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SIR इससे पहले भी देश में कई बार हुआ है। -श्री मदन राठौड़ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, राजस्थान

1 hr ago
user_VAGAD news24
VAGAD news24
आसपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
1 hr ago

SIR इससे पहले भी देश में कई बार हुआ है। -श्री मदन राठौड़ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, राजस्थान

More news from राजस्थान and nearby areas
  • वागड के पावागढ़ उपनाम से प्रसिद्ध देवी तीर्थ नंदनी माता मंदिर पर सकल सनातनी एवं नंदनी माता विकास समिति द्वारा आयोजित चार दिवसीय शिखर प्रतिष्ठा एवं 51 कुण्डीय शतचण्डी महायज्ञ, लघुरूद्र, भैरव महायाग का शुभारंभ हेमाद्री श्रवण, गणपति पूजन, स्थापित देवताओं के पूजन एवं आरती के साथ हुआ। समिति के भुपेश पटेल व मुदित जोशी ने बताया कि आचार्य किशोर शुक्ला के सानिध्य में प्रधान कुण्ड यजमान अशोक पुत्र हिरालाल प्रजापत, शिखर यजमान रूपेंग सोलंकी पुत्र लवजी सोलंकी सपरिवार, कीर्ति स्तंभ यजमान नितेश कलाल पुत्र छगनलाल कलाल, शिखर ध्वज दण्ड यजमान दली धर्मपत्नी प्रेमजी पाटीदार, भैरवजी ध्वज दण्ड यजमान पुरूषोत्त सुथार पुत्र वखतराम सुथार, सिंह वाहन यजमान डॉक्टर विवेकानंद महाराज, गणेश मूर्ति स्थापना यजमान पन्नालाल सुथार पुत्र वखतराम सुथार परिवार, घंटा वादन यजमान लालसिंह सोलंकी पुत्र नारेंग सोलंकी, श्रीयंत्र स्थापना यजमान सुरेश चंद्र सुथार पुत्र भुरालाल सुथार परिवार सहित समस्त यजमान परिवारों ने विधिवत अनुष्ठान सम्पन्न किए। अनुष्ठान में उपाचार्य कपिल भाई व्यास पालोदा, प्रतिष्ठा आचार्य पंकज भाई जोशी, राहुल जोशी, हरिओम पाठक, ललित जोशी, संदीप पाठक सहित 65 ब्राह्मणों का सानिध्य रहा। प्रथम दिन श्रद्धालुओं हेतु दीपक ठाकुर पुत्र किशनलाल ठाकुर परिवार द्वारा महाप्रसादी का आयोजन हुआ। गुरुवार को गंगाजल कलश यात्रा के साथ मातृशक्ति 1500 फीट ऊँची पहाड़ी पर शिखर तक पहुंचेगी। व्यवस्था हेतु विटठल पाटीदार व दीपक ठाकुर के नेतृत्व में टीम गठित की गई है। मंदिर को बैलून व रोशनी से भव्य रूप से सजाया गया है, जिससे धाम भक्तिमय वातावरण में सराबोर है।
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    वागड के पावागढ़ उपनाम से प्रसिद्ध देवी तीर्थ नंदनी माता मंदिर पर सकल सनातनी एवं नंदनी माता विकास समिति द्वारा आयोजित चार दिवसीय शिखर प्रतिष्ठा एवं 51 कुण्डीय शतचण्डी महायज्ञ, लघुरूद्र, भैरव महायाग का शुभारंभ हेमाद्री श्रवण, गणपति पूजन, स्थापित देवताओं के पूजन एवं आरती के साथ हुआ।
समिति के भुपेश पटेल व मुदित जोशी ने बताया कि आचार्य किशोर शुक्ला के सानिध्य में प्रधान कुण्ड यजमान अशोक पुत्र हिरालाल प्रजापत, शिखर यजमान रूपेंग सोलंकी पुत्र लवजी सोलंकी सपरिवार, कीर्ति स्तंभ यजमान नितेश कलाल पुत्र छगनलाल कलाल, शिखर ध्वज दण्ड यजमान दली धर्मपत्नी प्रेमजी पाटीदार, भैरवजी ध्वज दण्ड यजमान पुरूषोत्त सुथार पुत्र वखतराम सुथार, सिंह वाहन यजमान डॉक्टर विवेकानंद महाराज, गणेश मूर्ति स्थापना यजमान पन्नालाल सुथार पुत्र वखतराम सुथार परिवार, घंटा वादन यजमान लालसिंह सोलंकी पुत्र नारेंग सोलंकी, श्रीयंत्र स्थापना यजमान सुरेश चंद्र सुथार पुत्र भुरालाल सुथार परिवार सहित समस्त यजमान परिवारों ने विधिवत अनुष्ठान सम्पन्न किए।
अनुष्ठान में उपाचार्य कपिल भाई व्यास पालोदा, प्रतिष्ठा आचार्य पंकज भाई जोशी, राहुल जोशी, हरिओम पाठक, ललित जोशी, संदीप पाठक सहित 65 ब्राह्मणों का सानिध्य रहा। प्रथम दिन श्रद्धालुओं हेतु दीपक ठाकुर पुत्र किशनलाल ठाकुर परिवार द्वारा महाप्रसादी का आयोजन हुआ।
गुरुवार को गंगाजल कलश यात्रा के साथ मातृशक्ति 1500 फीट ऊँची पहाड़ी पर शिखर तक पहुंचेगी। व्यवस्था हेतु विटठल पाटीदार व दीपक ठाकुर के नेतृत्व में टीम गठित की गई है। मंदिर को बैलून व रोशनी से भव्य रूप से सजाया गया है, जिससे धाम भक्तिमय वातावरण में सराबोर है।
