सिद्धार्थनगर जिले मुख्यालय के बांसी स्टैंड के पास लोक निर्माण विभाग (PWD) की बेशकीमती सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे और पक्के निर्माण का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ भू-माफिया और रसूखदार लोग जबरन इस भूमि पर निर्माण कार्य करा रहे हैं, जिसके उजागर होने के बाद PWD विभाग में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, बांसी स्टैंड के पास स्थित गाटा संख्या 144 और 152 की यह जमीन लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड की बताई जा रही है, लेकिन कुछ लोग इसे अपनी बताकर खुलेआम निर्माण कार्य में जुटे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी जमीन पर कब्जे की कोशिशें लंबे समय से चल रही थीं, मगर अब निर्माण कार्य में तेजी देखी जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशाषी अभियंता कमल किशोर ने जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन को एक पत्र भेजा है। इस पत्र में उन्होंने तत्काल अवैध निर्माण रुकवाने और सरकारी जमीन को कब्जे से मुक्त कराने की मांग की है। विभागीय पत्र के बाद प्रशासनिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। PWD अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, जिलाधिकारी ने इस मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का भरोसा दिया है। अब लोगों की नजरें जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। चर्चा है कि यदि कब्जा अवैध पाया जाता है, तो प्रशासन द्वारा बुलडोजर चलाकर कार्रवाई भी की जा सकती है।
सिद्धार्थनगर जिले मुख्यालय के बांसी स्टैंड के पास लोक निर्माण विभाग (PWD) की बेशकीमती सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे और पक्के निर्माण का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ भू-माफिया और रसूखदार लोग जबरन इस भूमि पर निर्माण कार्य करा रहे हैं, जिसके उजागर होने के बाद PWD विभाग में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, बांसी स्टैंड के पास स्थित गाटा संख्या 144 और 152 की यह जमीन लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड की बताई जा रही है, लेकिन कुछ लोग इसे अपनी बताकर खुलेआम निर्माण कार्य में जुटे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी जमीन पर कब्जे की कोशिशें लंबे समय से चल रही थीं, मगर अब निर्माण कार्य में तेजी देखी जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशाषी अभियंता कमल किशोर ने जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन को एक पत्र भेजा है। इस पत्र में उन्होंने तत्काल अवैध निर्माण रुकवाने और सरकारी जमीन को कब्जे से मुक्त कराने की मांग की है। विभागीय पत्र के बाद प्रशासनिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। PWD अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, जिलाधिकारी ने इस मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का भरोसा दिया है। अब लोगों की नजरें जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। चर्चा है कि यदि कब्जा अवैध पाया जाता है, तो प्रशासन द्वारा बुलडोजर चलाकर कार्रवाई भी की जा सकती है।
- सिद्धार्थनगर जिले में पिछले कई दिनों से डीज़ल और पेट्रोल की भारी समस्या बनी हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, प्रतिदिन ईंधन की आपूर्ति किए जाने के बावजूद भी भीड़ और माँग को नियंत्रित नहीं किया जा पा रहा है, जिसके चलते आम जनता को भी कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस किल्लत का सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है, जिन्हें खेती-बाड़ी के लिए पर्याप्त मात्रा में ईंधन नहीं मिल पा रहा है। स्थिति को देखते हुए, अधिकारियों से किसानों को पर्याप्त डीज़ल-पेट्रोल उपलब्ध कराने की कृपा करने का आग्रह किया गया है, ताकि वे अपना बहुमूल्य समय बचा सकें और अपने अन्य महत्वपूर्ण कार्यों को भी सुचारू रूप से पूरा कर सकें। यह माँग 'जय जवान जय किसान' के नारे के साथ उठाई गई है।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मऊ में यह स्पष्ट कर दिया है कि गरीबों की जमीन पर जबरन कब्जा करने वालों के खिलाफ अब बुलडोजर की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जो लोग पहले जबरन गरीबों की जमीनों पर कब्जा करते थे, अब यदि वे ऐसा करेंगे तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी, जिसमें बुलडोजर का उपयोग शामिल होगा।1
