पोरसा के अम्बाह रोड स्थित पतंजलि आरोग्यधाम में सात दिवसीय योग एवं प्राणायाम शिविर का भव्य शुभारंभ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने स्वस्थ जीवन का संकल्प लिया। शिविर के उद्घाटन अवसर पर योग मास्टर राजकुमार गर्ग ने योग, प्राणायाम और फल चिकित्सा को निरोग जीवन के सरल और प्रभावी उपाय बताया, जो बीमारियों से बचाव के साथ-साथ मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन भी प्रदान करते हैं। उन्होंने योग और प्राणायाम को भारत की प्राचीन धरोहर बताया, जिसका महत्व आधुनिक युग में और भी बढ़ गया है, जिससे शारीरिक मजबूती, मानसिक शांति और अनावश्यक चिकित्सा खर्चों से बचाव के कारण आर्थिक सशक्तिकरण भी होता है। शिविर में योग गुरु राजकुमार गर्ग और महेश पेगोरिया ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कराया। उन्होंने बताया कि योग केवल व्यायाम न होकर शरीर, मन और आत्मा को संतुलित करने की एक संपूर्ण प्रक्रिया है, जिससे प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और मधुमेह, रक्तचाप व मोटापा जैसी जीवनशैली संबंधी बीमारियों पर नियंत्रण पाया जा सकता है। विशेषज्ञों ने भुजंगासन, ताड़ासन और त्रिकोणासन को रीढ़ की हड्डी मजबूत करने और कमर दर्द में राहत के लिए, कपालभाति व अनुलोम-विलोम को श्वास रोगों के लिए, वज्रासन व पवनमुक्तासन को पाचन तंत्र मजबूत करने के लिए, तथा ध्यान व प्राणायाम को मानसिक तनाव और चिंता कम करने के लिए लाभकारी बताया। प्राणायाम को श्वास-प्रश्वास की वैज्ञानिक पद्धति के रूप में समझाया गया, जो शरीर में ऑक्सीजन का संचार बेहतर करके फेफड़ों को मजबूत करता है और मन में सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को बढ़ाता है, जिससे तनाव, चिंता और अवसाद में राहत मिलती है। शिविर में फल चिकित्सा पर भी विशेष जोर दिया गया, जिसे विशेषज्ञों ने शरीर को प्राकृतिक रूप से स्वस्थ रखने का सबसे आसान तरीका बताया। फल चिकित्सा एक प्राकृतिक उपचार पद्धति है जो विभिन्न फलों के पोषक तत्वों के माध्यम से शरीर को रोगमुक्त करती है और यह आयुर्वेद तथा प्राकृतिक चिकित्सा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। बताया गया कि हर मौसम में मिलने वाले फल उसी मौसम की बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं, जैसे गर्मी में तरबूज, खरबूजा, आम और लीची शरीर को ठंडक देते हैं व डिहाइड्रेशन से बचाते हैं; सर्दी में संतरा, मौसमी, अमरूद और सेब इम्यूनिटी बढ़ाकर सर्दी-जुकाम से बचाते हैं; तथा बरसात में अनार, पपीता व केला पाचन मजबूत कर संक्रमण से बचाते हैं। फल चिकित्सा से शरीर को प्राकृतिक विटामिन और मिनरल्स मिलते हैं, पाचन तंत्र मजबूत होता है, शरीर से विषैले तत्व बाहर निकलते हैं, त्वचा व बालों में सुधार होता है और वजन संतुलित रखने में मदद मिलती है। रोगों के लिए लाभकारी फलों में मधुमेह हेतु जामुन व अमरूद, हृदय रोग हेतु सेब व अनार, पाचन समस्या हेतु पपीता व केला, खून की कमी हेतु अनार व चुकंदर, और त्वचा रोग हेतु संतरा व नींबू का उल्लेख किया गया। फल खाने के सही नियमों में मौसमी और ताजे फल खाना, खाली पेट सेवन को अधिक लाभकारी बताना, भोजन के तुरंत बाद न खाना, फलों को काटकर लंबे समय तक न रखना, और अलग-अलग फलों को मिलाकर खाने से बचना शामिल है। योग गुरुओं ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बीमारियों से बचने के लिए व्यक्ति को योग, प्राणायाम और फल चिकित्सा को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए, जिससे वह लंबे समय तक स्वस्थ और निरोग जीवन जी सके। शिविर में शामिल लोगों ने नियमित योग और संतुलित आहार अपनाने का संकल्प लिया। यह सात दिवसीय शिविर प्रतिदिन सुबह योगाभ्यास के साथ-साथ स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी भी प्रदान करेगा, जिससे व्यक्तिगत स्वास्थ्य सुधरेगा और समाज भी स्वस्थ तथा सशक्त बनेगा।
