रिश्वतखोर प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी पर निगरानी का शिकंजा, 10 हजार लेते रंगे हाथ गिरफ्तार। (समस्तीपुर): बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे जीरो टॉलरेंस अभियान के तहत निगरानी विभाग ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। समस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने विद्यापतिनगर के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (BSO) राजेश कुमार भगत को ₹10,000 रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। निजी आवास पर हुई छापेमारी निगरानी विभाग के डीएसपी नरेन्द्र कुमार के नेतृत्व में गठित धावादल (ट्रैप टीम) ने यह कार्रवाई राजेश कुमार भगत के दलसिंहसराय स्थित निजी आवास पर की। जैसे ही अधिकारी ने शिकायतकर्ता से केमिकल युक्त नोट स्वीकार किए, पहले से घात लगाकर बैठी निगरानी की टीम ने उन्हें दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद प्रशासनिक गलियारे में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, राजेश कुमार भगत विद्यापतिनगर के साथ-साथ उजियारपुर प्रखंड के प्रभारी BSO के रूप में भी कार्यरत थे। स्थानीय डीलर राम इकबाल। डीलर का बकाया खाद्यान्न (PDS अनाज) की आपूर्ति बहाल करने के एवज में अधिकारी द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी। बताया जा रहा है कि BSO ने काम के बदले कुल ₹30,000 की मांग की थी, जिसकी पहली किस्त के रूप में ₹10,000 लेते समय वे पकड़े गए।
रिश्वतखोर प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी पर निगरानी का शिकंजा, 10 हजार लेते रंगे हाथ गिरफ्तार। (समस्तीपुर): बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे जीरो टॉलरेंस अभियान के तहत निगरानी विभाग ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। समस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने विद्यापतिनगर के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (BSO) राजेश कुमार भगत को ₹10,000 रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। निजी आवास पर हुई छापेमारी निगरानी विभाग के डीएसपी नरेन्द्र कुमार के नेतृत्व में गठित धावादल (ट्रैप टीम) ने यह कार्रवाई राजेश कुमार भगत के दलसिंहसराय स्थित निजी आवास पर की। जैसे ही अधिकारी ने शिकायतकर्ता से केमिकल युक्त नोट स्वीकार किए, पहले से घात लगाकर बैठी निगरानी की टीम ने उन्हें दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद प्रशासनिक गलियारे में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, राजेश कुमार भगत विद्यापतिनगर के साथ-साथ उजियारपुर प्रखंड के प्रभारी BSO के रूप में भी कार्यरत थे। स्थानीय डीलर राम इकबाल। डीलर का बकाया खाद्यान्न (PDS अनाज) की आपूर्ति बहाल करने के एवज में अधिकारी द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी। बताया जा रहा है कि BSO ने काम के बदले कुल ₹30,000 की मांग की थी, जिसकी पहली किस्त के रूप में ₹10,000 लेते समय वे पकड़े गए।
