बरहरवा में सातवें दिन भी जारी रहा शेरशाहबादी समाज का महाधरना, प्रेस वार्ता कर प्रशासन पर साधा निशाना। बरहरवा:शेरशाहबादी जाति प्रमाण पत्र पुनः निर्गत करने की मांग को लेकर बरहरवा प्रखंड सह अंचल मुख्यालय परिसर में जारी अनिश्चितकालीन महाधरना रविवार को सातवें दिन भी जारी रहा।सात दिनों से लगातार चल रहे इस आंदोलन में समुदाय के लोगों का उत्साह और भागीदारी लगातार बढ़ती नजर आ रही है। धरनास्थल पर बड़ी संख्या में छात्र, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग मौजूद रहे। आंदोलन के सातवें दिन शेरशाहबादी डेवलपमेंट सोसाइटी की ओर से एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया, जिसमें संगठन के पदाधिकारियों ने आंदोलन की पृष्ठभूमि, समुदाय की समस्याओं और प्रशासन के रवैये को लेकर विस्तार से अपनी बात रखी। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मुखिया मो. इश्तियाक ने कहा कि शेरशाहबादी समुदाय झारखंड सरकार की पिछड़ा वर्ग सूची में शामिल है, इसके बावजूद वर्षों से समुदाय के लोगों को जाति प्रमाण पत्र निर्गत नहीं किया जा रहा है। इसका सीधा असर छात्रों और युवाओं पर पड़ रहा है, जो शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी नौकरियों में आरक्षण के लाभ से वंचित हो रहे हैं। पिछले सात दिनों से समुदाय शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन मामले को गंभीरता से लेने के बजाय केवल तकनीकी कारणों का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रहा है। प्रेस वार्ता में यह भी कहा गया कि बिहार और पश्चिम बंगाल में स्थानीय जांच के आधार पर शेरशाहबादी जाति प्रमाण पत्र जारी किया जा रहा है, जबकि झारखंड में भी वर्ष 2012 तक यह प्रक्रिया लागू थी। ऐसे में अब प्रमाण पत्र निर्गत नहीं किया जाना समुदाय के साथ अन्याय है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। आने वाले दिनों में जिला स्तर पर बड़े आंदोलन और जनप्रतिनिधियों के घेराव की रणनीति पर भी विचार किया जा रहा है। धरनास्थल पर दिनभर नारेबाजी का दौर चलता रहा। आंदोलनकारियों ने एक स्वर में कहा कि जब तक शेरशाहबादी जाति प्रमाण पत्र पुनः निर्गत नहीं किया जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। मौके पर मो. अजमाइल, तोफाइल हक, शकील अहमद, शाहीन अख्तर, वसीम अकरम, मोबास्सेर हुसैन, सोलेमान शेख, मोफक्कार हुसैन, अतिकूर रहमान, महमूद आलम सहित समाज के कई गणमान्य लोग, छात्र-युवा एवं सैकड़ों आंदोलनकारी उपस्थित थे।
बरहरवा में सातवें दिन भी जारी रहा शेरशाहबादी समाज का महाधरना, प्रेस वार्ता कर प्रशासन पर साधा निशाना। बरहरवा:शेरशाहबादी जाति प्रमाण पत्र पुनः निर्गत करने की मांग को लेकर बरहरवा प्रखंड सह अंचल मुख्यालय परिसर में जारी अनिश्चितकालीन महाधरना रविवार को सातवें दिन भी जारी रहा।सात दिनों से लगातार चल रहे इस आंदोलन में समुदाय के लोगों का उत्साह और भागीदारी लगातार बढ़ती नजर आ रही है। धरनास्थल पर बड़ी संख्या में छात्र, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग मौजूद रहे। आंदोलन के सातवें दिन शेरशाहबादी डेवलपमेंट सोसाइटी की ओर से एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया, जिसमें संगठन के पदाधिकारियों ने
आंदोलन की पृष्ठभूमि, समुदाय की समस्याओं और प्रशासन के रवैये को लेकर विस्तार से अपनी बात रखी। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मुखिया मो. इश्तियाक ने कहा कि शेरशाहबादी समुदाय झारखंड सरकार की पिछड़ा वर्ग सूची में शामिल है, इसके बावजूद वर्षों से समुदाय के लोगों को जाति प्रमाण पत्र निर्गत नहीं किया जा रहा है। इसका सीधा असर छात्रों और युवाओं पर पड़ रहा है, जो शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी नौकरियों में आरक्षण के लाभ से वंचित हो रहे हैं। पिछले सात दिनों से समुदाय शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को प्रशासन तक पहुंचाने का
