सड़क हादसे में पिता-पुत्र की दर्दनाक मौत पुणे में मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था राजा भैया, सड़क हादसे ने छीना पिता और मासूम बेटे का साथ बहुत दुःखद खबर | सड़क हादसे में पिता-पुत्र की दर्दनाक मौत पुणे में मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था राजा भैया, सड़क हादसे ने छीना पिता और मासूम बेटे का साथ 15 सितंबर को छोटे भाई ने दी पिता-पुत्र को मुखाग्नि, परिवार के सामने अब भरण-पोषण की चिंता गढ़ीपड़रिया, पन्ना। महाराष्ट्र के चाकन थाना क्षेत्र में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में गढ़ी पड़रिया निवासी राजा भैया कुशवाहा (32 वर्ष) और उनके एक वर्षीय मासूम पुत्र श्रषभ की मौत के बाद आज 15 सितंबर 2026 को दोनों का अंतिम संस्कार गृह ग्राम गढ़ी पड़रिया में किया गया। जानकारी के अनुसार राजा भैया कुशवाहा अपने परिवार के साथ मजदूरी करने पुणे गए थे। 12 सितंबर की दोपहर करीब 1 बजे बच्चों की दवाई कराकर परिवार पैदल लौट रहा था। इसी दौरान चाकन थाना क्षेत्र में एक बस ने परिवार को टक्कर मार दी। हादसे में राजा भैया और उनके एक वर्षीय पुत्र श्रषभ गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के तत्काल बाद दोनों को उपचार के लिए धनश्री हॉस्पिटल, मौसी गांव ले जाया गया। उपचार के दौरान 13 सितंबर की सुबह करीब 5 बजे राजा भैया कुशवाहा की मौत हो गई, जबकि उसी दिन शाम करीब 5 बजे उनके मासूम पुत्र श्रषभ ने भी दम तोड़ दिया। हादसे में राजा भैया की पत्नी और छोटी बच्ची बाल-बाल बच गईं। पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव गृह ग्राम गढ़ी पड़रिया लाए गए। एक साथ उठी पिता-पुत्र की अर्थी आज 15 सितंबर को पिता-पुत्र की अंतिम यात्रा एक साथ निकली। इस मार्मिक दृश्य को देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। राजा भैया कुशवाहा और उनके मासूम बेटे श्रषभ का अंतिम संस्कार उनके छोटे भाई ने किया। परिवार के सामने भरण-पोषण की बड़ी चिंता राजा भैया की असमय मौत के बाद परिवार के सामने अब भरण-पोषण की गंभीर चिंता खड़ी हो गई है। परिवार में उनके माता-पिता, पत्नी, छोटा भाई, छोटी बहिन और एक बेटी हैं। परिवार के लिए मजदूरी कर जीवन-यापन करने वाले राजा भैया के चले जाने से परिजनों के सामने भविष्य की चिंता खड़ी हो गई है। एक सड़क हादसे ने परिवार से 32 वर्षीय कमाने वाले सदस्य और एक मासूम बच्चे को हमेशा के लिए छीन लिया। गढ़ी पड़रिया में इस दर्दनाक घटना के बाद शोक की लहर है।
सड़क हादसे में पिता-पुत्र की दर्दनाक मौत पुणे में मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था राजा भैया, सड़क हादसे ने छीना पिता और मासूम बेटे का साथ बहुत दुःखद खबर | सड़क हादसे में पिता-पुत्र की दर्दनाक मौत पुणे में मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था राजा भैया, सड़क हादसे ने छीना पिता और मासूम बेटे का साथ 15 सितंबर को छोटे भाई ने दी पिता-पुत्र को मुखाग्नि, परिवार के सामने अब भरण-पोषण की चिंता गढ़ीपड़रिया, पन्ना। महाराष्ट्र के चाकन थाना क्षेत्र में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में गढ़ी पड़रिया निवासी राजा भैया कुशवाहा (32 वर्ष) और उनके एक वर्षीय मासूम पुत्र श्रषभ की मौत के बाद आज 15 सितंबर 2026 को दोनों का अंतिम संस्कार गृह ग्राम गढ़ी पड़रिया में किया गया। जानकारी के अनुसार राजा भैया कुशवाहा अपने परिवार के साथ मजदूरी करने पुणे गए थे। 12 सितंबर की दोपहर करीब 1 बजे बच्चों की दवाई कराकर परिवार पैदल लौट रहा था। इसी दौरान चाकन थाना क्षेत्र में एक बस ने परिवार को टक्कर मार दी। हादसे में राजा भैया और उनके एक वर्षीय पुत्र श्रषभ गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के तत्काल बाद दोनों को उपचार के लिए धनश्री हॉस्पिटल, मौसी गांव ले जाया
