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राहुल गांधी ने एक बार फिर बयान दिया है। उनके इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में 'मछली खलबली कंट्रोल' की स्थिति बन गई है।
Ramadhar Kumar
राहुल गांधी ने एक बार फिर बयान दिया है। उनके इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में 'मछली खलबली कंट्रोल' की स्थिति बन गई है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- बहराइच पुलिस ने अंतर्राष्ट्रीय गौमांस तस्कर सितारा उर्फ सुगरी (27) और नौशाद अली (48) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। ये दोनों आरोपी अवैध रूप से नेपाल से गौमांस लाकर शहर में उसकी सप्लाई करते थे। पुलिस ने इनके किराए के कमरे से 29 मार्च, 2026 को गौमांस बरामद किया था, जिसकी लेबोरेटरी जांच में भी गौवंश का मांस होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने तस्करों के खिलाफ गौवध क्रूरता अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।1
- मौसम विभाग (IMD) ने आज, मंगलवार को उत्तर प्रदेश के 51 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, राजधानी लखनऊ में सुबह से ही बादल छाए हुए हैं। विभाग के अनुसार, पिछले 16 दिनों से यूपी-बिहार सीमा पर अटका मॉनसून अगले 24 से 48 घंटों के भीतर उत्तर प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। बीते 24 घंटों के दौरान, राज्य में आगरा सबसे गर्म शहर रहा, जहाँ तापमान 42.9°C दर्ज किया गया। इसके अतिरिक्त, बांदा में 41.2°C, प्रयागराज में 41.0°C, कानपुर में 40.3°C और अलीगढ़ में 42.0°C तापमान रिकॉर्ड किया गया।1
- थाना बिधूना क्षेत्रांतर्गत ग्राम डहरियापुर मोड के पास हुई एक पुलिस मुठभेड़ के संबंध में क्षेत्राधिकारी बिधूना ने बाईट दी है। यह जानकारी मुठभेड़ से जुड़े तथ्यों को उजागर करती है।1
- भरथना थाना क्षेत्र में भरथना-ऊसराहार मार्ग पर एक तेज रफ्तार पिकअप ने सवारियों से भरे ऑटो में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप चालक ऑटो को करीब 25 मीटर तक घसीटता हुआ ले गया। इस हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई, जिसके उपरांत ऑटो में फंसे घायलों को बाहर निकाला गया। इस दुर्घटना में एक 60 वर्षीय महिला की मौत हो गई, जबकि दो घायलों को सैफई पीजीआई रेफर किया गया है। दुर्घटना का शिकार हुए लोग रमायन गाँव में रिश्तेदारी में आए हुए थे।1
- नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के अवसर पर, कानपुर देहात की एसपी श्रद्धा पांडेय ने अभिभावकों, स्कूल प्रबंधन और वाहन चालकों से बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की है। उन्होंने अपने संदेश में यह भी कहा कि बच्चों पर पढ़ाई का अनावश्यक दबाव न डाला जाए, बल्कि उन्हें एक सकारात्मक और प्रेरणादायक माहौल प्रदान किया जाना चाहिए।1
- उत्तर प्रदेश के इटावा में एक जमीनी विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया, जिसमें दोनों पक्षों के कुल 12 लोग घायल हो गए। भरथना कोतवाली क्षेत्र के दीनपुरा कुशना गांव में हुई इस हिंसक झड़प के बाद सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस मारपीट की घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। इस मामले में एक पक्ष ने छेड़छाड़ समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं दूसरे पक्ष ने भी पलटवार करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और अब पूरी घटना की जांच में जुट गई है।1
- जनपद कानपुर देहात में 1 जुलाई, 2026 से सभी विद्यालय पुनः खुलने जा रहे हैं। इस अवसर पर, पुलिस अधीक्षक (एसपी) कानपुर देहात ने सभी अभिभावकों, विद्यालय प्रबंधन और वाहन चालकों से बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की है। उन्होंने विशेष रूप से आग्रह किया है कि बच्चों को केवल अधिकृत और सुरक्षित स्कूल वाहनों से ही विद्यालय भेजें। एसपी ने वाहन चालकों और प्रबंधन को वाहन की फिटनेस, चालक के लाइसेंस और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। इसके अतिरिक्त, दोपहिया वाहनों पर हेलमेट और चारपहिया वाहनों में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने पर भी जोर दिया गया है। अभिभावकों से यह भी अनुरोध किया गया है कि वे बच्चों पर अनावश्यक पढ़ाई का दबाव न डालें, बल्कि उन्हें प्रोत्साहित करें और घर में सकारात्मक माहौल प्रदान करें। कानपुर देहात पुलिस ने छात्रों और छात्राओं की सुरक्षा के लिए सदैव उनके साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया है।1
- कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र स्थित जौरवा गांव के पास सोमवार दोपहर करीब तीन बजे एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। मौरंग से लदा एक ट्राला सड़क पर अचानक सामने आई गाय को बचाने की कोशिश में अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खंती में जा गिरा। इस हादसे में चालक बाल-बाल बच गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चालक ने सड़क पर अचानक आई गाय को बचाने के लिए वाहन को अचानक मोड़ने का प्रयास किया, जिससे ट्राले का संतुलन बिगड़ गया और वह खंती में पलट गया। घटना के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। मंगलवार शाम करीब चार बजे, दो हाइड्रा मशीनों की मदद से ट्राले को खंती से बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा था। इस घटना ने क्षेत्र में एक गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है कि जब सिकंदरा-झींझक मार्ग पर भारी वाहनों के लिए 'नो-एंट्री' लागू है, तो मौरंग से लदा यह ट्राला आखिर इस प्रतिबंधित मार्ग तक पहुंचा कैसे। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि नो-एंट्री के नियमों का सख्ती से पालन किया जाता, तो यह हादसा टाला जा सकता था। अब लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि कहीं जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित विभागों की अनदेखी के कारण ही तो भारी वाहन प्रतिबंधित मार्गों पर नहीं दौड़ रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने इस पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।1