कैफ़ी आज़मी के मेजवां गांव में अवैध कब्जे पर प्रशासन का चला बुलडोजर। खुरासन रोड । आजमगढ़ जिले के फूलपुर तहसील क्षेत्र मेजवां गांव में हुए अवैध कब्जा को बृहस्पतिवार को फूलपुर नायब तहसीलदार राजाराम के नेतृत्व में पुलिस पहुंची और काफी दिनों से हुए अवैध कब्जा को हटवा दिया। इस कार्रवाई से अवैध कब्जेदारो में हड़कंप मचा हुआ था। फूलपुर तहसील क्षेत्र के मेजवां गांव में सरकारी भूमि सौरहन आराजी नंबर, 161, 130 और पोखरी संख्या 160 का उत्तरी भाग की जमीन पर गांव के लोगों ने काफी दिनों से अवैध कब्जा कर लिया था। शिकायत पर हल्का लेखपाल सोनू गिरी , गोपाल राय, प्रदीप सोनी, करुणेश सिंह और राजस्व निरीक्षक बासदेव यादव के साथ नायब तहसीलदार राजाराम, एसआई एम के खान के साथ पुलिस टीम और प्रधान जेसीबी लेकर पहुंचे और कब्जा हटवा दिया। नायब तहसीदार राजाराम ने ने बताया कि नाली संख्या 74 पर भी अवैध कब्जा किया गया जिसकी टीम द्वारा पैमाईश की गई है। अवैध कब्जा धारी को एक सप्ताह के अंदर कब्जा हटाने की नोटिस दी गई है। प्रशासन द्वारा की गई इस कारवाही से गांव में हड़कंप की स्थिति बनी रही।
कैफ़ी आज़मी के मेजवां गांव में अवैध कब्जे पर प्रशासन का चला बुलडोजर। खुरासन रोड । आजमगढ़ जिले के फूलपुर तहसील क्षेत्र मेजवां गांव में हुए अवैध कब्जा को बृहस्पतिवार को फूलपुर नायब तहसीलदार राजाराम के नेतृत्व में पुलिस पहुंची और काफी दिनों से हुए अवैध कब्जा को हटवा दिया। इस कार्रवाई से अवैध कब्जेदारो में हड़कंप मचा हुआ था। फूलपुर तहसील क्षेत्र के मेजवां गांव में सरकारी भूमि सौरहन आराजी नंबर, 161, 130 और पोखरी संख्या 160 का उत्तरी भाग की जमीन पर गांव के लोगों ने काफी दिनों से अवैध कब्जा कर लिया था। शिकायत
पर हल्का लेखपाल सोनू गिरी , गोपाल राय, प्रदीप सोनी, करुणेश सिंह और राजस्व निरीक्षक बासदेव यादव के साथ नायब तहसीलदार राजाराम, एसआई एम के खान के साथ पुलिस टीम और प्रधान जेसीबी लेकर पहुंचे और कब्जा हटवा दिया। नायब तहसीदार राजाराम ने ने बताया कि नाली संख्या 74 पर भी अवैध कब्जा किया गया जिसकी टीम द्वारा पैमाईश की गई है। अवैध कब्जा धारी को एक सप्ताह के अंदर कब्जा हटाने की नोटिस दी गई है। प्रशासन द्वारा की गई इस कारवाही से गांव में हड़कंप की स्थिति बनी रही।
- Post by Ashish Bajpai (Ashubaj)1
- लखनऊ में CM हेल्पलाइन 1076 पर काम करने वाली महिलाओं को प्रदर्शन करने से पहले ही पुलिस ने रोक दिया। बताया जा रहा है कि ये महिलाएं अपनी समस्याओं को लेकर CM कार्यालय तक जाना चाहती थीं। आरोप है कि कम वेतन और अन्य मुद्दों को लेकर नाराज कर्मचारियों को रास्ते में ही रोक दिया गया, जिससे उनमें आक्रोश देखने को मिला। इस दौरान पुलिस और कर्मचारियों के बीच कहासुनी भी हुई। मामला अब तूल पकड़ता नजर आ रहा है।1
- Post by Journalist Rais Samachar News India3
- Post by Team Rohit Panday Rs Sharma patrakar Spn Sharma1
- PM मोदी के नेतृत्व में तेजी से विकास हो रहा हैं। मिशन कर्मयोगी के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं। राज्य सरकार के लिए सुशासन की प्राथमिकता हैं। सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो।1
- लखनऊ BKT के अस्ती गांव में चला बुलडोजर अवैध मस्जिद को प्रशासन ने ध्वस्त किया हाईकोर्ट के आदेश के बाद बुलडोजर एक्शन ग्रामसभा की जमीन पर बनी मस्जिद ध्वस्त पुलिस फोर्स के साथ अधिकारी रहे मौजूद1
- सोनी शुक्ला क्रांति ने खाई कसम #shortvideo #हाईलाइट2
- राजधानी लखनऊ से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने आरोप लगाया है कि उसे नशीला इंजेक्शन देकर सामूहिक दुष्कर्म किया गया। पीड़िता ने एक पत्रकार समेत कई लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं एक बड़े राजनीतिक परिवार के सदस्य का नाम भी चर्चा में है। महिला का कहना है कि आरोपियों ने उसके न्यूड फोटो और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया। साथ ही इंस्टाग्राम से तस्वीरें निकालकर एडिट कर उसे बदनाम करने की कोशिश की गई। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि दबाव और धमकी देकर उससे जबरन बयान दिलवाया गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। इतना ही नहीं, उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई। महिला ने डीसीपी पश्चिम से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। यह मामला कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।1
- लखनऊ में गुरुवार तड़के 4 बजे मस्जिद को बुलडोजर से ढहा दिया गया। एडीएम और एसडीएम प्रशासन की टीम और 3 बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंचे। एक घंटे के अंदर मस्जिद को जमींदोज कर दिया गया। इसके बाद मलबा हटाया गया। इस दौरान पीएसी की 2 टुकड़ियों समेत भारी पुलिस बल तैनात रहा। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के आदेश पर प्रशासन ने यह कार्रवाई की। मस्जिद बक्शी का तालाब (बीकेटी) के अस्ती गांव में बनी थी। स्थानीय लोगों का दावा है कि मस्जिद 60 साल पहले बनी थी। प्रशासन का कहना है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर कब्जा करके बनाई गई थी।1