    user_धर्मेंद्र उपाध्याय
    धर्मेंद्र उपाध्याय
    पत्रकार बांसवाड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    18 hrs ago
  • उदयपुर जिले के गोगुंदा थाना क्षेत्र में भादवी गुड़ा के पास तेज रफ्तार वाहन ने बाइक सवार युवक को टक्कर मार दी। हादसे में पंकज शर्मा की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को मोर्चरी में रखवाया। मृतक कोटा का रहने वाला था।
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    उदयपुर जिले के गोगुंदा थाना क्षेत्र में भादवी गुड़ा के पास तेज रफ्तार वाहन ने बाइक सवार युवक को टक्कर मार दी। हादसे में पंकज शर्मा की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को मोर्चरी में रखवाया। मृतक कोटा का रहने वाला था।
    user_Vishnu lohar
    Vishnu lohar
    Local News Reporter झाड़ोल, उदयपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • सुवासरा तहसील की ग्राम पंचायत घसोई जंगल में पहाड़ों के बीच गुफा के अंदर माताजी का स्थान, इस अद्भुत स्थान को देखकर होता है। आश्चर्य यह स्थान चमत्कारी माना जाता है। तो वही होती है। लोगों की मनोकामना पूर्ण यहां पर 30 सालों से विराजित महात्मा जी के द्वारा की जाती है माताजी की सेवा
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    सुवासरा तहसील की ग्राम पंचायत घसोई जंगल में पहाड़ों के बीच गुफा के अंदर माताजी का स्थान, इस अद्भुत स्थान को देखकर होता है। आश्चर्य यह स्थान चमत्कारी माना जाता है। तो वही होती है। लोगों की मनोकामना पूर्ण यहां पर 30 सालों से विराजित महात्मा जी के द्वारा की जाती है माताजी की सेवा
    user_विजय रेटूदिया
    विजय रेटूदिया
    मंदसौर नगर, मंदसौर, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • Post by Ravi__baba999
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    Post by Ravi__baba999
    user_Ravi__baba999
    Ravi__baba999
    जावरा, रतलाम, मध्य प्रदेश•
    38 min ago
  • Post by Lucky sukhwal
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    Post by Lucky sukhwal
    user_Lucky sukhwal
    Lucky sukhwal
    चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • श्री लक्ष्मी नाथ भगवान जी की मंगला आरती दर्शन गांव पुठोली चंदेरिया चित्तौरगढ़ राजस्थान हरि ॐ ॐ नमो भगवते वासुयदेवाय
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    श्री लक्ष्मी नाथ भगवान जी की मंगला आरती दर्शन गांव पुठोली चंदेरिया चित्तौरगढ़ राजस्थान हरि ॐ ॐ नमो भगवते वासुयदेवाय
    user_Kanhaiya lal Joshi
    Kanhaiya lal Joshi
    Pujari Chittaurgarh, Chittorgarh•
    6 hrs ago
  • Post by VAGAD news24
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    Post by VAGAD news24
    user_VAGAD news24
    VAGAD news24
    आसपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • खेरिया घाटे में बुधवार को एक बस और वैन की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि वैन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। दुर्घटना में वैन सवार लोगों को मामूली चोटें आईं। घटना की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति संभाली। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार को हादसे का कारण बताया जा रहा है।
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    खेरिया घाटे में बुधवार को एक बस और वैन की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि वैन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। दुर्घटना में वैन सवार लोगों को मामूली चोटें आईं। घटना की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति संभाली। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार को हादसे का कारण बताया जा रहा है।
