पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया स्थित समाहरणालय में लिपिक संवर्ग के स्थानांतरण से संबंधित 27 जून 2026 के आदेश (ज्ञापांक-1018) पर कर्मचारियों के बीच तीखी बहस छिड़ गई है। कर्मचारियों द्वारा स्थानांतरण प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं बरतने और कुछ खास कर्मचारियों को उनकी मनचाही पोस्टिंग दिए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। आरोप है कि कुछ प्रभावशाली लिपिकों को उनकी पसंद के स्थानों पर, यहाँ तक कि उनके गृह प्रखंड के आसपास ही पदस्थापित कर दिया गया है। वहीं, कई अन्य कर्मचारी वर्षों से अपने स्थानांतरण का इंतजार कर रहे हैं। इसके साथ ही, यह भी दावा किया जा रहा है कि समाहरणालय में कुछ लिपिक पिछले 10 से 12 वर्षों से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं और उनका अब तक स्थानांतरण नहीं किया गया है। इन लंबे समय से जमे हुए कर्मचारियों को विभिन्न प्रकार की प्रशासनिक सुविधाएँ मिलने की भी चर्चा है, जिससे स्थानांतरण नीति के समान रूप से पालन को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इस पूरे मामले पर जिला पदाधिकारी से स्थानांतरण आदेश की निष्पक्ष जांच कराने और यदि अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो आवश्यक संशोधन करने की जोरदार मांग की जा रही है। हालांकि, जिला प्रशासन की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया स्थित समाहरणालय में लिपिक संवर्ग के स्थानांतरण से संबंधित 27 जून 2026 के आदेश (ज्ञापांक-1018) पर कर्मचारियों के बीच तीखी बहस छिड़ गई है। कर्मचारियों द्वारा स्थानांतरण प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं बरतने और कुछ खास कर्मचारियों को उनकी मनचाही पोस्टिंग दिए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। आरोप है कि कुछ प्रभावशाली लिपिकों को उनकी पसंद के स्थानों पर, यहाँ तक कि उनके गृह प्रखंड के आसपास ही पदस्थापित कर दिया गया है। वहीं, कई अन्य कर्मचारी वर्षों से अपने स्थानांतरण का इंतजार कर रहे हैं। इसके साथ ही, यह भी दावा किया जा रहा है कि समाहरणालय में कुछ लिपिक पिछले 10 से 12 वर्षों से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं और उनका अब तक स्थानांतरण नहीं किया गया है। इन लंबे समय से जमे हुए कर्मचारियों को विभिन्न प्रकार की प्रशासनिक सुविधाएँ मिलने की भी चर्चा है, जिससे स्थानांतरण नीति के समान रूप से पालन को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इस पूरे मामले पर जिला पदाधिकारी से स्थानांतरण आदेश की निष्पक्ष जांच कराने और यदि अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो आवश्यक संशोधन करने की जोरदार मांग की जा रही है। हालांकि, जिला प्रशासन की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
- बलिया/सुखपुरा निवासी लोकतंत्र सेनानी दीनानाथ सिंह का सोमवार सुबह निधन हो गया, जिसके बाद सुखपुरा पुलिस द्वारा उनके आवास पर उन्हें अंतिम सलामी दी गई। राजकीय सम्मान के साथ उनके अंतिम संस्कार के लिए गंगा तट पर ले जाने से पूर्व, पुलिस जवानों ने उन्हें सम्मानपूर्वक सलामी अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर नायब तहसीलदार रजनीश सिंह, थानाध्यक्ष रत्नेश दुबे, ग्राम पंचायत प्रशासक अभिमन्यु चौहान, शिक्षक उमेश सिंह, भाकपा के जिला सह सचिव रामानंद गौड़, पूर्व जिला मंत्री सत्य प्रकाश सिंह, पारस सिंह, अख्तर अली उर्फ ललू जी, यमुना वर्मा, शंभूनाथ सिंह, गुलाम राजभर, विप्लव सिंह सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। बाद में गंगा तट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहाँ क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों और शुभचिंतकों ने उन्हें अंतिम विदाई दी। उनके बड़े पुत्र प्रदीप सिंह ने मुखाग्नि दी। इसी क्रम में, इंटर कॉलेज सुखपुरा में एक शोकसभा का आयोजन किया गया। विद्यालय प्रबंध समिति के उप प्रबंधक रहे दीनानाथ सिंह के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। शोकसभा में विद्यालय के प्रबंधक दिनेश चंद्र सिंह, प्रधानाचार्य जितेंद्र कुमार सिंह, विजय शंकर सिंह सहित शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित थे।1
- बिहार राज्य खेत मजदूर यूनियन की पश्चिम चंपारण जिला कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक बलिराम भवन के सभागार में जिला अध्यक्ष राजेंद्र साह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक की शुरुआत जिले के चर्चित खेत मजदूर नेता स्वर्गीय बांके बैठा की पत्नी के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इस बैठक में जिले में खेत मजदूर यूनियन को और अधिक मजबूत एवं व्यापक बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही, आगामी 15 जुलाई को पटना में आयोजित विधानसभा मार्च को सफल बनाने के लिए पश्चिम चंपारण से 1000 खेत मजदूरों की भागीदारी सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इसके लिए विभिन्न अंचलों और शाखाओं में लगातार बैठकों और जनसंपर्क अभियान चलाने की रणनीति भी बनाई गई है। यूनियन नेताओं ने प्रवासी मजदूरों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया और यह तय किया गया कि उनके निबंधन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिए श्रम विभाग कार्यालय के समक्ष आंदोलन किया जाएगा, ताकि मजदूरों को सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ मिल सके। बैठक को संबोधित