जवाहर लाल नेहरू अस्पताल में लीवर ट्यूमर लेप्रोस्कोपिक से सफल ऑपरेशन अजमेर- जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय में सर्जरी विभाग की टीम ने 43 वर्षीय महिला मरीज के लीवर में पाए गए ट्यूमर का लेप्रोस्कोपिक तकनीक द्वारा सफल ऑपरेशन कर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मरीज पिछले दो से तीन महीनों से लगातार पेट दर्द से परेशान थी तथा पेट में गांठ महसूस हो रही थी। परिजनों के अनुसार उन्होंने पहले कई अस्पतालों में परामर्श लिया, लेकिन दर्द में कोई विशेष राहत नहीं मिली। इसके बाद मरीज ने जेएलएन अस्पताल में सर्जरी विभागाध्यक्ष एवं लैप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. शिवकुमार बुनकर से परामर्श लिया। डॉ. बुनकर द्वारा कराए गए सीटी स्कैन में पाया गया कि लीवर में लगभग 10×10×8 सेंटीमीटर की बड़ी गांठ है, जो लीवर के काफी हिस्से को भी प्रभावित कर चुकी थी। मरीज की लगातार बिगड़ती स्थिति को देखते हुए तुरंत प्रभाव से ऑपरेशन की योजना बनाई गई। चिकित्सकों के अनुसार यदि समय रहते ऑपरेशन नहीं किया जाता तो दुष्परिणाम हो सकते थे व मरीज की जान को खतरा भी हो सकता था। डॉ. बुनकर एवं उनकी टीम ने डॉ. श्याम भूतड़ा के मार्गदर्शन पश्चात सटीक योजना बनाकर दूरबीन (लैप्रोस्कोपिक) द्वारा ऑपरेशन किया । ऑपरेशन के दौरान गांठ के साथ लीवर का प्रभावित हिस्सा भी सुरक्षित रूप से निकाला गया (लीवर रिसेक्शन)। लीवर रिसेक्शन अत्यंत जटिल सर्जरी मानी जाती है, क्योंकि इसमें अत्यधिक रक्तस्राव का खतरा रहता है तथा तकनीकी चुनौतियां अधिक होती हैं। साथ ही ऑपरेशन के दौरान पित्त की थैली (गॉलब्लैडर) का भी सफलतापूर्वक 3 घंटे में ऑपरेशन किया गया जेएलएन अस्पताल में इस प्रकार का लीवर रिसेक्शन पहली बार दूरबीन द्वारा सफलतापूर्वक किया गया है। सामान्यतः इस प्रकार की जटिल सर्जरी बड़े शहरों या मेट्रो सिटी के उच्च स्तरीय अस्पतालों में ही की जाती है, लेकिन अब जेएलएन अस्पताल के सर्जरी विभाग में भी ऐसी उन्नत सर्जरी संभव हो रही है। इससे क्षेत्र के मरीजों को उपचार के लिए बड़े शहरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा।
जवाहर लाल नेहरू अस्पताल में लीवर ट्यूमर लेप्रोस्कोपिक से सफल ऑपरेशन अजमेर- जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय में सर्जरी विभाग की टीम ने 43 वर्षीय महिला मरीज के लीवर में पाए गए ट्यूमर का लेप्रोस्कोपिक तकनीक द्वारा सफल ऑपरेशन कर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मरीज पिछले दो से तीन महीनों से लगातार पेट दर्द से परेशान थी तथा पेट में गांठ महसूस हो रही थी। परिजनों के अनुसार उन्होंने पहले कई अस्पतालों में परामर्श लिया, लेकिन दर्द में कोई विशेष राहत नहीं मिली। इसके बाद मरीज ने जेएलएन अस्पताल में सर्जरी विभागाध्यक्ष एवं लैप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. शिवकुमार बुनकर से परामर्श लिया। डॉ. बुनकर द्वारा कराए गए सीटी स्कैन में पाया गया कि लीवर में लगभग 10×10×8 सेंटीमीटर की बड़ी गांठ है, जो लीवर के काफी हिस्से को भी प्रभावित कर चुकी थी। मरीज की लगातार बिगड़ती स्थिति को देखते हुए तुरंत प्रभाव से ऑपरेशन की योजना बनाई गई। चिकित्सकों के अनुसार यदि समय रहते ऑपरेशन नहीं किया जाता तो दुष्परिणाम हो सकते थे व मरीज की जान को खतरा भी हो सकता था। डॉ. बुनकर एवं उनकी टीम ने डॉ. श्याम भूतड़ा के मार्गदर्शन पश्चात सटीक योजना