महेंद्र सिंह सोनवाल पत्रकार अलवर राजस्थान *जनपद मुख्यालय के फव्वारा तिराहे के पास कूड़ा डंपिंग पॉइंट बनने से व्यापारियों में आक्रोश, राहगीर मुंह ढककर गुजर रहे* अम्बेडकरनगर जनपद मुख्यालय के व्यस्त फव्वारा तिराहे के निकट अचानक बनाए गए कूड़ा डंपिंग पॉइंट ने स्थानीय व्यापारियों और आसपास के निवासियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कूड़े से निकलने वाली तेज दुर्गंध और मक्खियों के कारण दिनभर परेशानी बनी रहती है, जबकि कूड़े की उठान करीब 12:00 बजे तक हो पाती है। इस समस्या से हजारों राहगीर तो मुंह ढककर गुजर जाते हैं, लेकिन व्यापारियों की मजबूरी है—पेट पालने के लिए उन्हें इसी दुर्गंध भरे माहौल में दुकानें संभालनी पड़ रही हैं।स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि फव्वारा तिराहा इलाका दिन भर चहल-पहल से भरा रहता है। यहां सैकड़ों दुकानें हैं और हजारों लोग आते-जाते हैं। लेकिन अब कूड़े के ढेर के कारण वातावरण इतना प्रदूषित हो गया है कि सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है। मक्खियां चारों तरफ भिनभिना रही हैं, जिससे खाने-पीने की दुकानों पर भी असर पड़ रहा है। एक व्यापारी ने गुस्से में कहा, “प्रशासन ने जहां चाहा वहां कूड़ा डालने का पॉइंट बना दिया। हमने प्रभारी अधिशासी अधिकारी से शिकायत की तो सिर्फ आश्वासन मिला, कोई ठोस निस्तारण नहीं हुआ।”व्यापारियों का कहना है कि कूड़े की गाड़ियां देर रात तक कचरा नहीं उठातीं, जिससे दिन भर दुर्गंध फैली रहती है। इससे न सिर्फ स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है, बल्कि व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। ग्राहक भी इस इलाके से दूर रहने लगे हैं। राहगीरों की स्थिति और भी दयनीय है—वे नाक पर रुमाल या स्कार्फ रखकर तेजी से निकलते दिख रहे हैं।स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन ने बिना किसी सोच-विचार के व्यस्त इलाके में डंपिंग पॉइंट बना दिया, जबकि शहर में कई उपयुक्त खाली जगहें उपलब्ध हैं। प्रभारी अधिशासी अधिकारी से वार्ता के बाद केवल आश्वासन दिया गया कि समस्या जल्द सुलझा ली जाएगी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।व्यापार मंडल और स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही डंपिंग पॉइंट को हटाया या शिफ्ट नहीं किया गया तो वे बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।यह समस्या न सिर्फ फव्वारा तिराहे तक सीमित है, बल्कि कई शहरों में कूड़े के निस्तारण की कमी के कारण ऐसी शिकायतें आम हो गई हैं। प्रशासन को चाहिए कि स्थायी डंपिंग यार्ड की व्यवस्था करे और व्यस्त बाजारों से कूड़ा डंपिंग को तुरंत हटाए, ताकि आम जनता और व्यापारियों को राहत मिल सके।पास कूड़ा डंपिंग पॉइंट बनने से व्यापारियों में आक्रोश, राहगीर मुंह ढककर गुजर रहे* अम्बेडकरनगर जनपद मुख्यालय के व्यस्त फव्वारा तिराहे के निकट अचानक बनाए गए कूड़ा डंपिंग पॉइंट ने स्थानीय व्यापारियों और आसपास के निवासियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कूड़े से निकलने वाली तेज दुर्गंध और मक्खियों के कारण दिनभर परेशानी बनी रहती है, जबकि कूड़े की उठान करीब 12:00 बजे तक हो पाती है। इस समस्या से हजारों राहगीर तो मुंह ढककर गुजर जाते हैं, लेकिन व्यापारियों की मजबूरी है—पेट पालने के लिए उन्हें इसी दुर्गंध भरे माहौल में दुकानें संभालनी पड़ रही हैं।