करते हुए भाकपा जिला सचिव ओम प्रकाश क्रांति ने जिले के खेत मजदूरों की दयनीय स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सरकार से खेत मजदूरों को स्थायी रूप से बसाने, उनके जीवन स्तर में सुधार लाने तथा रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की। क्रांति ने मनरेगा योजना में हो रही अनियमितताओं और छेड़छाड़ पर भी सवाल उठाते हुए इसे तत्काल बंद करने की मांग की, साथ ही मनरेगा के तहत मजदूरों को 200 दिनों के रोजगार की गारंटी देने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। इस बैठक में जिला सचिव सुबोध मुखिया, अच्छे लाल सहनी, बीरन यादव, पीतांबर शर्मा, शिवनाथ पटेल, धुरी साह, संगीता देवी, रामदेव राम, राबड़ी देवी, शोभा देवी, अजय सहनी एवं रेणु देवी सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। मजदूरों के अधिकारों, रोजगार सुरक्षा और संगठन विस्तार को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी पारित किए गए।1
- जिले के सुदूरवर्ती इलाकों में अवैध दवा कारोबार के बेरोकटोक चलने पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। यह पूछा गया है कि आखिर किसके संरक्षण में यह गैरकानूनी धंधा फल-फूल रहा है और कैसे यह जिले के दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुँच गया है।1
- बेतिया/मझौलिया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मझौलिया में रविवार को उत्सवी माहौल के बीच पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया गया। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अनुपम प्रसाद ने एक बच्चे को पोलियो की दो बूंद पिलाकर इस अभियान की शुरुआत की। अभियान को सफल बनाने के लिए एक दिन पूर्व से ही व्यापक तैयारी की गई थी। सुबह से ही सभी पोलियो बूथों पर आइस पॉट के माध्यम से वैक्सीन उपलब्ध करा दी गई थी, और ड्यूटी पर तैनात आशा कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्रों में बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने में बढ़-चढ़कर और सक्रिय रूप से जुटी रहीं। प्रभारी डॉ. अनुपम प्रसाद ने बताया कि मझौलिया प्रखंड के लगभग 38 हजार घरों में रहने वाले 84 हजार बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि अभियान की निगरानी के लिए प्रत्येक क्षेत्र में सुपरवाइजर की तैनाती की गई है, और पोलियो की दवा पिलाने के साथ-साथ संबंधित घरों पर निर्धारित चिन्ह भी अंकित किए जा रहे हैं, ताकि कोई भी बच्चा खुराक से छूट न सके। इस अवसर पर स्वास्थ्य प्रबंधक शकील अहमद, बीसीएम राहुल झा, एएनएम संजू कुमारी, प्रधान लिपिक सुशांत कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मी उपस्थित रहे।1
- आज ही के दिन, 19 जून 2024 को भारतीय क्रिकेट टीम ने एक बड़ा इतिहास रचते हुए टी-20 विश्व कप का खिताब अपने नाम कर लिया। भारत ने यह जीत 17 साल के लंबे अंतराल के बाद हासिल की, जिससे देश में जश्न का माहौल है।1
- पश्चिमी चंपारण के बेतिया स्थित बाजार में ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। ट्रांसफार्मर की इस खराबी के चलते बाजार के लोगों को आर्थिक और शारीरिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।1
- भारतीय टीम को आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों में हार का सामना करना पड़ा है।1
- बेतिया में बिहार राज्य खेत मजदूर यूनियन की पश्चिम चंपारण जिला कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को बलिराम भवन सभागार में जिला अध्यक्ष राजेन्द्र साह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक की शुरुआत दिवंगत खेत मजदूर नेता स्वर्गीय बांके बैठा की पत्नी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। बैठक में जिले में खेत मजदूर यूनियन को और अधिक मजबूत एवं व्यापक बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई। इसके साथ ही, आगामी 15 जुलाई को पटना में प्रस्तावित विधानसभा मार्च को सफल बनाने के उद्देश्य से पश्चिम चंपारण से 1000 खेत मजदूरों की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए विभिन्न अंचलों एवं शाखाओं में लगातार बैठकें आयोजित करने और जनसंपर्क अभियान चलाने की रणनीति भी बनाई गई। यूनियन ने प्रवासी मजदूरों की समस्याओं पर भी विचार-विमर्श किया और तय किया कि उनके पंजीकरण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग को लेकर श्रम विभाग कार्यालय के समक्ष आंदोलन किया जाएगा, ताकि मजदूरों को सरकारी योजनाओं एवं सुविधाओं का पूरा लाभ मिल सके। भाकपा जिला सचिव ओम प्रकाश क्रांति ने बैठक को संबोधित करते हुए खेत मजदूरों की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने सरकार से खेत मजदूरों के स्थायी पुनर्वास, रोजगार सुरक्षा तथा जीवन स्तर में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की। क्रांति ने मनरेगा में कथित अनियमितताओं पर भी सवाल उठाते हुए पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की और मजदूरों को वर्ष में 200 दिनों के रोजगार की गारंटी देने की आवश्यकता पर बल दिया। इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला सचिव सुबोध मुखिया, अच्छे लाल सहनी, बीरन यादव, पीताम्बर शर्मा, शिवनाथ पटेल, धुरी साह, संगीता देवी, रामदेव राम, राबड़ी देवी, शोभा देवी, अजय सहनी एवं रेणु देवी सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक में मजदूरों के अधिकारों, रोजगार सुरक्षा एवं संगठन विस्तार से जुड़े कई प्रस्ताव भी पारित किए गए।1