बनाकर दूरबीन (लैप्रोस्कोपिक) द्वारा ऑपरेशन किया । ऑपरेशन के दौरान गांठ के साथ लीवर का प्रभावित हिस्सा भी सुरक्षित रूप से निकाला गया (लीवर रिसेक्शन)। लीवर रिसेक्शन अत्यंत जटिल सर्जरी मानी जाती है, क्योंकि इसमें अत्यधिक रक्तस्राव का खतरा रहता है तथा तकनीकी चुनौतियां अधिक होती हैं। साथ ही ऑपरेशन के दौरान पित्त की थैली (गॉलब्लैडर) का भी सफलतापूर्वक 3 घंटे में ऑपरेशन किया गया जेएलएन अस्पताल में इस प्रकार का लीवर रिसेक्शन पहली बार दूरबीन द्वारा सफलतापूर्वक किया गया है। सामान्यतः इस प्रकार की जटिल सर्जरी बड़े शहरों या मेट्रो सिटी के उच्च स्तरीय अस्पतालों में ही की जाती है, लेकिन अब जेएलएन अस्पताल के सर्जरी विभाग में भी ऐसी उन्नत सर्जरी संभव हो रही है। इससे क्षेत्र के मरीजों को उपचार के लिए बड़े शहरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा।
- अभय कमांड के कैमरे की मदद से लोटाए दो लाख रूपये अभय कमांड के अति. पुलिस अधीक्षक खान मोहमद के आदेशानुसार नुसरत ईमाम पुत्र ती मुजफ्फर ईमाम निवासी कचंननगर दोराई, केसरगंज के अपने आफिस से रामगंज बैंक जा रहे थे इस दोरान रामगंज हास्पिटल के पास उनके बेग मे रखे दो लाख रु. की राशि बेग फटने या चीरा लगने की वजह से गिर गये जिस पर अभय कमांड के हेड कानि. हितेन्द्र बागड़ी बारीकी से ने रूट चार्ट के अनुसार कैमरे से निरीक्षण किया और पैसे उठाने वाले स्कूटी सवार के नम्बरो के आधार पर ट्रेस कर, लक्षमणसिंह/प्रस लाल गोविंदनगर, रामगंज से कराया जिस पर उसने इमानदारी से पैसे मिलना कबूल किया और पुलिस अभय कमांड बुलाकर फरियादी को पैसे लौटाए1
- लोक जनता पार्टी लोकसभा सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव पहुंचे दरगाह की जियारत।1
- @Tejaji Short is live1
- Post by Buralal Herval4
- Post by Naveedali Khaskheli2
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- अजमेर में निजी यात्री बस संचालकों ने राजस्थान परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नाराज़गी जताई है। अजमेर बस ओनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि परिवहन विभाग द्वारा प्राइवेट बसों पर राजनीतिक दबाव में दमनकारी कार्रवाई की जा रही है। बस संचालकों का कहना है कि विभागीय अधिकारी मनमानी करते हुए चालान, सीज और अन्य कार्यवाहियां कर रहे हैं, जिससे निजी बस व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। उन्होंने मांग की कि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जाए, ताकि निजी परिवहन व्यवसाय को राहत मिल सके। ज्ञापन के दौरान बस मालिकों ने प्रशासन से निष्पक्ष रवैया अपनाने और परिवहन व्यवस्था को संतुलित रखने की अपील की। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।1
- अजमेर में जीआरपी के वार्षिक निरीक्षण पर पहुंचीं डीआईजी श्वेता धनखड़ ने जीआरपी थाना पुलिस लाइन का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान पुलिस जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। डीआईजी ने रिकॉर्ड, मालखाना और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने जीआरपी अधीक्षक कार्यालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। अधिकारियों के साथ बैठक में बढ़ते अपराधों और रेल यात्रियों की सुरक्षा पर चर्चा की गई। डीआईजी ने अपराध नियंत्रण, गश्त बढ़ाने और लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए।1