स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि फव्वारा तिराहा इलाका दिन भर चहल-पहल से भरा रहता है। यहां सैकड़ों दुकानें हैं और हजारों लोग आते-जाते हैं। लेकिन अब कूड़े के ढेर के कारण वातावरण इतना प्रदूषित हो गया है कि सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है। मक्खियां चारों तरफ भिनभिना रही हैं, जिससे खाने-पीने की दुकानों पर भी असर पड़ रहा है। एक व्यापारी ने गुस्से में कहा, “प्रशासन ने जहां चाहा वहां कूड़ा डालने का पॉइंट बना दिया। हमने प्रभारी अधिशासी अधिकारी से शिकायत की तो सिर्फ आश्वासन मिला, कोई ठोस निस्तारण नहीं हुआ।”व्यापारियों का कहना है कि कूड़े की गाड़ियां देर रात तक कचरा नहीं उठातीं, जिससे दिन भर दुर्गंध फैली रहती है। इससे न सिर्फ स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है, बल्कि व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। ग्राहक भी इस इलाके से दूर रहने लगे हैं। राहगीरों की स्थिति और भी दयनीय है—वे नाक पर रुमाल या स्कार्फ रखकर तेजी से निकलते दिख रहे हैं।स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन ने बिना किसी सोच-विचार के व्यस्त इलाके में डंपिंग पॉइंट बना दिया, जबकि शहर में कई उपयुक्त खाली जगहें उपलब्ध हैं। प्रभारी अधिशासी अधिकारी से वार्ता के बाद केवल आश्वासन दिया गया कि समस्या जल्द सुलझा ली जाएगी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।व्यापार मंडल और स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही डंपिंग पॉइंट को हटाया या शिफ्ट नहीं किया गया तो वे बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।यह समस्या न सिर्फ फव्वारा तिराहे तक सीमित है, बल्कि कई शहरों में कूड़े के निस्तारण की कमी के कारण ऐसी शिकायतें आम हो गई हैं। प्रशासन को चाहिए कि स्थायी डंपिंग यार्ड की व्यवस्था करे और व्यस्त बाजारों से कूड़ा डंपिंग को तुरंत हटाए, ताकि आम जनता और व्यापारियों को राहत मिल सके।
महेंद्र सिंह सोनवाल पत्रकार अलवर राजस्थान *जनपद मुख्यालय के फव्वारा तिराहे के पास कूड़ा डंपिंग पॉइंट बनने से व्यापारियों में आक्रोश, राहगीर मुंह ढककर गुजर रहे* अम्बेडकरनगर जनपद मुख्यालय के व्यस्त फव्वारा तिराहे के निकट अचानक बनाए गए कूड़ा डंपिंग पॉइंट ने स्थानीय व्यापारियों और आसपास के निवासियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कूड़े से निकलने वाली तेज दुर्गंध और मक्खियों के कारण दिनभर परेशानी बनी रहती है, जबकि कूड़े की उठान करीब 12:00 बजे तक हो पाती है। इस समस्या से हजारों राहगीर तो मुंह ढककर गुजर जाते हैं, लेकिन व्यापारियों की मजबूरी है—पेट पालने के लिए उन्हें इसी दुर्गंध भरे माहौल में दुकानें संभालनी पड़ रही हैं।स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि फव्वारा तिराहा इलाका दिन भर चहल-पहल से भरा रहता है। यहां सैकड़ों दुकानें हैं और हजारों लोग आते-जाते हैं। लेकिन अब कूड़े के ढेर के कारण वातावरण इतना प्रदूषित हो गया है कि सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है। मक्खियां चारों तरफ भिनभिना रही हैं, जिससे खाने-पीने की दुकानों पर भी असर पड़ रहा है। एक व्यापारी ने गुस्से में कहा, “प्रशासन ने जहां चाहा वहां कूड़ा डालने का पॉइंट बना दिया। हमने प्रभारी अधिशासी अधिकारी से शिकायत की तो सिर्फ आश्वासन मिला, कोई ठोस निस्तारण नहीं हुआ।”व्यापारियों का कहना है कि कूड़े की गाड़ियां देर रात तक कचरा नहीं उठातीं, जिससे दिन भर दुर्गंध फैली रहती है। इससे न सिर्फ स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है, बल्कि व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। ग्राहक भी इस इलाके से दूर रहने लगे हैं। राहगीरों की स्थिति और भी दयनीय है—वे नाक पर रुमाल या स्कार्फ रखकर तेजी से निकलते दिख रहे हैं।स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन ने बिना किसी सोच-विचार के व्यस्त इलाके में डंपिंग पॉइंट बना दिया, जबकि शहर में कई उपयुक्त खाली जगहें उपलब्ध हैं। प्रभारी अधिशासी अधिकारी से वार्ता के बाद केवल आश्वासन दिया गया कि समस्या जल्द सुलझा ली जाएगी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।