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Breaking news कटिहार जिला के दण्डखोरा प्रखंड द्वशय पंचायत में बुधेली द्वारा ईदगाह को खूबसूरत की तरह सजाया और देश को मैसेज दिया यहां की मिट्टी में अमन चैन की मिसाल कायम है नेता चाहे जितनी जोर लगा ले हम लोग को ना तोड़ पाएगा tradingview Breaking news कटिहार जिला के दण्डखोरा प्रखंड द्वशय पंचायत में बुधेली द्वारा ईदगाह को खूबसूरत की तरह सजाया और देश को मैसेज दिया यहां की मिट्टी में अमन चैन की मिसाल कायम है नेता चाहे जितनी जोर लगा ले हम लोग को ना तोड़ पाएगा tradingview

1 day ago
user_RAYEES GANDHI Vlogs
RAYEES GANDHI Vlogs
Voice of people दंडखोरा, कटिहार, बिहार•
1 day ago

Breaking news कटिहार जिला के दण्डखोरा प्रखंड द्वशय पंचायत में बुधेली द्वारा ईदगाह को खूबसूरत की तरह सजाया और देश को मैसेज दिया यहां की मिट्टी में अमन चैन की मिसाल कायम है नेता चाहे जितनी जोर लगा ले हम लोग को ना तोड़ पाएगा tradingview Breaking news कटिहार जिला के दण्डखोरा प्रखंड द्वशय पंचायत में बुधेली द्वारा ईदगाह को खूबसूरत की तरह सजाया और देश को मैसेज दिया यहां की मिट्टी में अमन चैन की मिसाल कायम है नेता चाहे जितनी जोर लगा ले हम लोग को ना तोड़ पाएगा tradingview

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  • सीमांचल इलाके में अचानक बदले मौसम ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है, तेज बारिश और आंधी तूफान ने खास कर मक्का और गेहूं की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। मक्का उत्पादन के लिए मशहूर कटिहार जिसे सीमांचल का मकानचल कहा जाता है इस बार प्राकृतिक आपदा की मार से कराह उठा है। कटिहार जिले के दलन पूरब पंचायत की बात करें तो यहां हालात बेहद चिंताजनक है, किसानों के मुताबिक करीब 200 एकड़ में लगी मक्का और गेहूं की फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। खेतों में जहां कुछ दिन पहले तक लहलहाती फसले थी अब वहां फसले जमीन पर बिछ चुकी है। किसान राजेश सिंह का कहना है कि उन्होंने इस बार बेहतर उत्पादन की उम्मीद में मेहनत और लागत लगाई थी। बीज, खाद और सिंचाई का खर्च करने के बाद अब अचानक आई इस बारिश और तूफान ने सब कुछ चौपट कर दिया। किसान रविशंकर श्रवण की माने तो इस नुकसान की भरपाई करना उसके लिए आसान नहीं होगा। उन्होंने बेटी की शादी के लिए अच्छी फसल बुवाई की थी, लेकिन सब कुछ बर्बाद हो गया है। किसान दिनेश ठाकुर का कहना है कि कई किसान खेती पर ही निर्भर है। कुछ किसानों ने बैंक से कर्ज लेकर खेती की है ऐसे में फसल नुकसान के बाद उसकी भरपाई करना मुश्किल है। मौसम की बेरुखी का मामला यही नहीं थमा बल्कि कटिहार के गरभोली पंचायत के भी तेज आंधी और बारिश में बड़ा नुकसान हुआ है,कटिहार के गरभेली पंचायत के खैरा गांव में किसान के खेत में लगी लगभग 25 से 30 एकड़ में लगी मक्का की फसल को बर्बाद कर दिया है जिससे किसान का रो रोकर बुरा हाल है। गरभेली पंचायत के खैरा निवासी किसान अरविंद कुमार मंडल ने कहा कि उन्होंने अपने 3 एकड़ की खेत में मक्का की खेती की थी जिसमें 2 एकड़ की फसल बर्बाद हो गई है। वही कमल प्रसाद मंडल,चंद्रशेखर कुमार ,पिंकी देवी कहते है कि उन्होंने ब्याज पे पैसे लेकर खेती किया था लेकिन तेज आंधी और बरसात ने फसल को बर्बाद कर दिया खेती ही जीविका का साधन है अब कर्ज कैसे चुकाएंगे ये समस्या बन गई है। मामले पर कटिहार के सांसद तारिक अनवर ने कहा है कि बिहार किसानी प्रधान राज्य है यहां ज्यादातर लोग खेती पर निर्भर करते है दुर्भाग्य से पिछले दिनों आई आंधी ,तूफान और बारिश से किसानों को काफी नुकसान हुआ है ,उनके नुकसान की पूर्ति के लिए सरकार को आगे आना चाहिए और साथ ही मुआजवा भी मिलना चाहिए ताकि नुकसान की भर पाई हो सके। वही मामले पर कृषि विभाग क्षति का आकलन कर रही