गया। उपचार के दौरान 13 सितंबर की सुबह करीब 5 बजे राजा भैया कुशवाहा की मौत हो गई, जबकि उसी दिन शाम करीब 5 बजे उनके मासूम पुत्र श्रषभ ने भी दम तोड़ दिया। हादसे में राजा भैया की पत्नी और छोटी बच्ची बाल-बाल बच गईं। पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव गृह ग्राम गढ़ी पड़रिया लाए गए। एक साथ उठी पिता-पुत्र की अर्थी आज 15 सितंबर को पिता-पुत्र की अंतिम यात्रा एक साथ निकली। इस मार्मिक दृश्य को देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। राजा भैया कुशवाहा और उनके मासूम बेटे श्रषभ का अंतिम संस्कार उनके छोटे भाई ने किया। परिवार के सामने भरण-पोषण की बड़ी चिंता राजा भैया की असमय मौत के बाद परिवार के सामने अब भरण-पोषण की गंभीर चिंता खड़ी हो गई है। परिवार में उनके माता-पिता, पत्नी, छोटा भाई, छोटी बहिन और एक बेटी हैं। परिवार के लिए मजदूरी कर जीवन-यापन करने वाले राजा भैया के चले जाने से परिजनों के सामने भविष्य की चिंता खड़ी हो गई है। एक सड़क हादसे ने परिवार से 32 वर्षीय कमाने वाले सदस्य और एक मासूम बच्चे को हमेशा के लिए छीन लिया। गढ़ी पड़रिया में इस दर्दनाक घटना के बाद शोक की लहर है।
- गुनौर को मिली सहकारिता की नई सौगात: जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के नवीन भवन का भव्य लोकार्पण, किसानों को मिलेंगी बेहतर बैंकिंग सुविधाएं *गुनौर को मिली सहकारिता की नई सौगात: जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के नवीन भवन का भव्य लोकार्पण, किसानों को मिलेंगी बेहतर बैंकिंग सुविधाएं* *महेन्द्र सिंह यादव रहे मुख्य अतिथि, पूर्व न्यायमूर्ति एस.एस. झा ने की अध्यक्षता, विधायक राजेश वर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में रहे मौजूद* गुनौर। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शाखा गुनौर को रविवार 13 सितंबर 2026 को नवीन भवन की सौगात मिली। नवीन भवन का लोकार्पण समारोह गरिमामय एवं भव्य माहौल में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सहकारिता से जुड़े अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी रही। लोकार्पण कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महेन्द्र सिंह यादव, प्रशासक, मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक मर्यादित भोपाल रहे। वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय न्यायमूर्ति श्री एस.