मुंडावर उपखण्ड स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, रड़वा में वरिष्ठ अध्यापक महेंद्र सिंह यादव के नेतृत्व एवं अध्यक्षता में आयोजित 15 दिवसीय ग्रीष्मकालीन शिविर का रविवार को समापन हो गया। कार्यक्रम में शिक्षाविद् एवं गांधीवादी विचारक डॉ. डी. आर. शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए महेंद्र सिंह यादव ने युवाओं की समाज एवं राष्ट्र के नवनिर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी युवा शक्ति को समाज सेवा की सृजनशील धारा से जोड़ने के पक्षधर थे, और उनका मानना था कि विद्यार्थियों को केवल वैचारिक सहानुभूति तक सीमित न रहकर सामाजिक एवं रचनात्मक कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए, जिससे समाज के आर्थिक और नैतिक विकास में योगदान मिल सके। मुख्य अतिथि डॉ. डी. आर. शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञानार्जन नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज सेवा से विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, सहयोग, संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है, और इसी उद्देश्य से विद्यालयी शिक्षा में समाजोपयोगी उत्पादन कार्य एवं समाज सेवा को भी शामिल किया गया है। शिविर के दौरान विद्यार्थियों को सामाजिक दायित्वों, राष्ट्रीय एकता, साम्प्रदायिक सद्भाव, पर्यावरण संरक्षण, परिवार कल्याण तथा सामुदायिक सहभागिता के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही उनमें श्रम के प्रति सम्मान, लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति आदर तथा पारस्परिक सहयोग की भावना विकसित करने पर विशेष बल दिया गया। इस समापन कार्यक्रम में वरिष्ठ अध्यापक मनोज यादव, तमन्ना भाटोटिया, ज्योति महला, खुशी तंवर, ललिता गुरुवान, अलका बुडोलिया, प्रियांशी यादव, अनिकेत यादव, अक्षत, कार्तिक तंवर एवं ललित राठौर सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
मुंडावर उपखण्ड स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, रड़वा में वरिष्ठ अध्यापक महेंद्र सिंह यादव के नेतृत्व एवं अध्यक्षता में आयोजित 15 दिवसीय ग्रीष्मकालीन शिविर का रविवार को समापन हो गया। कार्यक्रम में शिक्षाविद् एवं गांधीवादी विचारक डॉ. डी. आर. शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए महेंद्र सिंह यादव ने युवाओं की समाज एवं राष्ट्र के नवनिर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी युवा शक्ति को समाज सेवा की सृजनशील धारा से जोड़ने के पक्षधर थे, और उनका मानना था कि विद्यार्थियों को केवल वैचारिक सहानुभूति तक सीमित न रहकर सामाजिक एवं रचनात्मक कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए, जिससे समाज के आर्थिक और नैतिक विकास में योगदान मिल सके। मुख्य अतिथि डॉ. डी. आर. शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि
शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञानार्जन नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज सेवा से विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, सहयोग, संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है, और इसी उद्देश्य से विद्यालयी शिक्षा में समाजोपयोगी उत्पादन कार्य एवं समाज सेवा को भी शामिल किया गया है। शिविर के दौरान विद्यार्थियों को सामाजिक दायित्वों, राष्ट्रीय एकता, साम्प्रदायिक सद्भाव, पर्यावरण संरक्षण, परिवार कल्याण तथा सामुदायिक सहभागिता के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही उनमें श्रम के प्रति सम्मान, लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति आदर तथा पारस्परिक सहयोग की भावना विकसित करने पर विशेष बल दिया गया। इस समापन कार्यक्रम में वरिष्ठ अध्यापक मनोज यादव, तमन्ना भाटोटिया, ज्योति महला, खुशी तंवर, ललिता गुरुवान, अलका बुडोलिया, प्रियांशी यादव, अनिकेत यादव, अक्षत, कार्तिक तंवर एवं ललित राठौर सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
