दुनिया में किसी भी इंसान के लिए, विशेषकर एक पिता और पति के लिए, इससे बड़ा, क्रूर या असहनीय दुख कोई नहीं हो सकता जब उसे अपनी जीवनसंगिनी और मासूम बच्चे को खोना पड़े। इस कल्पना से भी रूह कांप जाती है, जहां एक पिता के एक कंधे पर उसकी प्रिय पत्नी का निष्प्राण शरीर हो, दूसरे कंधे पर उसके महज 18 महीने के मासूम बच्चे का नन्हा और ठंडा पड़ चुका वजूद हो, और बाईं बांह से उसने अपनी इकलौती जीवित बची बेटी को कसकर गले से लगाया हो। विधाता जब किसी शख्स पर दुखों का ऐसा पहाड़ तोड़ता है, तो वह केवल एक पुरुष नहीं रह जाता, बल्कि एक चलता-फिरता कब्रिस्तान बन जाता है। यह एक ऐसा वीरान कब्रिस्तान होता है, जहां उसके हसीन सपने, उसकी मोहब्बत, उसका पूरा संसार और उसका परिवार एक साथ दफन हो चुके होते हैं। ऐसे अथाह दुख में आँख से आँसू भी सूख जाते हैं, क्योंकि अब कोई दिलासा की उम्मीद नहीं बचती। इस पिता की आँखों के सूखे कुएँ इस बात के गवाह हैं कि अंदर का समंदर जम चुका है; अब कोई चीख या पुकार नहीं, बस एक अंतहीन, गूँजती हुई खामोशी है। दिल की गहराई में छिपा यह घाव कभी नहीं भरता, यह ताउम्र रिसने वाला एक ऐसा जख्म है जो सांसों के आखिरी पड़ाव तक साथ रहता है। यह त्रासदीपूर्ण दृश्य हमें इंसानी जिंदगी की अनिश्चितता और हमारे रोजमर्रा के छोटे-छोटे झगड़ों तथा परेशानियों की तुच्छता का एहसास कराता है। ईश्वर न करे कि दुनिया के किसी भी पिता या इंसान को जिंदगी के ऐसे सबसे काले दौर से गुजरना पड़े, और उस मासूम बच्ची व इस टूट चुके पिता को इस असहनीय वज्रपात को सहने की शक्ति मिले।
दुनिया में किसी भी इंसान के लिए, विशेषकर एक पिता और पति के लिए, इससे बड़ा, क्रूर या असहनीय दुख कोई नहीं हो सकता जब उसे अपनी जीवनसंगिनी और मासूम बच्चे को खोना पड़े। इस कल्पना से भी रूह कांप जाती है, जहां एक पिता के एक कंधे पर उसकी प्रिय पत्नी का निष्प्राण शरीर हो, दूसरे कंधे पर उसके महज 18 महीने के मासूम बच्चे का नन्हा और ठंडा पड़ चुका वजूद हो, और बाईं बांह से उसने अपनी इकलौती जीवित बची बेटी को कसकर गले से लगाया हो। विधाता जब किसी शख्स पर दुखों का ऐसा पहाड़ तोड़ता है, तो वह केवल एक पुरुष नहीं रह जाता, बल्कि एक चलता-फिरता कब्रिस्तान बन जाता है। यह एक ऐसा वीरान कब्रिस्तान होता है, जहां उसके हसीन सपने, उसकी मोहब्बत, उसका पूरा संसार और उसका परिवार एक साथ दफन हो चुके होते हैं। ऐसे अथाह दुख में आँख से आँसू भी सूख जाते हैं, क्योंकि अब कोई दिलासा की उम्मीद नहीं बचती। इस पिता की आँखों के सूखे कुएँ इस बात के गवाह हैं कि अंदर का समंदर जम चुका है; अब कोई चीख या पुकार नहीं, बस एक अंतहीन, गूँजती हुई खामोशी है। दिल की गहराई में छिपा यह घाव कभी नहीं भरता, यह ताउम्र रिसने वाला एक ऐसा जख्म है जो सांसों के आखिरी पड़ाव तक साथ रहता है। यह त्रासदीपूर्ण दृश्य हमें इंसानी जिंदगी की अनिश्चितता और हमारे रोजमर्रा के छोटे-छोटे झगड़ों तथा परेशानियों की तुच्छता का एहसास कराता है। ईश्वर न करे कि दुनिया के किसी भी पिता या इंसान को जिंदगी के ऐसे सबसे काले दौर से गुजरना पड़े, और उस मासूम बच्ची व इस टूट चुके पिता को इस असहनीय वज्रपात को सहने की शक्ति मिले।