    user_Vishnu lohar
    Vishnu lohar
    Local News Reporter झाड़ोल, उदयपुर, राजस्थान•
    16 hrs ago
  • जब चाँदी की कीमत 4,00,000 रुपये प्रति किलो तक पहुँच गई थी, तब मेरे मन में विचार आया कि क्यों न उन चाँदी के आभूषणों को बेच दिया जाए जो अब मेरे किसी काम के नहीं रहे—कुछ टूट चुके थे और कुछ वर्षों से यूँ ही रखे थे। कुल मिलाकर उनका वजन लगभग 600 ग्राम था। लेकिन आप यह जानकर हैरान रह जाएँगे कि जब मैं उन आभूषणों को बेचने के लिए बाज़ार गई, तो किसी भी सुनार ने उन्हें खरीदने में रुचि नहीं दिखाई। कारण यह था कि उस समय चाँदी बहुत महँगी हो चुकी थी। सुनारों का साफ कहना था कि जब दाम इतने ऊँचे हैं, तब वे चाँदी खरीदने का जोखिम नहीं उठा सकते। वे पहले से खरीदी हुई चाँदी ही बेचने में लगे थे, नई चाँदी खरीदने को तैयार नहीं थे। यह अनुभव एक महत्वपूर्ण सच्चाई की ओर इशारा करता है। जब किसी धातु या वस्तु के दाम तेजी से बढ़ते हैं, तब अक्सर यह प्रचार किया जाता है कि कीमतें और बढ़ेंगी, इसलिए अभी खरीद लेना समझदारी है। लेकिन वास्तविकता यह है कि ऊँचे दामों पर खरीददार तो मिल जाते हैं, पर जब वही वस्तु बेचने की बारी आती है, तो खरीदार मिलना मुश्किल हो जाता है। इसलिए केवल “महँगा हो रहा है, महँगा हो रहा है” के शोर में आकर अपना पैसा फँसाना समझदारी नहीं है। जब दाम बढ़ते हैं, तब वह बढ़ोतरी अक्सर बेचने वालों के फायदे के लिए होती है, न कि आम लोगों के लिए। और जब आप बेचने जाते हैं, तब बाज़ार में कोई लेने वाला नहीं मिलता, क्योंकि बड़े व्यापारी उस समय खुद बेच रहे होते हैं। निष्कर्ष यही है कि बिना सोच-समझे, केवल कीमतों के बढ़ने के लालच में निवेश करना नुकसानदेह हो सकता है।
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    जब चाँदी की कीमत 4,00,000 रुपये प्रति किलो तक पहुँच गई थी, तब मेरे मन में विचार आया कि क्यों न उन चाँदी के आभूषणों को बेच दिया जाए जो अब मेरे किसी काम के नहीं रहे—कुछ टूट चुके थे और कुछ वर्षों से यूँ ही रखे थे। कुल मिलाकर उनका वजन लगभग 600 ग्राम था।
लेकिन आप यह जानकर हैरान रह जाएँगे कि जब मैं उन आभूषणों को बेचने के लिए बाज़ार गई, तो किसी भी सुनार ने उन्हें खरीदने में रुचि नहीं दिखाई। कारण यह था कि उस समय चाँदी बहुत महँगी हो चुकी थी। सुनारों का साफ कहना था कि जब दाम इतने ऊँचे हैं, तब वे चाँदी खरीदने का जोखिम नहीं उठा सकते। वे पहले से खरीदी हुई चाँदी ही बेचने में लगे थे, नई चाँदी खरीदने को तैयार नहीं थे।
यह अनुभव एक महत्वपूर्ण सच्चाई की ओर इशारा करता है। जब किसी धातु या वस्तु के दाम तेजी से बढ़ते हैं, तब अक्सर यह प्रचार किया जाता है कि कीमतें और बढ़ेंगी, इसलिए अभी खरीद लेना समझदारी है। लेकिन वास्तविकता यह है कि ऊँचे दामों पर खरीददार तो मिल जाते हैं, पर जब वही वस्तु बेचने की बारी आती है, तो खरीदार मिलना मुश्किल हो जाता है।
इसलिए केवल “महँगा हो रहा है, महँगा हो रहा है” के शोर में आकर अपना पैसा फँसाना समझदारी नहीं है। जब दाम बढ़ते हैं, तब वह बढ़ोतरी अक्सर बेचने वालों के फायदे के लिए होती है, न कि आम लोगों के लिए। और जब आप बेचने जाते हैं, तब बाज़ार में कोई लेने वाला नहीं मिलता, क्योंकि बड़े व्यापारी उस समय खुद बेच रहे होते हैं।
निष्कर्ष यही है कि बिना सोच-समझे, केवल कीमतों के बढ़ने के लालच में निवेश करना नुकसानदेह हो सकता है।
    user_Alert Nation News
    Alert Nation News
    Journalist चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    18 hrs ago
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