- रविवार को कोटपूतली-बहरोड़ जिला पुलिस द्वारा 'संडे ऑन साइकिल' नामक एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।1
- महेंद्रगढ़ जिले के नांगल चौधरी में स्थित CIIT संस्थान को सरकारी मान्यता प्रदान की गई है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के बाद, अब संस्थान के विद्यार्थियों को आधुनिक कौशल विकास के क्षेत्र में विभिन्न अवसर प्राप्त होंगे, जिससे उनके भविष्य की संभावनाएं बेहतर होंगी।1
- गृह मंत्रालय (MHA) और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 500 रुपये के नोटों के संबंध में एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। इस चेतावनी के अनुसार, बाजार में 500 रुपये के उच्च गुणवत्ता वाले नकली नोटों की एक बड़ी खेप का पता चला है। ये जाली नोट देखने में बिल्कुल असली जैसे ही प्रतीत होते हैं, जिससे इनकी पहचान करना काफी मुश्किल हो सकता है। इसी के मद्देनजर, MHA और RBI ने आम जनता को सलाह दी है कि वे किसी भी वित्तीय लेनदेन के दौरान 500 रुपये के नोटों के सुरक्षा फीचर्स की अच्छी तरह से जांच कर लें।1
- कोटपूतली-बहरोड़ जिले की बेटी और चौमूं के चित्तवाडी की बहू अनु मीणा ने अपने घर में फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। आरोप है कि उनके पति गौतम मीणा उन्हें रोज़ प्रताड़ित करते थे, जिससे पति-पत्नी का रिश्ता शर्मसार हुआ है। यह घटना सामने आने के बाद इलाके में आक्रोश है और अनु मीणा के लिए न्याय की मांग उठ रही है। इस मामले में सचिव कांग्रेस सेक्रेटरी शीशराम गुर्जर ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि सरकार और प्रशासन ने इस विषय पर विचार करने के लिए दो दिन का समय मांगा है। गुर्जर ने स्पष्ट किया कि वे अनु मीणा को न्याय दिलाने के लिए किसी भी हद तक पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि दो दिन के भीतर न्याय नहीं मिला, तो वे शहीद स्मारक पर धरने पर बैठेंगे और प्रदर्शन करेंगे।1
- नुह में सड़क पर कचरे का अंबार लगा हुआ है, जिसके कारण लोगों को सांस लेने में भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। शिकायत के अनुसार, बरसात के मौसम में इस कचरे से बेहद बुरी बदबू आती है, जिससे स्थिति और खराब हो जाती है। नागरिकों ने इस कचरे को रास्ते से हटाने और इस समस्या को रोकने का आग्रह किया है।1
- कोटपुतली विधायक से भूतेश्वर ढाणी के ग्रामीणों ने अपनी पानी की समस्या के समाधान की माँग की। ग्रामीणों ने विधायक के सामने 'झोली फ़ैलाकर' गुहार लगाई, जो उनकी गहरी परेशानी और तत्काल समाधान की उम्मीद को दर्शाता है।1
- हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में स्थित नारनौल में डॉ. कृष्णा आर्य प्रतिदिन बुजुर्ग महिलाओं को गीतों के माध्यम से योग अभ्यास करवाती हैं। वे योग के साथ-साथ इन्हीं गीतों के जरिए इसके विभिन्न स्वास्थ्य लाभों के बारे में भी बताती हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि वे भी इन गीतों को सुनें और हर दिन योग करके स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करें।1
- अलवर जिले के बगड़तिराया बस स्टैंड पर आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे स्थानीय लोगों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह बस स्टैंड पुलिस थाना के ठीक पास स्थित है, बावजूद इसके यहाँ जाम की समस्या से निपटने के लिए कोई व्यवस्था या सुविधा उपलब्ध नहीं है। प्रशासन की उदासीनता के चलते प्रतिदिन दुर्घटनाएँ होती हैं और लगातार जाम लगता रहता है। यह स्थान एक महत्वपूर्ण चौमुखा रास्ता है, जहाँ से जयपुर और दिल्ली को जोड़ने वाला मार्ग भी गुजरता है, लेकिन सरकार और प्रशासन इस गंभीर समस्या पर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहा है।1