पुरानी सनक, नया भ्रम: मई 2024 की 'दुल्हन हत्याकांड' की खबर ने फिर बढ़ाई बेचैनी; वायरल वीडियो का सच आया सामने। #Apkiawajdigital सोशल मीडिया पर 'डिजिटल' अफवाहों का बाजार गर्म: पुरानी दर्दनाक घटना को आज का बताकर परोसा जा रहा नई दिल्ली/बक्सर | ब्यूरो रिपोर्ट पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक दुल्हन को जयमाला स्टेज पर गोली मारते हुए दिखाया गया है। इस वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि यह बिहार के बक्सर में हाल ही में घटी कोई ताजा वारदात है। हमारी पड़ताल में यह दावा पूरी तरह भ्रामक और गलत पाया गया है। क्या है वायरल वीडियो की हकीकत ? पड़ताल के अनुसार, यह घटना बक्सर के इटाढ़ी थाना क्षेत्र के मझरिया गांव की है, लेकिन यह मई 2024 की है। उस समय आरती कुमारी नाम की दुल्हन की उसके गांव के ही एक सिरफिरे आशिक ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने उस समय आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था और मामला अदालत में विचाराधीन है। आज इस पुरानी और दुखद घटना को 'ताजा खबर' बताकर लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। अफवाहों के पीछे का मनोविज्ञान: अक्सर सोशल मीडिया पर 'लाइक' और 'व्यूज' बटोरने के लिए कुछ पेज और ग्रुप पुरानी घटनाओं को सनसनीखेज बनाकर पेश करते हैं। इससे न केवल जनता में डर का माहौल बनता है, बल्कि पीड़ित परिवार के जख्म भी फिर से हरे हो जाते हैं। हमारी अपील: सचेत रहें, जिम्मेदार बनें बिना जांचे फॉरवर्ड न करें: किसी भी सनसनीखेज वीडियो या खबर को शेयर करने से पहले उसकी तिथि और स्थान की पुष्टि विश्वसनीय समाचार माध्यमों से जरूर करें। भावुक न हों: 'ठुकरा के मेरा प्यार' जैसे गानों के साथ शेयर किए जा रहे इन वीडियो का उद्देश्य केवल आपकी भावनाओं को उकसाना होता है। पुलिस को सूचना दें: यदि आप देखते हैं कि कोई व्यक्ति जानबूझकर अफवाह फैला रहा है, तो इसकी सूचना साइबर सेल को दें। कैसे पहचानें फर्जी या पुरानी खबर? गूगल रिवर्स इमेज सर्च: वीडियो के स्क्रीनशॉट को गूगल पर सर्च करके पुरानी तारीखें चेक करें। तारीख पर ध्यान दें: खबर में लिखे गए 'आज' या 'कल' पर भरोसा करने के बजाय तारीख और साल की पुष्टि करें। सरकारी हैंडल: जिला पुलिस या प्रशासन के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें।
पुरानी सनक, नया भ्रम: मई 2024 की 'दुल्हन हत्याकांड' की खबर ने फिर बढ़ाई बेचैनी; वायरल वीडियो का सच आया सामने। #Apkiawajdigital सोशल मीडिया पर 'डिजिटल' अफवाहों का बाजार गर्म: पुरानी दर्दनाक घटना को आज का बताकर परोसा जा रहा नई दिल्ली/बक्सर | ब्यूरो रिपोर्ट पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक दुल्हन को जयमाला स्टेज पर गोली मारते हुए दिखाया गया है। इस वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि यह बिहार के बक्सर में हाल ही में घटी कोई ताजा वारदात है। हमारी पड़ताल में यह दावा पूरी तरह भ्रामक और गलत पाया गया है। क्या है वायरल वीडियो की हकीकत ? पड़ताल के अनुसार, यह घटना बक्सर के इटाढ़ी थाना क्षेत्र के मझरिया गांव की है, लेकिन यह मई 2024 की है। उस समय आरती कुमारी नाम की दुल्हन की उसके गांव के ही एक सिरफिरे आशिक ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने उस समय आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था और मामला अदालत में विचाराधीन है। आज इस पुरानी और दुखद घटना को 'ताजा खबर' बताकर लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। अफवाहों के पीछे का मनोविज्ञान: अक्सर सोशल मीडिया पर 'लाइक' और 'व्यूज' बटोरने के लिए कुछ पेज और ग्रुप पुरानी घटनाओं को सनसनीखेज बनाकर पेश करते हैं। इससे न केवल जनता में डर का माहौल बनता है, बल्कि पीड़ित परिवार के जख्म भी फिर से हरे हो जाते हैं। हमारी अपील: सचेत रहें, जिम्मेदार बनें बिना जांचे फॉरवर्ड न करें: किसी भी सनसनीखेज वीडियो या खबर को शेयर करने से पहले उसकी तिथि और स्थान की पुष्टि विश्वसनीय समाचार माध्यमों से जरूर करें। भावुक न हों: 'ठुकरा के मेरा प्यार' जैसे गानों के साथ शेयर किए जा रहे इन वीडियो का उद्देश्य केवल आपकी भावनाओं को उकसाना होता है। पुलिस को सूचना दें: यदि आप देखते हैं कि कोई व्यक्ति जानबूझकर अफवाह फैला रहा है, तो इसकी सूचना साइबर सेल को दें। कैसे पहचानें फर्जी या पुरानी खबर? गूगल रिवर्स इमेज सर्च: वीडियो के स्क्रीनशॉट को गूगल पर सर्च करके पुरानी तारीखें चेक करें। तारीख पर ध्यान दें: खबर में लिखे गए 'आज' या 'कल' पर भरोसा करने के बजाय तारीख और साल की पुष्टि करें। सरकारी हैंडल: जिला पुलिस या प्रशासन के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें।
- यूजीसी एक्टिविटी रेगुलेशन 2026 के समर्थन में अपना दल कमेरावादी ने धरना प्रदर्शन किया।1
- #Apkiawajdigital डिजिटल 'भ्रम': पुरानी वारदातों को ताजा जख्म बनाकर परोस रहा सोशल मीडिया, जिम्मेदार बनें पाठक लखनऊ | सिटी डेस्क राजधानी लखनऊ के ठाकुरगंज स्थित मेहता लॉन का एक वीडियो इन दिनों वॉट्सऐप और फेसबुक पर तेजी से प्रसारित किया जा रहा है। वीडियो में कुछ बाराती एक बग्घी चालक को बेरहमी से पीटते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो को 'हालिया घटना' बताकर साझा किया जा रहा है, जिससे शहर में रोष और असुरक्षा का माहौल बन रहा है। हमारी पड़ताल में सामने आया है कि यह घटना 22 फरवरी 2024 की है, जिसका आज की कानून-व्यवस्था से कोई संबंध नहीं है। क्या है सच्चाई ? पड़ताल के मुताबिक, यह वीडियो करीब दो साल पुराना है। उस समय ठाकुरगंज पुलिस ने वीडियो का संज्ञान लेकर आरोपियों की पहचान की थी और उचित कानूनी कार्रवाई की गई थी। अब कुछ शरारती तत्व या 'व्यूज' के भूखे सोशल मीडिया हैंडल इसे दोबारा वायरल कर रहे हैं ताकि लोगों की संवेदनाओं को उकसाया जा सके। क्यों खतरनाक है ऐसी अफवाहें? पुरानी घटनाओं को नया बताकर वायरल करने से पुलिस की छवि धूमिल होती है और समाज में बेवजह तनाव पैदा होता है। खासकर शादी-ब्याह के सीजन में ऐसी खबरें लोगों के बीच डर पैदा करती हैं। हमारी अपील: शेयर करने से पहले सोचें: किसी भी वीडियो को शेयर करने से पहले देखें कि क्या उसमें कोई तारीख या स्थान का स्पष्ट विवरण है? सत्यता की जांच करें: स्थानीय समाचार पत्रों या पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल (जैसे @LkoPolice) पर जाकर खबर की पुष्टि करें। भ्रामक दावों को रिपोर्ट करें: यदि कोई पुरानी खबर को नया बताकर फैला रहा है, तो उसे रिपोर्ट करें ताकि डिजिटल प्रदूषण को रोका जा सके।1
- सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं, मामले को लेकर चर्चा तेज। राजस्थान के टोंक–सवाई माधोपुर क्षेत्र से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कंबल वितरण कार्यक्रम के दौरान विवाद की स्थिति देखी जा सकती है। वायरल वीडियो में टोंक–सवाई माधोपुर से पूर्व बीजेपी सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया गरीबों को कंबल वितरित करते नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो को लेकर आरोप लगाया जा रहा है कि कार्यक्रम के दौरान वहां मौजूद कुछ मुस्लिम महिलाओं को कंबल वितरण स्थल से हटने के लिए कहा गया। इतना ही नहीं, कुछ महिलाओं को दिए गए कंबल वापस लेने की भी बात सामने आई है। वीडियो में यह भी देखा जा सकता है कि जब मौके पर मौजूद लोगों ने इस संबंध में सवाल पूछने की कोशिश की, तो पूर्व सांसद बिना कोई प्रतिक्रिया दिए वहां से निकलते हुए दिखाई दिए। यह वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इस घटना की निंदा कर रहे हैं, तो वहीं कुछ लोग मामले की सच्चाई की जांच की मांग कर रहे हैं। फिलहाल इस वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। संबंधित पक्ष की ओर से भी इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।1
- Post by Mamta chaurasiya1
- पैलानी तहसील के अंतर्गत महिला विकलांग का पुरुष पहुंचे जिला अधिकारी कार्यालय जमीनी विवाद को लेकर जिलाधिकारी को दिया शिकायत पत्र अपनी समस्या कि हमारी समस्या का निश्चरण किया जाए1
- Post by Raj dwivedi1
- यूपी का ‘Jeffrey Epstein’! शुरू से था अजीब, कॉलेज के दिनों से जुड़ी कहानी आई सामने 34 बच्चों के यौन शोषण व उनके पोर्न वीडियो और अश्लील तस्वीरें बनाने में जेई रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती को मृत्युदंड का फैसला सुनाया गया है। सीबीआई अधिकारियों के मुताबिक, शातिर रामभवन ने ब्राजील, अमेरिका, चीन, अफगानिस्तान समेत करीब 47 देशें में बुंदेलखंड के बच्चों के पोर्न वीडियो बेचे थे।1
- #Apkiawajdigital वॉशिंगटन | विशेष संवाददाता अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव को लेकर बड़ा दावा किया है। अपने संबोधन 'स्टेट ऑफ द यूनियन 2026' में ट्रंप ने कहा कि उन्होंने न केवल भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध को टाल दिया, बल्कि करोड़ों पाकिस्तानियों की जान भी बचाई। शहबाज शरीफ का दिया हवाला: ट्रंप ने दावा किया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने उनसे व्यक्तिगत रूप से कहा था कि अमेरिकी हस्तक्षेप के बिना पाकिस्तान में 35 मिलियन यानी साढ़े तीन करोड़ लोगों की मौत हो सकती थी। ट्रंप ने कहा, "पाकिस्तानी पीएम ने माना कि अगर मैं बीच में नहीं आता, तो आज वे जीवित नहीं होते और न ही उनका देश सुरक्षित रहता।" भारत का रुख: हालांकि, भारत सरकार और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पहले ही ट्रंप के इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। भारत का स्पष्ट स्टैंड है कि पाकिस्तान के साथ तनाव कम करने में किसी तीसरे पक्ष की भूमिका नहीं थी और यह सीधे सैन्य संवाद (DGMO स्तर) का परिणाम था। ट्रंप के इस ताजा बयान ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है।1