- संतकबीरनगर जिले में ट्रक ऑपरेटर्स यूनियन ने एक ट्रांसपोर्ट कंपनी पर ट्रक मालिकों और चालकों के आर्थिक शोषण का गंभीर आरोप लगाया है। यूनियन ने इस संबंध में जिलाधिकारी को एक शिकायती पत्र सौंपा है, जिसमें कहा गया है कि कंपनी मनमाने तरीके से नियम लागू कर रही है, जिससे स्थानीय ट्रक संचालकों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। यूनियन पदाधिकारियों के अनुसार, ट्रक मालिकों और चालकों को उचित भुगतान नहीं मिल पा रहा है और उन्हें कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यूनियन का आरोप है कि बार-बार शिकायतें करने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है, जिससे ट्रक संचालकों में रोष बढ़ता जा रहा है। ट्रक ऑपरेटर्स यूनियन ने जिलाधिकारी से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि ट्रक संचालकों के हितों की रक्षा हो सके। यूनियन पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। फिलहाल, यूनियन प्रशासन से मामले में उचित हस्तक्षेप की अपील कर रही है।1
- लखनऊ के दुबग्गा थाना क्षेत्र में हरदोई रोड पर केके प्लाजा लॉन के पास एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें एक तेज रफ्तार अनियंत्रित कार ने बाइक सवार तीन युवकों को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में तीनों युवकों की मौके पर ही मौत होने की सूचना है, हालांकि प्रशासन ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। घटनास्थल पर मौजूद स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि कार चलाने वाला व्यक्ति एक सब-इंस्पेक्टर है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर के बाद आरोपी कार चालक मौके से भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन आक्रोशित भीड़ ने उसे घेर कर पकड़ लिया। घटना के तुरंत बाद एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कथित तौर पर आरोपी कार चालक अपने मोबाइल पर बात करते और अपने वाहन से पुलिस विभाग का स्टिकर हटाने का प्रयास करते हुए दिखाई दे रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि चालक या तो शराब के नशे में था या अपनी पहचान छिपाने के लिए स्टिकर हटाने की कोशिश कर रहा था। सूचना मिलने पर दुबग्गा पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को नियंत्रित किया। आरोपी को पुलिस हिरासत में ले लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है। इस दुर्घटना के बाद इलाके में भारी तनाव का माहौल है। पुलिस अधिकारियों ने मामले की गहनता से जांच करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मामले में विस्तृत जांच के बाद ही मौत की आधिकारिक पुष्टि और घटना के सटीक कारणों का खुलासा हो पाएगा।1
- यह पोस्ट पूर्णतः भक्तिमय है, जिसमें बार-बार 'जय महाकाल जी' और 'जय माता दी' का उद्घोष किया गया है। यह भगवान महाकाल और माता देवी के प्रति गहरी श्रद्धा और भक्ति को दर्शाता है, जिसमें प्रणाम सूचक इमोजी का भी प्रयोग किया गया है।1
- संतकबीरनगर के खलीलाबाद नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष जगत जायसवाल ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को एक पत्र भेजा है, जिसमें उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जनपदों में आम जनता को होने वाली समस्याओं के समाधान की पुरजोर मांग उठाई है। उनके ज्ञापन में विशेष रूप से पोस्टमार्टम व्यवस्था, सरकारी अस्पतालों, अंतिम संस्कार स्थलों और न्यायालय परिसरों में मूलभूत सुविधाओं के अभाव को रेखांकित किया गया है, जिससे आमजन के साथ-साथ अधिवक्ताओं और परिजनों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ती है। ज्ञापन में जायसवाल ने बताया कि अधिकांश जिलों में पोस्टमार्टम का कार्य सीमित समय तक ही होता है, जिसके कारण देर शाम शव पहुंचने पर परिजनों को पूरी रात इंतजार करना पड़ता है। इस दौरान उनके बैठने, खाने-पीने और सुरक्षित ठहरने की पर्याप्त व्यवस्था न होने से गर्मी, बारिश और ठंड में यह समस्या और गंभीर हो