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अंबेडकरनगर: चलती कार में लगी आग, बड़ा हादसा टला रिपोर्ट-अनन्त कुशवाहा अंबेडकरनगर जिले के मालीपुर क्षेत्र में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। अखंडनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत बरामदपुर के पास सड़क पर चलती एक कार में अचानक आग लग गई। कुछ ही पलों में कार आग की लपटों में घिर गई। घटना के समय कार में सवार चालक समेत सभी लोग सतर्कता दिखाते हुए समय रहते बाहर निकल आए, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। आग इतनी भीषण थी कि कार पूरी तरह धू-धू कर जलने लगी। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए और स्थिति पर नजर बनाए रखी। गनीमत रही कि समय पर कार सवार बाहर निकल आए, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
Anant kushwaha
अंबेडकरनगर: चलती कार में लगी आग, बड़ा हादसा टला रिपोर्ट-अनन्त कुशवाहा अंबेडकरनगर जिले के मालीपुर क्षेत्र में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। अखंडनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत बरामदपुर के पास सड़क पर चलती एक कार में अचानक आग लग गई। कुछ ही पलों में कार आग की लपटों में घिर गई। घटना के समय कार में सवार चालक समेत सभी लोग सतर्कता दिखाते हुए समय रहते बाहर निकल आए, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। आग इतनी भीषण थी कि कार पूरी तरह धू-धू कर जलने लगी। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए और स्थिति पर नजर बनाए रखी। गनीमत रही कि समय पर कार सवार बाहर निकल आए, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
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- भोपाल की कोलार इलाके में एक अजीबो गरीब चोरी का मामला सामने आया है | जहां एक चोर रात के अंधेरे में घरों में घुसकर महिलाओं के अंडरगारमेंटस चुराता था | लेकिन हैरानी की बात यह थी कि वह चुराए गए अंडर गारमेंट्स खुद पहनकर सो जाता था | यह घटना का एक फिल्मी कहानी से काम नहीं थी | लेकिन असलियत में यह शातिर चोर अपनी चोरी की आदत को परेशान कर रहा था | चोर की गलती तब हुई जब उसके श्रमिक कार्ड की वजह से पुलिस तक उसकी पहचान पहुंच गई पुलिस ने आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार किया और तब उन्होंने उसे पकड़ तो वह चोरी किए गए अंडर गारमेंट्स पहने हुए था | इस अजीबोगरीब वारदात ने पुलिस को हैरान कर दिया और आरोपी की सरारतों को उजागर कर दिया |1
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- सावधान हो जाओ नहीं तो इससे बहुत से लोग मृत्यु हो रहे हैं आओ चले ठंड और कोहरा से सावधान होकर चले ठंड में गर्म कपड़े नहीं पहने तो सेहत को लेकर दुर्घटनाएं हो सकती हैं उ प्र समेत तेज ठंड कोहरा छाया,,,ठंड में गर्म कपड़े नहीं पहने तो सेहत को लेकर दुर्घटनाएं हो सकती हैं उ प्र समेत संपूर्ण भारत वर्ष में तेज ठंड कोहरा छाया हुआ है इसमें सावधान सतर्कता बरतने की जरूरत हैठंड में गर्म कपड़े नहीं पहने तो सेहत को लेकर दुर्घटनाएं हो सकती हैं उ प्र समेत संपूर्ण भारत वर्ष में तेज ठंड कोहरा छाया हुआ है इसमें सावधान सतर्कता बरतने की जरूरत है ।।।1
- आज सुबह भीषण एक्सीडेंट NH 28 per dekh kar baik chalaye1
