मानव सेवा प्रकृति प्रेमी ग्रुप सवाई माधोपुर ने 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' और 'अमृतम् जलम् जन अभियान 2026' के तहत रविवार को सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय स्थित सामान्य चिकित्सालय के पीछे देलवार मंदिर परिसर में प्राचीन बंजारा की बावड़ी में श्रमदान किया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने जल स्रोतों के संरक्षण, वर्षा जल संचयन और पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक संकल्प लिया, साथ ही जल संरक्षण कार्यों का अवलोकन और स्वच्छता गतिविधियां भी की गईं। ग्रुप के संगठन मंत्री रामबाबू कुमावत ने जानकारी दी कि जब टीम वहां पहुँची तो प्राचीन बावड़ी में बड़ी मात्रा में गंदगी फैली हुई थी, जिसमें प्लास्टिक की बोतलें और काई जमी हुई थी। पर्यावरण प्रेमियों ने तपती धूप में दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद इसकी साफ-सफाई की, जिसके परिणामस्वरूप पानी और बावड़ी का सौंदर्य स्वच्छ दिखाई देने लगा। उन्होंने यह भी बताया कि प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान में भागीदारी निभाने के बाद ही बावड़ी जीवंत और स्वच्छ नज़र आई। अध्यक्ष हनुमान सिंह नरूका ने सभी को मानसून पूर्व प्राचीन जल स्रोतों की सफाई, पौधारोपण, पक्षी बचाओ, प्लास्टिक पॉलिथीन रोकथाम और जल संरक्षण की शपथ दिलाकर प्रेरित किया। सचिव राजेश सैनी ने इस बात पर जोर दिया कि जन भागीदारी के बिना जल संरक्षण अभियान सफल नहीं हो सकता, और उन्होंने आमजन से पौधारोपण करने तथा पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। टीम के सदस्यों ने आमजन से अपील की कि वे जल की प्रत्येक बूंद बचाने और स्वच्छ वातावरण निर्माण में सहभागी बनने में सहयोग करें। इस श्रमदान में सचिव राजेश सैनी, संगठन मंत्री रोहित गुप्ता, प्रमोद साहू, रूपेन्द्र सिंह सोलंकी, गणेश सैनी, अमित नामा, धर्मवीर कुमावत, शिवराज, राजमल, कन्हैयालाल, रामवतार पाठक, शंकरलाल सैनी, दीपनारायण शर्मा सहित कई स्थानीय लोगों ने सहयोग किया।
मानव सेवा प्रकृति प्रेमी ग्रुप सवाई माधोपुर ने 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' और 'अमृतम् जलम् जन अभियान 2026' के तहत रविवार को सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय स्थित सामान्य चिकित्सालय के पीछे देलवार मंदिर परिसर में प्राचीन बंजारा की बावड़ी में श्रमदान किया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने जल स्रोतों के संरक्षण, वर्षा जल संचयन और पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक संकल्प लिया, साथ ही जल संरक्षण कार्यों का अवलोकन और स्वच्छता गतिविधियां भी की गईं। ग्रुप के संगठन मंत्री रामबाबू कुमावत ने जानकारी दी कि जब टीम वहां पहुँची तो प्राचीन बावड़ी में बड़ी मात्रा में गंदगी फैली हुई थी, जिसमें प्लास्टिक की बोतलें और काई जमी हुई थी। पर्यावरण प्रेमियों ने तपती धूप में दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद इसकी साफ-सफाई की, जिसके परिणामस्वरूप पानी और बावड़ी का सौंदर्य स्वच्छ दिखाई देने लगा। उन्होंने यह भी बताया कि प्रशासन द्वारा चलाए जा
रहे वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान में भागीदारी निभाने के बाद ही बावड़ी जीवंत और स्वच्छ नज़र आई। अध्यक्ष हनुमान सिंह नरूका ने सभी को मानसून पूर्व प्राचीन जल स्रोतों की सफाई, पौधारोपण, पक्षी बचाओ, प्लास्टिक पॉलिथीन रोकथाम और जल संरक्षण की शपथ दिलाकर प्रेरित किया। सचिव राजेश सैनी ने इस बात पर जोर दिया कि जन भागीदारी के बिना जल संरक्षण अभियान सफल नहीं हो सकता, और उन्होंने आमजन से पौधारोपण करने तथा पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। टीम के सदस्यों ने आमजन से अपील की कि वे जल की प्रत्येक बूंद बचाने और स्वच्छ वातावरण निर्माण में सहभागी बनने में सहयोग करें। इस श्रमदान में सचिव राजेश सैनी, संगठन मंत्री रोहित गुप्ता, प्रमोद साहू, रूपेन्द्र सिंह सोलंकी, गणेश सैनी, अमित नामा, धर्मवीर कुमावत, शिवराज, राजमल, कन्हैयालाल, रामवतार पाठक, शंकरलाल सैनी, दीपनारायण शर्मा सहित कई स्थानीय लोगों ने सहयोग किया।
- चौथ का बरवाड़ा के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय शेरसिंहपुरा में रविवार को प्रधानाध्यापक रामधन मीणा के सेवानिवृत्ति समारोह का आयोजन किया गया। विद्यालय में लगभग 20 वर्षों तक सेवाएँ देने के बाद सेवानिवृत्त हुए मीणा को ग्रामीणों, विद्यालय स्टाफ और विद्यार्थियों ने माला पहनाकर और साफा बांधकर सम्मानित किया। इस अवसर पर रामधन मीणा ने विद्यार्थियों की सुविधा के लिए विद्यालय को एक वाटर कूलर भेंट किया। समारोह में उपस्थित वक्ताओं ने उनके शिक्षण कार्य, अनुशासन और विद्यालय के विकास में दिए गए योगदान की सराहना की। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, विद्यार्थी और विद्यालय परिवार के सदस्य मौजूद रहे।1