प्रयास कर रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन मामले को गंभीरता से लेने के बजाय केवल तकनीकी कारणों का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रहा है। प्रेस वार्ता में यह भी कहा गया कि बिहार और पश्चिम बंगाल में स्थानीय जांच के आधार पर शेरशाहबादी जाति प्रमाण पत्र जारी किया जा रहा है, जबकि झारखंड में भी वर्ष 2012 तक यह प्रक्रिया लागू थी। ऐसे में अब प्रमाण पत्र निर्गत नहीं किया जाना समुदाय के साथ अन्याय है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द कोई
सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। आने वाले दिनों में जिला स्तर पर बड़े आंदोलन और जनप्रतिनिधियों के घेराव की रणनीति पर भी विचार किया जा रहा है। धरनास्थल पर दिनभर नारेबाजी का दौर चलता रहा। आंदोलनकारियों ने एक स्वर में कहा कि जब तक शेरशाहबादी जाति प्रमाण पत्र पुनः निर्गत नहीं किया जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। मौके पर मो. अजमाइल, तोफाइल हक, शकील अहमद, शाहीन अख्तर, वसीम अकरम, मोबास्सेर हुसैन, सोलेमान शेख, मोफक्कार हुसैन, अतिकूर रहमान, महमूद आलम सहित समाज के कई गणमान्य लोग, छात्र-युवा एवं सैकड़ों आंदोलनकारी उपस्थित थे।
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- एसआईआर राजमहल व उधवा में झामुमो की बैठक, जिला अध्यक्ष ने एसआईआर के लिए कार्यकर्ताओं को दिया आवश्यक दिशा निर्देश उधवा/राजमहल। एसआईआर को लेकर झामुमो की दो प्रखंड राजमहल के डाक बंगला में नगर अध्यक्ष मो अजीरूददीन उर्फ आजाद की अध्यक्षता में नगर एवं प्रखंड के साथ उधवा प्रखंड के बीपीआरसी भवन में प्रखंड अध्यक्ष अयुब अली उर्फ बाबू दा की अध्यक्षता में में रविवार को झामुमो कमेटी की बैठक आयोजित किया गया।इस दौरान जिला अध्यक्ष अरुण सिंह ने कहा कि एसआईआर को लेकर पार्टी के मार्गदर्शन पर लगातार बीएलए -1 व बीएलए -2 को आवश्यक जानकारी दी जा रही है।ताकि एसआईआर कार्य के दौरान किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हो और बीएलओ के साथ समन्वय स्थापित कर सतर्क होकर कार्य करेंगे ताकि किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं कटे। बैठक में मुख्य अतिथि झामुमो जिलाध्यक्ष अरुण सिंह,विधायक प्रतिनिधि मो मारूफ उर्फ गुड्डू,केंद्रीय समिति सदस्य एखलाकुर रहमान,राजमहल पूर्व प्रखंड़ अध्यक्ष घीसू शेख,महिला मोर्चा के जिलाध्यक्ष बसंती हांसदा,नगर पंचायत अध्यक्ष केताबुददिन शेख, प्रो नजरूल इस्लाम, जिला संगठन सह सचिव काजू मलिक, प्रखंड सचिव विश्वजीत मंडल,जिप सदस्य रानी हांसदा, बदन सरकार सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित थे।2
- झारखंड के पाकुड़ जिले में अवैध बालू के कारोबार से हरिगंज गाँव के ग्रामीण बेहद आक्रोशित हैं। भारी ट्रकों की आवाजाही से गाँव की सड़कें पूरी तरह जर्जर हो गई हैं और हादसों का डर बना रहता है। ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सड़कों को बचाने की मांग की है।1
- झारखंड के पाकुड़ जिले के शाहपुर गांव में जमा मस्जिद की ओर जाने वाली सड़क की हालत बेहद खराब है। इस जर्जर रास्ते के कारण स्थानीय लोगों को आने-जाने में रोज़ाना भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।1
- झारखंड के बड़ातालबोना गांव में बांस काटने गए एक व्यक्ति बांस के पेड़ से गिर गया। वह दो घंटे तक बेहोश रहा और गिरने का कारण 'चुड़ैल' को बताया। बाद में गांव वालों की मदद से उसकी जान बच पाई।1
- गोड्डा के भुस्का प्लस टू हाई स्कूल में छात्रों से कथित तौर पर ज़्यादा फीस वसूली जा रही है। स्कूल को मिलने वाले विकास फंड के भी दुरुपयोग का आरोप है।1
- झारखंड में एक पुल ढह गया, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ। इस घटना से न केवल यातायात बाधित हुआ, बल्कि स्थानीय लोगों की उम्मीदें भी टूट गईं।1
- झारखंड के गौरवशाली रामसर स्थल उधवा बर्ड सैंक्चुअरी में विश्व प्रवासी पक्षी दिवस मनाया जा रहा है। यह आयोजन प्रवासी पक्षियों के संरक्षण और उनके महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।1