- रात के समय एक ट्रक से नली टूट जाने के कारण सड़क पर भारी मात्रा में पानी फैल गया है। इस घटना ने स्थानीय गांव वासियों के लिए गंभीर कठिनाइयाँ उत्पन्न कर दी हैं, जिससे उन्हें आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- बलिया में जिलाधिकारी/अध्यक्ष मंगला प्रसाद सिंह के निर्देश और कोषाध्यक्ष/जिला समन्वयक शैलेन्द्र पाण्डेय के कुशल नेतृत्व में गुरुवार, 28 मई को मासिक धर्म स्वच्छता दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर निधरिया स्थित राजकीय बालिका गृह में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी बलिया और जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के समाजकार्य विभाग से इंटर्नशिप कर रहे छात्र-छात्राओं ने बालिका गृह की बच्चियों के बीच सेनेटरी पैड वितरित किए। कार्यक्रम के दौरान बच्चियों को मासिक धर्म के समय स्वच्छता बनाए रखने और स्वास्थ्य से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। अधीक्षिका अमिता रानी जैन ने इस विषय को महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के प्रति जागरूकता और सुरक्षित सेनेटरी पैड के उपयोग से कई प्रकार के संक्रमण एवं बीमारियों से बचाव संभव है। वन स्टॉप सेंटर की काउंसलर पूजा सिंह ने भी बच्चियों को नियमित स्वच्छता अपनाने और स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया। इंटर्नशिप कर रही छात्राओं ने मासिक धर्म से जुड़े विभिन्न मिथकों और भ्रांतियों के बारे में भी बच्चियों को जागरूक किया तथा स्वच्छता अपनाने का सुझाव दिया। इस कार्यक्रम में जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय समाजकार्य विभाग से इंटर्नशिप कर रहे छात्र अविनाश सिंह नंदन, नितेश पाठक, खुश्बू तिवारी, राधा पर्वत, रुचि वर्मा, गरिमा सहित कई लोग उपस्थित रहे।1
- Hiring Job Title : Flipkart job Company / Shop : Madhepura Bihar technical Job Field : delivery boy Salary Offered : 21000 Locality : singheswar Madhepura Bihar Job Type : Full Time Required Work Experience : Fresher new job vacancy Flipkart delivery boy ka kam hai1
- बिहार सरकार के वरिष्ठ मंत्री और रोहतास जिले के प्रभारी मंत्री अशोक चौधरी ने हाल ही में सासाराम का दौरा किया, जहाँ उन्होंने जिलास्तरीय बीस सूत्री कार्यान्वयन समिति की बैठक में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने जिले में चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा की और मीडिया से बातचीत करते हुए भ्रष्टाचार तथा स्वास्थ्य व्यवस्था पर कई कड़े बयान दिए। भ्रष्टाचार के खिलाफ बिहार सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर जोर देते हुए मंत्री चौधरी ने कहा कि रोहतास में लगातार विभिन्न विभागों के भ्रष्ट अधिकारियों पर हो रही कार्रवाई सराहनीय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि घूस लेते रंगे हाथों पकड़े गए अधिकारियों से यह सिर्फ शुरुआत है और जनता की कमाई लूटने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, क्योंकि सरकार साफ-सुथरी व्यवस्था देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में, सासाराम सदर अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही और ड्यूटी से गायब रहने के मामले पर संज्ञान लेते हुए उन्होंने रोहतास के सिविल सर्जन को अल्टीमेटम दिया। मंत्री ने चेतावनी दी कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले डॉक्टरों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। मंत्री अशोक चौधरी ने पटना में राबड़ी आवास खाली करने के नोटिस पर चल रही बयानबाजी पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने साफ कहा कि राबड़ी आवास कोई निजी संपत्ति नहीं बल्कि सरकारी आवास है, जो लोकतंत्र में सत्ता बदलने पर नियमानुसार खाली करना पड़ता है। किसानों के लिए खुशखबरी देते हुए उन्होंने बताया कि आगामी सीजन के लिए खाद की किल्लत से निपटने के लिए बिहार सरकार पूरी तरह तैयार है और पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करने हेतु रोडमैप तैयार कर लिया गया है, ताकि किसानों को कोई समस्या न हो।3