पोरसा के अम्बाह रोड स्थित पतंजलि आरोग्यधाम में सात दिवसीय योग एवं प्राणायाम शिविर का भव्य शुभारंभ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने स्वस्थ जीवन का संकल्प लिया। शिविर के उद्घाटन अवसर पर योग मास्टर राजकुमार गर्ग ने योग, प्राणायाम और फल चिकित्सा को निरोग जीवन के सरल और प्रभावी उपाय बताया, जो बीमारियों से बचाव के साथ-साथ मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन भी प्रदान करते हैं। उन्होंने योग और प्राणायाम को भारत की प्राचीन धरोहर बताया, जिसका महत्व आधुनिक युग में और भी बढ़ गया है, जिससे शारीरिक मजबूती, मानसिक शांति और अनावश्यक चिकित्सा खर्चों से बचाव के कारण आर्थिक सशक्तिकरण भी होता है। शिविर में योग गुरु राजकुमार गर्ग और महेश पेगोरिया ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कराया। उन्होंने बताया कि योग केवल व्यायाम न होकर शरीर, मन और आत्मा को संतुलित करने की एक संपूर्ण प्रक्रिया है, जिससे प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और मधुमेह, रक्तचाप व मोटापा जैसी जीवनशैली संबंधी बीमारियों पर नियंत्रण पाया जा सकता है। विशेषज्ञों ने भुजंगासन, ताड़ासन और त्रिकोणासन को रीढ़ की हड्डी मजबूत करने और कमर दर्द में राहत के लिए, कपालभाति व अनुलोम-विलोम को श्वास रोगों के लिए, वज्रासन व पवनमुक्तासन को पाचन तंत्र मजबूत करने के लिए, तथा ध्यान व प्राणायाम को मानसिक तनाव और चिंता कम करने के लिए लाभकारी बताया। प्राणायाम को श्वास-प्रश्वास की वैज्ञानिक पद्धति के रूप में समझाया गया, जो शरीर में ऑक्सीजन का संचार बेहतर करके फेफड़ों को मजबूत करता है और मन में सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को बढ़ाता है, जिससे तनाव, चिंता और अवसाद में राहत मिलती है। शिविर में फल चिकित्सा पर भी विशेष जोर दिया गया, जिसे विशेषज्ञों ने शरीर को प्राकृतिक रूप से स्वस्थ रखने का सबसे आसान तरीका बताया। फल चिकित्सा एक प्राकृतिक उपचार पद्धति है जो विभिन्न फलों के पोषक तत्वों के माध्यम से शरीर को रोगमुक्त करती है और यह आयुर्वेद तथा प्राकृतिक चिकित्सा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। बताया गया कि हर मौसम में मिलने वाले फल उसी मौसम की बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं, जैसे गर्मी में तरबूज, खरबूजा, आम और लीची शरीर को ठंडक देते हैं व डिहाइड्रेशन से बचाते हैं; सर्दी में संतरा, मौसमी, अमरूद और सेब इम्यूनिटी बढ़ाकर सर्दी-जुकाम से बचाते हैं; तथा बरसात में अनार, पपीता व केला पाचन मजबूत कर संक्रमण से बचाते हैं। फल चिकित्सा से शरीर को प्राकृतिक विटामिन और मिनरल्स मिलते हैं, पाचन तंत्र मजबूत होता है, शरीर से विषैले तत्व बाहर निकलते हैं, त्वचा व बालों में सुधार होता है और वजन संतुलित रखने में मदद मिलती है। रोगों के लिए लाभकारी फलों में मधुमेह हेतु जामुन व अमरूद, हृदय