व्यापार मंडल और स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही डंपिंग पॉइंट को हटाया या शिफ्ट नहीं किया गया तो वे बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।यह समस्या न सिर्फ फव्वारा तिराहे तक सीमित है, बल्कि कई शहरों में कूड़े के निस्तारण की कमी के कारण ऐसी शिकायतें आम हो गई हैं। प्रशासन को चाहिए कि स्थायी डंपिंग यार्ड की व्यवस्था करे और व्यस्त बाजारों से कूड़ा डंपिंग को तुरंत हटाए, ताकि आम
जनता और व्यापारियों को राहत मिल सके।पास कूड़ा डंपिंग पॉइंट बनने से व्यापारियों में आक्रोश, राहगीर मुंह ढककर गुजर रहे* अम्बेडकरनगर जनपद मुख्यालय के व्यस्त फव्वारा तिराहे के निकट अचानक बनाए गए कूड़ा डंपिंग पॉइंट ने स्थानीय व्यापारियों और आसपास के निवासियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कूड़े से निकलने वाली तेज दुर्गंध और मक्खियों के कारण दिनभर परेशानी बनी रहती है, जबकि कूड़े की उठान करीब 12:00 बजे तक हो पाती है। इस समस्या से हजारों राहगीर तो मुंह ढककर गुजर जाते हैं, लेकिन व्यापारियों की मजबूरी है—पेट पालने के लिए उन्हें इसी दुर्गंध भरे माहौल में दुकानें संभालनी पड़ रही हैं।स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि फव्वारा तिराहा इलाका दिन भर चहल-पहल से भरा रहता है। यहां सैकड़ों दुकानें हैं और हजारों लोग आते-जाते हैं। लेकिन अब कूड़े के ढेर के कारण वातावरण इतना प्रदूषित हो गया है कि सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है। मक्खियां चारों तरफ भिनभिना रही हैं, जिससे खाने-पीने की दुकानों पर भी असर पड़ रहा है। एक व्यापारी ने गुस्से में कहा, “प्रशासन ने जहां चाहा वहां कूड़ा डालने का पॉइंट बना दिया। हमने प्रभारी अधिशासी अधिकारी से शिकायत की तो सिर्फ आश्वासन मिला, कोई ठोस निस्तारण नहीं हुआ।”व्यापारियों का कहना है कि कूड़े की गाड़ियां देर रात तक कचरा नहीं उठातीं, जिससे दिन भर दुर्गंध फैली रहती है। इससे न सिर्फ स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है, बल्कि व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। ग्राहक भी इस इलाके से दूर रहने लगे हैं। राहगीरों की स्थिति और भी दयनीय है—वे नाक पर रुमाल या स्कार्फ रखकर तेजी से निकलते दिख रहे हैं।स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन ने बिना किसी सोच-विचार के व्यस्त इलाके में डंपिंग पॉइंट बना दिया, जबकि शहर में कई उपयुक्त खाली जगहें उपलब्ध हैं। प्रभारी अधिशासी अधिकारी से वार्ता के बाद केवल आश्वासन दिया गया कि समस्या जल्द सुलझा ली जाएगी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।व्यापार मंडल और स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही डंपिंग पॉइंट को हटाया या शिफ्ट नहीं किया गया तो वे बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।यह समस्या न सिर्फ फव्वारा तिराहे तक सीमित है, बल्कि कई शहरों में कूड़े के निस्तारण की कमी के कारण ऐसी शिकायतें आम हो गई हैं। प्रशासन को चाहिए कि स्थायी डंपिंग यार्ड की व्यवस्था करे और व्यस्त बाजारों से कूड़ा डंपिंग को तुरंत हटाए, ताकि आम जनता और व्यापारियों को राहत मिल सके।
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- Post by Ram Mishra1
- शेरा पहलवान को रामगढ़ विधायक सुखवंत सिंह ने पहलवान को सम्मानित किया1
- Post by संवाददाता दैनिक कंचन केसरी1
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- Post by KARAN RAJPUT1
- Post by Raj.JANTA SEVA-84 NEWS1
- Post by Janta Seva841