- *भूमि, पानी, सड़क, विधुत, रेल सुविधा से संपन्न बंद पड़ा समस्तीपुर चीनी मिल चालू हो- सुरेंद्र* *डीएम द्वारा बंद चीनी मिल को चालू करने हेतु "अधिकारियों की टीम गठन" स्वागतयोग्य कदम- सुरेंद्र* *जिला विकास मंच के सदस्यों ने किया चीनी मिल परिसर का मुआयना, बताया सर्वसुविधा संपन्न परिसर* समस्तीपुर, 24 फरवरी 2026 समस्तीपुर जिला विकास मंच द्वारा समस्तीपुर का बंद चीनी मिल चालू करने को लेकर जारी धारावाहिक संघर्ष के दरम्यान जिलाधिकारी द्वारा बंद चीनी मिल को चालू करने की दिशा में कारवाई करते हुए "तीन अधिकारियों की टीम गठित कर रिपोर्ट मांगने" के कदम को चीनी मिल चालू होने की दिशा में स्वागत योग्य कदम बताया है। जिलाधिकारी द्वारा 23 फरवरी को टीम गठन के बाद मंगलवार को जिला विकास मंच एवं भाकपा माले की संयुक्त टीम सुरेंद्र प्रसाद सिंह, दीनबंधु प्रसाद, रामबली सिंह आदि के नेतृत्व में बंद पड़ा चीनी मिल परिसर का दौरा कर परिसर का मुआयना किया। मौके पर मंच के सदस्य सह भाकपा माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने मिल संचालन के लिए आधारभूत आवश्यकता की जानकारी देते हुए कहा कि- 1- *भूमि*- चीनी मिल के लिए कम से कम 10 एकड़ भूमि की आवश्यकता होती है जबकी बंद मिल के पास 22 एकड़ से भी अधिक जमीन है। 2- *विधुत*- चीनी मिल के मशीनों एवं उपकरणों को चलाने के लिए विधुत आवश्यक है और चीनी मिल चौक पर ही विधुत ग्रीड है। 3 - *रेल परिवहन*- गन्ने को मिल तक पहुंचाने एवं तैयार चीनी को बाजार तक पहुंचाने को इस मिल के पास रेल परिवहन सुविधा मौजूद है। 4 - *सड़क*- किसान के खेत से गन्ने को मिल तक पहुंचाने एवं चीनी को बाजार तक पहुंचाने के लिए मिल के चारों ओर सड़क सुविधा मौजूद है। 5- *पानी*- मिल में पानी की आवश्यकता की पूर्ति के लिए मिल से सटे बूढ़ी गंडक नदी समेत अन्य जलस्रोत है। 6- *गाद निकासी*- चीनी मिल के बगल में गाद की सफाई के बाद निकासी हेतु बूढ़ी गंडक नदी है। 7- *कच्चा माल*- मिल के लिए गन्ने की उपलब्धता जरूरी है। मिल के आसपास के वारिसनगर, कल्याणपुर, पूसा, ताजपुर, मोरबा- सरायरंजन, उजियारपुर आदि प्रखंड गन्ना उत्पादक केंद्र रहा है। 8- *श्रमिक*- मिल के आसपास के क्षेत्रों में सस्ते श्रमिक की बहुलता है। विदित हो कि 22 एकड़ से अधिक भूमि क्षेत्र में फैला समस्तीपुर चीनी मिल की स्थापना 1917 में अंग्रेज सरकार द्वारा किया गया था। यह मिल बिहार के तत्कालीन सभी मिलों में सुमार थी। उच्च कोटी का चीनी का उत्पादन होता था। सरकार की अनदेखी के कारण 1997 में मिल बंद हो गई। मिल को चालू करने का कई बार प्रयास हुआ लेकिन असफल रहा। जिला विकास मंच एवं भाकपा माले बंद चीनी मिल को चालू करने की मांग को लेकर लगातार संघर्षरत हैं। संगठनद्वय हरेक मंच-मौके पर मिल को चालू करने की मांग उठाती रही है।1
- समस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय अनुमंडल में मंगलवार को निगरानी विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विद्यापतिनगर प्रखंड के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (एमओ) राजेश कुमार भगत को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद निगरानी की टीम राजेश कुमार भगत को अपने साथ ले गई। एमओ को दलसिंहसराय स्थित निजी आवास पर कार्रवाई के दौरान के पास लोगों की भारी भीड़ जुट गई, जिससे इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं। जानकारी के अनुसार उजियारपुर के प्रभारी के रूप में भी कार्यरत थे। निगरानी की पदाधिकारी ने बताया कि विद्यापतिनगर के मनियारपुर के डीलर रामएकबाल सिंह के द्वारा1
- Post by Shaquib Press1
- 🔴ताजपुर में अनियंत्रित कार ने कई लोगों को कुचला आक्रोशित लोगों ने कार पोखर में पलटा1
