ब्रेकिंग न्यूज : गोपालगंज में अज्ञात वाहन की टक्कर में उत्पाद विभाग के कर्मचारियों की हुई मौत उत्पाद विभाग के प्रधान लिपिक की अज्ञात वाहन की टक्कर में मौत हो गर्ई। मौत कि सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंपकर पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुट गई है। मृतक की पहचान पूर्वी चंपारण जिले के बेला रामगढ़वा निवासी मो. शेख हसनैन के 47 वर्षीय पुत्र नौशाद आलम के रूप में हुई है। घटना नगर थाना क्षेत्र के बंजारी के पास गुरुवार की देर शाम की है।मृतक सड़क पार कर मस्जिद में नमाज पढने जा रहे थे, तभी पीछे से आए एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी और फरार हो गया। हादसे के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। उन्हें तत्काल इलाज के लिए मॉडल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया और पुलिस को सूचना दी गई। डॉक्टरों ने उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पटना पीएमसीएच रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गर्ई। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। उत्पाद अधीक्षक को भी घटना की सूचना दी गई, जिसके बाद उन्होंने परिजनों को सूचित किया। बताया गया है कि नौशाद ने 7 जनवरी को ही उत्पाद विभाग में ज्वाइन किया था और इससे पहले वे पटना में तैनात थे। वे अपने पीछे तीन बेटे और एक बेटी छोड गए हैं...
ब्रेकिंग न्यूज : गोपालगंज में अज्ञात वाहन की टक्कर में उत्पाद विभाग के कर्मचारियों की हुई मौत उत्पाद विभाग के प्रधान लिपिक की अज्ञात वाहन की टक्कर में मौत हो गर्ई। मौत कि सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंपकर पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुट गई है। मृतक की पहचान पूर्वी चंपारण जिले के बेला रामगढ़वा निवासी मो. शेख हसनैन के 47 वर्षीय पुत्र नौशाद आलम के रूप में हुई है। घटना नगर थाना क्षेत्र के बंजारी के पास गुरुवार की देर शाम की है।मृतक सड़क पार कर मस्जिद में नमाज पढने जा रहे थे, तभी पीछे से आए एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी और फरार हो गया। हादसे के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। उन्हें तत्काल इलाज के लिए मॉडल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया और पुलिस को सूचना दी गई। डॉक्टरों ने उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पटना पीएमसीएच रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गर्ई। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। उत्पाद अधीक्षक को भी घटना की सूचना दी गई, जिसके बाद उन्होंने परिजनों को सूचित किया। बताया गया है कि नौशाद ने 7 जनवरी को ही उत्पाद विभाग में ज्वाइन किया था और इससे पहले वे पटना में तैनात थे। वे अपने पीछे तीन बेटे और एक बेटी छोड गए हैं...
- ब्रेकिंग न्यूज : गोपालगंज में अज्ञात वाहन की टक्कर में उत्पाद विभाग के कर्मचारियों की हुई मौत उत्पाद विभाग के प्रधान लिपिक की अज्ञात वाहन की टक्कर में मौत हो गर्ई। मौत कि सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंपकर पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुट गई है। मृतक की पहचान पूर्वी चंपारण जिले के बेला रामगढ़वा निवासी मो. शेख हसनैन के 47 वर्षीय पुत्र नौशाद आलम के रूप में हुई है। घटना नगर थाना क्षेत्र के बंजारी के पास गुरुवार की देर शाम की है।मृतक सड़क पार कर मस्जिद में नमाज पढने जा रहे थे, तभी पीछे से आए एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी और फरार हो गया। हादसे के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। उन्हें तत्काल इलाज के लिए मॉडल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया और पुलिस को सूचना दी गई। डॉक्टरों ने उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पटना पीएमसीएच रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गर्ई। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। उत्पाद अधीक्षक को भी घटना की सूचना दी गई, जिसके बाद उन्होंने परिजनों को सूचित किया। बताया गया है कि नौशाद ने 7 जनवरी को ही उत्पाद विभाग में ज्वाइन किया था और इससे पहले वे पटना में तैनात थे। वे अपने पीछे तीन बेटे और एक बेटी छोड गए हैं...1