- गाजीपुर जनपद के जमानिया थाना पुलिस ने अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी 29 मई 2026 को मुखबिर की सूचना पर गंगा पुल तिराहा से हुई। गिरफ्तार किए गए अभियुक्त का नाम इमरान शाह है, जो जहांगीर का पुत्र और मुहल्ला बुद्धीपुर कोट, कस्बा जमानिया, थाना जमानिया का निवासी है। उसकी उम्र लगभग 30 वर्ष बताई गई है। इमरान शाह मुकदमा अपराध संख्या 165/2026, धारा 85 एवं 103(1) भारतीय न्याय संहिता के तहत लंबे समय से वांछित था। गिरफ्तारी के बाद, उसके विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है, और पुलिस टीम द्वारा आगे की जांच तथा पूछताछ जारी है।1
- शिक्षिका और पुलिस के बीच तीखी बहस का एक वीडियो सामने आया है। बिहार से जुड़ी इस घटना में, महिला के पति ने अपनी पत्नी पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके अनुसार उसने अपनी पत्नी को पढ़ाने के लिए अपनी जमीन तक बेच दी थी। पति का आरोप है कि उसके समर्थन और त्याग के परिणामस्वरूप ही पत्नी BPSC शिक्षिका बन पाई। हालांकि, नौकरी मिलते ही पत्नी ने पति और उनके 10 वर्षीय बेटे को छोड़ दिया। यह आरोप पूरी घटना का केंद्रबिंदु है, जिसमें जमीन बेचकर पत्नी को शिक्षक बनाने और फिर उसके द्वारा परिवार त्यागने की बात कही गई है। फिलहाल, यह पूरा मामला न्यायालय में विचाराधीन है।1
- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया, जब प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर लगा टीन शेड अचानक भरभराकर गिर पड़ा। इस घटना में एक टीटीई और दो यात्री उसके नीचे दबकर घायल हो गए, जिसके बाद पूरे स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यह घटना सुबह करीब 8:15 बजे की बताई जा रही है। उस समय कोलकाता से देहरादून जाने वाली कुंभ एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर आने वाली थी और कई यात्री ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। शेड का कुछ हिस्सा रेलवे ट्रैक की ओर भी झुक गया था। हादसे में टीटीई भूपेंद्र सिंह और दो यात्री अभिषेक व साहिल घायल हो गए। तीनों को तुरंत मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां टीटीई के पैर में गंभीर चोट लगी है, जबकि एक यात्री के कंधे और दूसरे के हाथ में चोट आई है। रेलवे अधिकारियों ने तुरंत कुंभ एक्सप्रेस को आउटर पर रोक दिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। स्थिति सामान्य होने पर ट्रेन लगभग पौने दो घंटे की देरी से आगे के लिए रवाना हुई। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि स्टेशन पर नवीनीकरण और निर्माण कार्य चल रहा था। बताया जा रहा है कि जिस शेड का हिस्सा गिरा, उसे हटाया जाना था, लेकिन उसकी मरम्मत और देखरेख नहीं की गई थी। लोहे में जंग लगने और ठेकेदार की लापरवाही को इस हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। घटना के बाद रेलवे प्रशासन और आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची। मंडल रेल प्रबंधक (DRM) ने मामले की जांच के आदेश देते हुए एक तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है।1