रोग हेतु सेब व अनार, पाचन समस्या हेतु पपीता व केला, खून की कमी हेतु अनार व चुकंदर, और त्वचा रोग हेतु संतरा व नींबू का उल्लेख किया गया। फल खाने के सही नियमों में मौसमी और ताजे फल खाना, खाली पेट सेवन को अधिक लाभकारी बताना, भोजन के तुरंत बाद न खाना, फलों को काटकर लंबे समय तक न रखना, और अलग-अलग फलों को मिलाकर खाने से बचना शामिल है। योग गुरुओं ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बीमारियों से बचने के लिए व्यक्ति को योग, प्राणायाम और फल चिकित्सा को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए, जिससे वह लंबे समय तक स्वस्थ और निरोग जीवन जी सके। शिविर में शामिल लोगों ने नियमित योग और संतुलित आहार अपनाने का संकल्प लिया। यह सात दिवसीय शिविर प्रतिदिन सुबह योगाभ्यास के साथ-साथ स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी भी प्रदान करेगा, जिससे व्यक्तिगत स्वास्थ्य सुधरेगा और समाज भी स्वस्थ तथा सशक्त बनेगा।
- पोरसा में विद्युत उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित निवारण के उद्देश्य से बिजली कंपनी ने वार्ड क्रमांक 6 स्थित वंशीवाले मंदिर पर एक विशेष संपर्क अभियान शिविर का आयोजन किया। इस शिविर में 24 से अधिक विद्युत उपभोक्ताओं की शिकायतों का मौके पर ही निराकरण किया गया, साथ ही कंपनी ने लगभग एक लाख चौवन हजार रुपये की राजस्व वसूली भी की। शिविर के दौरान उपभोक्ताओं ने मुख्य रूप से नवीन विद्युत कनेक्शन, बंद मीटर के कारण आ रहे औसत बिजली बिल और खराब केबिल व मीटर से संबंधित समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। बिजली कंपनी के अधिकारियों ने इन समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनका तत्काल समाधान किया। उन्होंने मौके पर ही नई विद्युत केबिल और नवीन मीटर लगाए जाने का आश्वासन भी दिया। इस कार्यक्रम में एस ई लक्ष्मीनारायण पाटीदार, डी ई एके सिंह, डी ई अभिषेक चौरसिया, डी ई उमेश विश्वकर्मा, एई इंद्रेश्वर सिंह, जेई विवेक प्रताप भदौरिया और एआरओ राजेश कुशवाह सहित बिजली कंपनी के कई अधिकारी उपस्थित रहे। इनके अलावा सोनू सिंह तोमर, रामप्रताप तोमर, जीतेन्द्र शर्मा, अजीत बोहरे, राहुल सिंह भदोरिया, अजय तोमर, अभय तोमर, हरिओम, रवी सिंह भदोरिया, माखन सिंह और अन्य कर्मचारी भी शिविर में मौजूद थे। स्थानीय नागरिकों ने बिजली कंपनी द्वारा आयोजित इस शिविर की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे संपर्क अभियानों से उपभोक्ताओं को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते और उन्हें मौके पर ही तत्काल राहत मिल जाती है।1
- भीषण गर्मी के बीच मुरैना जिले की अंबाह तहसील में पेयजल आपूर्ति को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। तहसील मुख्यालय से मात्र 4 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत थरा के कुशवाहा मोहल्ले में पिछले लगभग दो महीने से एक हैंडपंप बंद पड़ा है, जिससे स्थानीय निवासियों को पीने के पानी के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति जिलाधीश महोदय द्वारा जल समीक्षा में पेयजल आपूर्ति को लेकर दिए गए कड़े निर्देशों के बावजूद बनी हुई है, जिसमें उन्होंने जिले भर में कोई समस्या न आने और शिकायतों को गंभीरता से लेने पर जोर दिया था। हालांकि, तहसील अंबाह के जल संसाधन व यांत्रिकी विभाग (पीएचई) के जिम्मेदार अधिकारी जिलाधीश के इन निर्देशों को 'ढेंगा' दिखा रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, जब पेयजल समस्या को लेकर संबंधित विभाग के अधिकारियों को फोन किया जाता है, तो वे फोन काट देते हैं और समस्या सुनने तक से इनकार कर देते हैं। इस पर अमल करना तो दूर की बात है। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि विभाग कलेक्टर महोदय के आदेशों को कितनी गंभीरता से लेता है। हैंडपंप के महीनों से खराब पड़े होने के कारण लोगों को दूर-दूर से पानी भर कर लाना पड़ता है। बच्चे, जो पहले इस हैंडपंप से पानी पीते थे, अब पानी के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। स्थानीय निवासी पूरन कुशवाहा ने बताया कि यह जल स्रोत सही हो जाए तो राहगीरों, स्थानीय लोगों और बच्चों के लिए पानी का एक महत्वपूर्ण साधन बन जाएगा। उन्होंने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि जिम्मेदार अधिकारी समस्या सुनकर फोन काट रहे हैं, तो 'फिर सुनेगा कौन'।1
- भिंड जिले के देहात थाना क्षेत्र में हुए चर्चित कल्याणपुरा हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप पटेल ने पुलिस कंट्रोल रूम में इस मामले का विवरण देते हुए बताया कि आरोपी ने एक बुजुर्ग महिला की हत्या कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। आरोपी ने घटना को प्राकृतिक मौत दिखाने का प्रयास करते हुए 7 अप्रैल 2025 को इसे अंजाम दिया था, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके। पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय मुखबिर तंत्र और 500 से अधिक लोगों से पूछताछ का सहारा लिया। इसके अतिरिक्त, 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले गए। जांच के दौरान, मुख्य आरोपी को एक महिला मित्र के घर पर ठहरा हुआ पाया गया, जिसके बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी के दौरान बुजुर्ग महिला की गला दबाकर हत्या की थी। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लगभग 2.50 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण भी बरामद किए हैं। पुलिस महानिरीक्षक द्वारा घोषित 30 हजार रुपये का इनाम भी आरोपी की गिरफ्तारी में सहायक रहा। सीएसपी भिंड निरंजन राजपूत की निगरानी में भिंड देहात पुलिस की एक विशेष टीम ने इस सफल कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस अब इस मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुट गई है।1
- अंबाह तहसील मुख्यालय से मात्र 4 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत थरा के कुशवाहा मोहल्ले में पिछले करीब दो महीनों से एक हैंडपंप बंद पड़ा है, जिससे स्थानीय लोग भीषण गर्मी में पेयजल के गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। हैरत की बात यह है कि जिलाधीश महोदय के पेयजल आपूर्ति संबंधी कड़े निर्देशों के बावजूद, संबंधित विभाग के अधिकारी शिकायतें सुनने की बजाय फोन काट रहे हैं, जिससे उनकी लापरवाही स्पष्ट दिखती है। जिलाधीश महोदय ने स्वयं एक जल समीक्षा बैठक में संबंधित विभाग को सख्त निर्देश दिए थे कि जिले भर में पेयजल आपूर्ति में कहीं कोई समस्या नहीं आनी चाहिए और शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया था कि पेयजल आपूर्ति का महत्व भीषण गर्मी में और बढ़ जाता है। हालांकि, अंबाह तहसील के जल संसाधन और यांत्रिकी विभाग (पीएचई) के जिम्मेदार अधिकारी इन निर्देशों को पूरी तरह