जाती है। उन्होंने मांग की है कि पोस्टमार्टम व्यवस्था को 24 घंटे (8-8 घंटे की शिफ्ट में) संचालित किया जाए, पर्याप्त कर्मचारियों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए और पोस्टमार्टम गृहों के पास बैठने की व्यवस्था, भोजन एवं शुद्ध पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसी क्रम में उन्होंने सरकारी अस्पतालों की बदहाल व्यवस्थाओं का भी उल्लेख किया, जहां जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। खुले में धूप, बारिश और अन्य कठिन परिस्थितियों का सामना करने को मजबूर लोगों के लिए उन्होंने सभी सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त प्रतीक्षालय, स्वच्छ पेयजल और भोजन की सुविधाएं उपलब्ध कराने, साथ ही इनके नियमित संचालन और रखरखाव के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की नियुक्ति की मांग की। अंतिम संस्कार स्थलों और घाटों की समस्याओं को उठाते हुए, जगत जायसवाल ने कहा कि प्रदेश के कई श्मशान घाटों पर आज भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, जिससे किसी भी परिवार के लिए अत्यंत संवेदनशील समय में कठिनाई और बढ़ जाती है। उन्होंने सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों और ग्रामीण क्षेत्रों के घाटों पर बैठने की व्यवस्था, भोजन, शुद्ध पेयजल तथा मौसम से बचाव के लिए शेड आदि की व्यवस्था अनिवार्य रूप से कराने की मांग की। इसके अतिरिक्त, न्यायालय और कचहरी परिसरों में भी प्रतिदिन बड़ी संख्या में आने वाले वादकारियों और उनके परिजनों को पेयजल, बैठने की समुचित व्यवस्था और छायादार प्रतीक्षालयों के अभाव में घंटों कठिन परिस्थितियों में इंतजार करना पड़ता है। जायसवाल ने प्रदेश सरकार से सभी न्यायालय परिसरों में स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त बैठने की व्यवस्था तथा गर्मी और बारिश से बचाव के लिए शेड की सुविधा सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। नगर पालिका अध्यक्ष ने अपने ज्ञापन में यह भी कहा कि यदि सरकार इन मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए आवश्यक शासनादेश जारी करती है, तो इससे प्रदेश की आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी और उन्हें सम्मानजनक सुविधाएं प्राप्त हो सकेंगी।1
- बिजनौर जिले में स्वास्थ्य विभाग के एक जिम्मेदार पद पर तैनात अधिकारी का कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसके सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। वायरल वीडियो में स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉक्टर प्रमोद देशवाल एक झोलाछाप डॉक्टर से कथित तौर पर ₹5,000 की रिश्वत लेते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है, "तुम्हारे पास तीन-तीन चक्कर लगाने पड़ते हैं।" प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी डॉक्टर प्रमोद देशवाल नजीबाबाद तहसील के समीपुर स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात हैं। इस वीडियो के वायरल होने के बाद बिजनौर की जिलाधिकारी जसजीत कौर ने मामले का कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने इसकी गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच के आदेश दे दिए हैं। यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर प्रकाशित की गई है, और वंदे भारत लाइव इस वीडियो या घटना की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।1
- गोरखपुर-सोनौली एनएच-24 पर स्थित जोगियाबारी गांव के पास तेज रफ्तार के कहर के चलते एक भीषण सड़क हादसा हो गया। यहाँ एक ट्रैक्टर और ट्रेलर की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत में वाहनों के परखच्चे उड़ गए। इस दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौ*त हो गई, जबकि दो अन्य लोग घा*यल हो गए हैं। मृ*त*क की पहचान संपतिया, थाना नौतनवा निवासी बुद्धु पुत्र टिमकी के रूप में हुई है, वहीं घा*यलों का इलाज सीएचसी बनकटी में चल रहा है। हादसे की सूचना मिलने पर कोल्हुई पुलिस मौके पर पहुंची और घा*यलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने मृ*त*क व्यक्ति के श*व को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले में आगे की आवश्यक कार्रवाई में जुटी हुई है।1