- ग्राम पंचायत सारसोप के समुद्रपुरा गांव में गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है, जहां हैंडपंप से फ्लोराइड युक्त और पीले रंग का पानी निकल रहा है। ग्रामीणों ने शिकायत की है कि हैंडपंप का यह पानी न केवल पीले रंग का है, बल्कि इसकी गुणवत्ता भी बेहद खराब है, जिससे उनके स्वास्थ्य के लिए खतरा बढ़ गया है। स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था न होने के कारण ग्रामीण मजबूरी में इसी खराब पानी का इस्तेमाल पीने और अपने घरेलू कार्यों के लिए कर रहे हैं, जिससे उनकी परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, समुद्रपुरा के ग्रामीणों ने जलदाय विभाग और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने अधिकारियों से पानी की गुणवत्ता की जांच करवाने, शुद्ध पेयजल की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने और इस समस्या का स्थायी समाधान उपलब्ध कराने की अपील की है। फ्लोराइड युक्त पीले पानी की समस्या से ग्रामीण गहरे चिंतित हैं।1
- लोकमाता देवी अहिल्याबाई जी का जीवन और उनके कार्य हम सभी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बने हुए हैं। उन्होंने राष्ट्र सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 'सेवा धर्म' को अपने शासन का मुख्य आधार बनाया। अहिल्याबाई जी ने समाज के सबसे अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक को न्याय और सम्मान प्रदान किया। उनका न्यायप्रिय और लोक-कल्याणकारी मार्ग हमेशा हमारा मार्गदर्शन करता रहेगा।1
- राजस्थान के सवाईमाधोपुर जिले की खण्डार विधानसभा के अंतर्गत स्थित कुशालीपुरा शहीद स्थल से गुर्जर नेता विजय बैसला ने एक लाइव संबोधन दिया है।1
- पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) के तहत उनियारा के गलवा-ईसरदा क्षेत्र में नहर निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है, लेकिन खुदाई के दौरान सामने आ रही तकनीकी चुनौतियों ने इसकी गति को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। कई स्थानों पर मात्र 10 से 15 फीट की गहराई पर ही भूजल निकलने लगा है, जिससे निर्माण एजेंसी को अतिरिक्त व्यवस्थाएं करनी पड़ रही हैं। परियोजना के अंतर्गत जेसीबी और पोकलेन जैसी आधुनिक मशीनों से बड़े पैमाने पर खुदाई हो रही है। खुदाई आगे बढ़ने के साथ ही कई हिस्सों में अचानक पानी का रिसाव शुरू हो जाता है, जिससे गड्ढों में पानी भर जाता है और मिट्टी का कटाव होने लगता है। इससे मशीनों का संचालन भी बाधित होता है और कई बार काम रोककर पानी निकालने की प्रक्रिया अपनानी पड़ती है, जिससे कार्य की गति धीमी पड़ रही है। इस समस्या से निपटने के लिए निर्माण एजेंसी लगातार पंप सेट लगाकर पानी की निकासी कर रही है, साथ ही तकनीकी विशेषज्ञों की टीम भी मौके पर निगरानी कर रही है ताकि वैकल्पिक उपाय किए जा सकें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अपेक्षा से कम गहराई पर भूजल मिलने के बावजूद, कार्य को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। यह ईआरसीपी परियोजना क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके पूरा होने के बाद सिंचाई के साधनों का व्यापक विस्तार होगा, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि होने की उम्मीद है, और क्षेत्र में जल संकट की समस्या से भी काफी हद तक राहत मिलने की संभावना है।4
- सवाई माधोपुर के हाउसिंग बोर्ड स्थित श्याम वाटिका में सड़क निर्माण के मुद्दे पर विवाद उत्पन्न हो गया। यह कहासुनी कई जगहों पर सड़क निर्माण अधूरा छोड़ने के कारण हुई।2
- सवाई माधोपुर, राजस्थान के सुनारी में स्थित श्री सांवरिया सेठ गौ सेवा समिति बीमार और दुर्घटनाग्रस्त गौ माताओं की देखरेख का महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। यह गौशाला नव युवाओं द्वारा संचालित की जा रही है, जहां गौ माताओं की चिकित्सा के लिए हर दूसरे दिन तीन डॉक्टर अपनी सेवाएँ देते हैं। समिति ने बताया है कि यहां गौ माताओं को गर्मी, सर्दी और बारिश जैसी मौसमी समस्याओं से बचाने के लिए सभी प्रकार की आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध हैं। इस नेक कार्य को जारी रखने और गौ माता की सेवा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, समिति ने आमजन से इसमें अधिक से अधिक योगदान और सहयोग करने की भावुक अपील की है, "जय गौ माता" का आह्वान करते हुए।1