बलरामपुर जिले में स्वास्थ्य विभाग, विशेष रूप से बलरामपुर और तुलसीपुर सहित अन्य क्षेत्रों में, 'दलालों का अड्डा' बन गया है। आज दिनांक 31-05-2026 को मिली जानकारी के अनुसार, क्षेत्रवासियों ने जिला अधिकारी (SMO) मुकेश कुमार रस्तोगी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जिला अस्पताल बलरामपुर हो, तुलसीपुर सीएससी हो, या गैसड़ी, उतरौला, हरैया सतघरवा, पचपेड़वा, कौवापुर, शिवपुर या भिनगा जैसी स्वास्थ्य सुविधाएँ हों, SMO अपने छोटे अधिकारियों और कर्मचारियों को नियंत्रित करने में विफल रहे हैं, जिसके कारण दलालों का प्रभाव बढ़ गया है और स्वास्थ्य विभाग सुचारु रूप से काम नहीं कर पा रहा है। क्षेत्रवासियों ने यह भी सवाल उठाया है कि मुकेश कुमार रस्तोगी इतने लंबे समय से एक ही पद पर क्यों विराजमान हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाराज जी से इस पर ध्यान देने की अपील की है, क्योंकि अधिकारी छोटे-छोटे मामलों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं और बलरामपुर जिले में काफी समय रहने के कारण कई अधिकारी ऊब चुके हैं, जिससे उनके काम में रुचि नहीं रह गई है। तुलसीपुर सीएससी में महिला शौचालय की बदहाल स्थिति को इसका एक स्पष्ट उदाहरण बताया गया है, जहां गर्भवती महिलाओं या मरीजों को उचित व्यवस्था नहीं मिल पा रही है। इसके साथ ही, पूरे जिले में सीएससी में उचित व्यवस्थाओं का अभाव है, और रात में आने वाले मरीजों को अक्सर अस्पताल के कर्मचारी व अधिकारी रेफर करने को प्राथमिकता देते हैं। ग्रामवासियों ने माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाराज जी से फरियाद की है कि वे देवीपाटन मंडल, गोंडा, विशेषकर स्वास्थ्य विभाग पर ध्यान दें। उन्होंने यह भी बताया कि कई 'आबिद क्लिनिक' खुले हुए हैं जहां मरीजों को जाना पड़ता है, जिससे उनका पैसा बर्बाद होता है, और इसकी पूरी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की है। मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले की जांच कराए जाने की मांग की गई है।
बलरामपुर जिले में स्वास्थ्य विभाग, विशेष रूप से बलरामपुर और तुलसीपुर सहित अन्य क्षेत्रों में, 'दलालों का अड्डा' बन गया है। आज दिनांक 31-05-2026 को मिली जानकारी के अनुसार, क्षेत्रवासियों ने जिला अधिकारी (SMO) मुकेश कुमार रस्तोगी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जिला अस्पताल बलरामपुर हो, तुलसीपुर सीएससी हो, या गैसड़ी, उतरौला, हरैया सतघरवा, पचपेड़वा, कौवापुर, शिवपुर या भिनगा जैसी स्वास्थ्य सुविधाएँ हों, SMO अपने छोटे अधिकारियों और कर्मचारियों को नियंत्रित करने में विफल रहे हैं, जिसके कारण दलालों का प्रभाव बढ़ गया है और स्वास्थ्य विभाग सुचारु रूप से काम नहीं कर पा रहा है। क्षेत्रवासियों ने यह भी सवाल उठाया है कि मुकेश कुमार रस्तोगी इतने लंबे समय से एक ही पद पर क्यों विराजमान हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाराज जी से इस पर ध्यान देने की अपील की है, क्योंकि अधिकारी छोटे-छोटे मामलों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं और बलरामपुर जिले में काफी समय रहने के कारण कई अधिकारी ऊब चुके हैं, जिससे उनके काम में रुचि नहीं रह गई है। तुलसीपुर सीएससी में महिला शौचालय की बदहाल स्थिति को इसका एक स्पष्ट उदाहरण बताया गया है, जहां गर्भवती महिलाओं या मरीजों को उचित व्यवस्था नहीं मिल पा रही है। इसके साथ ही, पूरे जिले में सीएससी में उचित व्यवस्थाओं का अभाव है, और रात में आने वाले मरीजों को अक्सर अस्पताल के कर्मचारी व अधिकारी रेफर करने को प्राथमिकता देते हैं। ग्रामवासियों ने माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाराज जी से फरियाद की है कि वे देवीपाटन मंडल, गोंडा, विशेषकर स्वास्थ्य विभाग पर ध्यान दें। उन्होंने यह भी बताया कि कई 'आबिद क्लिनिक' खुले हुए हैं जहां मरीजों को जाना पड़ता है, जिससे उनका पैसा बर्बाद होता है, और इसकी पूरी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की है। मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले की जांच कराए जाने की मांग की गई है।
- उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में महाराजगंज थाना क्षेत्र के रामपुर महादेईया गांव में बिजली के तार अत्यधिक नीचे लटक रहे हैं, जिससे किसी भी समय एक बड़ी दुर्घटना होने का गंभीर खतरा बना हुआ है। गांव के बच्चों, राहगीरों और पशुओं की जान को इन लटकते तारों से लगातार खतरा बना हुआ है। जनहित में बिजली विभाग से यह निवेदन किया गया है कि इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान किया जाए और तारों को सुरक्षित ऊंचाई पर कराया जाए, ताकि क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।1
