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उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में अपनी समस्या का समाधान न होने से नाराज एक मजदूर कुल्हाड़ी लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंच गया। इस घटना से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने स्थिति को संभाला और मजदूर से बातचीत कर उसकी शिकायत सुनी। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वह किन कारणों से इस तरह का कदम उठाने के लिए मजबूर हुआ। यह मामला सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है, हालांकि वायरल हो रही पोस्टों में किए जा रहे दावों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। वहीं यह पूरा वाकया प्रशासनिक व्यवस्था और आम जनता की शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण की कार्यप्रणाली पर भी कई सवाल खड़े कर रहा है।
पत्रकार पांडे
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में अपनी समस्या का समाधान न होने से नाराज एक मजदूर कुल्हाड़ी लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंच गया। इस घटना से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने स्थिति को संभाला और मजदूर से बातचीत कर उसकी शिकायत सुनी। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वह किन कारणों से इस तरह का कदम उठाने के लिए मजबूर हुआ। यह मामला सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है, हालांकि वायरल हो रही पोस्टों में किए जा रहे दावों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। वहीं यह पूरा वाकया प्रशासनिक व्यवस्था और आम जनता की शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण की कार्यप्रणाली पर भी कई सवाल खड़े कर रहा है।
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- सुलतानपुर में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत के आदेश के बाद नगर कोतवाली में मामला दर्ज कर लिया गया है। ठठेरी बाजार निवासी आलोक बरनवाल के आवेदन पर कोर्ट ने नगर कोतवाली पुलिस को संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच करने और 7 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का स्पष्ट निर्देश दिया था। यह पूरा विवाद गोलाघाट स्थित मकान संख्या 1093 को लेकर हुआ है, जहां दीवानी न्यायालय के आदेश पर कब्जा दिलाने की कार्रवाई की जा रही थी। पीड़ित आलोक बरनवाल के अनुसार, 31 जनवरी 2026 को सुबह करीब 11:30 बजे जब हल्का अमीन, एक सिपाही, दरोगा और परिवार के सदस्य मकान पर पहुंचे, तो किराएदार अजय पांडेय ने अदालत का आदेश मानने से मना कर दिया। इसके बाद अजय पांडेय, आशुमान पांडेय, सतीश उर्फ मुन्ना और 20-25 अज्ञात लोगों ने गाली-गलौज करते हुए हमला बोल दिया। आरोप है कि हमलावरों ने पीड़ित के चचेरे भाई मुकुन्द बरनवाल और स्टाफ सदस्य हरजीत सिंह की बेरहमी से पिटाई की। उन्हें गला दबाकर और जमीन पर पटक-पटककर मारा गया, जिससे मुकुन्द मौके पर ही बेहोश हो गए। इस दौरान विपक्षी अजय पांडेय ने पीड़ित को पीटते हुए धमकी दी कि यदि मकान का बैनामा उनके नाम नहीं किया गया, तो पूरे परिवार को खत्म कर दिया जाएगा। घटना के बाद पीड़ित ने कोतवाली नगर और पुलिस अधीक्षक से लिखित व ऑनलाइन शिकायत की थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई करने के बजाय पीड़ित को ही डांट-डपटकर वापस भेज दिया। स्थानीय पुलिस और उच्चाधिकारियों से न्याय न मिलने पर पीड़ित ने अदालत का रुख किया। मामले की गंभीरता, प्रस्तुत वीडियो फुटेज और चोटों के निशानों को देखते हुए न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया। इस आदेश के बाद कोतवाली नगर में 3 नामजद और 20-25 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है, जिसकी जांच उप-निरीक्षक प्रदीप कुमार यादव को सौंपी गई है।1
- Post by PRIMEABN1