- पूर्व मुखिया के की प्रयास से अतहर दक्षिणी पंचायत के बघनौती घाट स्वीकृति मिलने के बाद भटक गई पुल स्थानीय लोगों ने बताया कि बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी द्वारा बोल निर्माण की स्वीकृति देने के बाद शोध सॉइल टेस्ट कहीं और करवाया गया यहां फूल बनाने से सरकार के नक्शे में मौजूद बंद को दुरुस्त कर रास्ता बनाया जा सकता है अगर दूसरी जगह फूल बने तो सरकार को जमीन अधिग्रहण करना होगा ऐसे में उन्होंने सरकार से निवेदन किया कि जल्द से जल्द जांच कर फूल का निर्माण किया जाए1
- कठपुतली कलाकार शांति गुप्ता सम्मान से सम्मानित हुए नाट्य निर्देशक प्रमोद आजाद आज दिनांक 24.02.2026 मंगलवार को कठपुतली संवाद का आयोजन मालीघाट में एक्टिविस्ट100 के संयोजक सोनू सरकार की अध्यक्षता में की गई। सोनू सरकार ने बताया कि भारत कठपुतली की मातृभूमि होने के बावजूद भी हमारे देश के लोगों को इस अद्भुत कला के बारे में बहुत ज्यादा जानकारी नहीं हैं और न ही नई पीढ़ी पिछले कई वर्षों में कठपुतली को देखा हो। सरला श्रीवास सामाजिक सांस्कृतिक शोध संस्थान के संयोजक कठपुतली कलाकार सुनील कुमार ने बताया की माता पार्वती के प्रसन्नता हेतु देवों के देव महादेव ने काष्ठ के मूर्ति में प्रवेश कर कठपुतली कला की शुरुआत की थी। लोक गायिका अनिता कुमारी ने बताया कि रचनात्मकता और सरलता का जश्न मनाती "कठपुतली एक समृद्ध और विविध इतिहास वाली एक कला है जो बच्चों और वयस्कों दोनों को पसंद आती है।" “यह प्रदर्शनी परिवारों के लिए शैक्षिक, व्यावहारिक अवसर प्रदान करते हुए उस इतिहास का जश्न मनाती है। नाट्य निर्देशक प्रमोद आजाद ने बताया कि कठपुतली के जरिये बच्चों में सर्जनात्मकता का विकास होता है. उनमें जानने की रुचि पैदा होती है।पुतलियों के निर्माण तथा उनके माध्यम से विचारों के संप्रेषण में बच्चों को आनंद मिलता है, बच्चों के व्यक्तित्व के चहुँमुखी विकास में सहायक होता है। इस अवसर पर नाट्य निर्देशक प्रमोद आजाद, एक्टिविस्ट 100 के संयोजक सोनू सरकार,विनोद कुमार रजक को अंग वस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। धन्यवाद ज्ञापन सरला श्रीवास युवा मंडल की अध्यक्ष सुमन कुमारी ने दिया और बताया कि सरला श्रीवास की पुण्यतिथि 21 मार्च को विश्व कठपुतली दिवस के रूप में मनाया जाएगा।4
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- बाल विवाह मुक्ति रथ को बीडीओ से हरी झंडी दिखाकर किया रवाना समस्तीपुर खानपुर प्रखंड कार्यालय परिसर से बाल विवाह उन्मूलन अभियान अंतर्गत मुक्ति रथ को प्रखंड विकास पदाधिकारी विजय कुमार चंद्रा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया , बीडीओ ने कहा की बाल विवाह आज भी बच्चों के अधिकारों , गरिमा एवं समग्र विकास के लिए गंभीर सामाजिक चुनौती है इस अभियान के अंतर्गत बाल विवाह मुक्ति रथ खानपुर के विभिन्न पंचायत में जाकर जन जागरूकता सामुदायिक सहभागिता एवं कानूनी साक्षरता के लिए जागरूक करेगा , प्रयास जूवेनाइल एंड सेंटर समस्तीपुर के द्वारा चलाए जा रहा है, विद्यालय में एवं ग्रामीण स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम करेंगे, नुक्कड़ नाटक स्थानीय गीत एवं नारे के माध्यम से जन संदेश, जनप्रतिनिधि , आंगनबाड़ी सेविका , आशा कार्यकर्ता के द्वारा भी अभियान चलायि जाएगा इस मौके पर प्रखंड प्रधान लिपिक धर्मेंद्र यादव , नरेश राय अंजनी कुमार, सोनू कुमार, त्रिपुरारी झा ने भी रथ को हरी झंडी दिखाया1