है। सबसे बड़ी चिंता यह है की मौसम का यह कहर ऐसे समय पर टूटा है, जब फसल कटाई के करीब थी। यानी मेहनत का फल मिलने ही वाला था लेकिन उससे पहले ही प्रकृति ने झटका दे दिया। कई किसानों ने कर्ज लेकर खेती की थी ऐसे में अब उनकी आर्थिक स्थिति और भी खराब होने का खतरा बढ़ गया है। किसानों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। उनका कहना है कि अगर जल्द राहत नहीं मिली तो उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। फिलहाल सीमांचल का मकानचल मौसम की मार से सहमा हुआ है और किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए सिर्फ एक ही सवाल पूछ रहे हैं अब क्या होगा।
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    सीमांचल इलाके में अचानक बदले मौसम ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है, तेज बारिश और आंधी तूफान ने खास कर मक्का और गेहूं की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। मक्का उत्पादन के लिए मशहूर कटिहार जिसे सीमांचल का मकानचल कहा जाता है इस बार प्राकृतिक आपदा की मार से कराह उठा है। कटिहार जिले के दलन पूरब पंचायत की बात करें तो यहां हालात बेहद चिंताजनक है, किसानों के मुताबिक करीब 200 एकड़ में लगी मक्का और गेहूं की फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। खेतों में जहां कुछ दिन पहले तक लहलहाती फसले थी अब वहां फसले जमीन पर बिछ चुकी है। किसान राजेश सिंह का कहना है कि उन्होंने इस बार बेहतर उत्पादन की उम्मीद में मेहनत और लागत लगाई थी। बीज, खाद और सिंचाई का खर्च करने के बाद अब अचानक आई इस बारिश और तूफान ने सब कुछ चौपट कर दिया। किसान रविशंकर श्रवण की माने तो इस नुकसान की भरपाई करना उसके लिए आसान नहीं होगा। उन्होंने बेटी की शादी के लिए अच्छी फसल बुवाई की थी, लेकिन सब कुछ बर्बाद हो गया है। किसान दिनेश ठाकुर का कहना है कि कई किसान खेती पर ही निर्भर है। कुछ किसानों ने बैंक से कर्ज लेकर खेती की है ऐसे में फसल नुकसान के बाद उसकी भरपाई करना मुश्किल है। 
मौसम की बेरुखी का मामला यही नहीं थमा बल्कि कटिहार के गरभोली पंचायत के भी तेज आंधी और बारिश में बड़ा नुकसान हुआ है,कटिहार के गरभेली पंचायत के खैरा गांव में किसान के खेत में लगी लगभग 25 से 30  एकड़ में लगी मक्का की फसल को बर्बाद कर दिया है जिससे किसान का रो रोकर बुरा हाल है। 
गरभेली पंचायत के खैरा निवासी किसान अरविंद कुमार मंडल ने कहा कि उन्होंने अपने 3 एकड़ की खेत में मक्का की खेती की थी जिसमें 2 एकड़ की फसल बर्बाद हो गई है। वही कमल प्रसाद मंडल,चंद्रशेखर कुमार ,पिंकी देवी कहते है कि उन्होंने ब्याज पे पैसे लेकर खेती किया था लेकिन तेज आंधी और बरसात ने फसल को बर्बाद कर दिया खेती ही जीविका का साधन है अब कर्ज कैसे चुकाएंगे ये समस्या बन गई है। 
मामले पर कटिहार के सांसद तारिक अनवर ने कहा है कि बिहार किसानी प्रधान राज्य है यहां ज्यादातर लोग खेती पर निर्भर करते है दुर्भाग्य से पिछले दिनों आई आंधी ,तूफान और बारिश से किसानों को काफी नुकसान हुआ है ,उनके नुकसान की पूर्ति के लिए सरकार को आगे आना चाहिए और साथ ही मुआजवा भी मिलना चाहिए ताकि नुकसान की भर पाई हो सके।
वही मामले पर कृषि विभाग क्षति का आकलन कर रही है।
सबसे बड़ी चिंता यह है की मौसम का यह कहर ऐसे समय पर टूटा है, जब फसल कटाई के करीब थी। यानी मेहनत का फल मिलने ही वाला था लेकिन उससे पहले ही प्रकृति ने झटका दे दिया। कई किसानों ने कर्ज लेकर खेती की थी ऐसे में अब उनकी आर्थिक स्थिति और भी खराब होने का खतरा बढ़ गया है। किसानों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। उनका कहना है कि अगर जल्द राहत नहीं मिली तो उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। फिलहाल सीमांचल का मकानचल मौसम की मार से सहमा हुआ है और किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए सिर्फ एक ही सवाल पूछ रहे हैं अब क्या होगा।