- पट्टी के कंधई थाना क्षेत्र अंतर्गत साल्हीपुर कंजास में 23 जुलाई 2026 को हुई मारपीट के प्रकरण में स्थानीय पुलिस ने अभियोग पंजीकृत कर लिया है। क्षेत्राधिकारी पट्टी श्री प्रदीप सिंह के अनुसार, इस मामले में पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।1
- अमेठी में "ऑपरेशन चक्रव्यूह" के तहत थाना गौरीगंज, जामो पुलिस तथा स्वाट और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में एक अंतरजनपदीय मोटरसाइकिल चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार शातिर चोरों को गिरफ्तार किया गया है। क्षेत्राधिकारी गौरीगंज अखिलेश वर्मा के नेतृत्व में दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार युवकों को संदिग्ध हालत में पकड़ा गया, जिन्होंने पूछताछ में दोनों बाइक चोरी की होने की बात स्वीकार की। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और निशानदेही पर कुल 15 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं, जिनमें 8 पूरी मोटरसाइकिलें और 7 कटी हुई मोटरसाइकिलों के भारी मात्रा में कलपुर्जे शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जामो थाना क्षेत्र निवासी दिनेश कुमार अग्रहरि (24 वर्ष), मोहम्मद वासिद (22 वर्ष), मोहम्मद ताजीर उर्फ महताब (26 वर्ष) और फैसल खान (20 वर्ष) के रूप में हुई है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि मोहम्मद ताजीर और फैसल विभिन्न इलाकों से बाइक चोरी करते थे और उन्हें मोहम्मद वासिद के जरिये दिनेश अग्रहरि को बेच देते थे। इसके बाद दिनेश अपने घर में बने गोदाम में मोटरसाइकिलों को काटकर उनके इंजन, चेसिस, टायर और रिम अलग-अलग करता था तथा उन्हें कानपुर ले जाकर बेच देता था। पुलिस ने दिनेश के घर और गोदाम से 6 पूरी मोटरसाइकिलें तथा 7 अन्य मोटरसाइकिलों के पुर्जे बरामद किए हैं। जांच के अनुसार इस गिरोह ने गौरीगंज, जामो और जायस थाना क्षेत्रों में चोरी की कई घटनाओं को अंजाम दिया था। बरामदगी के आधार पर मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 317(2), 317(4) और 3(5) की बढ़ोतरी की गई है। पुलिस अधीक्षक सरवणन टी. और अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञानेन्द्र कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में हुई इस सफल कार्रवाई पर एसपी अमेठी ने पूरी पुलिस टीम को 25 हजार रुपये के नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।4
- जौनपुर में शाहगंज के चकबंदी कानूनगो को 10 हजार रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के जौनपुर स्थित शाहगंज तहसील परिसर में सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) वाराणसी की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चकबंदी कानूनगो अनिल कुमार को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस अचानक हुई कार्रवाई से तहसील परिसर में हड़कंप मच गया और सरकारी कर्मचारियों के बीच दिनभर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। मामला खुटहन थाना क्षेत्र के रसूलपुर गांव निवासी मान सिंह से जुड़ा है, जिन्होंने चकबंदी से संबंधित एक आपत्ति शाहगंज चकबंदी कार्यालय में दाखिल की थी। भूमि विवाद में अनुकूल रिपोर्ट लगाने के एवज में चकबंदी कानूनगो अनिल कुमार ने 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। रिश्वत की मांग से परेशान शिकायतकर्ता ने सतर्कता अधिष्ठान वाराणसी को इसकी सूचना दी। विजिलेंस टीम ने गोपनीय जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर ट्रैप की योजना बनाई। शुक्रवार को शाहगंज तहसील परिसर के मुख्य गेट पर जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी को पैसे दिए, घात लगाए बैठी विजिलेंस टीम ने उसे दबोच लिया। सतर्कता अधिष्ठान ने आरोपी कानूनगो के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। विजिलेंस अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है तो उसकी शिकायत सतर्कता अधिष्ठान से करें, ताकि गोपनीय जांच के बाद दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जा सके।1