एस. झा, कोर्ट कमिश्नर एवं पूर्व न्यायाधीश, माननीय उच्च न्यायालय द्वारा की गई। कार्यक्रम में गुनौर विधानसभा क्षेत्र के विधायक माननीय राजेश वर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अतिथियों द्वारा विधिवत रूप से नवीन भवन का लोकार्पण किया गया। नवीन भवन के शुरू होने से जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की गुनौर शाखा में आने वाले किसानों, खाताधारकों एवं अन्य ग्राहकों को बेहतर एवं सुविधाजनक बैंकिंग सेवाएं मिलने की उम्मीद है। आधुनिक एवं व्यवस्थित भवन से बैंकिंग कार्यों में सुविधा के साथ-साथ ग्राहकों को भी बेहतर वातावरण उपलब्ध होगा। इस अवसर पर वक्ताओं ने सहकारिता क्षेत्र की भूमिका और किसानों एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहकारी बैंकों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंक ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों और आमजन को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कार्यक्रम के आयोजक एस.के. कनौजिया, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित पन्ना रहे। कार्यक्रम में बैंक के अधिकारी-कर्मचारी एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। नवीन भवन के लोकार्पण के साथ गुनौर में सहकारी बैंकिंग व्यवस्था को नया स्वरूप मिला है, जिससे आने वाले समय में क्षेत्र के किसानों और खाताधारकों को बेहतर बैंकिंग सुविधाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है इस द्वारान सुरेंद्र दुवेदी बैंक मैनेज़ शाखा गुनौर,नगर परिषद अध्यक्ष अर्चना मलखान सिंह, भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रीति पटेल,पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रवि राज यादव,पूर्व मंडल अध्यक्ष मलखान सिंह एवं समस्त समिति प्रबंधक व सेल्समेन व नागरिक उपस्थित रहे4
- किसानों की समस्यायों और देवेंद्र नगर में खस्ताहाल रोड बंदरों के आतंक को लेकर सौंपा ज्ञापन किसानों की जवालंत मांगों को लेकर एवं एन एच 39 रोड गड्ढों में तब्दील एवं बंदरों के आतंक को लेकर कांग्रेसियों ने महामहिम राज्यपाल के नाम पर देवेंद्र नगर तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन1
- मझगाय बांध से धधक उठीं चिताएं, चौथे दिन भी भीषण गर्मी में जारी रहा चिता आंदोलन मझगाय बांध से धधक उठीं चिताएं, चौथे दिन भी भीषण गर्मी में जारी रहा चिता आंदोलन *मुआवजा और पुनर्वास की मांग पर पानी में चिता पर लेटकर जताया विरोध, बोले अमित भटनागर—“न्याय दो या मार दो”* *एंकर:+* पन्ना/अजयगढ़। केन-बेतवा लिंक परियोजना सहित मझगाय, रूंझ बांध और सिंगरौली–ललितपुर रेल मार्ग से प्रभावित विस्थापितों का चिता आंदोलन चौथे दिन भी जारी रहा। भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में प्रभावित परिवार और आदिवासी महिलाएं बच्चों के साथ आंदोलन में शामिल हुईं। प्रदर्शनकारियों ने पानी में चिताओं पर लेटकर सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे जय किसान संगठन के नेता अमित भटनागर ने कहा कि प्रभावितों ने कभी विकास का विरोध नहीं किया, बल्कि ग्रामसभा, पारदर्शिता, उचित मुआवजा और सम्मानजनक पुनर्वास की मांग की थी। आंदोलनकारियों का आरोप है कि कई परिवारों को अब तक पूरा मुआवजा और पुनर्वास राशि नहीं मिली है। उनका कहना है कि कई गांवों में पानी पहुंच चुका है और कुछ मकान लगातार क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। प्रभावित किसानों ने सिंचित भूमि को रिकॉर्ड में असिंचित किए जाने से मुआवजा प्रभावित होने का भी आरोप लगाया। आंदोलनकारियों के अनुसार पहले पुनर्वास पैकेज ₹5 लाख था, जबकि जुलाई के चिता आंदोलन के बाद ₹12.50 लाख पैकेज की घोषणा की गई थी। इसके बावजूद कई परिवार पुराने पैकेज की राशि के लिए भी इंतजार कर रहे हैं। अमित भटनागर ने कहा कि बिना उचित मुआवजा और पुनर्वास के घरों को डूब