- बलरामपुर के उतरौला-जैतपुर रोड पर इन दिनों 'खतरे की घंटी' बज रही है। इस सड़क से प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में वाहन गुजरते हैं, जिससे यहाँ संभावित जोखिम बना हुआ है।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कल बिजनौर के दौरे पर रहेंगे, वे 1 जून 2026 को बिजनौर के अफजलगढ़ पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री के इस आगामी आगमन को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है और सुरक्षा सहित अन्य आवश्यक तैयारियों में जुट गया है। इसी सिलसिले में, डीआईजी मुरादाबाद मुनिराज शर्मा ने भी मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया है।1
- Samadhan Eicher के 551 मॉडल ट्रैक्टर को उसकी शक्तिशाली विशेषताओं के कारण जमकर सराहा जा रहा है। यह मॉडल इन दिनों एक वायरलशॉर्ट के रूप में ट्रेंडिंग है, जिसे लोग बेहद पसंद कर रहे हैं।1
- श्रावस्ती के संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा में विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर एक जागरूकता गोष्ठी आयोजित की गई। इस दौरान अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों को तंबाकू का सेवन न करने और इसके दुष्प्रभावों के प्रति दूसरों को भी जागरूक करने की शपथ दिलाई गई। गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए सीएमएस डॉ. राजपाल सिंह ने बताया कि तंबाकू का सेवन न सिर्फ व्यक्तिगत स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाता है, बल्कि इससे आर्थिक, सामाजिक और मानसिक क्षति भी होती है। उन्होंने सभी से तंबाकू तथा इसके उत्पादों से दूर रहने और अपने परिवार व समाज को भी इसके खतरों से अवगत कराने की अपील की। डॉ. धर्मेंद्र त्रिपाठी ने इस बुरी आदत को रोकने में प्रत्येक नागरिक की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया, कहा कि स्वयं जागरूक बनकर ही हम दूसरों को बचा सकते हैं। गोष्ठी का संचालन कर रहे परामर्शदाता जितेंद्र मिश्र ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि तंबाकू के सेवन से कैंसर, हृदय रोग, श्वास संबंधी बीमारियाँ, शारीरिक क्षमता में कमी, नपुंसकता और बांझपन जैसी गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने अभिभावकों से विशेष रूप से बच्चों को तंबाकूयुक्त पदार्थों से दूर रखने और उन पर कड़ी निगरानी रखने का आग्रह किया, ताकि उन्हें नशे की लत से बचाया जा सके। जिला समन्वयक टीबी रवि कुमार मिश्र ने यह भी बताया कि तंबाकू का सेवन टीबी जैसी संक्रामक बीमारी के जोखिम को भी बढ़ाता है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया। इस अवसर पर के.के. शुक्ला, रवि त्रिपाठी, ध्रुव मिश्रा और राकेश सोनकर सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।1
- बकरा ईद के दिन एक अत्यंत गंभीर और निंदनीय घटना सामने आई है, जहाँ हिंदू लड़कों को बकरे की कुर्बानी का झांसा देकर धोखे से बुलाया गया। इसके बाद उन लड़कों पर चाकू से कई वार किए गए, जिसके परिणामस्वरूप उनकी निर्मम हत्या कर दी गई।1
- बलरामपुर जिले की ग्राम सभा बालापुर लोकहवा में 20 साल के लंबे इंतजार के बाद बनी एक सड़क निर्माण के मात्र तीन दिन के भीतर ही ध्वस्त हो गई, जिस पर ग्रामीणों ने सड़क की खराब गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क का निर्माण बिना गिट्टी और पत्थर के किया गया था, जिसके कारण इसकी गुणवत्ता बेहद खराब रही। निर्माण कार्य शुरू होने के तीन दिन बाद ही सड़क कई जगहों से उखड़ गई और टूट गई। इस घटना ने सड़क निर्माण में शामिल इंजीनियरों, अधिकारियों और ठेकेदारों की भूमिका पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। ग्रामवासियों ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें ऐसी खराब गुणवत्ता वाली सड़क नहीं चाहिए। उनका यह भी कहना है कि एक तरफ सरकार निष्पक्ष और ईमानदार काम का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर ऐसे खुलेआम घटिया निर्माण कार्य हो रहे हैं। ग्रामीणों ने जिला अधिकारी महोदय से इस मामले की तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है और यहाँ तक कहा है कि यदि ऐसी ही सड़कें बनानी हैं, तो बेहतर है कि ठेकेदारों को सीधे भुगतान कर दिया जाए और सड़क न बनाई जाए।1
- निष्पक्ष एवं संतुलित पत्रकारिता के सिद्धांतों का पालन करते हुए, मामले के दूसरे पक्ष से संपर्क कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया। दूसरे पक्ष ने घटना के संबंध में अपनी बात रखते हुए लगे आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की।1