- अयोध्या जिले के बार एसोसिएशन फैजाबाद के अधिवक्ता बंधुओं द्वारा स्पष्ट रूप से अपने मनपसंद प्रत्याशियों का चयन पुनः किया , घोषित परिमाण के अनुसार अध्यक्ष पद के लिए सर्वाधिक पसंद उम्मीदवार के रूप मे पंडित कालिका प्रसाद 312 वोटों से विजयी हुए जबकि महामंत्री पद के लिए शैलेन्द्र जैसवाल निर्वाचित हुए , उपाध्याय पद की दौड़ मे राजेश कुमार उपाध्याय निर्वाचित हुए ,,जबकि कोषाध्यक्ष पद पर अशोक कुमार द्विवेदी निर्वाचित हुए , संयुक्त मंत्री पद के लिए मनोज कुमार ( प्रथम) एवं द्वितीय के लिए पीयूष मय निर्वाचित हुए ।कार्यकारिणी के लिए दुर्गा प्रसाद, पंकज कुमार एवं बद्री प्रसाद और अभय कुमार निर्वाचित घोषित हुए हैं।1
- तेल का राजा कैसे बना कंगाल? वेनेजुएला की चौंकाने वाली कहानी दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार, फिर भी जनता भूखी मुफ्त योजनाओं ने अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ी तेल पर निर्भरता ने देश को बर्बादी में धकेला दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला एक बार फिर वैश्विक चर्चा में है। अमेरिका से जुड़े घटनाक्रम और अंतरराष्ट्रीय राजनीति के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाला यह देश आखिर तबाही की कगार तक कैसे पहुंच गया। वेनेजुएला के पास करीब 303 अरब बैरल तेल का भंडार है, जो दुनिया में सबसे अधिक माना जाता है। इसके बावजूद आज यह देश भीषण महंगाई, आर्थिक बदहाली और बड़े पैमाने पर पलायन का सामना कर रहा है। कभी दुनिया का चौथा सबसे अमीर देश कहलाने वाला वेनेजुएला आज कंगाली की मिसाल बन चुका है। विशेषज्ञों के अनुसार इसकी सबसे बड़ी वजह सरकारों का कुप्रबंधन रहा। तेल से मिलने वाली भारी कमाई ने देश में काम न करने की मानसिकता को बढ़ावा दिया। जनता और सत्ता दोनों यह मानकर चलने लगे कि तेल ही सब कुछ है। नतीजतन खेती, उद्योग और अन्य उत्पादन क्षेत्रों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। धीरे-धीरे हालात ऐसे बने कि तेल के अलावा हर जरूरी चीज के लिए वेनेजुएला दूसरे देशों पर निर्भर हो गया। सरकार ने अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के बजाय मुफ्त योजनाओं में पैसा बांटना शुरू किया। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें गिरीं, तो सरकारी खजाना खाली होने लगा। हालत यह हो गई कि कर्मचारियों की सैलरी देना तक मुश्किल हो गया। सरकारी तेल कंपनी PDVSA में भी राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ता चला गया। योग्य और अनुभवी कर्मचारियों को हटाकर अपने करीबी लोगों को नियुक्त किया गया, जिससे तकनीकी विकास रुक गया। इसका सीधा असर तेल उत्पादन पर पड़ा और पढ़े-लिखे लोगों ने देश छोड़ना शुरू कर दिया। तेल उत्पादन की स्थिति बेहद चिंताजनक है। 90 के दशक में जहां वेनेजुएला रोजाना करीब 35 लाख बैरल तेल का उत्पादन करता था, वहीं अब यह गिरकर 8 से 10 लाख बैरल रह गया है। स्थिति यह है कि दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाला देश आज पेट्रोल तक विदेशों से मंगाने को मजबूर है। महंगाई ने आम जनता की कमर तोड़ दी है। 2012 में 372 अरब डॉलर की जीडीपी वाला देश कुछ ही वर्षों में सिमटकर करीब 100 अरब डॉलर रह गया। 2020 में तो जीडीपी 44 अरब डॉलर से भी नीचे पहुंच गई थी। वेनेजुएला की कहानी पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा सबक है। केवल प्राकृतिक संसाधनों के भरोसे कोई देश समृद्ध नहीं बन सकता। मजबूत नीति, विविध अर्थव्यवस्था और पारदर्शी शासन के बिना तेल का अथाह खजाना भी देश को बर्बादी से नहीं बचा सकता।1