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दतिया जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इंदरगढ़ पर स्वास्थ्य सेवाओं का हाल बदहाल, मरीजों को नहीं मिल रही सुविधाएं.... प्रशासन की अनदेखी.....
प्रवीण कुमार श्रीवास्तव
दतिया जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इंदरगढ़ पर स्वास्थ्य सेवाओं का हाल बदहाल, मरीजों को नहीं मिल रही सुविधाएं.... प्रशासन की अनदेखी.....
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- झांसी। जनपद झांसी में कुछ यूट्यूब पोर्टल व फेसबुक पेज संचालकों द्वारा अवैध तरीके से आर्थिक लाभ अर्जित करने, फर्जी कूट रचित इलेक्ट्रॉनिक संसाधनों के उपयोग और बिना अनुमति गांवों में चुनावी चौपाल लगाकर शांतिपूर्ण ग्रामीण क्षेत्रों में वैमनस्य फैलाने के मामलों को लेकर झांसी मीडिया क्लब के तत्वावधान में जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन मीडिया क्लब अध्यक्ष मुकेश वर्मा के नेतृत्व में उप जिलाधिकारी को दिया गया। ज्ञापन में पत्रकारों ने बताया कि पूर्व में शासन-प्रशासन और पत्रकारिता के बीच बेहतर तालमेल के चलते अनेक जनहित के कार्य हुए हैं, लेकिन बीते कुछ वर्षों से कुछ तथाकथित यूट्यूबर व सोशल मीडिया संचालक पत्रकारिता के नाम पर फॉलोअर्स बढ़ाने और अवैध धन उगाही के उद्देश्य से सक्रिय हो गए हैं। ये लोग एकतरफा, तथ्यहीन और भ्रामक खबरें प्रसारित कर शासन-प्रशासन की छवि धूमिल कर रहे हैं तथा समाज में आपसी द्वेष व रंजिश फैला रहे हैं। पत्रकारों ने आरोप लगाया कि कई मामलों में पुलिस द्वारा इनके खिलाफ मुकदमे दर्ज होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होती, जिससे इनके हौसले बुलंद हैं। ज्ञापन में 18 अक्टूबर 2025 की एक घटना का उल्लेख करते हुए बताया गया कि मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले की पुलिस जालसाजी के एक आरोपी को हिरासत में लेने झांसी आई थी। इस दौरान आरोपी पक्ष ने अपने परिचित यूट्यूबरों को बुलाकर पुलिस के साथ अभद्रता की और बाद में चौकी विश्वविद्यालय व थाना नवाबाद क्षेत्र में सरकारी पिस्टल छीनने का प्रयास व हंगामा किया गया। इस प्रकरण में आरोपी पक्ष के साथ 8-10 यूट्यूबर भी शामिल थे, जिन्होंने वीडियो बनाकर पुलिस पर दबाव बनाने और झूठी खबरें चलाने का प्रयास किया। इस मामले में ग्वालियर पुलिस द्वारा थाना नवाबाद में मुकदमा दर्ज कराया गया, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि कुछ यूट्यूबर और फेसबुक पेज संचालक पुलिस-प्रशासन पर दबाव बनाने के नाम पर फरियादियों से पैसे लेकर बिना ठोस साक्ष्य के लोगों को बदनाम करते हैं और किसी को भी भू-माफिया, गैंगस्टर या अपराधी बताकर सामाजिक छवि खराब करते हैं। मांग की गई कि ऐसे लोगों के सरकारी व प्रशासनिक कार्यालयों में प्रवेश पर रोक लगाई जाए। पत्रकारों ने बताया कि अवैध धन उगाही के लिए ये गिरोह निर्माण स्थलों, बेसमेंट खुदाई, राशन दुकानों, गौशालाओं और ग्राम पंचायतों में पहुंचकर वीडियोग्राफी करते हैं और ब्लैकमेलिंग करते हैं। यदि धन नहीं मिलता तो विभागीय अधिकारियों से साठगांठ कर शिकायतें कर दबाव बनाया जाता है। उन्होंने मांग की कि ऐसी शिकायतों पर कार्रवाई से पहले निष्पक्ष जांच अनिवार्य की जाए। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि कुछ यूट्यूबर व फेसबुक संचालक बिना अनुमति ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी चौपाल लगाकर लोगों को भड़काने का काम कर रहे हैं, जिससे आगामी पंचायत चुनाव से पहले ही आपसी रंजिश बढ़ रही है। पत्रकारों ने इन अवैध चौपालों पर तत्काल रोक लगाने और संबंधित लोगों के खिलाफ मजिस्ट्रेट जांच कराकर कठोर व निरोधात्मक कार्रवाई की मांग की। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार राम कुमार साहू, राम गोपाल शर्मा, राम नरेश यादव, अश्वनी मिश्रा, राजेश चौरसिया, बालेंद्र गुप्ता, सुल्तान आब्दी, दीपक त्रिपाठी, मुकेश तिवारी, राजीव सक्सेना, ब्रिजेश साहू, भूपेंद्र रायकवार, दीपक चौहान, नवीन यादव, रवि साहू, दीप चंद्र चौबे, रोहित झा, कलाम कुरैशी, मोहम्मद आफरीन, परमेंद्र सिंह, अरविंद भार्गव, नवीन कुमार वर्मा, मनीष अली, राहुल कोस्टा सहित दर्जनों पत्रकार उपस्थित रहे।1