    user_Asadur Rahman
    Asadur Rahman
    कटिहार, कटिहार, बिहार•
    21 min ago
  • RPIA rashtriy sachiv basuki nath sah kanaujiya purv sansad pratyashi Katihar Bihar
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    RPIA rashtriy sachiv basuki nath sah kanaujiya purv sansad pratyashi Katihar Bihar
    user_बासुकी  नाथ साह  राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लोकसभा पूर्व सांसद प्रत्याशी कटिहार
    बासुकी नाथ साह राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लोकसभा पूर्व सांसद प्रत्याशी कटिहार
    Railway services कटिहार, कटिहार, बिहार•
    20 hrs ago
  • Post by Mukesh Kumar
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    Post by Mukesh Kumar
    user_Mukesh Kumar
    Mukesh Kumar
    हसनगंज, कटिहार, बिहार•
    6 hrs ago
  • आजमनगर-दिल्ली दीवानगंज महानंदा बांध पर बनी मुख्य सड़क पर हाईटगेज लगाने की मांग को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया यह सड़क सालमारी बाढ़ डिवीजन के अंतर्गत आती है, जहां पहले ओवरलोड और उच्च क्षमता वाले वाहनों के आवागमन को रोकने के लिए सड़क के दोनों ओर हाईटगेज लगाया गया था लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि करीब एक माह पूर्व एंट्री माफियाओं द्वारा हाईटगेज को खोल दिया गया, जिसके बाद से भारी वाहनों का आवागमन लगातार बढ़ गया है ग्रामीणों का कहना है कि ओवरलोड गिट्टी, बालू और अन्य सामग्री ढोने वाले बड़े वाहनों के कारण सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है और जगह-जगह बड़े बरे गड्ढे बन गए हैं खासकर आजमनगर बाजार से इनाम मास्टर के कोचिंग के पास करीब 200 मीटर कच्ची सड़क अत्यंत खराब स्थिति में है, जहां आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं इसी समस्या से परेशान होकर सैकड़ों ग्रामीणों ने एकजुट होकर बांस की बैरिकेडिंग कर सड़क जाम कर विरोध जताया प्रदर्शन की सूचना मिलने पर आजमनगर के अंचल अधिकारी मो. रिजवान के निर्देश पर राजस्व अधिकारी अल्का आर्या और पुलिस टीम मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया हालांकि ग्रामीण तत्काल स्थायी हाईटगेज लगाने की मांग पर अड़े रहे उनका कहना था कि जब तक वेल्डिंग कर स्थायी रूप से हाईटगेज नहीं लगाया जाएगा, तब तक बैरिकेडिंग नहीं हटाई जाएगी ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि गिट्टी-बालू माफिया रात के अंधेरे में हाईटगेज को तोड़कर ओवरलोड वाहनों का संचालन करते हैं और प्रशासन इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है विधायक पुत्र व समाजसेवी मो. सैय्याद आलम पिंकू ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए कहा कि प्रतिबंधित होने के बावजूद इस सड़क पर भारी वाहनों का संचालन हो रहा है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है जदयू नेता सुनील सिन्हा ने बताया कि इस समस्या को कई बार प्रशासन के सामने उठाया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई वहीं अन्य ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक सड़क की मरम्मत और हाईटगेज की पुनर्स्थापना नहीं होती, उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा
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    आजमनगर-दिल्ली दीवानगंज महानंदा बांध पर बनी मुख्य सड़क पर हाईटगेज लगाने की मांग को लेकर  स्थानीय ग्रामीणों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया यह सड़क सालमारी बाढ़ डिवीजन के अंतर्गत आती है, जहां पहले ओवरलोड और उच्च क्षमता वाले वाहनों के आवागमन को रोकने के लिए सड़क के दोनों ओर हाईटगेज लगाया गया था लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि करीब एक माह पूर्व एंट्री माफियाओं द्वारा हाईटगेज को खोल दिया गया, जिसके बाद से भारी वाहनों का आवागमन लगातार बढ़ गया है