से अनदेखा कर रहे हैं। मोहल्ले के निवासी पूरन कुशवाहा सहित अन्य स्थानीय लोगों का कहना है कि जब वे इस बंद पड़े जल स्रोत की समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों को फोन करते हैं, तो उनके फोन काट दिए जाते हैं और उनकी समस्या सुनी तक नहीं जाती। इससे अधिकारी कलेक्टर के आदेशों को कितनी गंभीरता से लेते हैं, यह सवाल उठता है। हैंडपंप खराब होने के कारण बच्चों और राहगीरों को भी पानी के लिए भटकना पड़ रहा है, और उन्हें दूर से पानी भरकर लाना पड़ता है। यदि हैंडपंप ठीक हो जाए तो यह स्थानीय लोगों, बच्चों और राहगीरों सभी के लिए एक महत्वपूर्ण जल स्रोत बन जाएगा।1
- अंबाह अंचल के वीर सपूत नायक राहुल सिंह सिकरवार का पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। भारतीय सेना की 416 इंजीनियर कोर में 2014 से सेवारत नायक राहुल सिंह सिकरवार, जो इंजीनियर कोर मथुरा में पदस्थ थे, अवकाश पर अपने घर पोरसा आए हुए थे। जानकारी के अनुसार, मंगलवार की रात भोजन के बाद सोने के लिए गए नायक राहुल सिंह सिकरवार का अगले दिन सुबह चाय के लिए जगाने पर परिजनों को पता चला कि उनकी सांसें थम चुकी थीं। मेडिकल परीक्षण के उपरांत, चंबल के इस वीर बेटे को लगभग रात्रि 9:30 बजे मुक्ति धाम में पंच तत्वों में विलीन किया गया। अपने पीछे पत्नी, माता-पिता, भाई और दो बच्चों — 11 वर्षीय अभि सिकरवार तथा चार वर्षीय कृशू सिकरवार — को विलखता छोड़ गए नायक राहुल सिंह सिकरवार को उनके 11 वर्षीय बेटे अभि सिकरवार ने मुखाग्नि दी। उनके पिता श्री राम सुमरन सिंह तोमर भी भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं। इस भावुक मौके पर अमर शहीद सम्मान सेवा संघ के सेवकों, जिनमें धर्मेंद्र सिंह तोमर (रिटायर्ड हवलदार भारतीय सेना), मनोज सिंह तोमर (सेवानिवृत्त भारतीय सेना पूठा), भीमसेन सिंह थरा, योगेन्द्र परमार, हरिमोहन शर्मा, रोहित शर्मा और शिवम शामिल थे, ने समूची शव यात्रा के पथ पर पुष्प वर्षा कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस दौरान भारत माता के जयघोष, 'भारत माता की जय हो' और 'नायक राहुल सिंह सिकरवार अमर रहे' के नारे गूंजायमान होते रहे। पूर्व सैनिक लीग पोरसा के पूर्व सैनिकों सहित सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग भी इस अंतिम विदाई में उपस्थित रहे।1
- फतेहाबाद के पूठपुरा के पास फतेहाबाद-फिरोजाबाद मार्ग पर 15 जून को पुलिस पर हुए पथराव और उपद्रव की घटना को लेकर शनिवार को गांव पिन्नापुरा में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विधायक छोटेलाल वर्मा ने स्पष्ट रूप से कहा कि पुलिस पर हमला करने वाले लोग बाहरी थे और पिन्नापुरा के ग्रामीण इस घटना में शामिल नहीं थे। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विधायक वर्मा ने मांग की कि पुलिस केवल उन्हीं लोगों के खिलाफ कार्रवाई करे जो वीडियो फुटेज में पत्थर फेंकते या हाथों में डंडे लिए दिखाई दे रहे हैं, और जाम में खड़े सामान्य लोगों को आरोपी बनाना उचित नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि आगे होने वाली गिरफ्तारियों से पहले संबंधित वीडियो और साक्ष्य जनप्रतिनिधियों को भी दिखाए जाएं, ताकि कोई बेगुनाह जेल न जाए। विधायक का तर्क था कि घटना दोपहर करीब तीन बजे हुई थी, जबकि शाम चार बजे के बाद बादलपुर, आगरा और फिरोजाबाद क्षेत्र से आए कुछ बाहरी उपद्रवियों ने पुलिस पर हमला