क्षेत्र में छोड़ना गंभीर मानवीय और कानूनी सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि निषेधात्मक कार्रवाई और मुकदमों के बावजूद प्रभावित परिवार लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष कर रहे हैं। महिलाओं ने कहा कि घर, जमीन और गांव डूब रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि यदि सरकार विकास कर रही है तो विस्थापितों के भविष्य की सुरक्षा कौन सुनिश्चित करेगा। चिता आंदोलन में विभिन्न परियोजनाओं से प्रभावित लोग एक मंच पर नजर आए। मझगाय बांध, केन-बेतवा, रूंझ बांध और सिंगरौली–ललितपुर रेल मार्ग के प्रभावितों ने अपनी समस्याएं साझा कीं। प्रदर्शनकारियों ने “न्याय दो या मार दो” का नारा लगाते हुए अपना आक्रोश जताया। आंदोलनकारियों ने डूब क्षेत्र के प्रत्येक परिवार का तत्काल सत्यापन कराने की मांग की। साथ ही लंबित मुआवजा, मकान एवं परिसंपत्तियों का उचित मूल्यांकन और सिंचित-असिंचित भूमि संबंधी शिकायतों के निराकरण की मांग की। अमित भटनागर ने कहा कि यह लड़ाई किसी अधिकारी के खिलाफ नहीं, बल्कि प्रभावितों के अधिकार और सम्मानजनक पुनर्वास के लिए है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक विस्थापितों को न्याय, मुआवजा और पुनर्वास नहीं मिलता, चिता आंदोलन जारी रहेगा। *Bite अमित भटनागर*3
- “इंदौर के छात्रों की गूंज” को लेकर देश के नेता जननायक राहुल गांधी जी के जागरूकता कार्यक्रम बंसल आई.टी.आई. कॉलेज में सतना जिला कांग्रेस कमेटी के जिला संगठन मंत्री आदरणीय नागेश मिश्रा जी ने शिक्षा के लिए छात्रों की गूंज शामिल होने के लिए प्रेरित किया गया। युवाओं की बात सुनी जाएगी, समस्याओं को समझा जाएगा और रोजगार के बेहतर अवसरों के लिए आवाज़ बुलंद की जाएगी। युवा शक्ति—बदलेगी तस्वीर! ✊🇮🇳 धर्मेन्द्र रजक हिलौंधा पूर्व युवक कांग्रेस जिला प्रवक्ता सतना “इंदौर के छात्रों की गूंज” को लेकर देश के नेता जननायक राहुल गांधी जी के जागरूकता कार्यक्रम बंसल आई.टी.आई. कॉलेज में सतना जिला कांग्रेस कमेटी के जिला संगठन मंत्री आदरणीय नागेश मिश्रा जी ने शिक्षा के लिए छात्रों की गूंज शामिल होने के लिए प्रेरित किया गया। युवाओं की बात सुनी जाएगी, समस्याओं को समझा जाएगा और रोजगार के बेहतर अवसरों के लिए आवाज़ बुलंद की जाएगी। युवा शक्ति—बदलेगी तस्वीर! ✊🇮🇳 धर्मेन्द्र रजक हिलौंधा पूर्व युवक कांग्रेस जिला प्रवक्ता सतना1
- इंस्टाग्राम की दोस्ती बनी हत्या की वजह! 48 घंटे में पन्ना पुलिस ने खोला अंधा हत्याकांड, एक आरोपी गिरफ्तार1
- बृजपुर थाना बृजपुर की बड़ी कार्यवाही विदेश भेजने के नाम पर फर्जी पासपोर्ट और लाखों की लूट बृजपुर थाना बृजपुर की बड़ी कार्यवाही विदेश भेजने के नाम पर फर्जी पासपोर्ट और लाखों की लूट1
- शासन सोया, जनता रोई… देवेंद्रनगर में निजी हाथों ने संभाली NH-39 की कमान! शासन सोया, जनता रोई… देवेंद्रनगर में निजी हाथों ने संभाली NH-39 की कमान! *जब सिस्टम ने नहीं सुनी, तो निजी पहल से मिली सड़क को राहत!* *टैक्स जनता दे, सड़क भी जनता ही बनवाए?