ग्रामीणों का कहना है कि ओवरलोड गिट्टी, बालू और अन्य सामग्री ढोने वाले बड़े वाहनों के कारण सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है और जगह-जगह बड़े बरे गड्ढे बन गए हैं खासकर आजमनगर बाजार से इनाम मास्टर के कोचिंग के पास करीब 200 मीटर कच्ची सड़क अत्यंत खराब स्थिति में है, जहां आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं इसी समस्या से परेशान होकर सैकड़ों ग्रामीणों ने एकजुट होकर बांस की बैरिकेडिंग कर सड़क जाम कर विरोध जताया
प्रदर्शन की सूचना मिलने पर आजमनगर के अंचल अधिकारी मो. रिजवान के निर्देश पर राजस्व अधिकारी अल्का आर्या और पुलिस टीम मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया हालांकि ग्रामीण तत्काल स्थायी हाईटगेज लगाने की मांग पर अड़े रहे उनका कहना था कि जब तक वेल्डिंग कर स्थायी रूप से हाईटगेज नहीं लगाया जाएगा, तब तक बैरिकेडिंग नहीं हटाई जाएगी
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि गिट्टी-बालू माफिया रात के अंधेरे में हाईटगेज को तोड़कर ओवरलोड वाहनों का संचालन करते हैं और प्रशासन इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है विधायक पुत्र व समाजसेवी मो. सैय्याद आलम पिंकू ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए कहा कि प्रतिबंधित होने के बावजूद इस सड़क पर भारी वाहनों का संचालन हो रहा है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है
जदयू नेता सुनील सिन्हा ने बताया कि इस समस्या को कई बार प्रशासन के सामने उठाया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई वहीं अन्य ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक सड़क की मरम्मत और हाईटगेज की पुनर्स्थापना नहीं होती, उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा
    user_जयप्रकाश भगत
    जयप्रकाश भगत
    आज़मनगर, कटिहार, बिहार•
    7 hrs ago
  • Post by Phul Mohammad
    2
    Post by Phul Mohammad
    user_Phul Mohammad
    Phul Mohammad
    बरसोई, कटिहार, बिहार•
    3 hrs ago
  • कटिहार जिले के कोड़ा प्रखंड अंतर्गत मूसापुर पंचायत में शुक्रवार रात आंधी आने के कारण किसानों का फसल हुआ बर्बाद
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    कटिहार जिले के कोड़ा प्रखंड अंतर्गत मूसापुर पंचायत में शुक्रवार रात आंधी आने के कारण किसानों का फसल हुआ बर्बाद
    user_Sadik Alam
    Sadik Alam
    News Anchor कोढ़ा, कटिहार, बिहार•
    9 hrs ago
  • Post by Manoranjan saha
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    Post by Manoranjan saha
    user_Manoranjan saha
    Manoranjan saha
    Barsoi, Katihar•
    9 hrs ago
  • RPIA rashtriy sachiv basuki nath sah knojiya purv sansad pratyashi Katihar Bihar All India railway Shu shine worker union rashtriy upadhyaksh Bhartiya Sonar Sangh ke rashtriy sanrakshak
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    RPIA rashtriy sachiv basuki nath sah knojiya purv sansad pratyashi Katihar Bihar All India railway Shu shine worker union rashtriy upadhyaksh Bhartiya Sonar Sangh ke rashtriy sanrakshak
    user_बासुकी  नाथ साह  राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लोकसभा पूर्व सांसद प्रत्याशी कटिहार
    बासुकी नाथ साह राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लोकसभा पूर्व सांसद प्रत्याशी कटिहार
    Railway services कटिहार, कटिहार, बिहार•
    22 hrs ago
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