मुजफ्फरपुर जिले के कटरा प्रखंड अंतर्गत जजुआर पूर्वी पंचायत में खराज से लोहिया कृष्ण नगर होते हुए लोहिया बाजार तक जाने वाली मुख्य सड़क भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण का जीता-जागता प्रमाण बन गई है। जनता की सुविधा और विकास के नाम पर बनी यह सड़क अपने उद्घाटन के महज दो साल के भीतर ही उखड़ने लगी है, जिससे जनता के टैक्स के पैसों की सरेआम लूट का आरोप लगाया जा रहा है। सड़क की दुर्दशा तस्वीरों में साफ दिख रही है, जहाँ केवल 2 इंच की ढलाई की गई है और निर्माण में घटिया डामर तथा खराब गिट्टी का इस्तेमाल हुआ है। परिणामस्वरूप, सड़क हाथों से ही उखड़ रही है, जिससे आम जनता की जान खतरे में पड़ गई है। यह स्थिति ठेकेदार और पंचायत के जिम्मेदार लोगों के बीच मिलीभगत को स्पष्ट उजागर करती है, जिसने जनता के विश्वास को तोड़ा है। इस गंभीर मामले पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर सड़क की गुणवत्ता की जाँच किसने की और क्या पंचायत के जिम्मेदार प्रतिनिधि सिर्फ कमीशन लेने के लिए बैठे हैं? इस घटिया निर्माण को 'विकास' के नाम पर बिहार की जनता के साथ किया गया 'विश्वासघात' बताया जा रहा है। पोस्ट जनता से आह्वान करता है कि वे ऐसी भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ अपनी आवाज उठाएं और जिम्मेदार अधिकारियों तक अपनी बात पहुँचाने के लिए इस पोस्ट को अधिक से अधिक साझा करें।
मुजफ्फरपुर जिले के कटरा प्रखंड अंतर्गत जजुआर पूर्वी पंचायत में खराज से लोहिया कृष्ण नगर होते हुए लोहिया बाजार तक जाने वाली मुख्य सड़क भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण का जीता-जागता प्रमाण बन गई है। जनता की सुविधा और विकास के नाम पर बनी यह सड़क अपने उद्घाटन के महज दो साल के भीतर ही उखड़ने लगी
है, जिससे जनता के टैक्स के पैसों की सरेआम लूट का आरोप लगाया जा रहा है। सड़क की दुर्दशा तस्वीरों में साफ दिख रही है, जहाँ केवल 2 इंच की ढलाई की गई है और निर्माण में घटिया डामर तथा खराब गिट्टी का इस्तेमाल हुआ है। परिणामस्वरूप, सड़क हाथों से ही उखड़ रही है, जिससे आम जनता
की जान खतरे में पड़ गई है। यह स्थिति ठेकेदार और पंचायत के जिम्मेदार लोगों के बीच मिलीभगत को स्पष्ट उजागर करती है, जिसने जनता के विश्वास को तोड़ा है। इस गंभीर मामले पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर सड़क की गुणवत्ता की जाँच किसने की और क्या पंचायत के जिम्मेदार प्रतिनिधि सिर्फ कमीशन लेने के
लिए बैठे हैं? इस घटिया निर्माण को 'विकास' के नाम पर बिहार की जनता के साथ किया गया 'विश्वासघात' बताया जा रहा है। पोस्ट जनता से आह्वान करता है कि वे ऐसी भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ अपनी आवाज उठाएं और जिम्मेदार अधिकारियों तक अपनी बात पहुँचाने के लिए इस पोस्ट को अधिक से अधिक साझा करें।
- एक ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, बैंक में अपने काम कराने पहुंचे लोगों को वहाँ सिर्फ और सिर्फ परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- तमिलनाडु और बेंगलुरु से मशीन स्क्रैप के एक मामले में एक आरोपी की संलिप्तता सामने आई है।1
- ललित कश्यप के 'तूफान चैनल' और 'बेनीपुर चैनल' को सब्सक्राइब करने का अनुरोध किया गया है।2
- बिहार बाल भवन मुजफ्फरपुर के किलकारी में आगामी 1 जून से 'चक धूम धूम' समर कैंप का शुभारंभ होने जा रहा है। इस कार्यक्रम को लेकर आदरणीय पूनम दीदी जी ने एक समीक्षा बैठक की है, जिसमें तैयारियों का जायजा लिया गया।1
- दरभंगा में एक मकान के भीतर अवैध धंधा संचालित होने के आरोपों को लेकर घंटों तक हाई-वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। इस मामले की सूचना मिलने के बाद बहादुरपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुँची और बंद कमरे को खुलवाया, लेकिन तलाशी के दौरान कमरे में कोई लड़की नहीं मिली। मकान मालिक राधे श्याम ने आरोपों का खंडन करते हुए बताया कि जिस 16 वर्षीय लड़की से अवैध धंधा करवाने का आरोप लगाया जा रहा है, वह उसकी पत्नी है। पुलिस ने आरोपित युवक राधे श्याम को हिरासत में लेकर थाना पहुँचाया। इस बीच, तथाकथित मालकिनी मनीषा देवी समेत कई लड़कियाँ थाने पर गायब लड़की गुंजन कुमारी को सामने लाने की गुहार लगाती रहीं।1
- दरभंगा के सुनियार वकील और भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री को लेकर अपनी बात रखी है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर टिप्पणी की है।1
- आराम पल्ली होम कंपनी ने एक नौकरी का अवसर पेश किया है। इस पद के लिए 26 दिन की ड्यूटी पर ₹16250 का वेतन दिया जाएगा, साथ ही कंपनी द्वारा मुफ्त कमरा उपलब्ध कराया जाएगा। कर्मचारियों को रविवार की छुट्टी मिलेगी और प्रतिदिन 12 घंटे की ड्यूटी करनी होगी। यह नौकरी तमिलनाडु और बेंगलुरु में स्थित आराम पल्ली होम कंपनी के लिए है।1
- दानापुर रेलवे स्टेशन की गंभीरता का आकलन इस बात पर निर्भर करता है कि किस संदर्भ में पूछा जा रहा है। रेल संचालन की दृष्टि से यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण जंक्शन है। पटना क्षेत्र का यह बड़ा रेलवे केंद्र दिल्ली-हावड़ा मुख्य मार्ग पर स्थित है, जहाँ से प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री और मालगाड़ियाँ गुजरती हैं। हाल की घटनाओं में, मई 2026 में स्टेशन के पास सिग्नल केबल काटे जाने के कारण कई ट्रेनें प्रभावित हुई थीं, जिसे एक परिचालन बाधा माना गया था, न कि बड़े पैमाने की आपदा। अन्य बड़े रेलवे स्टेशनों की तरह, दानापुर स्टेशन पर भी समय-समय पर दुर्घटनाएँ या सुरक्षा संबंधी घटनाएँ सामने आती रही हैं। किसी ताज़ा हादसे, दुर्घटना, आग, भीड़, ट्रेन रद्द होने या सुरक्षा स्थिति के बारे में सटीक और नवीनतम जानकारी प्राप्त करने के लिए, उस विशिष्ट घटना का विवरण देना आवश्यक होगा।1