किया। उनका मानना था कि यदि स्थानीय ग्रामीणों की भूमिका होती तो वे शुरुआत से ही पथराव करते। उन्होंने नामजद लोगों के संबंध में भी निष्पक्ष जांच के बाद ही कार्रवाई की मांग की। बैठक में ग्रामीणों ने बताया कि घटना के बाद से पुलिस कार्रवाई के डर से कई लोग रात में अपने घरों में रुकने से भी घबरा रहे हैं। इस पर एसीपी इमरान खान ने भरोसा दिलाया कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति को जेल नहीं भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस केवल साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई कर रही है और जो लोग बेगुनाह हैं, वे निडर होकर अपने घरों में रहें क्योंकि पुलिस उन्हें किसी प्रकार से परेशान नहीं करेगी। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि घटना में शामिल दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इस बैठक में राहुल सिसोदिया, देवेंद्र कुमार वर्मा, एडवोकेट भगवती प्रसाद, अशोक वर्मा, अरविंद वर्मा, राजू ठेकेदार, राममहेश वर्मा, रामदेव प्रधान, प्रेमपाल वर्मा, एदल सिंह, जिला पंचायत सदस्य अनिल गुर्जर, रामबाबू वर्मा, एडवोकेट लखन सिंह, योगेश चौहान, संदीप गुप्ता, मुकेश पचौरी, उमेश गुप्ता, राजेश वर्मा, ऋषि गुप्ता, राजेश कुशवाहा, महेंद्र वर्मा, सोनू वर्मा, मोनू आर्य, बबीता चौहान, पूर्व प्रधान आशा देवी और चक हीरा सिंह समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।2
- फतेहाबाद तहसील परिसर में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में अपर जिलाधिकारी सिटी ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान कुल 77 शिकायतें प्राप्त हुईं, लेकिन मौके पर एक भी शिकायत का निस्तारण नहीं हो सका। समाधान दिवस में कई गंभीर मुद्दे सामने आए। एलडीबी बैंक के अध्यक्ष राजेश कुशवाहा ने बाजार में दूध, पनीर, देशी घी और खोआ सहित कई खाद्य सामग्रियों में मिलावट का मुद्दा उठाते हुए शिकायत की, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। वहीं, दिव्यांग अंतराम वर्मा अपनी पत्नी बृजरानी, पुत्र रुपेश और पुत्री पूनम के साथ ट्राइसाइकिल से तहसील पहुंचे। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि उनका परिवार झोपड़ी में रहने को मजबूर है, जबकि उन्हें अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला है और अपात्र लोगों को आवास आवंटित कर दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, गांव ठीपुरी निवासी पुरुषोत्तम कुशवाहा ने बंटवारे की भूमि पर विपक्षी पक्ष द्वारा सीमांकन की मुठियां उखाड़ने की शिकायत दर्ज कराई, जिस पर अधिकारियों ने थाना डौकी पुलिस को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। प्राप्त शिकायतों में राजस्व विभाग की 45, पुलिस की चार, राजस्व एवं पुलिस की संयुक्त नौ, विकास विभाग की 10, स्वास्थ्य विभाग की दो तथा अन्य विभागों की सात शिकायतें शामिल थीं। इस समाधान दिवस के दौरान तहसीलदार बबलेश कुमार, नायब तहसीलदार प्रमोद कुमार, खंड विकास अधिकारी रजत कुशवाहा, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सतेन्द्र कुमार भाटी, डॉ. पवन यादव और एडीओ पंचायत नरेंद्र पाल सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।1
- अंबा तोर क्षेत्र में पिनाहट रोड पर एक टमटम के पलट जाने से उसमें सवार दो लोग घायल हो गए। यह घटना अंबा तोर के पास पिनाहट रोड पर घटित हुई।1