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- गोपालगंज में स्टाम्प टिकट व एफिडेविट ना मिलने के वजह से वकील समेत हजारों लोग परेशान! अधिवक्ता सचिन सिंह समेत कई लोगों ने बताई समस्या कोई तो सुनेगा!1
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- SDOT संसद प्रदर्शन सूचकांक में गोपालगंज के सांसद देश में चौथे स्थान पर डेटा आधारित मूल्यांकन में डॉ. आलोक कुमार सुमन शीर्ष सांसदों में शामिल फोटो गोपालगंज। जिले के लिए गर्व का विषय है। कि जिले के सांसद डॉ आलोक कुमार सुमन को देश के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले सांसदों में शामिल किया गया है। SDOT (Social Democratic Observation Team) द्वारा जारी “संसद प्रदर्शन सूचकांक” में डॉ. आलोक कुमार सुमन ने देशभर में चौथा स्थान प्राप्त किया है। यह सूचकांक सांसदों के कार्यों का विश्लेषण आधिकारिक संसदीय रिकॉर्ड्स के आधार पर करता है। जिसमें उपस्थिति, प्रश्न पूछना, बहसों में भागीदारी, संसदीय जांच, समितियों में योगदान और जनहित से जुड़ी पहल जैसे ठोस मानकों को शामिल किया गया है। विदित हो की डॉ. आलोक कुमार सुमन का जीवन संघर्ष और सेवा का प्रतीक रहा है। गरीबी में जन्म लेकर, स्कूल की फीस चुकाने के लिए बाल मजदूरी करने वाले डॉ. सुमन ने कठिन परिस्थितियों में शिक्षा प्राप्त की और आगे चलकर बिहार चिकित्सा सेवाओं में उप निदेशक के पद से सेवानिवृत्त होकर प्रसिद्ध सर्जन बने। चिकित्सा सेवा के बाद उन्होंने राजनीति को जनसेवा का माध्यम बनाया। सांसद के रूप में डॉ. आलोक कुमार सुमन ने संसद में निरंतर उपस्थिति, जनहित से जुड़े मुद्दों पर सवाल, और नीतिगत बहसों में सक्रिय भागीदारी के माध्यम से गोपालगंज और बिहार की आवाज को मजबूती से उठाया है। SDOT की रिपोर्ट में उन्हें एक डेटा-आधारित, कर्मठ और ज़मीन से जुड़े सांसद के रूप में चिन्हित किया गया है। SDOT के अनुसार, यह सूचकांक इस बात को रेखांकित करता है कि संसद में वास्तविक योगदान शोर से नहीं, बल्कि निरंतर कार्य, जवाबदेही और भागीदारी से पहचाना जाता है।डॉ. आलोक कुमार सुमन ने इस उपलब्धि को गोपालगंज की जनता के विश्वास और सहयोग को समर्पित करते हुए कहा कि वे आगे भी पूरे समर्पण के साथ क्षेत्र और देश के हित में कार्य करते रहेंगे। SDOT संसद प्रदर्शन सूचकांक लोकतांत्रिक जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो यह दिखाता है कि संसद में वास्तव में कौन काम करता है। ज़िलेवासियों में चर्चा है कि सांसद का हर सत्र में उपस्थित रहना, हर मुद्दे पर सक्रिय होना, उनके काम के प्रति ईमानदारी को दर्शाता है—और जनता इसे गर्व के रूप में देखती है। लोगों का कहना है कि उनके सांसद दिखावे से ज़्यादा ज़िम्मेदारी को प्राथमिकता देते हैं।निजी कार्यक्रमों में कम दिखते हैं, क्योंकि संसद में उपस्थिति और जनहित का काम उनके लिए पहले आता है।ज़िलें के सांसद डॉक्टर आलोक कुमार सुमन के भारत के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले सांसदों मे शामिल होने पर ज़िलें के बुद्धिजीवी वर्ग ने कहा की शादी समारोह या निजी कार्यकर्मों में कम दिखना उदासीनता नहीं, बल्कि संसद के प्रति उनकी प्राथमिकता और ज़िम्मेदारी को दर्शाता है।ज़िलेवासियों का मानना है कि यही वजह है कि वे संसद के हर सत्र में उपस्थित रहते हैं और गोपालगंज की आवाज़ कभी गायब नहीं होती....1