों के बाद घनडालवी की नवनिर्वाचित प्रधान ने अपनी जीत के उपरांत एक बयान जारी किया है।1
- सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में चल रहे द्वितीय चरण के चुनावों के दौरान, विधायक कैप्टन रणजीत सिंह ने विभिन्न मतदान केंद्रों पर जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस निरीक्षण के साथ ही, उन्होंने लोगों से चुनावों में बढ़-चढ़कर भाग लेने और अधिक से अधिक मतदान करने की अपील की।1