* *देवेंद्रनगर में NH-39 की बदहाल पर प्रशासन की चुप्पी, निजी पहल से मिली राहगीरों को राहत* एंकर-- पन्ना जिले के देवेंद्रनगर से निकालने वाला रोड NH-39 के गड्ढों से परेशान जनता के लिए रिसॉर्ट संचालक भाइयों ने अपने खर्च पर कराया लेवलिंग का काम नगर से गुजरने वाले NH-39 की बदहाल सड़क और जगह-जगह बने गड्ढों ने लंबे समय से राहगीरों और वाहन चालकों की परेशानी बढ़ा रखी थी। बारिश के बाद हालात और बिगड़ गए। सड़क पर बने गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटना की आशंका बनी हुई थी। ऐसे में जब लोगों को राहत की उम्मीद सरकारी व्यवस्था से थी, तब एक निजी पहल सामने आई। देवेंद्रनगर के अन्वी रिसॉर्ट संचालक आशीष अग्रवाल और उनके छोटे भाई आयुष अग्रवाल ने नगरहित में पहल करते हुए अपने खर्च पर जेसीबी लगवाकर NH-39 के खराब हिस्से की लेवलिंग कराई। सड़क के इस हिस्से को समतल किए जाने के बाद फिलहाल वाहनों की आवाजाही में कुछ राहत देखने को मिल रही है। महीनों से परेशान थे लोग, शिकायतों के बाद भी नहीं मिली राहत स्थानीय लोगों के अनुसार बारिश के बाद NH-39 की स्थिति लगातार खराब होती गई। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे और ऊबड़-खाबड़ सतह के कारण बाइक सवारों के साथ-साथ बस और अन्य बड़े वाहनों के चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। लोगों का कहना है कि सड़क की समस्या को लेकर जिम्मेदार विभाग के समक्ष शिकायतें भी की गईं, लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। इसके बाद आशीष अग्रवाल और आयुष अग्रवाल ने स्वयं आगे आकर सड़क के एक हिस्से को जेसीबी की मदद से समतल कराने का निर्णय लिया। *दुकानदार बोले—*‘जिस काम की उम्मीद व्यवस्था से थी, वह निजी व्यक्ति ने कर दिया’ स्थानीय दुकानदारों और नागरिकों ने इस पहल की सराहना करते हुए व्यवस्था पर सवाल भी खड़े किए। उनका कहना है कि नागरिकों से विभिन्न प्रकार के टैक्स और शुल्क लिए जाते हैं, लेकिन बदहाल सड़क, धूल और गड्ढों जैसी मूलभूत समस्याओं से उन्हें खुद जूझना पड़ रहा है। एक दुकानदार ने कहा कि “सड़क की हालत सुधारने की जिम्मेदारी संबंधित व्यवस्था की है। अगर लोगों को राहत देने के लिए निजी व्यक्ति को अपने खर्च से सड़क समतल करानी पड़े, तो यह सोचने का विषय है कि जमीनी स्तर पर व्यवस्था कितनी प्रभावी है।” धूल, गड्ढे और बदहाल सड़क से कब मिलेगी स्थायी राहत? जेसीबी से की गई लेवलिंग से फिलहाल एक हिस्से में आवागमन आसान हुआ है, लेकिन स्थानीय लोगों का सवाल अब भी कायम है कि NH-39 की स्थायी मरम्मत आखिर कब होगी? जनता का कहना है कि अस्थायी राहत के बजाय सड़क की गुणवत्ता के साथ स्थायी सुधार किया जाना चाहिए, ताकि बारिश के बाद दोबारा वही स्थिति न बने। एक तरफ सरकारी तंत्र से सड़क सुधार की उम्मीद, दूसरी तरफ निजी व्यक्ति की पहल—देवेंद्रनगर की यह तस्वीर व्यवस्था के दावों पर सवाल जरूर खड़े कर रही है। सबसे बड़ा सवाल—क्या मूलभूत सुविधाओं के लिए भी जनता को निजी पहल का इंतजार करना पड़ेगा? स्थानीय लोगों की निगाह अब जिम्मेदार विभाग और प्रशासन की ओर है। लोगों को उम्मीद है कि NH-39 की समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा। फिलहाल जनता की नाराजगी साफ है और लोग व्यवस्था से यही सवाल पूछ रहे हैं—“क्या यही सुशासन है?” *वइट:-अशोक विश्वकर्मा दुकानदार*4
- *पन्ना - इन्स्टाग्राम पर इश्क, रात के अंधेरे में दगा।* 👉*पन्ना में 'लव ट्रैप' बिछाकर सिर कुचला, मामा निकला खौफनाक साजिश का मास्टरमाइंड।* 👉*नाबलिक गर्लफ्रेंड भी गिरफ्तार।* *देखते रहिए मध्य प्रदेश का सबसे प्रतिष्ठित सेटेलाइट न्यूज़ चैनल*👇 🌹*सी न्यूज़ भारत🌹* *CONTACT US - 9926868786* *C New BARAT से* *जिला ब्यूरो - रफी सिद्दीकी*1